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वजाइनेक्टोमी सर्जरी का मतलब है योनि का सर्जरी द्वारा निकाला जाना। योनि एक इलास्टिक जैसा मांसपेशियों से बना अंग है, जो कि गर्भाशय के मुख से महिला के बाहरी जननांग तक फैली होती है। यह सर्जरी शुरुआती या फिर से हुए कैंसर का इलाज करने के लिए की जाती है। 

यह सर्जरी अकेले बहुत ही कम की जाती है। अत्यधिक मामलों में इसे अन्य प्रक्रियाओं जैसे रेडिकल हिस्टरेक्टमी (गर्भाशय को निकालना), रेडिकल वल्वेक्टोमी (वल्वा का निकाला जाना) या कम्पलीट पेल्विक एक्सेन्टेरशन (श्रोणि के सभी अंगों का निकाला जाना)। वजाइनेक्टोमी भिन्न तरह की हो सकती है यह इस बात पर निर्भर करता है कि कैंसर कहां तक फैला हुआ है। यह सामान्य भी हो सकता है जिसमें योनि की परत को हटाना और अंदर की मांसपेशियों को हटाया जाएगा, पार्शियल जिसमें योनि के कुछ भाग को हटाया जाता है, रेडिकल जिसमें आसपास के कनेक्टिव टिशू को भी हटाया जाता है या फिर टोटल, जिसमें पूरी योनि को ही निकाल दिया जाता है।

  1. वजाइनेक्टोमी क्या है - vaginectomy kya hai
  2. वजाइनेक्टोमी क्यों की जाती है - vaginectomy kyon ki jati hai
  3. वजाइनेक्टोमी से पहले की तैयारी - vaginectomy se pehle ki taiiyari
  4. वजाइनेक्टोमी कैसे की जाती है - vaginectomy kaise hoti hai
  5. वजाइनेक्टोमी के बाद देखभाल - vaginectomy ke baad dekhbhal
  6. वजाइनेक्टोमी के खतरे और जटिलताएं - vaginectomy ke khatre aur jatiltaein

वजाइनेक्टोमी, आमतौर पर शुरुआती कैंसर या दोबारा हुए कैंसर का इलाज करने के लिए की जाने वाली सर्जरी है, जिसमें योनि को निकाला जाता है। योनि का कैंसर असामान्य है और केवल 16 से 27 प्रतिशत तक ही कैंसर योनि में बनता है। 

योनि सात से दस सेमी की इलास्टिक जैसा एक मस्क्युलर ट्यूब होती है जो कि गर्भाशय से महिला के बाहरी जननांग तक फैली होती है। यौन सुख और प्रजनन में यह मुख्य भूमिका निभाती है। वजाइनल ओपनिंग यूरेथ्रा या मूत्राशय के पीछे होती है। यह बीच से लेबिया माइनोरा से बंद होता है और आगे से लेबिया मेजोरा द्वारा। 

वजाइनेक्टोमी तब की जाती है जब रेडिकल हिस्टरेक्टमी, रेडिकल वल्वेक्टोमी या कम्पलीट पेल्विक एक्सेन्टेरशन काम नहीं आती।

वजाइनेक्टोमी किस तरह से की जानी है यह इस बात पर निर्भर करता है कि कैंसर कहां तक फैला हुआ है। 

यह सर्जरी लिंग बदलवाने की सर्जरी के रूप में भी की जा सकती है, जिसमें अर्ध पुरुष व्यक्ति अपना अंग बदलवाते हैं, जिसमें उनकी योनि की ओपनिंग को बंद कर दिया जाता है। 

योनि का कितना हिस्सा निकाला गया है उसके अनुसार वजाइनल रिकंस्ट्रक्शन किया जा सकता है। वजाइनल रिकंस्ट्रक्शन से व्यक्ति वापस से यौन क्रियाएं कर सकता है और व्यक्ति की शारीरिक इमेज में सुधार आ सकता है और घाव जल्दी ठीक हो सकता है।

वजाइनेक्टोमी निम्न मामलों में की जाती है -

  • प्रीइनवेसिव वजाइनल कैंसर (कैंसरकारी या मेलिग्नेंट कोशिकाएं जो कि अभी फैली नहीं है) या शुरुआती इनवेसिव कैंसर (कैंसरकारी या घातक कोशिकाएं बढ़ना शुरू हुई हैं) जो कि कैंसर का दुर्लभ प्रकार है 
  • योनि, सरविक्स, वल्वा, रेक्टम या ब्लैडर का कैंसर जो कि योनि तक फ़ैल चुका है 
  • योनि की झिल्ली में सहवास के पूर्ववर्ती घाव
  • बंद सीमाओं को बचाने के लिए (कैंसर कोशिकाओं को स्वस्थ ऊतकों की सीमाओं पर ही रोक देना) ऐसा ऊपर बताए गए कैंसर के मामलों में किया जाता है 
  • पेल्विक एक्सेन्टेरशन (श्रोणि गुहा के सभी अंगों को निकालना) जो कि योनि और उसके आसपास के अंगों के कैंसर के मामले में किया जाता है 
  • योनि के ऊपरी भाग के कैंसर को ठीक करने के लिए 
  • वापस हुए कैंसर को ठीक करने के लिए 

यह जेंडर चेंज सर्जरी के एक भाग के रूप में भी किया जा सकता है। 

योनि के कैंसर के निम्न लक्षण हैं -

यदि आपके सर्जरी से जुड़े कोई भी प्रश्न हैं तो आप उन्हें डॉक्टर से पूछ सकते हैं। सर्जरी से पहले निम्न चरणों को अपनाया जाएगा -

  • कैंसर की अवस्था का पता लगाने के लिए टेस्ट किया जाएगा 
  • आपको सीटी स्कैन या एमआरआई करवाने के लिए कहा जाएगा ताकि आपकी श्रोणि साफ तरह से दिखाई दे सके। कैंसर एंटीजन (सीए - 125), कार्सिनोएम्ब्रयोजेनिक एंटीजन और स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा एंटीजन टेस्ट करवाए जाएंगे, ताकि ऑपरेशन के दौरान निगरानी रखी जा सके 
  • कैंसर के फैलाव के अनुसार महिलाएं अपनी योनि का एक बड़ा हिस्सा खो सकती हैं। इसलिए महिला की सर्जरी से पहले साइकोसेक्सुअल काउंसलिंग की जा सकती है 

यदि आप किसी भी तरह की दवाएं, सप्लीमेंट, विटामिन आदि ले रहे हैं तो इनके बारे में डॉक्टर को बता दें। सर्जरी से रिकवरी के लिए डॉक्टर आपको कुछ दवाएं लेने से मना कर सकते हैं।

जब आप अस्पताल में भर्ती हो जाएंगे तो निम्न चरणों का पालन करते हुए सर्जरी की जाएगी -

  • प्रीऑपरेटिव बाउल प्रिपरेशन की जाएगी। चूंकि आपका रेक्टम योनि के पास ही है ऐसे में सर्जरी के दौरान सर्जरी के स्थान को संक्रमण का खतरा हो सकता है। आपको बहुत कम खाने को कहा जाएगा। इसमें भी आप कम रेशेदार खाना खाएं और सर्जरी से कुछ दिन पहले हल्के लेक्सेटिव लें। इसके बाद सर्जरी की सुबह, फॉस्फेट एनीमा दिया जाएगा, जिससे रेक्टम को साफ करने और अच्छे से ऑपरेशन में मदद मिलेगी 
  • सर्जरी के दौरान और सर्जरी के बाद रक्त के थक्के जमने से बचाने के लिए आपको थक्का रोधी दवाएं दी जाएंगी, जैसे हेपरिन की कम डोज (5000 यूसी दिन में दो बार) 
  • सर्जरी से तुरंत पहले आपको मांसपेशियों व नसों में एंटीबायोटिक दिए जाएंगे। जो कि हर छह घंटे बाद दिए जाएंगे, जिसमें दो और खुराक दी जाएंगी 
  • सर्जरी से पहले कोलोस्कोपी की जाएगी ताकि सर्जरी किए जाने वाले स्थान और कितने हिस्से में सर्जरी करनी है, इसकी जांच की जा सके। इसके अनुसार पार्शियल या कम्पलीट वजाइनेक्टोमी की जा सकती है 

वजाइनेक्टोमी सिंपल या रेडिकल हो सकती है। यह इस पर निर्भर करता है कि कौन सा हिस्सा प्रभावित हुआ है। 

सिंपल वजाइनेक्टोमी -

सिंपल वजाइनेक्टोमी योनि के द्वारा की जाएगी। सिंपल पार्शियल वजाइनेक्टोमी निम्न तरह से की जाती है -

  • आपको अपने पैर फैलाकर लेटने को कहा जाएगा और उन्हें थोड़ा उठाने को कहा जाएगा 
  • मूत्र को निकालने के लिए ब्लैडर में कैथिटर लगाया जाएगा
  • जिस हिस्से पर ऑपरेशन किया जाना है केवल वहीं लोकल एनेस्थीसिया दिया जाएगा, जिससे योनि के ऊतक सुन्न हो जाएंगे
  • एक बार गांठ की पहचान हो जाए उसके बाद डॉक्टर ढीले कनेक्टिव टिशू में सेलाइन लगाएंगे ताकि पास के ऊतक से गांठ को काटने के लिए उठाया जा सके 
  • इसके बाद सर्जन एक चीरा लगाएंगे जो कि घाव के नीचे लगाया जाएगा और कुछ हिस्सा काट दिया जाएगा
  • इसके बाद योनि में टांका लगा दिया जाएगा 
  • डॉक्टर बैक्टीरियोस्टेटिक वजाइनल पैक लगा सकते हैं अगर योनि की ओपनिंग सरविक्स के पास खुली रह गयी है। इस पैक और यूरिनरी कैथिटर को आपके अस्पताल के डिस्चार्ज होने से पहले निकाल दिया जाएगा 

यदि योनि का बड़ा हिस्सा निकाला जाना है तो डॉक्टर आपको जनरल या स्पाइनल एनेस्थिसिया देंगे। इस मामले में वजाइनल रिकंस्ट्रक्शन किया जा सकता है जो कि स्किन ग्राफ्ट यानी आपके शरीर के किसी भाग से त्वचा लेकर किया जा सकता है। जिससे आपकी यौन क्रियाओं को वापस ठीक किया जा सकता है और आपके गर्भाशय को निकाला जा सकता है।

चूंकि योनि के एक सिरे के पास ब्लैडर और दूसरे के पास रेक्टम होते हैं ऐसे में आसपास के ऊतकों से योनि की झिल्ली को निकालने में अधिक ध्यान रखने की जरूरत होती है, ताकि किसी तरह की क्षति अन्य अंगों को न पहुंचे।

कभी-कभी यह प्रक्रिया पेट के द्वारा भी की जा सकती है, जिसे ओपन एब्डोमिनल, लेप्रोस्कोपिक या रोबोट असिस्टेड सर्जरी के तौर पर किया जा सकता है। ऐसे मामलों में ब्लैडर का अधिक ध्यान रखना जरूरी होता है ताकि भविष्य में बचे हुए वजाइनल ऊतक की जांच की जा सके। यह ब्लैडर डिस्फंक्शन से बचने के लिए किया जाता है जो कि इस सर्जरी की एक जटिलता है।

रेडिकल वजाइनेक्टोमी -

रेडिकल वजाइनेक्टोमी में ऊतकों का एक बड़ा हिस्सा निकाला जाता है, कभी-कभी इसमें रेक्टम और ब्लैडर को भी निकाला जा सकता है। ऐसे में लेप्रोस्कोपी की जा सकती है। 

  • जब आपको एनेस्थीसिया दे दिया जाएगा तो डॉक्टर आपका पेट खोलेंगे 
  • इसके बाद वे गर्भाशय के पास वाले कनेक्टिव ऊतकों को बांध देंगे और आपके ब्लैडर व गर्भाशय को उठाएंगे। इसके बाद योनि को निकाल देंगे
  • यदि पूरी योनि निकाली जानी है तो आपके गर्भाशय और इसके आसपास के ऊतकों को भी निकाला जाएगा
  • योनि को सारे ऊतकों व आसपास के अंगों से अलग कर दिया जाएगा
  • रक्तस्त्राव को रोक दिया जाएगा और जरूरत होने पर वजाइनल रीकंसट्रकशन किया जाएगा

सर्जरी के बाद यूरिनरी ब्लैडर की कार्य प्रक्रिया को नजदीक से देखा जाएगा।

सर्जरी के बाद कुछ समय तक आपको कमजोर महसूस होगा। आपको दर्द के लिए दवाएं दी जाएंगी। घर पर आने के बाद आपको निम्न बातों का ध्यान रखना होगा -

  • आप अपनी दिनचर्या शुरू कर सकते हैं, लेकिन कुछ हफ्तों के लिए ज्यादा व्यायाम न करें
  • सर्जरी के बाद छह हफ्तों तक अधिक शारीरिक व्यायाम न करें
  • यदि आपको कब्ज है तो सर्जरी के बाद कुछ दिनों में आप डॉक्टर को बता दें ताकि मल को नरम करने वाली दवा आपको दे दी जाए
  • सर्जरी के बाद कुछ हफ्तों तक आपकी योनि से स्त्राव हो सकता है जो कि धीरे-धीरे कम हो जाएगा
  • नहाने से पहले आप पट्टी हटा सकती हैं इसके बाद फिर से नहा कर पट्टी लगा सकती हैं
  • घर पर आप सामान्य आहार ले सकती हैं
  • 10 पौंड से अधिक वजन न उठाएं
  • यदि आप ऐसे पेन किलर ले रहे हैं, जिनसे आपको सुस्ती रहती है तो आप गाडी न चलाएं

निम्न स्थितियों में डॉक्टर के पास जाएं -

सर्जरी के निम्न जटिलताएं और खतरे हैं -

  • घाव से खून आना
  • आसपास के ऊतकों की क्षति
  • योनि गुहा का पतला हो जाना और योनि का लचीलापन कम हो जाना, जिससे यौन क्रियाएं प्रभावित हो सकती हैं
  • सर्जरी के बाद बुखार
  • ब्लैडर डिसफंक्शन

अस्वीकरण - उपरोक्त जानकारी पूरी तरह से शैक्षिक दृष्टिकोण से प्रदान की गयी है और किसी भी तरह से योग्य चिकित्सक द्वारा चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है।

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