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क्रिप्टोकोकल एंटीजन टेस्ट क्या है?

क्रिप्टोकोकल एंटीजन टेस्ट एक ब्लड टेस्ट है जो कि रक्त में मौजूद क्रिप्टोकोकस फंगस की जांच करता है। यह टेस्ट क्रिप्टोकोकल के संक्रमण की जांच करने में मदद करता है। आमतौर पर क्रिप्टोकोकस एक स्वस्थ व्यक्ति में कोई संक्रमण पैदा नहीं करता। इसे अवसरवादी संक्रमण (Opportunistic infection) भी कहा जाता है, इसका मतलब है कि ये फंगस उन लोगों को प्रभावित करते हैं जिनकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है।

क्रिप्टोकोकस के बीजाणु मिट्टी और पक्षियों की बीट में मिलते हैं। जब ये बीजाणु किसी व्यक्ति के शरीर में जाते हैं और उस व्यक्ति की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर है, तो उसे क्रिप्टोकोकल मेनिनजाइटिस नामक रोग हो जाता है। आमतौर पर यह उन लोगों को संक्रमित करता है जिन्हें ह्यूमन इम्यूनो डेफिशियेंसी वायरस (एचआईवी) का संक्रमण होता है या जिनका सीडी4-पॉजिटिव सेल काउंट कम होता है। इससे व्यक्ति को अत्यधिक गंभीर रूप से मेनिनजाइटिस रोग हो जाता है। क्रिप्टोकोकल एंटीजन टेस्ट को एक स्क्रीनिंग टेस्ट की तरह किया जाता है। यह टेस्ट क्रिप्टोकोकल का जल्दी परीक्षण करने के लिए किया जाता है, ताकि मेनिनजाइटिस के कारण होने वाली मृत्यु दर को कम किया जा सके।

  1. क्रिप्टोकोकल एंटीजन टेस्ट क्यों किया जाता है - Cryptococcal Antigen Test Kyu Kiya Jata Hai
  2. क्रिप्टोकोकल एंटीजन टेस्ट से पहले - Cryptococcal Antigen Test Se Pahle
  3. क्रिप्टोकोकल एंटीजन टेस्ट के दौरान - Cryptococcal Antigen Test Ke Dauran
  4. क्रिप्टोकोकल एंटीजन टेस्ट के परिणाम का क्या मतलब है - Cryptococcal Antigen Test Ke Parinam Ka Kya Matlab Hai

क्रिप्टोकोकल एंटीजन टेस्ट क्यों किया जाता है?

क्रिप्टोकोकल एंटीजन टेस्ट मुख्य रूप से क्रिप्टोकोकल के संक्रमण का परीक्षण करने के लिए किया जाता है। यह टेस्ट उन लोगों का भी किया जा सकता है जिनकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है और जिनमें मेनिनजाइटिस के निम्न लक्षण देखे जाते हैं:

क्रिप्टोकोकल मेनिनजाइटिस या क्रिप्टोकोकल संक्रमण उन लोगों में देखा जाता है जिनकी प्रतिरक्षा प्रणाली एचआईवी इन्फेक्शन, लिवर सिरोसिस, अनियंत्रित डायबिटीज, लिम्फोमा, ल्यूकेमिया, सारकॉइडोसिस या ऑर्गन ट्रांसप्लांट के कारण कमजोर हो गई होती है।

इसके अलावा क्रिप्टोकोकल एंटीजन टेस्ट एक स्क्रीनिंग टेस्ट की तरह उन लोगों में भी किया जाता है जिनकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होने के साथ-साथ जिनमें निम्न स्थितियां भी होती हैं:

  • एचआईवी/अक्वायर्ड इम्यून डेफिशियेंसी सिंड्रोम (एड्स)
  • जिन्होंने एचआईवी के लिए एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी कराई है
  • जिनका सीडी 4-पॉजिटिव सेल काउंट <200 है
  • ओरल थ्रश (कैंडिडीएसिस)

क्रिप्टोकोकल एंटीजन टेस्ट की तैयारी कैसे करें?

यह एक सामान्य ब्लड टेस्ट होता है, इसके लिए कोई विशेष तैयारी करने की आवश्कता नहीं पड़ती है।

क्रिप्टोकोकल एंटीजन टेस्ट कैसे किया जाता है?

क्रिप्टोकोकल एंटीजन टेस्ट के लिए रक्त या मस्तिष्कमेरु द्रव (सीएसएफ) लिया जाता है। ब्लड कलेक्शन एक सामान्य टेस्ट है। बांह की नस में सुई लगाकर ब्लड सैंपल लिया जाता है। सीएसएफ निकालने के लिए कमर में पंक्चर (स्पाइनल टैप) की जरूरत हो सकती है, इसमें एक सुई की मदद से स्पाइन में से स्पाइनल फ्लूइड निकाला जाता है। इंजेक्शन की मदद से एनेस्थीसिया लगाया जाता है। इसके बाद एक स्पाइनल नीडल या सुई कमर के निचले हिस्से (लंबर) में लगाई जाती है और  5-10 मिलीलीटर (मिली) के लगभग सैंपल चार शीशियों में निकाल लिए जाते है। सैंपल लेने के बाद सुई हटा ली जाती है और पंक्चर की जगह को बैंडेज से ढक दिया जाता है।

इस टेस्ट से कोई गंभीर खतरा नहीं जुड़ा है, हालांकि इससे चक्कर आने और इंजेक्शन वाली जगह पर नील पड़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि, अधिकतर ये लक्षण जल्दी ही गायब हो जाते हैं। कभी-कभार ब्लड निकाली गई जगह पर संक्रमण भी हो सकता है।

लंबर पंक्चर में स्पाइनल कैनाल और मस्तिष्क के आसपास रक्त स्त्राव (सबड्यूरल हीमेटोमा) का खतरा होता है। इस टेस्ट के दौरान दर्द और थोड़ी सी तकलीफ हो सकती है, पंक्चर की जगह पर संक्रमण हो सकता है। पंक्चर हुई जगहों से सीएसफ लीक हो सकता है जिसके कारण सिर दर्द हो सकता है।

क्रिप्टोकोकल एंटीजन टेस्ट के परिणाम क्या बताते हैं?

सामान्य परिणाम:
क्रिप्टोकोकल एंटीजन ना मिलना सामान्य परिणाम का संकेत देता है, जिसका मतलब है कि व्यक्ति के शरीर में क्रोप्टोकोकल संक्रमण (मेनिनजाइटिस) नहीं हुआ है या किसी अन्य कारण से मेनिनजाइटिस है (खासतौर पर कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले व्यक्तियों में)। 

असामान्य परिणाम:
खून में क्रिप्टोकोकल की उपस्थिति क्रिप्टोकोकल संक्रमण जैसी असामान्य स्थितियों का संकेत दे सकती है। इसके अलावा इन परिणामों से ये भी पता चलता है कि मेनिनजाइटिस का कारण क्रिप्टोकोकस फंगस है।

क्रिप्टोकोकल मेनिनजाइटिस की मृत्यु दर बहुत अधिक है क्योंकि ये बीमारी थोड़े समय में तेजी से फैलती है। हालांकि, डिजीज कंट्रोल सेंटर के अनुसार यदि मरीजों का एचआईवी का इलाज किया जा चुका है या एआरटी (एचआईवी का इलाज करने के लिए की जाने वाली थेरेपी) शुरू कर दी गई है तो उनमें होने वाली मृत्यु दर को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन क्रिप्टोकोकल स्क्रीनिंग टेस्ट को मृत्यु से बचने के लिए स्ट्रेटेजी टेस्ट के रूप में करने की सलाह देते हैं। ये स्क्रीनिंग टेस्ट उन लोगों का किया जाता है, जिनमें लो सीडी 4-पॉजिटिव सेल, एचआईवी संक्रमण की उच्च अवस्था हो या एड्स हो गया हो, जो लोग एआरटी थेरेपी पर हों या जिन्हें ओरल थ्रश हो गया हो। ऐसा इसलिए क्योंकि इन्हीं लोगों में क्रिप्टोकोकल मेनिनजाइटिस होने का अधिक खतरा होता है।

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References

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