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हम अपने दांतों को दिन में एक या दो बार ब्रश से साफ़ ज़रूर करते हैं। असल में, एक परफेक्ट मुस्कान के लिए सुबह और शाम सिर्फ दांतों को ब्रश करना पर्याप्त नहीं है। आज हम आपको वो 8 प्रमुख गलतियां बताने वाले हैं जो आप दांतों को ख्याल रखने में करते हैं। साथ ही हम ऐसे समाधान भी बताएंगे जिनके इस्तेमाल से आप कई आरसे तक एक स्वस्थ और सुंदर स्माइल रख पाएंगे।

 (और पढ़ें - दांतों में कीड़े)

  1. अपने बच्चों को दांतों की देखभाल करना नहीं सिखाते - We don't teach our children to take care of their teeth in Hindi
  2. हम खाने को दोनों तरफ के दांतों से नहीं चबाते - We don't chew food on both sides of the mouth in Hindi
  3. हमें लगता है कि ब्रेसेस सिर्फ बच्चों के लिए होते हैं - We think we're too old to wear braces in Hindi
  4. हम दांतों की सफाई नहीं करवाते - We don't get out teeth cleaned in Hindi
  5. हम मसूड़ों का ध्यान नहीं रखते - We don't take care of the gums in Hindi
  6. दांतों को साफ़ करने के लिए अन्य उत्पादों का इस्तेमाल नहीं करते - We don't use other teeth cleaning products in Hindi
  7. अपने खानपान का ध्यान नहीं रखते - We don't pay attention to what we eat in Hindi
  8. हम ज़्यादा रगडकर दांत साफ़ करते हैं - We press the toothbrush too hard when brushing teeth in Hindi
  9. बोनस: पुराने टूथब्रश का अनेक कामों के लिए करें प्रयोग - Bonus: Tips to make use of your old toothbrush in Hindi

कुछ माता-पिता का सोचना होता है कि दूध के दांतों की उचित देखभाल करने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि वे अस्थायी होते हैं। बच्चों को सिखाएं की ब्रश हमेशा 3 मिनट तक कम से कम ज़रूर करना चाहिए और ब्रश को ऊपर नीचे दाएं बाएं सब तरफ से घुमाना चाहिए।

बच्चों के दांतों का इनेमल व्यस्क लोगों के मुकाबले ज़्यादा मजबूत नहीं होती। और उनके दाढ़ की गहराई ज़्यादा होने की वजह से फसा खाना ब्रश से निकालना बहुत मुश्किल हो जाता है। इससे उनके दांतों में कीड़ा लगना, दर्द होना आदि समस्याएं शुरू हो जाती हैं। अपने बच्चे को ध्यानपूर्वक ब्रश करना सिखाएं जिससे इस तरह की परेशानी उन्हें झेलनी न पड़े।

(और पढ़ें - बच्चों के लिए दांतों में कैविटी से बचने के उपाय)

चबाने की प्रक्रिया में सेल्फ क्लींजिंग के गुण मौजूद होते हैं। अगर आप एक ही तरफ से चबाते हैं तो इससे आपको कैविटी की समस्या हो सकती है और जिस तरफ के दांतों को आप चबाने के लिए इस्तेमाल नहीं करते, उस तरफ के दांत ख़राब हो सकते हैं। इसके अलावा आप जिस तरफ से ज़्यादातर चबाते हैं वहां की मांसपेशिया मजबूत और मोटी हो सकती है। इससे चेहरे के दोनों तरफ की मांसपेशियां में फरक आ जायेगा और दांतो में दर्द और सुनने से संबंधित परेशानियां उत्पन्न होने लगेंगी।

खाना खाते समय कही और न ध्यान देते हुए हमेशा खाने पर ध्यान दें। और खाने को हमेशा दोनों तरफ से चबाने की आदत डालें। ठोस खाना खाना न भूलें जैसे फल और सब्ज़ी। इससे आपके दांतों को और भी ज़्यादा मजबूत होने में मदद मिलेगी।

(और पढ़ें - अगर ये खाएँगे तो दाँत प्राकृतिक रूप से सफेद हो जाएँगे)

बहुत से लोगों का मानना है कि वे अपने असामान्य दांतों को सीधा सिर्फ और सिर्फ किशोरावस्था में ही सही करवा सकते हैं। जब वे बड़े हो जाते हैं तो उनका मानना होता है कि अब उनके दांतों को ठीक कराने की अवधि निकल चुकी है। लेकिन यह अवधारणा बिलकुल गलत है। अगर आपके दांतों की बनावट सही नहीं है तो इससे आपके दांत और भी ज़्यादा ख़राब और कैविटी से ग्रस्त हो सकते हैं।

अगर आप सामान्य ब्रेसेस लगवाने में शर्म महसूस करते हैं तो आप इनविजिबल ब्रेसेस का भी इस्तेमाल कर सकते हैं जो दांतों के पीछे लगाएं जाते हैं। अपने दांतों को स्वस्थ और अच्छा दिखाने के लिए ऑर्थोडोन्टिस्ट के पास ज़रूर जाएँ।

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दांतों का मैल, सलाइवा और खाद्य पदार्थों में मौजूद खनिजों का एक कठोर उत्पाद होता है जो दाँत के चारों ओर जमा हो जाता है। यह पीले और भूरे रंग का होता है जिसे दांतों से हटाना बहुत मुश्किल होता है। डेंटल प्लाक, मैल और दांतों के आसपास की हड्डी की सूजन पेरियोडोंटल बिमारी का कारण बनती हैं। दांतों में जमा मैल एकदम कठोर हो जाता है जिसे सिर्फ और सिर्फ डेंटिस्ट या डेंटल हाईजेनिस्ट के विशेष उपकरणों की मदद से ठीक किया जा सकता है। साल में एक बार अपने दांतों की सफाई ज़रूर करवानी चाहिए। इसके साथ ही आपके दांतों का डॉक्टर आपको दांतों से संबंधित उचित सलाह भी देने में मदद करेगा।

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अगर आपके मसूड़े कमज़ोर हैं और अगर उनमे रक्त की आपूर्ति ठीक प्रकार से नहीं हो पा रही है तो यह पेरिओडोन्टाइटिस का कारण बन सकता है। इस बिमारी में, आपके मसूड़ों से खून निकलता है, मसूड़े में सूजन और कोमलता या मसूड़े मजबूत नहीं रहते जिसकी वजह से आपके दांत कमज़ोर पड़ने लगते हैं। मसूड़ों को मजबूत बनाने के लिए आप अपने टूथबर्श से उनपर मसाज करें और अपनी एक ऊँगली को धीरे धीरे मसूड़ों पर घुमाएं। ठोस पदार्थ का खाना खाएं और इसे धीरे धीरे चबाएं। आप शाहबलूत की छाल, सेज टी (एक प्रकार की सुगन्धित वनस्पति) या नमक के पानी से भी कुल्ला कर सकते हैं।

 

इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि आपके टूथब्रश के बाल कितने मजबूत हैं क्योंकि वे तब भी आपके दांतों को पूरी तरह से साफ़ नहीं कर सकते। इसी लिए ज़रूरी है कि आप अपने दांतों के बीच के गैप को डेंटल फ्लॉस से साफ़ करें। अगर आपके दांतों में गैप काफी ज़्यादा ज़्यादा है तो आप डेंटल फ्लॉस की जगह "इंटरडेंटल ब्रश" का इस्तेमाल कर सकते हैं।

जीवाणुओं का सफाया करने के लिए मुँह को माउथवाश से साफ़ ज़रूर करें।

इसके अलावा आप ओरल इर्रिगेटर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। यह आपके दांतों और मसूड़ों के लिए एक शावर की तरह होता है जिसका इस्तेमाल रोज़ ब्रश के बाद किया जाता है। ओरल इर्रिगेटर से एक पानी की पतली धारा निकलती है जो आपकी जीभ, दांतों के बीच के गैप और मसूड़ों का मसाज करने में मदद करता है।

ये तो हम सभी जानते हैं कि मीठी चीज़े खाने से कैविटी हो सकती है। हालाँकि दांतों को स्वस्थ रखने के लिए हमें कैल्शियम, फास्फोरस और फ्लोरीन से समृद्ध खाद्य पदार्थ खाने चाहिए। नीचे हमने कुछ सुझाव दिए हैं –

कैल्शियम वाले खाद्य पदार्थ

  1. दूध से बने उत्पाद। (और पढ़ें - दूध के फायदे और नुकसान)
  2. फल और सब्जी
  3. मछली। (और पढ़ें - मछली खाने के लाभ और नुकसान)
  4. फलियां। (और पढ़ें - ग्वार फली के फायदे)

फॉस्फोरस वाले खाद्य पदार्थ -

  1. मछली।
  2. अनाज
  3. नट्स
  4. मसूर की दाल। (और पढ़ें - मसूर दाल के फायदे)

हम आम तौर पर रोज़ाना पानी के साथ फ्लोरीन की आवश्यक मात्रा प्राप्त करते हैं। हालाँकि अगर आपके क्षेत्र के पानी में फ्लोरिन की मात्रा कम पायी जाती है तो उसकी आपूर्ति के लिए दूध, नमक आदि का सेवन कर सकते हैं।

जब हम दांत साफ़ करते हुए ब्रश को तेज़ी से रगड़ते हैं तो उसके बाल नीचे या ऊपर की तरफ घूम जाते हैं जिस वजह से आपके दांत अच्छे से साफ़ नहीं हो पाते। इससे आपके मसूड़े भी खराब हो सकते हैं। इसलिए दांतों को ब्रश से आराम आराम से साफ़ करें।

डेंटिस्ट हमेशा ब्रश को 3-4 महीने में बदलने की सलाह देते हैं। लेकिन आप अपना टूथब्रश इस्तेमाल करने के बाद ऐसे डस्टबिन न फेकें क्योंकि इससे जुड़ें हुए कई लाभ भी मौजूद हैं जैसे -

  1. अपने पुराने टूथब्रश से अपने होठों को रगड़ें और मसाज करें।
  2. अपने नाख़ून साफ़ कर सकते हैं।
  3. अपनी आइब्रो को पुराने ब्रश से डाई कर सकते हैं।
  4. भुट्टे के रेशे हटाने में और नए आलू के छिलकों को हटाने में आप पुराने ब्रश का उपयोग कर सकते हैं।
  5. पुराने टूथब्रश का इस्तेमाल आप जूतों, कीबोर्ड, टाइल और अन्य जगह जहां पहुंचना आपके लिए मुश्किल होता है।
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