आयुर्वेद में कई समस्याओं को ठीक करने के लिए औषधीय पौधों का इस्तेमाल किया जाता है. इन पौधों में कचूर का नाम भी शामिल है. कचूर हल्दी की एक प्रजाति है. इसे सफेद हल्दी के नाम से भी जाना जाता है. इसके उपयोग से कई फायदे हो सकते हैं.

कचूर से सूजन, डायबिटीज और वायरल इन्फेक्शन की समस्या से राहत मिल सकती है. इसे दूध और शहद के साथ ले सकते हैं. कचूर को अधिक मात्रा में लेने से पेट खराब होने, लो ब्लड शुगर और मिसकैरेज की समस्या हो सकती है. आज इस लेख में कचूर क्या है, फायदे, उपयोग और नुकसान के बारे में विस्तार से जानेंगे -

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  1. कचूर क्या है?
  2. कचूर के फायदे
  3. कचूर के नुकसान
  4. सारांश
कचूर के फायदे, उपयोग व नुकसान के डॉक्टर

कचूर एक तरह का पौधा होता है, जिसे अंग्रेजी में करक्यूमा जेडोयिरया के नाम से भी जाना जाता है. यह हल्दी की एक प्रजाति है, जिसकी तने जमीन पर उगती हैं. यह लगभग तीन से चार फुट ऊंचा होता है, जिसके पत्ते चिकने और उसका मध्य भाग गुलाबी रंग का होता है. इसका फूल पीले रंग का होता है और इसका स्वाद कड़वा होता है.

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कचूर के इस्तेमाल से कई तरह के फायदे होते हैं. ये फायदे सूजन कम करने, दर्द से राहत दिलाने और घाव भरने में नजर आ सकते हैं. आइए, कचूर के फायदे के बारे में विस्तार से जानते हैं -

सूजन के लिए कचूर के फायदे

कचूर के फायदे सूजन की समस्या को कम करने के लिए हो सकते हैं. एक रिसर्च में दिया गया है कि कचूर के इथेनॉलिक एक्सट्रेक्ट में एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रभाव होता है. ये प्रभाव सूजन को कम करने में मदद कर सकता है.

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अल्सर के लिए कचूर के फायदे

कचूर को अल्सर की समस्या को रोकने के लिए भी प्रभावी माना जाता है. इसमें एंटी-अल्सर प्रभाव होता है, जो इस समस्या को बढ़ने से रोक सकता है. साथ ही अल्सर से पीड़ित लोगों को राहत पहुंचा सकता है.

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दर्द के लिए कचूर के फायदे

किसी के शरीर में समय-समय पर दर्द महसूस होता है, तो उनके दर्द को ठीक करने में कचूर मददगार साबित हो सकता है. एक शोध की मानें, तो कचूर में एनाल्जेसिक गतिविधि होती है, जिसे दर्द से राहत दिलाने के लिए जाना जाता है.

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डायबिटीज के लिए कचूर के फायदे

डायबिटीज से बचाव करने और राहत दिलाने में कचूर सहायक साबित हो सकते हैं. इस संबंध में प्रकाशित रिसर्च के मुताबिक, कचूर में एंटीहाइपरलिपिडेमिक प्रभाव पाए जाते हैं. एंटीहाइपरलिपिडेमिक प्रभाव ब्लड शुगर को कम कर सकता है और डायबिटीज की स्थिति में सुधार कर सकता है.

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इम्यून सिस्टम के लिए कचूर के फायदे

कचूर का उपयोग कर इम्यून सिस्टम को बूस्ट किया जा सकता है. दरअसल, कचूर में इम्यूनोमॉड्यूलेटरी प्रभाव होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत कर सकते हैं.

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घाव भरने के लिए कचूर के फायदे

घाव भरने की क्षमता को तेज करने में कचूर मदद कर सकता है. एक शोध की मानें, तो कचूर में वुंड हीलिंग प्रभाव होते हैं, जो घाव को भरने में सहायता कर सकते हैं.

वायरल इन्फेक्शन के लिए कचूर के फायदे

कचूर के लाभ वायरल इन्फेक्शन से राहत दिलाने के लिए भी देखे जा सकते हैं. दरअसल, कचूर में एंटीमाइक्रोबियल और एंटी-वायरल प्रभाव पाए जाते हैं. ये दोनों प्रभाव वायरल इन्फेक्शन को कम करने में मदद कर सकते हैं.

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कचूर का उपयोग कैसे करें?

कचूर को कई तरह से उपयोग किया जा सकता है. इसे खाने के साथ-साथ त्वचा पर लगाया भी जा सकता है, जैसे -

  • कचूर पाउडर को दूध में मिलाकर सेवन कर सकते हैं.
  • कचूर को आहार में मसाले की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं.
  • इससे बने चूर्ण को शहद के साथ ले सकते हैं. 
  • कचूर से बने तेल को त्वचा पर उपयोग कर सकते हैं.

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कचूर के उपयोग से कुछ नुकसान भी हो सकते हैं. इन नुकसान में मिसकैरेज और लो ब्लड शुगर शामिल है. आइए, कचूर के नुकसान के बारे में जानते हैं -

  • गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को कचूर के सेवन से बचना चाहिए, क्योंकि इससे मिसकैरेज होने का जोखिम बढ़ जाता है.
  • अगर कोई ब्लड शुगर को कम करने के लिए दवाई ले रहा है, तो वो कचूर का उपयोग न करें. इससे लो ब्लड शुगर की समस्या हो सकती है.
  • कचूर को पीरियड्स के समय नहीं लेना चाहिए.
  • इसके सेवन से कुछ लोगों का पेट खराब हो सकता है.

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कचूर को सीमित मात्रा में लेना फायदेमंद होता है. इसके फायदे अल्सर से राहत, घाव भरने और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए हो सकते हैं, लेकिन इससे पेट खराब होने और लो ब्लड शुगर की समस्या हो सकती है. वहीं, अगर कोई गर्भवती महिला इसका इस्तेमाल करती है, तो मिसकैरेज होने की आशंका रहती है. ऐसे में कचूर के इस्तेमाल से किसी भी व्यक्ति में साइड इफेक्ट दिखाई देता है, तो उन्हें तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

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