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बबूल या कीकर 'अकैसिया' (Acacia) प्रजाति का एक पेड़ होता है। यह अफ्रीका महाद्वीप और भारतीय उपमहाद्वीप में मुख्य रूप से पाया जाता है। यह एक कांटेदार पेड़ होता है। बबूल के पेड़ मध्यम आकार के होते हैं। इसके पेड़ की छाल भूरे रंग और सूखी होती है। इसकी शाखाएं गोल, नरम और मुड़ी होती है। इसकी पत्तियां बहुत छोटी और 4- 9 पत्तियों के समूह में होती है। इसके फूल गोल एवं पीले होते हैं और 4-6 फूल के समूह में होते हैं। इसकी लकड़ी को जलाने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।

  1. बबूल के फायदे - Acacia Benefits in Hindi
  2. बबूल के नुकसान - - Acacia Side Effects in Hindi

यह अपने अद्भुत लाभों के अलावा, पोषक तत्व, विटामिन और खनिजों का एक अच्छा स्रोत है। 100 ग्राम बबुल में 4.28 मिलीग्राम आयरन, 0.902 मिलीग्राम मैग्नीज, 13.92 ग्राम प्रोटीन, 6.63 ग्राम वसा और 0.256 मिलीग्राम जस्ता होता है। बबूल की दातुन दांतों के लिए बहुत ही अच्छी होती है। कफ और पित्त का इलाज करने के लिए बबूल का पेड़ बहुत प्रभावी होता है। यह वात, पित्त और गर्भाशय की ब्लीडिंग, मूत्र विकार, सूजन, दर्द को ठीक करने में मदद करता है।

(और पढ़ें - वात पित्त और कफ क्या है)

तो आइये जानते हैं इसके लाभों के बारे में -

  1. बबूल के पेड़ के फायदे हैं दस्त में उपयोगी - Acacia for Diarrhea in Hindi
  2. बबूल के औषधीय गुण हैं घाव भरने में लाभकारी - Babool Leaves for Wounds in Hindi
  3. बबूल के लाभ बालों के स्वास्थ्य के लिए - Babool for Hair in Hindi
  4. बबूल का उपयोग रखे दांतों को मजबूत - Babul for Teeth in Hindi
  5. बबूल के गुण करें एक्जिमा का इलाज - Acacia for Eczema in Hindi
  6. बबूल का सेवन करे टॉन्सिल्स को ठीक - Babool for Tonsillitis in Hindi
  7. बबूल फॉर स्किन - Babool for Skin in Hindi
  8. कीकर के फायदे करें कंजंक्टिवाइटिस का इलाज - Acacia for Conjunctivitis in Hindi
  9. बबूल की पत्तियां हैं एपिफॉरा में उपयोगी - Acacia Leaves uses for Epiphora in Hindi
  10. कीकर के लाभ हैं ल्यूकोरिया में उपयोगी - Babul Bark for Leucorrhoea in Hindi

बबूल के पेड़ के फायदे हैं दस्त में उपयोगी - Acacia for Diarrhea in Hindi

बबूल के पेड़ के विभिन्न भाग अपनी शक्ति के कारण दस्त में उपयोगी होते हैं। सफेद और काले जीरे के साथ, इसकी कोमल पत्तियों के बराबर भाग का मिश्रण 12 ग्राम की खुराक के रूप में लिया जाता है। दैनिक रूप से तीन बार इस मिश्रण का सेवन करें। इसकी छाल से बने अर्क को भी दिन में तीन बार लिया जा सकता है। यह दस्त के लिए प्रभावी दवा है।

(और पढ़ें - दस्त रोकने के घरेलू उपाय)

बबूल के औषधीय गुण हैं घाव भरने में लाभकारी - Babool Leaves for Wounds in Hindi

बबुल के पत्तों को घाव भरने के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। बबुल के पत्ते और छाल में रक्तस्राव और संक्रमण को नियंत्रित करने की क्षमता होती है, जिससे घावों, कट्स और चोटों को ठीक किया जा सकता है। 

(और पढ़ें - घाव ठीक करने के घरेलू उपाय)

बबूल के लाभ बालों के स्वास्थ्य के लिए - Babool for Hair in Hindi

बबुल के पत्ते बालों के स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होते हैं। बालों का झड़ना नियंत्रित करने के लिए, खोपड़ी पर बबूल के पत्तों का पेस्ट लगाएं। अच्छे परिणाम के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले शैम्पू के साथ 30 मिनट के बाद बाल धो लें। हमेशा अपने बालों को धोने के लिए गुनगुने पानी का उपयोग करें। 

(और पढ़ें - बाल झड़ने से रोकने के घरेलू उपाय)

बबूल का उपयोग रखे दांतों को मजबूत - Babul for Teeth in Hindi

रोज़ इस पेड़ की ताजा छाल को चबाने से, ढीले दांतों को मजबूत करने और मसूड़ों से बह रहे खून को रोकने में मदद मिलती है। गंदे दांतों को इसके पाउडर के साथ ब्रश करने से साफ किया जा सकता है। इस पाउडर को बनाने के लिए 60 ग्राम बबूल की लकड़ी का कोयला, 24 ग्राम भुनी हुई फिटकरी और 12 ग्राम सेंधा नमक उपयोग किया जाता है। 

(और पढ़ें - दांत साफ करने वाले आहार)

बबूल के गुण करें एक्जिमा का इलाज - Acacia for Eczema in Hindi

एक्जिमा के उपचार में बबूल के पेड़ की छाल उपयोगी होती है। 25 ग्राम बबूल की छाल और 25 ग्राम आम की छाल को लगभग 1 लीटर पानी में उबालें और इसकी भाप से प्रभावित हिस्से को सेंकें। फोमेंटेशन के बाद, प्रभावित भाग को घी के साथ मालिश करनी चाहिए। 

(और पढ़ें - एक्जिमा का घरेलू उपाय)

बबूल का सेवन करे टॉन्सिल्स को ठीक - Babool for Tonsillitis in Hindi

टॉन्सिल्स को ठीक करने के लिए बबुल का पेड़ बेहद फायदेमंद होता है। इसकी छाल से बने काढ़े में सेंधा नमक को मिक्स करें। इसके बाद इस मिश्रण को टॉन्सिल्स का उपचार करने के लिए गरारे करने के लिए इस्तेमाल करें। 

(और पढ़ें - टॉन्सिल के घरेलू उपचार)

बबूल फॉर स्किन - Babool for Skin in Hindi

खुजली और ड्राईनेस से छुटकारा पाने के लिए बबूल के पत्ते और छाल फायदेमंद होते हैं। सर्दियों के दौरान त्वचा का ड्राई होना एक बड़ी समस्या होती है। खुजली वाली जगह में बबूल के पेस्ट को लगाने से, आपको राहत मिलती है। इसके सूजन को कम करने वाले गुणों के कारण, यह अन्य त्वचा संबंधी समस्याओं के उपचार के लिए भी अच्छे होते हैं। इसके अलावा बबूल का प्रयोग युवा दिखने के लिए भी फायदेमंद है। यह त्वचा को पोषित करता है। यह कॉस्मेटिक कंपनियों द्वारा अस्ट्रिन्जन्ट और स्किन क्लीन्ज़र बनाने के लिए भी प्रयोग किया जाता है। 

(और पढ़ें - स्किन की देखभाल के तरीके)

कीकर के फायदे करें कंजंक्टिवाइटिस का इलाज - Acacia for Conjunctivitis in Hindi

आंख आने को नेत्रश्लेष्मलाशोथ या कंजंक्टिवाइटिस (Conjunctivitis) के नाम से भी जाना जाता है। यह एक असहज और परेशान करने वाली स्थिति होती है। लेकिन कंजंक्टिवाइटिस के उपचार में कीकर के पेड़ के पत्ते बहुत लाभकारी होते हैं। इन पत्तियों से एक पेस्ट तैयार करें और रात में प्रभावित आँखों पर लगाएं। यह दर्द और लालिमा को हटा देता है। 

(और पढ़ें - आंख आने के घरेलू उपाय)

बबूल की पत्तियां हैं एपिफॉरा में उपयोगी - Acacia Leaves uses for Epiphora in Hindi

एपिफॉरा (Epiphora - आँखों में आँसू इकट्ठा होने का रोग) के उपचार के लिए बबुल के पेड़ के पत्ते लाभकारी होते हैं। इस रोग में आँसू, आँखों की जल निकासी प्रणाली (Tear Drainage System) की असामान्यता के कारण बहते हैं। लगभग 250 ग्राम पत्तियों को एक लीटर पानी में लगभग एक चौथाई लीटर पानी बाकी रहने तक उबालें। इसके बाद इसे अच्छे से छान कर रख लें। अब इस तरल को आँखों के ऊपर पलकों पर सुबह और शाम उपयोग करें।

कीकर के लाभ हैं ल्यूकोरिया में उपयोगी - Babul Bark for Leucorrhoea in Hindi

कीकर के पेड़ की छाल, ल्यूकोरिया या सफ़ेद स्राव में बहुत ही उपयोगी होती है। इससे बने काढ़े को इस विकार के इलाज के लिए वैजिनल वाश (योनि को साफ करने के लिए) के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। 

(और पढ़ें - योनि से सफेद पानी आने के घरेलू उपाय)

  1. कब्ज में बबूल का उपयोग करना लाभकारी नहीं होता है। (और पढ़ें - कब्ज दूर करने के घरेलू उपाय)
  2. बहुत कम मामलों में, बबूल की गोंद से एलर्जी हो सकती है। इस एलर्जी से आपको श्वसन और त्वचा की समस्या हो सकती है।  
  3. अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से लिवर और गुर्दे को भी नुकसान पहुंच सकता है। (और पढ़ें - लिवर रोग के लक्षण)

 

Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
Divya Madhunashini VatiDivya Madhunashini200.0
Divya Lavangadi VatiDivya Lavangadi Vati40.0
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References

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