लता कस्तूरी भारत में मिलने वाली आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है. यह एक सुगंधित और औषधीय पौधा है, जो मालवेसी परिवार से संबंधित है. इसका वानस्पतिक नाम एबेलमोस्कस मोस्चैटस है. इसके फल को डायटरी फाइबर का बेहतरीन स्रोत माना गया है. इसके पौधे के अन्य भाग जैसे - पत्ते, फूल व बीज भी कई बीमारियों को ठीक करने में सहायक हैं. याददाश्त बढ़ाने व डायबिटीज के प्रभाव को कम करने आदि समस्याओं में इस पौधे को औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. वहीं, इसके बीजों से बने तेल का प्रयोग कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स में भी किया जाता है.

आज लेख में आप लता कस्तूरी से मिलने वाले फायदे व नुकसान के बारे में विस्तार से जानेंगे -

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  1. लता कस्तूरी के औषधीय गुण
  2. लता कस्तूरी के फायदे
  3. लता कस्तूरी के नुकसान
  4. सारांश
लता कस्तूरी के फायदे व नुकसान के डॉक्टर

लता कस्तूरी में एंटीपायरेटिक (बुखार के खिलाफ प्रभावी), कार्मिनेटिव (पेट फूलना रोकता है), अफरोडिसिया (यौन इच्छा को बढ़ावा देता है), एंटीस्पास्मोडिक (मांसपेशियों की ऐंठन से राहत देता है), मूत्रवर्धक (मूत्र की मात्रा को बढ़ाता है) व लैक्सेटिव (पेट साफ करना) गुण होता है. साथ ही इसमें एंटीडायबिटीक, एंटीऑक्सीडेंट व एंटीमाइक्रोबियल प्रभाव भी होता है. इस लिहाज से कहा जा सकता है कि लता कस्तूरी फायदेमंद आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है.

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लता कस्तूरी का इस्तेमाल करने से कई बीमारियों से बचा जा सकता है. यहां हम इसके ऐसे ही कुछ खास फायदों के बारे में विस्तार से बता रहे हैं -

एंटीऑक्सीडेंट गुण

इसकी पत्तियों और बीजों के एक्सट्रैक में एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव पाया जाता है. इससे शरीर को कई तरह के फायदे हो सकते हैं. यह फ्री रेडिकल्स के प्रभाव को कम करने का काम कर सकता है.

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याददाश्त तेज करने में सहायक

लता कस्तूरी मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को बढ़ाने में सहायक होती है. यह अल्जाइमर जैसी बीमारी का रिस्क कम करने में मदद कर सकती है. चूहों पर किए गए एक शोध में पाया गया कि इसके बीज से निकलने वाला एथेनॉलिक एक्सट्रेक्ट कमजोर याददाश्त को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है. 

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न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर में लाभदायक

इस जड़ी-बूटी का इस्तेमाल कर न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर से भी राहत पाई जा सकती है. इसके बीज में एंटीडिप्रेसेंट प्रभाव पाया जाता है, जिस कारण यह चिंता और तनाव के असर को कम कर सकता है. साथ ही सुसाइड करने से जैसे विचार आना भी बंद हो सकते हैं.

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ड्यूरेटिक प्रभाव

लता कस्तूरी में ड्यूरेटिक प्रभाव होता है, जिस कारण यह शरीर से टॉक्सिन को यूरिन के जरिए बाहर निकाल सकता है.

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एंटी-एजिंग प्रभाव

लता कस्तूरी का प्रयोग काफी सारे कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स में किया जाता है, क्योंकि इसमें एंटी-एजिंग गुण पाए जाते हैं. इस गुण के कारण यह स्किन को जवां बनाए रखने में मदद कर सकता है. साथ ही समय से पहले त्वचा पर नजर आने वाली झुर्रियों के प्रभाव को कम कर सकता है.

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एंटी-डायबिटिक गुण

लता कस्तूरी में एंटी-डायबिटिक गुण भी होता है. यह शरीर में इंसुलिन के स्तर को बेहतर कर सकता है, जिससे प्लाज्मा ग्लूकोज लेवल में कमी देखने को मिल सकती है.

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कुछ मामलों में लता कस्तूरी को इस्तेमाल करने से दुष्प्रभाव भी देखने को मिल सकते हैं, जिसके बारे में नीचे बताया गया है -

  • अगर इसके तेल को अधिक मात्रा में स्किन पर लगाया जाए, तो एलर्जी की समस्या हो सकती है. कुछ केसों में यह स्किन इरीटेशन का कारण बन सकता है.
  • छोटे बच्चों व गर्भवती को इसका प्रयोग करने से बचना चाहिए.
  • स्तनपान करवा रही महिलाओं को भी इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.
  • अगर किसी की सर्जरी होने वाली है, तो उसे भी इसका इस्तेमाल करने से नुकसान हो सकता है.

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लता कस्तूरी भारत में मिलने वाली एक बेहतरीन जड़ी-बूटी है. इसके इस्तेमाल से न सिर्फ याददाश्त को बेहतर किया जा सकती है, बल्कि डायबिटीज को भी नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है. अगर कोई इसका प्रयोग पहली बार कर रहा है, तो बेहतर होगा कि एक बार डॉक्टर से राय जरूर ली जाए. बिना डॉक्टर की सलाह भी इसका सेवन नहीं करना चाहिए.

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