दैनिक जीवन में पुदीने की कई प्रजातियों का उपयोग किया जाता है। पुदीना कुदरती रूप से कई ऐसे पोषक तत्वों से परिपूर्ण होता है जो हमारे शरीर के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है। पुदीने की एक ऐसी ही प्रजाति है- स्पीयरमिंट। इसे पहाड़ी पुदीने के नाम से भी जाना जाता है।

स्पियरमिंट का वैज्ञानिक नाम मेंथा स्पाइकाटा है, यह देखने में पिपरमिंट की तरह ही होता है। यह एक बारहमासी पौधा है जो मुख्य रूप से यूरोप और एशिया में सबसे ज्यादा उगाया जाता है। स्पियरमिंट चूंकि कई सारे गुणों से संपन्न है, ऐसे में इसकी मांग दुनियाभर में हाल के वर्षों में तेजी से बढ़ी है। स्पीयरमिंट का स्वाद थोड़ा मीठा होता है। इसका इस्तेमाल अक्सर टूथपेस्ट, माउथवॉश, च्युइंग गम और कैंडी को फ्लेवर देने के लिए किया जाता है। स्पीयरमिंट का कई प्रकार से उपयोग किया जाता है। कुछ स्थानों पर पहाड़ी पुदीने की चाय काफी पसंद की जाती है। यह न सिर्फ स्वाद को बढ़ाने में मददगार है साथ ही स्वास्थ्य के विभिन्न लाभों से भरपूर भी है।

स्पीयरमिंट में विटामिन, एंटीऑक्सिडेंट और कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसकी खुशबू पिपरमिंट की तरह ही होती है, लेकिन तुलनात्मक रूप से स्पीयरमिंट में मेन्थॉल की मात्रा कम होती है। इसमें लिमोनेन, डायहाइड्रोकार्वोन और सिनोयल प्रचुर मात्रा में पाई जाती है।

इस लेख में हम आपको स्पीयरमिंट के उपयोग और इसके फायदों के बारे में बताएंगे।

  1. स्पीयरमिंट में मौजूद पोषक तत्व - Nutrition se bharpoor hota hai Spearmint
  2. पहाड़ी पुदीने के सेवन से होने वाले फायदे - Spearmint se kya kya laabh ho sakte hai
  3. पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करने में सहायक है स्पीयरमिंट - Digestive Upsets ko theek karne me sahayak hai Spearmint
  4. याददाश्त को सुधारने के लिए करें स्पीयरमिंट का सेवन - Memory ko kare strong Spearmint se
  5. बैक्टीरिया के संक्रमण से बचा सकता है स्पीयरमिंट - Bacterial Infections se ladne me prbhavi hai Spearmint
  6. स्पीयरमिंट के साइड इफेक्ट्स - Kya Spearmint se Side effects ho sakte hai?

स्पीयरमिंट को स्वास्थ्य का खजाना कहा जा सकता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर के लिए बहुत आवश्यक होते हैं। 100 ग्राम ताजी स्पीयरमिंट की पत्तियों से निम्न पोषक तत्व प्राप्त किए जा सकते हैं।

  • कैलोरी - 44
  • कार्बोहाइड्रेट - 8.41 ग्राम
  • वसा - 0.73 ग्राम
  • प्रोटीन - 3.29 ग्राम
  • आयरन - 11.87 मिलीग्राम
  • मैंगनीज - 1.118 मिलीग्राम
  • कॉपर - 0.240 मिलीग्राम
  • पोटेशियम - 458 मिलीग्राम
  • राइबोफ्लेविन - 0.175 मिलीग्राम
  • पायरीडॉक्सिन— 0.175 मिलीग्राम
  • विटामिन सी - 13.3 मिलीग्राम
  • पेंटोथेनिक एसिड (विटामिन बी 5) - 0.061 मिलीग्राम
  • विटामिन बी6 - 0.041 मिलीग्राम
  • फोलेट (विटामिन बी 9)- 3 माइक्रोग्राम
  • विटामिन सी - 4.6 मिलीग्राम

स्वास्थ्य के लिए उपरोक्त सभी पोषक तत्व आवश्यक होते हैं। स्पीयरमिंट से इन्हें आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।

पहाड़ी पुदीने का सेवन स्वास्थ्य के लिए कई प्रकार से लाभदायक हो सकता है। कुछ लोग मतली, अपच, गैस, सिरदर्द, दांत दर्द, ऐंठन और गले में खराश के लक्षणों को कम करने के लिए भी इसका उपयोग करते हैं। साइटोथेरेपी रिसर्च में प्रकाशित शोध के मुताबिक 5 दिनों तक प्रतिदिन दो कप पहाड़ी पुदीने की चाय पीने से महिलाओं में एण्ड्रोजन हार्मोन के स्तर को कम किया जा सकता है, जिससे अनचाहे बालों की समस्या दूर हो सकती है।

पहाड़ी पुदीने से स्वास्थ्य संबंधी निम्न लाभ भी प्राप्त किए जा सकते हैं।

स्पीयरमिंट का उपयोग आमतौर पर अपच, मतली, उल्टी और गैस के लक्षणों को दूर करने में किया जाता है। इसमें स्वाभाविक रूप से पाया जाने वाला यौगिक (-)- कार्वोन, पाचन तंत्र में मांसपेशियों के संकुचन को रोकता है। इससे स्पष्ट होता है कि यह पाचन की समस्याओं को दूर करने में सहायक हो सकता है।

इसी प्रभाव को समझने के लिए इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम से पीड़ित कुछ लोगों पर अध्ययन किया गया। इसमें एक समूह में लोगों को लोपरामाइड के साथ स्पीयरमिंट, लेमन बाम और धनिया दिया गया। परिणामस्वरूप पाया गया कि जिन लोगों ने स्पीयरमिंट युक्त सप्लीमेंट का सेवन किया उनमें पेट दर्द, बेचैनी और पेट फूलने की समस्या कम देखी गई।

कई अध्ययनों से स्पष्ट होता है कि स्पीयरमिंट का सेवन याददाश्त को सुधारने में भी सहायक हो सकता है। चूहों पर किए गए अध्ययन में इसके सुखद परिणाम देखने को मिले हैं। अध्ययन के दौरान चूहों को स्पीयरमिंट का अर्क दिया गया। परिणामस्वरूप पाया गया कि इसके प्रभाव से चूहों में याददाश्त की शक्ति में सुधार आया।

इसके अलावा इंसनों के संदर्भ में पाया गया कि मिंट फ्लेवर वाले च्यूंगम चबाने से याददाश्त में सुधार हो सकता है। हालां​कि, बाद के अध्ययनों में इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।

एक अन्य अध्ययन में एक याददाश्त की समस्या से परेशान वयस्कों को दैनिक रूप से सप्लीमेंट दिए गए, जिनमें स्पीयरमिंट अर्क की मात्रा 900 मिलीग्राम थी। इसके प्रभावों में पाया गया कि युवाओं में याददाश्त की समस्या में 15 फीसदी के करीब का सुधार आया।

टूथपेस्ट, च्यूंगम और सां​सों की बदबू दूर करने वाले लिक्विडों में फ्लेवर के रूप में स्पीयरमेंट का उपयोग किया जाता रहा है। लेकिन सांसों को ताजगी देने के अलावा यह कई प्रकार के संक्रमण के खतरे से भी आपके मसूड़ों और मुंह को सुरक्षा दे सकता है। इसमें जीवाणुरोधी और रोगाणुरोधी गुण होते हैं, जो आपके मुंह में बैक्टीरिया को मारने में मदद कर सकते हैं।

अध्ययनों में पाया गया है कि कई प्रकार के हानिकारक जीवाणुओं से मुंह को सुरक्षा देने में स्पीयरमिंट का तेल काफी उपयोगी है। इसके अतिरिक्त ई कोलाई और लिस्टेरिया जैसे बैक्टीरिया जो खाद्य जनित बीमारियों का कारण हो सकते हैं, उनके खिलाफ भी स्पीयरमिंट खासा प्रभावी होता है।

स्पीयरमिंट का सेवन आमतौर पर नुकसानदायक नहीं होता है। हालांकि, गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान इसका अधिक मात्रा में सेवन करना असुरक्षित हो सकता है। चूंकि, गर्भावस्था के दौरान इसके उपयोग संबंधी पर्याप्त शोध उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए विशेषज्ञों का कहना है कि दन दोनों परिस्थितियों में स्पीयरमिंट का सेवन नहीं करना चाहिए।

स्पीयरमिंट के अर्क से कुछ लोगों में किडनी और लिवर डैमेज का भी खतरा रहता है। इससे साफ होता है कि आप जितनी अधिक मात्रा में इसका सेवन करेंगे, नुकसान उतना अधिक होगा। ऐसे में इसके सेवन से पहले चिकित्सक से सलाह लेना उचित रहता है।

कुछ शोध बताते हैं कि स्पीयरमिंट अर्क से कुछ लोगों को एलर्जी की समस्या भी हो सकती है। त्वचा पर सीधे स्पीयरमिंट अर्क लगाने से यह दिक्कत हो सकती है। त्वचा पर इसके उपयोग से पहले इसमें नारियल या बादाम के तेल मिला लें, जिससे इसके प्रभाव को कम किया जा सके।


उत्पाद या दवाइयाँ जिनमें स्‍पियरमिंट (पहाड़ी पुदीना) है

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