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 ट्राइग्लिसराइड टेस्ट क्या है?

ट्राइग्लिसराइड वसा का एक बहुत ही सामान्य प्रकार है। ये सामान्य आहार में मौजूद वसा का 95% भाग होता है। ये वसा शरीर की कोशिकाओं के लिए एक जरूरी ऊर्जा स्रोत बनाते हैं। हालांकि, ट्राइग्लिसराइड की अत्यधिक मात्रा पूरे शरीर के फैट को बढ़ाने, मोटापे या अत्यधिक वजन का कारण बनती है। ये विभिन्न हृदय रोगों के खतरे को भी बढ़ा देते है।

ट्राइग्लिसराइड टेस्ट रक्त में ट्राइग्लिसराइड की मात्रा की जांच करने के लिए और व्यक्ति के शरीर में हृदय रोगों के खतरे का पता करने के लिए किया जाता है। यह आमतौर पर लिपिड पैनल या लिपिड प्रोफाइल टेस्ट के साथ किया जाता है।

  1. ट्राइग्लिसराइड टेस्ट क्यों किया जाता है - Triglycerides Test Kyu Kiya Jata Hai
  2. ट्राइग्लिसराइड टेस्ट से पहले - Triglycerides Test Se Pahle
  3. ट्राइग्लिसराइड टेस्ट के दौरान - Triglycerides Test Ke Dauran
  4. ट्राइग्लिसराइड टेस्ट के परिणाम का क्या मतलब है - Triglycerides Test Ke Parinam Ka Kya Matlab Hai

ट्राइग्लिसराइड टेस्ट किसलिए किया जाता है?

व्यस्कों को हर पांच साल में ट्राइग्लिसराइड टेस्ट करवाने की सलाह दी जाती है। ट्राइग्लिसराइड के उच्च स्तर कुछ विकारों जैसे डायबिटीज, हृदय रोग और स्ट्रोक के बढ़ने के खतरे से जुड़े होते हैं। हालांकि, यह टेस्ट निम्न स्थितियों में करवाने के लिए कहा जा सकता है:

  • जीवन शैली से संबंधित खराब आदतें, जैसे अत्यधिक शराब पीना, व्यायाम न करना, धूम्रपान और अत्यधिक वसा युक्त भोजन खाना 
  • डायबिटीज 
  • वजन अधिक होना, खासकर पेट के आस-पास के हिस्सों में
  • कुछ अनुवांशिक स्थितियां, जैसे फेमिलियल कंबाइंड हाइपरलिपिडिमिया और फेमिलियल हाइपरट्राइग्लिसरीडेमिया 
  • थायराइड, किडनी रोग या लिवर के रोग जैसे विकार 
  • हाइपरटेंशन या उच्च रक्त चाप 
  • कुछ विशेष ट्रीटमेंट का प्रभाव और प्रगति देखने के लिए 

ट्राइग्लिसराइड टेस्ट की तैयारी कैसे करें?

आपके डॉक्टर आपको इस बात की जानकारी देंगे कि आपको टेस्ट से पहले भूखे रहने कि जरुरत है या नहीं। आमतौर पर आठ से बारह घंटे तक भूखे रहने को कहा जाता है। हालाँकि इस बीच आप पानी पी सकते हैं और दवा ले सकते हैं।

यह ध्यान रहे कि यदि आप कोई भी दवा, सप्लिमेंट या ओटीसी ले रहे हैं, उसके बारे में आपके डॉक्टर को पता हो क्योंकि ये टेस्ट के रिजल्ट को प्रभावित कर सकती हैं। जरुरत पड़ने पर डॉक्टर आपको दवा में कुछ बदलाव करने को कह सकते हैं। बिना डॉक्टर की सलाह लिए आप अपनी दवाओं में किसी प्रकार का बदलाव ना करें।

ट्राइग्लिसराइड टेस्ट कैसे किया जाता है?

इस टेस्ट में थोड़ा ही समय लगता है। इस दौरान बांह की नस में सुई लगाकर खून की थोड़ी मात्रा ले ली जाती है। टेस्टिंग सेंटर में जिस जगह से खून निकाला जाना है, उसे डॉक्टर के द्वारा एक एंटीसेप्टिक दवा से साफ किया जाता है। नस ढूंढ़ने के लिए बांह पर एक विशेष रबर बैंड बांधा जाता है। इस के बाद सुई की मदद से ब्लड सैंपल ले लिया जाता है। इस से कुछ लोगों को थोड़ी सी तकलीफ हो सकती है, जो कुछ ही देर में ठीक हो जाती है। खून निकालने के बाद इंजेक्शन लगी जगह पर बैंडेज लगा दी जाता है और सैंपल को परिक्षण के लिए लैब में भेज दिया जाता है। कुछ लोगों को इंजेक्शन लगी जगह पर नील भी पड़ सकता है, हालांकि इस स्थिति में दर्द नहीं होता है और यह अपने आप ही ठीक हो जाता है।

ट्राइग्लिसराइड टेस्ट के परिणाम क्या बताते हैं?

सामान्य परिणाम:
ट्राइग्लिसराइड टेस्ट की वैल्यू mg/dL में और कभी-कभी mmol/L में दी जाती है। यह वैल्यू हर लैब की अलग होती है। यहां वैल्यू mg/dL में दी गई है। 

आमतौर पर इस टेस्ट की सामान्य वैल्यू 150 mg/dL से कम होती है। इसका मतलब है कि रक्त में ट्राइग्लिसराइड का स्तर नियंत्रण में है और आपको हृदय रोग और डायबिटीज का कोई खतरा नहीं है।

असामान्य परिणाम:
जब टेस्ट में ट्राइग्लिसराइड का स्तर सामान्य से अधिक पाया जाता है, तो उसे असामान्य परीणाम माना जाता है। ट्राइग्लिसराइड की भिन्न वैल्यू और उससे जुड़े खतरे निम्नलिखित हैं:

  • 151 से 199 mg/dL कम खतरा 
  • 200 से 499 mg/dL अधिक खतरा 
  • 500 mg/dL के ऊपर स्तर में बीमारी का सर्वाधिक या बहुत ज्यादा खतरा होता है।

उच्च ट्राइग्लिसराइड से जुडी स्थितियां निम्न हैं:

थायराइड हार्मोन का स्तर कम होना, किडनी विकार (नेफ्रोटिक सिंड्रोम) या लिवर विकार (सिरोसिस) भी ट्राइग्लिसराइड के उच्च स्तर का कारण बन सकते हैं। इसके अलावा लो प्रोटीन और हाई कार्बोहाइड्रेट का भोजन भी इसके बढ़े हुए स्तर का कारण हो सकते हैं। कुछ फीमेल हार्मोन दवाएं भी ट्राइग्लिसराइड के स्तर को बढ़ा सकती हैं। 

ट्राइग्लिसराइड के स्तर को नियंत्रित करने के लिए डॉक्टर आपको आहार में और अपनी जीवनशैली से संबंधी बदलाव करने को कह सकते हैं। उच्च या अत्यधिक उच्च स्तर को ठीक करने के लिए कुछ दवाएं लेने को भी कहा जा सकता है। 

नोट: टेस्‍ट के रिजल्‍ट और व्‍यक्‍ति के लक्षणों के आधार पर ही उचित निदान किया जाना चाहिए। उपरोक्त जानकारी पूरी तरह से शैक्षिक दृष्टिकोण से दी गई है और यह किसी भी तरह से डॉक्‍टर की चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है।

 
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References

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  3. University of Rochester Medical Center. Triglycerides. Rochester, New York. [internet].
  4. National Heart, Lung, and Blood Institute [Internet]. Bethesda (MD): U.S. Department of Health and Human Services; High Blood Triglycerides
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  6. National Heart, Lung, and Blood Institute [Internet]. Bethesda (MD): U.S. Department of Health and Human Services; Blood Tests