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फल और सब्जियों का सेवन हमारे लिए कितना फायदेमंद होता है, ये सभी जानते हैं। सब्जियों से मिलने वाले पोषक तत्व हमारे शारीरिक और मानसिक विकास में बेहद लाभदायक होते हैं। डायटीशियन भी कच्ची सब्जियां (सलाद) खाने की सलाह देते हैं। हालांकि, पहले की तुलना में हरी चमकदार सब्जियां फायदेमंद कम और जहरीली ज्यादा हो रही हैं। क्योंकि, अक्सर दुकानदार सब्जियों को तरोताजा दिखाने के लिए उन्हें सिंथैटिक रंगों से रंगकर बेच रहे हैं, जो बाजार में देखने पर चमकदार और रसीली तो दिखाई देती हैं, मगर असल में उनके अंदर हरा, लाल और नीले रंग का जहर छिपा होता है। ये जहर हमारे लिए घातक साबित हो सकता है।

मिलावटी सब्जियों की कैसे करें पहचान?
हरी सब्जियों में रंग लगाकर ही ज्यादातर मिलावट की जाती है। इसकी पहचान करना भी ज्यादा मुश्किल नहीं होता। मसलन कई तरह के रंगों की मिलावट तो सिर्फ हाथ के छूने से ही पता चल जाती है। जबकि, बाकी के लिए हमें थोड़ा सजग रहते हुए कई प्रकार के उपाय करने पड़ते हैं, जो आज हम आपको बताएंगे।

(और पढ़ें - सब्जियों में कैसे की जाती है मिलावट)

हरी मिर्च में रंग की मिलावट
हरी मिर्च को कई दिन तक हरी और ताजा बनाए रखने के लिए मिलावटखोर उसे कैमिकल युक्त हरे रंग से रंगते हैं। इसके बाद उसे बाजार में बेच देते हैं और इस मिलावट से कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं। हालांकि, आसानी से इसकी जांच भी की जा सकती है।

ऐसे करें जांच
हरी मिर्च में रंग की मिलावट की जांच के लिए तीन चरण हो सकते हैं, जो इस प्रकार हैं-

पहला उपाय

  • रुई के टुकड़े को पानी या तेल में भिगोएं
  • भिगी हुई रुई को हरी सब्जी या मिर्च की ऊपरी सतह पर रगड़ें
  • अगर रगड़ने पर रुई का रंग बदलकर सफेद से हरा हो जाता है तो समझ लें कि सब्जी में हरे रंग की मिलावट की गई है।

दूसरा उपाय

  • सैंपल के तौर पर हरी सब्जी का छोटा सा टुकड़ा लें और उसे हल्के गीले सफेद कागज पर रखें
  • अगर सब्जी में मिलावट की गई है तो कागज पर उसका रंग छूटेगा। सब्जियों को रंगने के लिए हानिकारक रंगों का इस्तेमाल किया जाता है, जिसका सेवन गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। 

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मटर में मिलावट
आमतौर पर मटर की फली में मिलावट नहीं होती, बल्कि उसके खुले दानों में मिलावट की जाती है। मटर के दानों को चमकदार हरा दिखाने के लिए उनमें हरे रंग की मिलावट की जाती है। हालांकि, इस तरह के मटर में रंग की मिलावट को भी बड़े आसान तरीके से पहचाना जा सकता है। जो इस प्रकार है-

ऐसे करें जांच

  • गिलास के अंदर थोड़ा सा मटर लें
  • फिर उस गिलास में पानी डालकर, उसे अच्छे से हिला लें
  • इस मिश्रण को करीब आधा घंटे के लिए छोड़ दें
  • अगर मटर के दानों को रंगा गया है तो वह पानी में अपना रंग छोड़ेंगे

शकरकंद में रंग की मिलावट
शकरकंद को सलाद के रूप में या आम स्नैक्स के रूप में खाया जाता है। इसमें भी मिलावट की गुजाइंश होती है।

ऐसे करें मिलावट की पहचान

  • रुई के एक छोटे टुकड़े को पानी या तेल में भिगोएं
  • शकरकंद की ऊपरी लाल सतह पर उसे रगड़ें
  • अगर रुई का रंग बदलता है तो उस शकरकंद में रोडमीन बी (एक तरह का कैमिकल या डाई) का इस्तेमाल किया गया है।

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रंगी सब्जियां कितनी खतरनाक?
रंगी सब्जियों के सेवन से कई तरह की गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। जो एक वक्त में खतरनाक साबित हो सकती हैं। myUpchar से जुड़ी डॉक्टर  शहनाज जफर के मुताबिक सब्जियों को रगने के लिए कैमिकल युक्त रंगों का इस्तेमाल किया जाता है और इस तरह की मिलावटी सब्जियां खाने से कई बीमारियां हो सकती हैं जो जानलेवा होती हैं। जैसे -

रंगी सब्जियां खाने से बचें
कोशिश करें कि बाजार में सब्जी खरीदें तो उस समय उसे थोड़ा सा जरूर परखें। क्योंकि, थोड़ी सी सावधानी आपको बीमारियों से बचा सकती है। सब्जी के ज्यादा चमकदार होने पर उस सब्जी का जांच जरूर करें और अगर रंग की मिलावट की जरा सी भी आशंका हो तो उस सब्जी को ना खरीदें।

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