गंभारी एक औषधीय पेड़ है, जिसकी जड़, छाल, फल, फूल व पत्तियों सभी को अलग-अलग तरह से इस्तेमाल किया जाता है. गंभारी को अलग-अलग राज्यों और देशों में अलग-अलग नाम से जाना जाता है. इसका वानस्पतिक नाम गमेलिना आर्बोरिया (Gmelina arborea) है. भारत में कई तरह की आयुर्वेदिक व यूनानी दवाओं को बनाने में इस पेड़ का इस्तेमाल किया जाता है. एंटी-ऑक्सीडेंट व एंटी-कैंसर जैसे तत्वों से भरपूर गंभारी से पेट में दर्द, जलन व बुखार आदि को ठीक किया जा सकता है.

आज इस लेख में हम गंभारी के फायदे, नुकसान व औषधीय गुणों के बारे में विस्तार से बताएंगे -

(और पढ़ें - देवदार के पेड़ के फायदे)

  1. गंभारी क्या है?
  2. गंभारी के औषधीय गुण
  3. गंभारी के फायदे
  4. गंभारी के नुकसान
  5. सारांश
गंभारी के फायदे व नुकसान के डॉक्टर

गंभारी एक तेजी से बढ़ने वाला पेड़ है, जो लैमियासी परिवार से संबंधित है. यह 35 मीटर तक लंबा होता है. इसे गम्हार, गमेलिना आर्बोरिया, जी. आर्बोरिया, गंभर, कंधारी, व्हाइट टीक, बीचवुड, गूमर टीक और कश्मीर ट्री जैसे कई नामों से जाना जाता है. यह केरल, तमिलनाडु, त्रिपुरा, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम, नागालैंड, मिजोरम, आंध्र प्रदेश व कर्नाटक में सबसे अधिक पाया जाता है.

(और पढ़ें - साल के फायदे)

myUpchar के डॉक्टरों ने अपने कई वर्षों की शोध के बाद आयुर्वेद की 100% असली और शुद्ध जड़ी-बूटियों का उपयोग करके myUpchar Ayurveda Urjas Capsule बनाया है। इस आयुर्वेदिक दवा को हमारे डॉक्टरों ने कई लाख लोगों को सेक्स समस्याओं के लिए सुझाया है, जिससे उनको अच्छे प्रभाव देखने को मिले हैं।
Long time capsule
₹719  ₹799  10% छूट
खरीदें

कई शोधों के मुताबिक, गंभारी में एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-डायबिटिक, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-अल्सर, एनाल्जेसिक, एंटी-नोसिसेप्टिव, एंटीकैंसर व घाव भरने वाले कई औषधीय गुण मौजूद हैं. इसमें कार्डियोप्रोटेक्टिव (हृदय को ठीक करने वाला), एंटी-माइक्रोबियल व एंटीपीयरेटिक गुण भी होता है.

(और पढ़ें - सप्तपर्णी के फायदे)

गंभारी एक बहुमूल्य औषधीय पौधा है, जिसका उपयोग पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धति में किया जाता है. गंभारी का कई तरह की बीमारियों के इलाज के लिए दवा बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. ये पाचन संबंधी समस्याओं और याददाश्त में सुधार करने की क्षमता रखता है. चक्कर आने की समस्या को दूर करने में भी ये मददगार है. आइए, इसके फायदों के बारे में विस्तार से जानते हैं -

ट्यूमर में फायदेमंद

गंभारी को दवा के तौर पर इस्तेमाल करके पेट में बने ट्यूमर की समस्या को कुछ हद तक ठीक किया जा सकता है. इस संबंध में हार्टवेल ने एक रिसर्च की है. इस रिसर्च के अनुसार, अगर गंभारी की जड़ का काढ़ा बनाकर सेवन किया जाए, तो पेट के ट्यूमर से कुछ राहत मिल सकती है.

(और पढ़ें - बरगद के पेड़ के फायदे)

दर्द करे कम

कई शोधों के जरिए यह साबित हुआ है कि गंभारी में एनाल्जेसिक गुण पाया जाता है. इस गुण के कारण यह सिर या पेट में होने वाले दर्द को कम करने में मदद कर सकता है.

(और पढ़ें - खदिर के फायदे)

डायबिटीज से बचाए

एनसीबीआई की साइट पर प्रकाशित एक रिसर्च पेपर के अनुसार इस आयुर्वेदिक औषधि में एंटीडायबिटीक प्रभाव पाया जाता है. इस प्रभाव के कारण यह मधुमेह जैसी समस्या से बचा सकता है. वहीं, अगर कोई इस बीमारी से ग्रस्त है, तो वो डॉक्टर की सलाह पर इसका सेवन कर सकत है. इसके उपयोग से डायबिटीज की समस्या कुछ कम हो सकती है.

(और पढ़ें - अंकोल के फायदे)

एंटीकैंसर गुण

इस औषधि के इस्तेमाल से कैंसर जैसी समस्या से बचा जा सकता है. कैंसर होने पर इसका सेवन करना चाहिए या नहीं, इस संबंध में शोध की कमी है. ऐसे में अगर कोई कैंसर से पीड़ित है, तो डॉक्टर से परामर्श करने के बाद ही इसे इस्तेमाल करे.

(और पढ़ें - कचनार के फायदे)

घाव को भरे

चोट लगने पर शरीर पर बनने वाले घाव को भी गंभारी से ठीक किया जा सकता है. एक शोध में बताया गया है कि इसकी पत्तियों को पीसकर घाव पर लगाने से जल्द आराम मिल सकता है, क्योंकि इसमें घाव को भरने के गुण होते हैं.

(और पढ़ें - अशोक के पेड़ के फायदे)

बुखार को करे ठीक

गंभारी के पेड़ की छाल में एंटीपीयरेटिक गुण पाया जाता है. इस गुण की वजह से यह बुखार को कम करने में मदद कर सकता है. बुखार होने पर आयुर्वेद में इसका खासतौर से इस्तेमाल किया जाता है.

(और पढ़ें - महुआ के फायदे)

जहर से बचाए

1981 में ड्यूक एंड वेन की रिसर्च के मुताबिक, गंभारी को चूहे के काटने, सांप के काटने और बिच्छू का डंक लगने पर इस्तेमाल किया जाता है. यह औषधि इनके काटने से शरीर में जहर को फैलने नहीं देती है.

(और पढ़ें - पलाश के फायदे)

गंभारी का व्यापक रूप से दवा बनाने में उपयोग होने के बावजूद इसके नुकसान या विषैले घटकों के बारे में कोई शोध सामने नहीं आया है. साथ ही इस संबंध में कोई अन्य जानकारी भी उपलब्ध नहीं है. इसलिए, बेहतर यही होगा कि गंभारी को औषधि के रूप में लेने से पहले आयुर्वेदिक डॉक्टर से परामर्श जरूर करें.

(और पढ़ें - अमलतास के फायदे)

myUpchar के डॉक्टरों ने अपने कई वर्षों की शोध के बाद आयुर्वेद की 100% असली और शुद्ध जड़ी-बूटियों का उपयोग करके myUpchar Ayurveda Kesh Art Hair Oil बनाया है। इस आयुर्वेदिक दवा को हमारे डॉक्टरों ने 1 लाख से अधिक लोगों को बालों से जुड़ी कई समस्याओं (बालों का झड़ना, सफेद बाल और डैंड्रफ) के लिए सुझाया है, जिससे उनको अच्छे प्रभाव देखने को मिले हैं।
Bhringraj hair oil
₹425  ₹850  50% छूट
खरीदें

गंभारी आयुर्वेद में प्रसिद्ध औषधीय पौधा है. भारत में गंभारी का विभिन्न बीमारियों के इलाज के लिए जड़ों, पत्तियों, फूलों, फलों और छाल का उपयोग किया जाता है. बिच्छू के डंक मारने से लेकर सांप के काटने और डायबिटीज के उपचार में गंभारी का इस्तेमाल होता है. वहीं, इसके उपयोगी से होने वाले दुष्प्रभाव के संबंध में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है.

(और पढ़ें - बबूल के फायदे)

Dr. Padam Dixit

Dr. Padam Dixit

आयुर्वेद
10 वर्षों का अनुभव

Dr Mir Suhail Bashir

Dr Mir Suhail Bashir

आयुर्वेद
2 वर्षों का अनुभव

Dr. Saumya Gupta

Dr. Saumya Gupta

आयुर्वेद
1 वर्षों का अनुभव

Dr. Jatin Kumar Sharma

Dr. Jatin Kumar Sharma

आयुर्वेद
5 वर्षों का अनुभव

ऐप पर पढ़ें
cross
डॉक्टर से अपना सवाल पूछें और 10 मिनट में जवाब पाएँ