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रतनजोत एक आयुर्वेदिक जड़ी बूटी होती है। यह जड़ी बूटी केवल कॉस्मेटिक और सुंदरता के लिए नहीं है बल्कि इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए भी बहुत ही लाभकारी हो सकता है। इस जड़ी बूटी को कई बीमारियों को दूर करने के लिए उपयोग किया जाता हैं। इसमें एंटीबायोटिक, ड्यूरेटिक, खनिज, विटामिन की भरपूर मात्रा पाई जाती है।

अल्कोनेट रूट को भूमध्य सागरीय क्षेत्रों में स्किन एलर्जी, उल्टी, खुजली, इन्फ्लूएंजा जैसी कई बीमारियों का इलाज करने के लिए उपयोग किया जाता है। रतनजोत की जड़ में एंटीबायोटिक, एंटी इन्फ्लेमेशन (सूजन कम करने), एंटी-बैक्टीरियल और ड्यूरेटिक (मूत्रवर्धक) गुण पाए जाते हैं।

(और पढ़ें - सूजन कम करने के तरीके)

  1. रतनजोत के फायदे रखें ह्रदय को स्वस्थ - Ratanjot ke fayde rakhe hriday ko swasth
  2. रतनजोत के लाभ बचाएं रूमेटिक से - Ratanjot ke labh bachayen rheumatic se
  3. रतनजोत के गुण करें सिरदर्द को ठीक - Ratanjot ke gun kare sirdard ko thik
  4. रतनजोत का उपयोग करें अनिंद्रा के लिए - Ratanjot ka upyog kare anindra ke liye
  5. रतनजोत के खाने फायदे बालों के लिए - Ratanjot ke khane fayde baalon ke liye
  6. रतनजोत का सेवन है त्वचा के लिए उपयोगी - Ratanjot ka sewan hai tvcha ke liye upyogi
  7. रतनजोत का इस्तेमाल है नाखूनों के लिए लाभकारी - Ratanjot ka istemal hai nakhuno ke liye labhkari
  8. रतनजोत के औषधीय गुण बचाएं हर्पीस से - Ratanjot ke aushdhiya gun bachayen herpes se
  9. रतनजोत का प्रयोग करें बुखार में - Bukhar mein upyogi hai ratanjot
  10. रतनजोत फॉर ब्लड प्रेशर इन हिंदी - Ratanjot for blood pressure in hindi
  11. रतनजोत है वजन कम करने में सहायक - Wajan kam karne mein sahayak hai ratanjot
  12. रतनजोत के नुकसान - Ratanjot ke Nuksan

रतनजोत हृदय को स्वस्थ रखने के लिए काफी लाभकारी होती है। हृदय को स्वस्थ रखने के लिए आप रतनजोत की जड़ को पानी में भिगोकर रखें और इसके बाद इस पानी को छाने, इसका सेवन करें। यह शरीर से जहर को निकालने में सहायक होती है। इसके अलावा यह रक्त को अवशोषित करने के लिए हृदय के कार्यों को बढ़ाने में मदद कर सकती है।

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संधिशोथ या रूमेटिक बीमारी आमतौर पर मांसपेशियों और नसों को प्रभावित करती है, जिससे इनमें दर्द और पीड़ा महसूस होती है। यदि आप दर्द वाले क्षेत्र पर रतनजोत के औषधीय तेल की नियमित रूप से मालिश करते हैं या रतनजोत पाउडर का सेवन करते हैं तो दर्द को कम करने में मदद मिल सकती है। इससे रूमेटिक को ठीक करने में भी मदद मिलती है।

(और पढ़ें - मांसपेशियों के दर्द का उपाय​)

रतनजोत में सूजन को कम करने वाले गुण पाए जाते हैं। ये गुण रक्त परिसंचरण की धीमी गति को कम करने में मदद करते हैं जिससे आपको सिरदर्द दूर करने में मदद मिलती है। यदि आपका रक्त परिसंचरण स्वस्थ और स्मूथ चलता है, तो आपकी सिरदर्द की समस्या खत्म हो जायेगी। सूजन को कम करने के कारण यह माइग्रेन और सिरदर्द का इलाज करने में लाभकारी होती है।

(और पढ़ें - रक्त परिसंचरण ठीक करने के उपाय)

रतनजोत की जड़ का औषधीय तेल अनिद्रा और चिंता जैसे नींद संबंधी विकारों को कम करने में मदद कर सकता है। सोने से पहले अपने सिर और नाक के नीचे इस तेल को लगाएं। इसके उपयोग से आपको आराम और शान्ति महसूस होगी जिससे आप आराम से अपनी नींद प्राप्त कर सकते हैं। इस उपाय को कुछ समाय के लिए लगातार करें इससे आपको अनिद्रा की समस्या दूर करने में मदद मिलेगी।

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रतनजोत बालों की ताकत बढ़ाने में बहुत लाभकारी साबित हुई है। क्योंकि रतनजोत एक प्राकृतिक हेयर कलर है जो आपके बालों के लिए बहुत सुरक्षित होता है। और इसका आपके स्वास्थ्य पर कोई बुरा प्रभाव भी नहीं पड़ता है। रतनजोत तेल बालों के झड़ने को रोकने और गंजेपन के लक्षण को दूर करने में मदद करता है।

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रतनजोत में एंटी-वायरस और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो त्वचा को स्वस्थ रखने और उसकी रक्षा करने के लिए बहुत ही उपयोगी होते हैं। बाहरी तत्वों के प्रभाव के कारण त्वचा को कई प्रकार के नुकसान हो सकते हैं जिससे झुर्रियां या बुढ़ापे जैसी समस्याएं पैदा हो सकती है। इसके तेल के उपयोग या रतनजोत पाउडर को लगाने से बढ़ती उम्र के लक्षणों और झुर्रियों को कम करके त्वचा के स्वास्थ्य और सौंदर्य को बनाए रखने में मदद मिलती है।

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रतनजोत का उपयोग करने से नाखुनो को टूटने से बचाने और नाखूनों के कारण होने वाली सूजन को कम करने में मदद मिल सकती है। यदि आप नियमित रूप से रतनजोत तेल को नाखुनो पर इस्तेमाल करते हैं तो आपकी नाखूनों की टूटने, दर्द और संक्रमित होने की समस्या काफी कम हो जाएगी।

(और पढ़ें - नाखूनों की देखभाल करने के लिए टिप्स)

हर्पीस का इलाज करने के लिए का भी उपयोग किया जा सकता है। हर्पीस एक प्रतिरक्षा और त्वचा से जुड़ा हुआ विकार है। हर्पीस से दर्दनाक फफोले या घाव होते हैं जिनमें ब्लीडिंग भी हो सकती है। हर्पीस वायरस के कारण होता है। इसलिए इस बीमारी को ठीक करने के लिए, आपको ऐसे एंटी-वायरस की आवश्यकता होती है जिसे आप रतनजोत से प्राप्त कर सकते हैं।

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रतनजोत में प्राकृतिक रूप से ठंडा करने वाले गुण होते हैं जो बुखार को कम करने और उतारने में मदद करते हैं। आयुर्वेद पारंपरिक उपचार में भी रतनजोत का उपयोग बुखार कम करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा, इसकी जड़ के कारण पसीने को लाने में मदद मिलती है जिससे बुखार के इलाज में मदद मिल सकती है।

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अल्कानेट रूट में हाइपो-टेंस प्रभाव होते हैं जो आपके कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम पर से तनाव कम करने में मदद करते हैं और साथ ही ब्लड प्रेशर को कम करने में सहायक होते हैं। यह प्लेग को रोकने, दिल के दौरे को रोकने और स्ट्रोक से पीड़ित होने के खतरे को कम कर सकता है।

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वजन कम करने के लिए किसी भी प्रकार की केमिकल दवा को अपने आहार में शामिल करने की जरुरत नहीं है।क्योंकि यह जरूरी नहीं है कि इसके सेवन से आपका वजन कम होगा ही। यदि आप आप अपना वजन कम करना चाहते हैं तो आपको नियमित रूप से रतनजोत पाउडर का सेवन करना शुरू कर देना चाहिए। इससे आपको बिना किसी नुकसान के स्वाभाविक रूप से वजन को कम करने में मदद मिल सकती है।

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रतनजोत के सेवन से निम्नलिखित कुछ नुकसान भी हो सकते हैं: 

  1. गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान इसके उपयोग से बचना चाहिए।
  2. रतनजोत का अधिक सेवन लिवर फेल होने, सिरोसिस, निमोनाइटिस, पल्मोनरी हाइपरटेंशन या हार्ट फेल का कारण बन सकता है।
  3. पर्कोलिजिडाइन क्षारीय तत्वों के कारण यह फेफड़ों की विषाक्तता का कारण बन सकती है। (और पढ़ें - फेफड़ों को स्वस्थ रखने वाले आहार)
  4. इसकी जड़ की डाई का सेवन किसी भी रूप में नहीं किया जाना चाहिए।
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