अजवाइन मूल रूप से मिस्‍त्र का मसाला है लेकिन अब यह भारतीय उपमहाद्वीप के सबसे सामान्‍य एवं जरूरी मसालों में से एक बन गया है। अजवाइन के कड़वे स्‍वाद की तुलना अकसर थाइम से की जाती है क्‍योंकि इन दोनों ही जड़ी बूटियों में एक जैसा रासायनिक घटक मौजूद होता है जिसे थाइमोल के नाम से जाना जाता है। थाइम की तुलना में अजवाइन का स्‍वाद ज्‍यादा तीखा होता है। हालांकि, इन दोनों ही जड़ी बूटियों की अपनी एक अलग जगह और महत्‍व है।

घरेलू नुस्‍खों का इस्‍तेमाल करने वाले लोग अच्‍छी तरह से जानते हैं कि अजवाइन सेहत के लिए कितनी गुणकारी है। इसमें अनेक औषधीय गुण मौजूद हैं। पेट से संबंधित समस्‍याओं जैसे कि गैस, एसिडिटी और पेट में मरोड़ के इलाज में अजवाइन बहुत लाभकारी होती है। अजवाइन के पानी को गैलेक्‍टागोग (स्‍तनपान करवाने वाली महिलाओं में दूध के स्राव में सुधार लाने) के तौर पर जाना जाता है। अजवाइन वजन घटाने में भी मदद करती है।

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अजवाइन के पौधे को हर साल रोंपना पड़ता है। इस पौधे की औसतन लंबाई लगभग 60 से 90 मीटर होती है। अजवाइन के पत्तों की खुशबू काफी अलग होती है। इसके छोटे सफेद फूल शाखाओं के ऊपर एक साथ झुंड में  खिलते हैं। अजवाइन के बीज हरे से लेकर भूरे रंग के होते हैं।

क्‍या आप जानते हैं?

पारंपरिक मान्‍यता के अनुसार अजवाइन को अपने पास रखने से जीवन में सफलता मिलती है एवं भाग्‍य में वृद्धि होती है।

अजवाइन के बारे में तथ्‍य

  • वानस्‍पतिक नाम: ट्रैकिर्स्पमम एमि (Trachyspermum ammi)
  • कुल: एपिएसी
  • सामान्‍य नाम: अजवाइन, कैरम सीड
  • संस्‍कृत नाम: अजमोद, यामिनी
  • उपयोगी भाग: बीज
  • भौगोलिक विवरण: अजवाइन मूल रूप से मिस्‍त्र से संबंधित है लेकिन ये भारत, पाकिस्‍तान, अफगानिस्‍तान, इराक और ईरान में भी पाई जाती है। भारत के मध्‍य प्रदेश, गुजरात, राजस्‍थान और महाराष्‍ट्र राज्‍य में अजवाइन की खेती की जाती है।
  • गुण: गर्म
  1. अजवाइन के फायदे - Ajwain Benefits in Hindi
  2. अजवाइन के नुकसान - Ajwain Side Effects in Hindi
  3. अजवाइन की तासीर - ajwain ki taaseer
  4. अजवाइन के तेल के फायदे और नुकसान
  5. अजवाइन के पत्तों के फायदे

अजवाइन के फायदे पाचन को मजबूत बनाएं - Carom Seeds for Digestion in Hindi

अजवायन भारतीय रसोई में लगभग हर घर में इस्तेमाल होती है। यह आपके पाचन तंत्र के लिए काफी फायदेमंद है। खराब पेट और भी कई सारी स्वास्थ्य सम्बंधित समस्या उत्पन कर सकता है इसलिए इसका इलाज करना बहुत जरूरी होता है और वो भी जल्द से जल्द। अजवाइन में मौजूद सक्रिय एंजाइम से गैस्ट्रिक रस निकलता है जो पाचन में मदद करता है। इसके लिए 1 चम्मच जीरा और 1 चम्मच अजवाइन के बीज लें और इसमें 1/2 चम्मच अदरक पाउडर मिला लें। इस मिश्रण को सीने में जलन का इलाज करने के लिए रोजाना पानी के साथ लें।

अजवाइन का उपयोग भारत में जीरे और अदरक के साथ किया जाता है ताकि कई पाचन से संबंधित समस्याओं का इलाज किया जा सके जैसे भाटा रोग, सीने में जलन, इत्यादि। बरसात के मौसम में पाचन क्रिया कमजोर पड़ने पर अजवाइन का सेवन काफी लाभदायक होता है। इससे अपच को दूर किया जा सकता है।

(और पढ़ें – अपच का घरेलू उपाय)

अजवाइन का उपयोग करे गैस की समस्या दूर - Ajwain for Gas in Hindi

अजवाइन में रासायनिक थाइमोल की मात्रा अधिक होती है, जो गैस्ट्रिक रस के स्राव को बढ़ाती है और हमें भोजन को बेहतर तरीके से अवशोषित करने में मदद करती है। इसमें रेचक गुण मौजूद होते हैं जिसके कारण मल को त्यागने में आसानी रहती है। साथ ही यह कब्ज़ की समस्या होने से रोकती है और उसको खत्म भी करती है।   

यही कारण है कि अजवाइन आमतौर पर पाचन रोगों या लम्बे समय से पेट में कब्ज से छुटकारा पाने के लिए बच्चों और शिशुओं को दिया जाता है।

(और पढ़ें - कब्ज से छुटकारा पाने के उपाय)

इसके लिए अजवाइन, काला नमक और सूखे अदरक को पीसकर चूर्ण बना लें। भोजन के बाद इस चूर्ण का सेवन करने से खट्टी डकार, गैस की समस्या दूर हो जाती है। 

(और पढ़ें – पेट में गैस के घरेलू उपचार)

अजवायन के लाभ से मिले उल्टी में राहत - Ajwain Seeds for Vomiting in Hindi

अधिक शराब पी लेने से अगर व्यक्ति को उल्टियां आ रही हो तो उसे अजवाइन खिलाना बेहतर होगा। इससे उसको आराम मिलेगा और भूख भी तरह से लगेगी।

(और पढ़ें - शराब से छुटकारा पाने का उपाय)

अजवाइन के गुण हैं गर्भावस्था में लाभदायक - Carom Seeds Uses in Pregnancy in Hindi

अजवाइन के बीज उपचार करने क मामले में काफी फलदायक होते हैं। यह विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं के लिए काफी स्वास्थ्य लाभ प्रदान करते हैं।

गर्भावस्था के दौरान हार्मोन में बदलाव और बढ़ते गर्भाशय के कारण पाचन धीमा हो जाता है, जिससे गैस, पेट फूलना और आहार नली में गैस बनने जैसी समस्याएं बढ़ जाती है। अजवाइन के बीज में थाइमोल होता है, जिसे पाचन एंजाइमों की गतिविधि में वृद्धि और आंत से संबंधित समस्याओं को सुधार करने में मदद मिलती है। यह पाचन प्रक्रिया की गति बढ़ाता है और इन परिस्थितियों में राहत प्रदान करता है।

गर्भावस्था के दौरान कई महिलाओं को कब्ज की समस्या का सामना करना पड़ता है। अजवाइन के बीज इस समस्या से भी राहत दिलाने में मदद करते हैं।  

अजवाइन, गर्भाशय की परत को मजबूत करने के लिए भी जाना जाता है और इस प्रकार ये गर्भावस्था में सहायता करता है।गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को अजवाइन ज़रूर खानी चाहिए क्योंकि इससे ना सिर्फ खून साफ रहता है बल्कि यह पूरे शरीर में रक्त के प्रवाह को संचालित भी करता है। 

(और पढ़ें – गर्भावस्था में क्या खाना चाहिए और गर्भावस्था में पेट में दर्द)

अजवाइन का तेल कान दर्द में राहत दिलाएं - Carom Seeds for Ear Pain in Hindi

कान दर्द आमतौर पर खांसी और ठंड या कान लोब की सूजन के कारण होता है। हालांकि अजवाइन में एंटीबैक्टीरियल और एंटीइंफ्लेमेटरी यौगिक होते हैं जो कान में इक्क्ठे जमाव को हटाने में मदद करते हैं।  

इसके एंटीसेप्टिक गुणों के कारण, लहसुन और तिल के तेल के साथ मिश्रित अजवाइन के तेल का उपयोग फोड़े के कारण होने वाले कान के दर्द से तुरंत राहत प्रदान करता है। यदि कोई व्यक्ति कान दर्द से पीड़ित होता है, तो उसे दूध के साथ अजवाइन को गर्म करके मिश्रण बनाना चाहिए। इन में से कोई भी मिश्रण की कुछ बूंदों को कान में डालने से कान के दर्द से छुटकारा पाने में मदद मिल सकती है।

(और पढ़ें - कान में दर्द के घरेलू उपाय)

अजवाइन बेनिफिट्स दाद में लाभदायक - Carom Seeds for Ringworm in Hindi

अजवाइन दाद के लिए इलाज में फायदेमंद हो सकता है। शोधकर्ताओं ने पाया है कि अजवाइन से बना तेल प्रभावी ढंग से दाद का इलाज कर सकता है। दाद एक आम फंगल त्वचा संक्रमण है जिससे काफी ज़्यादा खुजली की समस्या होती है। इसके लिए एलोपैथिक दवाइयां प्रवाभी तो होती है पर साथ ही वो महंगी भी हैं और इनके साइड इफेक्ट्स भी होते हैं। इसलिए अजवाइन का तेल ना सिर्फ एक प्राकृतिक इलाज है बल्कि ये किफायती भी होता है और इसके एलोपैथिक दवाइयों जैसे साइड इफेक्ट्स भी नहीं होते हैं।  

अगर आपके शरीर पर दाने या फिर दाद हो जाएं तो, अजवाइन को पानी में गाड़ा पीसकर दिन में 2 बार लेप करने से फायदा होता है। घाव और जली हुई जगह पर इस लेप को लगाने से आराम मिलता है और कोई निशान भी नही रहता है।

(और पढ़ें - दाद का घरेलू उपाय)

अजवाइन का रस पीने के फायदे गठिया के लिए - Carom Seeds for Arthritis in Hindi

अजवाइन में एंटीइंफ्लेमेटरी यौगिक होने के कारण, यह गठिया के दर्द का प्राकृतिक इलाज हो सकता है। इसके अलावा, इसमें एनेस्थेटिक गुण होते हैं जो गठिया से पीड़ित लोगों में होने वाले दर्द और सूजन से छुटकारा दिलाने में मदद करते हैं। साथ ही इसमें एंटीबायोटिक यौगिक भी होते हैं जो आर्थराइटिस के कुछ लक्षणों से लड़ने में मदद करते हैं जैसे कि घुटने सूजकर लाल पड़ जाना आदि।

अजवाइन से गठिया की बीमारी में निम्नलिखित तरीकों से लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं -

  • गर्म पानी के टब में, एक चम्मच अजवाइन के बीज डालें और इसे ठीक से मिलाएं। अब, पानी में अपने जोड़ों को भिगोएं और उसमे 5-10 मिनट तक बैठें। यह नुस्खा आमतौर पर गठिया से पीड़ित लोगों के दर्द और सूजन को कम करने में मदद करता है।
  • गठिया के रोगी को अजवाइन के चूर्ण की पोटली बनाकर सेकने से रोगी को दर्द में आराम पहुचता है। आधा कप अजवाइन के रस में आधी चम्मच पिसी हुई सूखी अदरक और पानी मिलाकर पीएँ। इससे भी गठिया का रोग ठीक हो जाता है।

(और पढ़ें – गठिया के रोग का आयुर्वेदिक इलाज)

अजवाइन खाने के फायदे खाँसी के लिए - Carom Seeds for Cough in Hindi

अजवाइन की तासीर गर्म होती है इसलिए ये आमतौर पर खांसी-जुकाम में इलाज के तौर पर उपयोग किया जाता है।  

आप अजवाइन का अन्य जड़ी बूटी के साथ मिश्रण करके एक आरामदायक हर्बल काढ़ा बना सकते हैं जो आपको खांसी से राहत दिलाता है। इसके लिए 1 छोटा चम्मच अजवाइन, कुछ तुलसी की पत्तियां, 1/2 छोटा चम्मच सूखा अदरक पाउडर, 1 लौंग, 5 काली मिर्च, 1/2 छोटा चम्मच हल्दी, 1/2 कप पानी में 1/3 कप गुड़ को मिलाकर उस पानी में उबाल लें। उसके बाद इसे छान लें और उस पानी का उपयोग करें। प्रभावी परिणामों को देखने के लिए तीन दिनों तक भोजन के बाद दिन में दो बार काढ़ा के दो चमच्च ले सकते हैं।  

या फिर अजवाइन के रस में एक चुटकी काला नमक मिलाकर सेवन करें। और ऊपर से गर्म पानी पी लें। इससे खाँसी बंद हो जाती है।

(और पढ़ें - खांसी के उपाय)

अजवाइन खाने से होता है मुंहासे दूर - Ajwain for Acne in Hindi

अजवाइन का पेस्ट पिम्पल्स वाली जगह पर लगाने से वहां पर होने वाले दर्द और लाल निशानों से छुटकारा मिलता है। इसके अलावा, इसमें थाइमोल भारी मात्रा में होता है जो एक अत्यंत शक्तिशाली एंटीसेप्टिक और गामा-टेरपीन (gamma-terpinene) है जिसमें ऐसे गुण होते हैं जो पिम्पल्स को विकसित होने से रोकते हैं और उनसे निजात दिलवाते हैं। यह संक्रमण को रोकने के साथ-साथ पिम्पल्स को उभरने से रोकता है।  

मुँहासे के लिए, बस कुछ अजवाइन बीज पीसें और पेस्ट बनाने के लिए ताजे निचोड़े हुए नींबू के रस में पीसा हुआ पाउडर मिलाएं।  प्रभावित जगह पर कॉटन बॉल्स की मदद से पेस्ट को थप थपाकर लगाएं और 15 मिनट के बाद धो लें, ध्यान रखें कि इस उपाय से नींबू के रस के उपयोग के कारण कुछ जलन हो सकती है। 

मुँहासे तो परेशान करते ही हैं पर साथ में उनके कारण से होने वाले निशान उनसे ज़्यादा परेशान करते हैं। उनसे निजात पाने के लिए अजवाइन एक काफी लाभदायक उपाय है। पेस्ट बनाने के लिए दही के साथ अजवाइन पीस कर मिलाएं। प्रभावित जगह पर ये पेस्ट लगाएं और 30 मिनट बाद धो लें, इसके बेहतर परिणाम देखने के लिए ऐसा नियमित करें।  

या फिर 2 चम्मच अजवाइन को 4 चम्मच दही में पीसकर रात में सोते समय पूरे चेहरे पर मलकर लगाएं और सुबह गर्म पानी से साफ कर लें।

(और पढ़ें – टूथपेस्ट के फायदे मुँहासो के उपचार के लिए)

अजवायन के लाभ मसूड़ों के लिए - Carom Seeds for Gums in Hindi

अजवाइन मसूड़ों के लिए काफी फायदेमंद साबित होता है खासकर मसूड़ों की सूजन के लिए। इसमें थाइमोल है जिसमें एनेस्थेटिक, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण होते हैं।  

(और पढें- फंगल संक्रमण के घरेलू उपाय)

इसके लिए आप एक चम्मच अजवेन के बीज को अच्छी तरह भून लें। अब भुने हुए बीजों को पीस लें। अब उसका पेस्ट बनाने के लिए उसमें कुछ बूंद सरसों का तेल डालकर उसे अच्छी तरह मिलाएं और पेस्ट तैयार हो जाए तो उसे धीरे-धीरे अपने सूजे हुए मसूड़ों पर उंगलियों का प्रयोग करके उस पेस्ट को फैलाकर लगाएं। 

या फिर आप अजवाइन को भूनकर या पीसकर बनाए गए उसके पाउडर से ब्रश कर सकते हैं जो आपको मसूड़ों की समस्या से राहत दिलाएगा।

(और पढ़ें - मसूड़ों की सूजन का इलाज)

अजवाइन खाने से लाभ करे खट्टी डकारों को दूर - Carom Seeds for Burping in Hindi

अजवाइन, सेंधा नमक, हींग और सूखे आवलें को बराबर मात्रा मे लेकर अच्छी तरह से पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को 1 ग्राम की मात्रा में सुबह और शाम शहद के साथ चाटने से खट्टी डकार आना बंद हो जाती है।

(और पढ़ें - शहद के फायदे)

अजवाइन खाने के लाभ हैं गुर्दे के लिए लाभकारी - Ajwain for Kidney in Hindi

अजवाइन के फायदों की बात करें तो इसका सबसे अच्छा फायदा किडनी रोगियों के लिए है। अजवाइन का उपयोग करने से​ यह किडनी में मौजूद पथरी को तोड़ता है और बाद में टुकड़ों को यूरिन के द्वारा शरीर से बाहार निकल देता है। घर पर अजवाइन की मदद से इलाज करने के लिए आप निम्न तरीकें अपना सकते हैं - 

  • आप एक कप में दो चम्मच अजवाइन लें और इसमें एक चम्मच शहद मिलाएं और आखिर में एक चम्मच सिरका मिलाएं। इसे दस दिन तक रोज़ बेहतर परिणामों के लिए इस्तेमाल करें।   
  • या फिर गुड़ और पिसी हुई कच्ची अजवाइन बराबर मात्रा में मिलाकर 1-1 चम्मच रोजाना 4 बार खाएं। इससे गुर्दे का दर्द भी ठीक हो जाता है।

(और पढ़ें – गुर्दे की पथरी में क्या खाना चाहिए)

अजवाइन खाने से फायदे बचाएं सर्दी से - Carom Seeds for Cold in Hindi

यदि आप सामान्य सर्दी से पीड़ित हैं, तो अजवाइन के प्रयोग से आप अपनी बंद नाक से छुटकारा पा सकते हैं। यह ब्रोंकाइटिस और माइग्रेन को ठीक करने में भी सिद्ध लाभ दिखाए हैं।

बंद नाक को ठीक करने के लिए आप निम्न तरीकों से अजवाइन को उपयोग कर सकते हैं -  

  • रोजाना 2 चम्मच गुड़ के साथ अजवाइन का गर्म मिश्रण लेने से सामान्य ठंड का आसानी से इलाज हो सकता है।   
  • देसी अजवाइन 5 ग्राम, एक ग्राम गिलोय को रात में 150 ml पानी में भिगोकर, सुबह छान लें। फिर इसमें नमक मिलाकर दिन में 3 बार पिलाने से लाभ मिलता है।

(और पढ़ें - माइग्रेन से छुटकारा पाने के उपाय)

अजवाइन खाने से फायदा है अस्थमा में - Ajwain for Asthma in Hindi

अस्थमा रोगी के लिए अजवाइन बहुत ही लाभदायक साबित होता है। अजवाइन के उपयोग से अस्थमा के लक्षणों से राहत मिलती है। ये अस्थमा के रोगी को सांस लेने में राहत प्रदान करता है।  

अस्थमा में आराम पाने लिए रोगी को अजवाइन का पेस्ट गुड़ के साथ दिन में दो बार लेना चाहिए।  

आधा कप अजवाइन के रस में पानी मिलाकर सुबह और शाम भोजन के बाद लेने से दमा का रोग नष्ट हो जाता है। 

(और पढ़ें – अस्थमा से निजात पाने की रेसिपी)

अजवाइन का उपयोग करे मासिक धर्म दर्द के लिए - Ajwain Benefits in Periods in Hindi

अजवाइन का पानी कई बीमारियों और विकारों के खिलाफ एक प्रभावी आयुर्वेदिक इलाज है। पेट और गर्भाशय को साफ करने में अजवाइन का पानी उपयोगी साबित होता है। अनियमित पीरियड्स, पीरियड्स की वजह से होने वाला दर्द, भारी रक्तस्राव या कोई भी पीरियडस से संबंधित समस्याओं के लिए अजवाइन का उपयोग एक जादुई इलाज है। (और पढ़ें - पीरियड के कितने दिन बाद गर्भ ठहरता है)

थोड़े से पानी में थोड़ी अजवाइन डाल दें, इसके बाद पानी को उबलने के लिए छोड़ दें, जब पानी उबलने ही वाला हो तब आंच धीमी कर दें और पानी आधा होने तक इंतेज़ार करें। जब पानी की मात्रा आधी हो जाए तो उसमें गुड़ दाल दें और तब तक पकाएं जब तक गुड़ उसमें अच्छे से मिल न जाए। इसके बाद उसे गैस से उतार लें और छानकर इसका उपयोग करें। पीरियड्स के दौरान इसका सुबह-शाम सेवन करें। 

ऐसा करने से पीरियड्स से जुड़ी लगभग हर समस्या से राहत मिलती है।  

(और पढ़ें- अनियमित पीरियड्स के कारण)

मासिक धर्म के समय पीड़ा होती है तो गुनगुने पानी के साथ अजवाइन लेने से भी दर्द मिट जाता है। मासिक अधिक आते हों, गर्मी अधिक हो तो यह प्रयोग ना करें क्योंकि अजवाइन की तासीर गर्म होती है।

अजवाइन दिलाए एसिडिटी से राहत - Ajwain good for Acidity in Hindi

यदि आपको एसिडिटी की समस्या है तो थोड़ा अजवाइन और जीरे को एक साथ भुन लें। फिर इसे पानी में उबाल कर छान लें। इस छने हुए पानी में चीनी मिलाकर पिएं, इससे आपको एसिडिटी से राहत मिलेगी।

(और पढ़ें - एसिडिटी के उपाय)

अजवाइन करे वजन कम - Ajwain for Weight Loss in Hindi

अजवाइन का पानी पीने से शरीर का मेटाबॉलिज्‍म बढ़ता है जिसकी वजह से कार्ब तथा फैट बर्न होने की प्रक्रिया शुरु हो जाती है, जिससे शरीर के वजन में कमी आती है।

(और पढ़ें - वजन घटाने के आसान तरीके)

  • 25 ग्राम अजवायन लें।
  • अजवायन को एक गिलास पानी में रातभर के लिए भिगो कर रख दें और फिर सुबह पानी को छान लें।
  • उसके बाद पानी में एक चम्‍मच शहद मिक्‍स करें और सुबह के समय खाली पेट पी लें।
  • इसका सेवन 45 दिन के लिए लगातार करें, इससे आपको फायदा जरुर मिलेगा। 

(और पढ़ें – वजन कम करने के लिए नाश्ते में क्या खाएं)

अजवाइन के नुकसान इस प्रकार हैं - 

  • अजवाइन को भोजन की मात्रा के रूप में (एक दिन में 10 ग्राम से अधिक नही) लेना सुरक्षित है। अजवाइन की अतिरिक्त मात्रा दुष्प्रभाव पैदा कर सकती है जैसे - पेट की गैस, जलन का अहसास, मुँह में छालें आदि।
  • पेट में अल्सर, आंतरिक रक्तस्राव, अल्सरेटिव कोलाइटिस (Ulcerative colitis) के रोगों में अजवाइन का सेवन नही करना चाहिए।
  • प्रेगनेंट महिलाए भी अजवाइन का सेवन कब्ज़ और एसिडिटी की समस्या के लिए कर तो सकती है लेकिन दिन में 10 ग्राम से ज्यादा नहीं। (और पढ़ें - कब्ज के कारण)

नियमित रूप से अजवाइन का सेवन करें और स्वस्थ रहें। इससे आप बहुत से बीमारी को दूर कर सकते हैं।

अजवाइन की तासीर गर्म होती है। यूँ तो अजवाइन के कई फायदे हैं पर इसकी गर्म तासीर होने से ये कभी-कभी कुछ स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याएं पैदा कर सकता है। इसलिए गर्मियों में खासकर इसका उचित मात्रा में उपयोग करना चाहिए।

(और पढ़ें - गर्मियों में क्या खाना चाहिए)


अजवाइन के अनोखे फ़ायदे सम्बंधित चित्र

Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
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Nagarjuna HaridrakhandamNagarjuna Haridrakhandam70.0
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Patanjali Amla Chatpata CandyPatanjali Amla Chatpata Candy145.0
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Hamdard Tila AzamHamdard Tila Azam Oil47.5
Hamdard Majun Shabab AwarHamdard Majun Shabab Awar173.85
Patanjali Divya Mahayograj GuggulPatanjali Divya Mahayograj Guggul110.0
Mugli Ghutti 555Mugli Ghutti 555 Syrup83.0
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Baidyanath LodhrasavaBaidyanath Lodhrasava160.55
Baidyanath MustakarishtaBaidyanath Mustakarishta133.0
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Hamdard Habb E AsgandHamdard Habbe Asgand47.5
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Zandu Sudarshan GhanvatiZandu Sudarshan Ghan Vati77.0
Zandu Hingwashtak ChurnaZandu Hingwashtak Churna76.0
Zandu Maha Sudarshan Churna Zandu Maha Sudarshan Churna168.0
Zandu Diabrishta 21Zandu Diabrishta 2190.0
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Patanjali Divya Udramrit VatiPatanjali Divya Udramrit Vati30.0
Patanjali Divya Tribhuvankirti RasPatanjali Divya Tribhuvankirti Ras50.0
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संदर्भ

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