हरिद्रा खंड का इस्तेमाल मुख्य रूप से एलर्जी को दूर करने के लिए किया जाता है. इसमें कई प्रकार की जड़ी-बूटियों के साथ मुख्य रूप से हल्दी मौजूद होती है, जिसका एंटी इंफ्लेमेटरी गुण एलर्जिक रिएक्शन को कम करने में मदद कर सकता है. इसके साथ ही हरिद्रा खंड राइनाइटिस को भी ठीक करने में सहायक है, जो नाक से जुड़ी एलर्जी का एक प्रकार है. इसके अलावा, पाचन तंत्र को ठीक करने के लिए भी हरिद्रा खंड का इस्तेमाल किया जाता है.

आज इस लेख में आप हरिद्रा खंड के फायदे व नुकसान के बारे में जानेंगे -

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  1. हरिद्रा खंड के फायदे
  2. हरिद्रा खंड के नुकसान
  3. सारांश
  4. हरिद्रा खंड के फायदे व नुकसान के डॉक्टर

हरिद्रा खंड में आंवलागिलोय, हल्दी, हरीतकीपिप्पलीदालचीनीबहेड़ा, विदंग, निशोथनागरमोथाअजवाइनकुटकी, लौह भस्म, जीरासोंठ व चव्या जैसी जड़ी-बूटियां शामिल होती हैं. खानपान या पर्यावरण के जरिए शरीर में जो टॉक्सिन प्रवेश कर जाते हैं, हरिद्रा खंड उन्हें साफ करने में सहायक होता है. इसका इस्तेमाल मुख्य तौर पर एलर्जी को दूर करने के लिए किया जाता है, फिर चाहे वह एलर्जी त्वचा की हो या नाक की. आइए, हरिद्रा खंड के फायदे के बारे में विस्तार से जानते हैं -

  1. स्किन एलर्जी में फायदेमंद
  2. पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद
  3. कब्ज को ठीक करे
  4. लिवर के लिए लाभकारी
  5. सूजन के लिए फायदेमंद
  6. राइनाइटिस के इलाज में मददगार

स्किन एलर्जी में फायदेमंद

हरिद्रा खंड में मौजूद हल्दी अपने एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों की वजह से होने वाली किसी भी एलर्जी के असर को कम करने की क्षमता रखती है. यह आयुर्वेदिक दवा हिस्टामाइन (histamine) को कंट्रोल करने में सहायक है, जिसकी वजह से शरीर एलर्जी के रिएक्शन को रोक पाता है. यदि किसी तरह का फंगल इंफेक्शन हो रहा है, तो यह उसे भी रोकने में मददगार है. खुजली और किसी भी तरह के रैश को भी कम करने में यह अहम भूमिका निभाती है.

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पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद

हरिद्रा खंड पेट और आंत को दुरुस्त करके पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में सहायक है. इम्यूनिटी को बूस्ट करने के लिए यह एक बढ़िया दवा के तौर पर काम करता है.

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कब्ज को ठीक करे

जिन लोगों को कब्ज की समस्या रहती है, उन्हें हरिद्रा खंड का सेवन करने की सलाह दी जाती है. दरअसल, यह आयुर्वेदिक दवा पेट के अंदर की मांसपेशियों को मुलायम करने के साथ ही स्टूल रिलीज करने की प्रक्रिया में सुधार लाने का काम कर सकता है.

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लिवर के लिए लाभकारी

हरिद्रा खंड में मौजूद आंवला, हल्दी व बहेड़ा जैसी सामग्रियां लिवर के लिए अच्छी मानी जाती हैं. इस दवा के सेवन से लिवर इंफेक्शन से सुरक्षित रहता है, साथ ही बेहतर तरीके से काम भी करता है.

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सूजन के लिए फायदेमंद

अगर चोट लग गई है और उससे सूजन हुई है, तो हरिद्रा खंड का सेवन उसे कम करने में मददगार साबित हो सकता है. यही नहीं, अगर इंफेक्शन की वजह से भी सूजन हुई है, तो उसे भी ठीक किया जा सकता है. 

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राइनाइटिस के इलाज में मददगार

राइनाइटिस एलर्जी की वजह से होता है, जो नाक से जुड़ी एक समस्या का नाम है और आगे चलकर इसके अस्थमा में बदलने की आशंका रहती है. इसे ठीक करने में भी हरिद्रा खंड की भूमिका महत्वपूर्ण रही है.

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हरिद्रा खंड को दवा के रूप में लेने से पर होने वाले नुकसान के संबंध में कोई शोध या जानकारी उपलब्ध नहीं है. ऐसे में यह कहना मुश्किल है कि इसे लेने पर किस प्रकार के नुकसान हाे सकते हैं.

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हरिद्रा खंड का इस्तेमाल मुख्य तौर पर एलर्जी को दूर करने के लिए किया जाता है. यह त्वचा के रोग व राइनाइटिस को ठीक करने के साथ कब्ज की स्थिति में सुधार लाता है और पाचन तंत्र को भी दुरुस्त कर सकता है. हालांकि, किसी भी समस्या के होने पर स्वयं हरिद्रा खंड के सेवन से परहेज करना चाहिए. ऐसा इसलिए, क्योंकि यह जरूरी नहीं है कि एक दवा सब पर समान रूप से असर करे. बेहतर तो यह होगा कि हरिद्रा खंड के सेवन से पहले आयुर्वेद विशेषज्ञ की मदद ली जाए.

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