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कांटेक्ट लेंस या आंखों का लेंस एक बहुत ही हल्का कॉस्मेटिक या उपचारक उपकरण है जो आमतौर पर आंखों के अंदर कॉर्निया पर पहना जाता है। आंखों के लेंस भी वही काम करते हैं जो चश्मे करते हैं जैसे कि दूर दृष्टि दोष या निकट दृष्टि दोष ठीक करना इत्यादि। लेंस पहनने के कई लाभ हैं, जैसे, अच्छा दिखना और चश्मे की तुलना में अधिक व्यावहारिक होना इत्यादि।

बहुत सारे लोग लेंस इसलिए भी पसंद करते हैं क्योंकि उन्हें कोई भी खेल खेलने में परेशानी नहीं होती है और दृष्टि का क्षेत्र भी अधिक विस्तृत होता है। आंखों के लेंस बनने वाले मटेरियल, पहने के तरीके, बदलने की समयावधि और बनावट के आधार पर अलग-अलग प्रकार के होते हैं।

आप इस लेख में विस्तार से बताया गया है कि कांटेक्ट लेंस क्या है, कॉन्टेक्ट लेंस के प्रकार और इसे कैसे पहने, साथ ही यह भी बताया गया है कि आंखों के लेंस के लाभ या फायदे, नुकसान क्या हैं और कांटेक्ट लेंस की कीमत क्या है।

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  1. कॉन्टेक्ट लेंस क्या है - Contact lens kya hai in hindi
  2. आंखों के लेंस के प्रकार - Contact lens types in hindi
  3. कॉन्टेक्ट लेंस लगाने का तरीका - Eye lens lagane ka tarika in hindi
  4. कांटेक्ट लेंस के फायदे - Contact lens ke fayde in hindi
  5. कांटेक्ट लेंस के नुकसान - Contact lenses ke nuksan in hindi
  6. कॉन्टेक्ट लेंस की कीमत - Aankhon ke lens price in hindi

कॉन्टेक्ट लेंस क्या होते हैं?

आंखों के लेंस पतले और कटोरी के जैसे दिखने वाले छोटे से पारदर्शी उपकरण होते हैं जो आंख के अंदर सतह पर रखे जाते हैं। पहनने वाले की सुविधा के लिए आंखों के लेंस को आमतौर पर हल्का रंगीन रखा जाता है ताकि संभाल कर रखने में आसानी हो। आज के समय में कांटेक्ट लेंस दो प्रकार के होते हैं - कठोर और मुलायम। अधिकांश लोग मुलायम लेंस का ही उपयोग करते है।

हालाँकि कॉन्टेक्ट लेंस आंखों के इलाज के क्षेत्र में एक आधुनिक योगदान लगते हैं किंतु इनका एक लंबा और विस्तृत इतिहास रहा है। प्रसिद्ध विद्वानों लियोनार्डो दा विंसी और रेने देकार्त ने पहली बार कांटेक्ट लेंस की अवधारणा की शुरुआत की। हालाँकि कांटेक्ट लेंस की असली शुरुआत तब तक नहीं हुई जब तक कि 19 वी शताब्दी में एक शीशे का काम करने वाले जर्मन व्यक्ति ने पारदर्शी और सहन करने लायक लेंस नहीं बना लिया और एक अन्य जर्मन नेत्र चिकित्सक ने पहला ऐसा कांटेक्ट लेंस नहीं बनाया जिसे एक बार में कुछ घंटो तक पहना जा सकता था।

अब तो कांटेक्ट लेंस आंखों की दृष्टि के लिए पहनना तो बहुत आम हो गया है लेकिन कुछ लेंस तो केवल कॉस्मेटिक और नयापन दिखाने के लिए भी पहने जाने लगे हैं। रंगीन कांटेक्ट लेंस आपकी आंखों के रंग को पूरी तरह बदल देते हैं और कॉस्ट्यूम कांटेक्ट लेंस तो कुछ स्पेशल इफ़ेक्ट पैदा करने में मदद कर सकते हैं जो आप सिनेमा के बड़े पर्दे पर देखते हैं।

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कांटेक्ट लेंस को निम्नलिखित तीन भागों में बाँटा जा सकता है -

1. सॉफ्ट (नरम या मुलायम) कांटेक्ट लेंस
कई कारणों से सॉफ्ट कांटेक्ट लेंस सबसे अधिक उपयोग किये जाने वाले लेंस हैं। वे अत्याधुनिक ऑप्टिकल प्रौद्योगिकी से बने होते हैं जिससे वे अधिक आरामदायक, लचीले और लंबे समय तक पहनने के लिए उपयुक्त बन जाते हैं। इनकी अनुकूल डिज़ाइन लेंस पहनने की इच्छा रखने वाले हर व्यक्ति के लिए इन्हें सुलभ बनाती है।

इन लेंस के कई अलग-अलग प्रकार हैं -

  • डेली डिस्पोजेबल - इनका उपयोग केवल एक बार किया जाता है और फिर फेंक दिया जाता है।
  • टू वीकली डिस्पोजेबल - ये लेंस दो हफ्ते तक पहने जा सकते हैं और फिरफेंखने पड़ते हैं।
  • मंथली डिस्पोजेबल - ये लेंस एक महीने तक पहने जा सकते हैं और उसके बाद बदलना पड़ता है।
  • एक्सटेंडेड वियर - लेंस तकनीक के सबसे आधुनिक प्रयोग है ह्यड्रोजेल से बने ये लेंस। ये लेंस अधिक आरामदायक होते हैं और लंबे समय तक पहने जा सकते हैं क्योंकि इनसे आंखों को ऑक्सीजन लेने में परेशानी सबसे कम होती है।

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2. गैस परमेयबल कॉन्टेक्ट लेंस
इन्हें कभी-कभी हार्ड लेंस या जीपी लेंस भी कहा जाता है। इन लेंस में पानी नहीं होता किंतु फिर भी ये आरामदायक होते हैं। ये लेंस लंबे समय तक बहुत उपयोग किये जाते रहे हैं हालाँकि अब इनका उपयोग कम हो गया है लेकिन फिर भी कुछ परेशानियों के लिए अब भी इनका उपयोग किया जाता है।

सॉफ्ट लेंस की तुलना में ये अधिक चलते हैं और लंबे समय तक पहने जा सकते हैं। अधिकांशतः इनको रोज पहना जाता है और 6 माह या एक वर्ष में इनको बदला जाता हैं।

3. रंगीन कांटेक्ट लेंस
रंगीन लेंस सॉफ्ट लेंस होते हैं जो रोज या महीने में बदले जा सकते हैं। ये आपकी आंखों का रंग बदल देते हैं। ये लेंस उन लोगों द्वारा भी पहने जाते हैं जिनको लेंस की कोई जरुरत नहीं है। अगर आपको सिर्फ फैशन के लिए लेंस का उपयोग करना है तो 0.00 नंबर या प्लेन लेंस ख़रीदें।

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कांटेक्ट लेंस पहनने और निकालने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें -

कांटेक्ट लेंस पहनने के चरण

  • साबुन से अपने हाथ धो कर साफ तौलिया ले और हाथ सुखा लें।
  • लेंस से गंदगी हटाने के लिए उन्हें सॉल्यूशन में धो लें। अगर लेंस नए हैं तो यह चरण छोड़ सकते हैं।
  • लेंस के मिक्स होने से बचने के लिए हमेशा पहले अपनी सीधी आंख में लेंस पहने।
  • अब लेंस को अपनी तर्जनी अंगुली के ऊपर रखें।
  • यह ध्यान दे की लेंस उल्टा न हो।
  • अपने दूसरे हाथ से आंख की पलकों को पकड़ कर रखे ताकि आपकी आंख खुली रहे।
  • अपने लेंस वाले हाथ की खाली अंगुली से निचली पलक को थोड़ा नीचे खींचें।
  • ऊपर देखते हुए लेंस को तर्जनी अंगुली से अपनी आंख की पुतली के नीचे रखें।
  • अब धीरे-धीरे अपने हाथ को पलकों से हटा कर आंख को एक क्षण के लिए बंद कर लें।
  • आंख सामान्य रूप से झपकाए जिससे लेंस पुतली पर खिसक जाए।
  • अगर लेंस असुविधाजनक लगते हैं या परेशानी होती है तो बाहर निकाल कर लेंस गंदे या क्षतिग्रस्त तो नहीं है, जाँच लें। अगर गंदे है तो सॉल्यूशन से साफ कर लें और अगर क्षतिग्रस्त हैं तो उन्हें फेंक दें।

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कांटेक्ट लेंस उतारने के चरण

  • साबुन से अपने हाथ धो कर साफ तौलिया ले और हाथ सूखा लें।
  • ऊपर देखते हुए अपनी आंख की निचली पलक को नीचे खींचें और अपनी तर्जनी अंगुली से लेंस की निचली सतह को छुए और आंख की पुतली के निचे सफ़ेद भाग में खिसकाएं।
  • अपने अंगूठे और तर्जनी अंगुली से पकड़ कर लेंस को बाहर निकाल लें। यही प्रक्रिया दूसरे लेंस को निकालने में भी दोहराएं।

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जब बात दृष्टि दोष को सही करने की आती है तो कांटेक्ट लेंस आपको हमेशा सक्रिय रहने की आजादी देते हैं और एक नया और आकर्षक लुक प्रदान करते हैं। आप जहाँ भी देखते हैं आपकी आंखों के साथ घूमते हुए कांटेक्ट लेंस विस्तृत रूप से केंद्रित दृष्टि प्रदान करते हैं। इससे आपको निम्नलिखित लाभ होते हैं -

  • आप कम प्रकाश में भी साफ़ देख पाते हैं।
  • चश्मे के साथ होने वाली रिफ्लेक्शन और गड़बड़ लेंस के साथ नहीं होती।
  • आंख के अंदर होने के कारण वे आपको साफ देखने में मदद करते हैं चाहे मौसम कोई भी हो।
  • जब आप किसी गर्म जगह पर जाते है तो उनमें चश्मे की तरह भाप नहीं लगती।
  • लेंस अधिक हल्के और कम बाधा पहुँचाने वाले होते हैं।
  • उनके गिरने और टूटने का डर भी नहीं रहता।
  • वे न तो नाक को चुभते हैं और न ही कानों को रगड़ लगती है।
  • उनके कारण खेलने में भी कोई परेशानी नहीं होती।
  • एक बार आंख में लगाने के बाद आपको उनके खो जाने का डर नहीं रहता।
  • वे आपको एक प्राकृतिक लुक प्रदान करते हैं।
  • आप नई फैशन के बिना नंबर वाले सन ग्लास पहन सकते हैं।
  • वे आपकी आंखों के मेकअप को भी चश्मे की तरह छुपाते नहीं हैं, इत्यादि। (और पढ़े - मेकअप टिप्स इन हिंदी)

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हमारी आंखों को सही तरह से काम करने के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। लेकिन अधिक लंबे समय तक लेंस पहने रखने से ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है और आपको कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं -

अगर आप लेंस अधिक पहनने के कारण ऊपर लिखें हुए किसी भी लक्षण से परेशान हैं तो अपने आंखों के डॉक्टर के पास जाएं।

आंखों के लेंस का प्राइस लगभग 250 रुपये से शुरू होता है और 2,100 रुपये तक हो सकता है। कॉन्टेक्ट लेंस लेंस की कीमत उसके ब्रांड और प्रकार पर निर्भर करती है। बाजार में कई प्रकार की कंपनियों के लेंस उपलब्ध हैं। आप अपने डॉक्टर से सलाह लेने के बाद अपने बजट के हिसाब से लेंस खरीद सकते हैं।

नोट - ये लेख केवल जानकारी के लिए है। myUpchar किसी भी सूरत में किसी भी तरह की चिकित्सा की सलाह नहीं दे रहा है। आपके लिए कौन सी चिकित्सा सही है, इसके बारे में अपने डॉक्टर से बात करके ही निर्णय लें।

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