कई वर्षों से कैमोमाइल का उपयोग एक औषधि की तरह किया जाता रहा है. दरअसल, कैमोमाइल एक प्रकार का फूल है, जिसके मुख्य रूप से दो प्रकार माने गए हैं - जर्मन कैमोमाइल व रोमन कैमोमाइल. स्वास्थ्य के लिए इसके फायदे कई सारे हैं. यह पेट की समस्या, घाव, अल्सर, गठिया, अनिद्रा, बवासीर व पाचन समस्याओं से बचाव करने में सहायक हो सकता है. वहीं, कुछ मामलों में यह औषधि चक्कर आना व एलर्जी का कारण भी बन सकती है.

आज इस लेख में आप जानेंगे कि कैमोमाइल के फायदे व नुकसान क्या हैं और इसे कैसे उपयोग किया जाता है -

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  1. कैमोमाइल के फायदे
  2. कैमोमाइल के नुकसान
  3. कैमोमाइल का उपयोग
  4. सारांश
कैमोमाइल के फायदे, उपयोग व नुकसान के डॉक्टर

कैमोमाइल में एंटीइंफ्लेमेटरी व एंटी कैंसर गुण पाए जाते हैं. साथ ही यह हृदय रोगों से बचाने में भी कारगर हो सकता है. आइए, इसके फायदों के बारे में विस्तार से जानते हैं -

एंटी इंफ्लेमेटरी

शरीर में होने वाली हल्की-फुल्की सूजन के लिए कैमोमाइल का उपयोग किया जा सकता है. दरअसल, कैमोमाइल में मौजूद एंटी इंफ्लेमेटरी गुण सूजन से बचाव या सूजन की समस्या से राहत दिलाने में मददगार साबित हो सकते हैं.

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एंटी कैंसर

कैमोमाइल का सेवन कैंसर जैसी घातक बीमारी से बचाव के लिए भी किया जाता है. दरअसल, कैमोमाइल में एंटी कैंसर गुण होते हैं, जो कैंसर के जोखिम को कम कर सकते हैं. इतना ही नहीं, कैमोमाइल के अर्क में फ्लेवोनोइड और फेनोल्स मौजूद होते हैं, जो शरीर में कैंसर को पनपने नहीं देते हैं. बस ध्यान रहे कि कैमोमाइल सिर्फ कैंसर से बचाने में कुछ हद तक सफल हो सकता है, इसे कैंसर का इलाज समझने की भूल न करें. अगर किसी को कैंसर है, तो उसे डॉक्टर से उचित इलाज करवाना चाहिए.

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सर्दी-जुकाम

बदलते मौसम के कारण सर्दी-जुकाम या वायरल होना सामान्य है. अगर इस पर ध्यान न दिया जाए, तो निमोनिया और श्वसन प्रणाली में संक्रमण तक हो सकता है. ऐसे में अगर हल्का सर्दी-जुकाम होने पर ही कैमोमाइल अर्क के साथ स्टीम ली जाए, तो लाभ मिल सकता है.

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स्वस्थ हृदय

कैमोमाइल चाय में प्रचुर मात्रा में फ्लेवोन पाए जाते हैं, जो एक प्रकार का एंटीऑक्सीडेंट होता है. रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में फ्लेवोन लाभकारी हो सकता है, जिससे हृदय रोग का जोखिम कम हो सकता है. 64 मधुमेह रोगियों के एक अध्ययन में पाया गया कि जो लोग खाने के साथ कैमोमाइल चाय पीते हैं, उनके कुल कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड और खराब यानी एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार देखा गया है.

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डायरिया

पेट संबंधी समस्याएं, जैसे - पेट फूलनाअपचदर्द व डायरिया के लिए भी कैमोमाइल लाभकारी हो सकता है. यह डायरिया के लक्षणों को कम करने में सहायक हो सकता है. बच्चों का पेट खराब होने पर कैमोमाइल का इस्तेमाल करने के फायदे देखे जा सकते हैं.

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एक्जिमा

त्वचा में अचानक होने वाली सूजन, खुजली, पपड़ीदार त्वचा व रैशेज को एक्जिमा कहा जाता है. इसमें खुजली व अन्य समस्याएं हो सकती है. ऐसे में इससे बचाव या इसे कम करने के लिए  कैमोमाइल का उपयोग लाभकारी हो सकता है. यह त्वचा में होने वाले सूजन से भी बचाव कर सकता है. हां, अगर परेशानी गंभीर है, तो इसके उपयोग से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर ली जाए.

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बवासीर

कैमोमाइल का उपयोग बवासीर में लाभकारी हो सकता है. इसका उपयोग बवासीर में होने वाली सूजन की समस्या से बचाव या राहत दिला सकता है. अगर समस्या गंभीर है, तो बेहतर है कि इसे डॉक्टर की सलाह पर ही लिया जाए.

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कैमोमाइल को जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने पर कई प्रकार के नुकसान हो सकते हैं. इसके बारे में क्रमवार नीचे बताया गया है -

  • इसके अधिक उपयोग से मतलीचक्कर आना और एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है. 
  • गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाएं इसके सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें. दरअसल, रोमन कैमोमाइल जो कि कैमोमाइल का ही एक प्रकार है, उसे गर्भावस्था व स्तनपान के दौरान उपयोग करना नुकसानदायक माना गया है.
  • कुछ खास तरह की दवाइयों के साथ कैमोमाइल नकारात्मक प्रतिक्रिया कर सकता है. 
  • कैमोमाइल से एलर्जी की समस्या हो सकती है, खासकर उन लोगों को जिन्हें गेंदे के फूल से एलर्जी हो. 

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कैमोमाइल के नुकसान से बचाव के लिए इसका सही तरह से उपयोग करने का तरीका पता होना आवश्यक है. कैमोमाइल के उपयोग कुछ इस प्रकार हैं -

  • कैमोमाइल की चाय का सेवन कर सकते हैं.
  • कैमोमाइल के फूल को या तेल को स्टीम की तरह गर्म पानी में डालकर उपयोग कर सकते हैं. ध्यान रहे कि गर्म पानी में इसके तेल की बस एक बूंद ही डालें.
  • कैमोमाइल की क्रीम का उपयोग किया जा सकता है.
  • कैमोमाइल का उपयोग कैप्सूल के रूप में भी किया जा सकता है. ध्यान रहे कि कैप्सूल की डोज 900 से 1200 मिलीग्राम के बीच होनी चाहिए. इसके अलावा, कैमोमाइल कैप्सूल के सेवन से पहले एक बार डॉक्टर या विशेषज्ञ से इसकी डोज के बारे में जरूर पूछें.

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तो ये थे कैमोमाइल से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां. कैमोमाइल को औषधि के रूप में लेने से सर्दी-जुकाम, एक्जिमा व बवासीर जैसी समस्याओं को कुछ कम किया जा सकता है. वहीं, गलत तरीके से उपयोग करने पर एलर्जी व मतली आने की समस्या हो सकती है. ध्यान रहे कि कैमोमाइल के फायदे और नुकसान दोनों हैं, इसलिए इसका उपयोग सीमित मात्रा में ही करना आवश्यक है.

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