myUpchar प्लस+ सदस्य बनें और करें पूरे परिवार के स्वास्थ्य खर्च पर भारी बचत,केवल Rs 99 में -

ग्वार फली या क्लस्टर बीन एक वार्षिक फली है। ग्वार फली का वैज्ञानिक नाम सोफोकार्पस टेट्रागोनोलोबस (Cyamopsis tetragonolobus) है। ग्वार फली का उपयोग हरी बीन की तरह किया जा सकता है, लेकिन फिर भी ग्वार गोँद के मूल स्रोत के रूप में इसका अधिक उपयोग किया जाता है। इस 'ग्वार गम' का उपयोग अनेक उत्पादों में होता है। यह एक बेहद लोकप्रिय सब्जी है। इसकी खेती सबसे पहले भारत में की गई थी। और इसलिए मोटे तौर पर आंध्र प्रदेश में ही नहीं, बल्कि देश के अन्य क्षेत्रों (गर्म और शुष्क क्षेत्र) में भी बड़े पैमाने पर उगाई जाती है।

इसमें आमतौर पर प्रोटीन, घुलनशील फाइबर पाया जाता है। इसमें कई महत्वपूर्ण विटामिन शामिल हैं जैसे विटामिन के, विटामिन सी, विटामिन ए, फॉलीएट्स और कार्बोहाइड्रेट के साथ प्रचुर मात्रा में खनिज, फास्फोरस, कैल्शियम, लोहे और वसा के साथ पोटेशियम आदि भी पाया जाता है।

  1. ग्वार फली के फायदे - Gawar Phali ke Fayde in Hindi
  2. ग्वार फली के नुकसान - Gawar Phali ke Nuksan in Hindi

100 ग्राम ग्वार फली में 15 किलो कैलोरी होती है। यह विशेष सब्जी कैलोरी में कम है लेकिन फिर भी यह पोषण का एक ऊर्जा घर है जिसमें आहार फाइबर के साथ प्रोटीन, खनिज और विटामिन प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। कम कैलोरी और वसा के साथ उच्च प्रोटीन के साथ-साथ फाइबर का मिश्रण हृदय स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। तो आइये जानते हैं क्लस्टर बीन्स के कुछ स्वास्थ्य लाभों के बारे में -

  1. ग्वार फली के फायदे एनीमिया के लिए - Gawar Beans Benefits for Anemia in Hindi
  2. शुगर (मधुमेह) के लिए क्लस्टर बीन्स - Cluster Beans for Diabetics in Hindi
  3. ग्वार की फली के फायदे रखें दिल को स्वस्थ - Guar Beans Benefits for Cardio Health in Hindi
  4. ग्वार फली के लाभ हड्डियों को मजबूत करने के लिए - Gawar Phali Benefits for Strong Bone in Hindi
  5. ग्वार फली का उपयोग करे रक्त परिसंचरण को बेहतर - Cluster Beans Good for Blood Circulation in Hindi
  6. ग्वार के गुण हैं गर्भावस्था के दौरान लाभकारी - Cluster Beans Good During Pregnancy in Hindi
  7. हाई बीपी (उच्च रक्तचाप) को नियंत्रित करें क्लस्टर बीन्स - Cluster Beans Manage Blood Pressure in Hindi
  8. ग्वार फली करें आंत्र समस्याओं में मदद - Cluster Beans for Bowel Movement in Hindi
  9. मस्तिष्क के लिए गुणकारी हैं ग्वार फली - Gawar Phali ke Fayde for brain in Hindi

ग्वार फली के फायदे एनीमिया के लिए - Gawar Beans Benefits for Anemia in Hindi

एनीमिया की संभावना को कम करने के लिए आयरन एक घुलनशील और शोषक (bsorbable) रूप में होना चाहिए। ग्वार लोहे का महत्वपूर्ण स्रोत है और आपके शरीर में सबसे घुलनशील रूप में लोहे को अवशोषित करने में मदद करता है। (और पढ़ें – रागी के व्यंजन एनीमिया के लिए हैं उत्कृष्ट)

शुगर (मधुमेह) के लिए क्लस्टर बीन्स - Cluster Beans for Diabetics in Hindi

क्लस्टर बीन्स में गैलिंकोट्रिएन्ट (gylconutrients) होते हैं जो रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में सहायता करते हैं। ये बीन्स ग्लाइसेमिक इंडेक्स में कम हैं और इसलिए जब आप इनका सेवन खाने करते हैं तो ये रक्त शर्करा के स्तर में तेजी से उतार-चढ़ाव नहीं करते हैं। यदि आपको शुगर (मधुमेह) है, तो इन बीन्स को अपने आहार में शामिल करना सबसे अच्छा होगा।

ग्वार की फली के फायदे रखें दिल को स्वस्थ - Guar Beans Benefits for Cardio Health in Hindi

क्लस्टर बीन्स को अपने दैनिक आहार में शामिल करना सबसे होता है क्योंकि ये दिल को स्वस्थ रखने वाले भोजन के रूप में काम करता है। यह रक्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम करने में फायदेमंद है। दिल से जुड़ी बीमारियों की रक्षा के अतिरिक्त यह पोटेशियम, फाइबर और फोलिएट से परिपूर्ण हैं। (और पढ़ें - कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए क्या खाएं)

ग्वार फली के लाभ हड्डियों को मजबूत करने के लिए - Gawar Phali Benefits for Strong Bone in Hindi

यहां तक कि ग्वार फली में मौजूद फॉस्फोरस और कैल्शियम के अस्तित्व का लाभ, हड्डियों को मजबूत करने के साथ साथ हड्डियों के स्वास्थ्य को भी बढ़ाते हैं। (और पढ़ें - हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए जूस रेसिपी)

ग्वार फली का उपयोग करे रक्त परिसंचरण को बेहतर - Cluster Beans Good for Blood Circulation in Hindi

आयरन की उपस्थिति लाल रक्त कोशिकाओं के भीतर हीमोग्लोबिन सामग्री को बढ़ाती है और खून की ऑक्सीजन की खपत की क्षमता को बढ़ाता है, इसलिए यह बेहतर रक्त परिसंचरण के लिए बहुत अच्छे आहार के रूप में कार्य करते हैं। 

ग्वार के गुण हैं गर्भावस्था के दौरान लाभकारी - Cluster Beans Good During Pregnancy in Hindi

क्लस्टर बीन्स गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत अच्छा साबित हुआ है क्योंकि इसमें फोलिक एसिड प्रचुर मात्रा में होता है। फोलिक एसिड की कमी गर्भावस्था में कई जन्म समस्याओं के लिए एक कारण हो सकता है। ग्वार फली महिलाओं में लोहा और कैल्शियम की कमी को संतोषजनक बनाने में भी मदद करते हैं।

(और पढ़ें - प्रेगनेंसी में पेट दर्द करना और लड़का होने के लिए उपाय से जुड़े मिथक)

गर्भ में भ्रूण के लिए क्लस्टर सेम में पाया जाने वाला विटामिन K बहुत ही महत्वपूर्ण है। यह भ्रूण के सामान्य विकास को प्रेरित करने और किसी भी जन्म संबंधी जटिलता को कम करने में मदद करता है। इसलिए, गर्भवती महिलाओं के आहार में क्लस्टर सेम को शामिल करने की सिफारिश की जाती है। 

(और पढ़ें - दूध पिलाने वाली मां को खाना क्या चाहिए)

हाई बीपी (उच्च रक्तचाप) को नियंत्रित करें क्लस्टर बीन्स - Cluster Beans Manage Blood Pressure in Hindi

ग्वार फली में के हाइपोग्लाइसेमिक और हाइपोलाइपिडेमिक गुण होते हैं जो उन्हें उच्च रक्तचाप से ग्रस्त लोगों के लिए सबसे अच्छी प्राकृतिक सहायता प्रदान करते हैं। मधुमेह और हृदय रोग जैसे रोग उच्च रक्तचाप के खतरे को बढ़ाते हैं, इन मिश्रित यौगिकों का संयुक्त प्रभाव आपके हाई बीपी (उच्च रक्तचाप) के दबाव स्तरों को नियंत्रित करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

ग्वार फली करें आंत्र समस्याओं में मदद - Cluster Beans for Bowel Movement in Hindi

ग्वार फली में रेचक गुण भी होते हैं और जिनसे विभिन्न आंत्र समस्याओं से बचने में मदद मिलती है। यह पेट के कार्यों को बढ़ाता है जिसके बदले में पेट आपके पूरे शरीर के उचित कार्यों को बढ़ाने में मदद करता है। यह आँतों के कार्यों के दौरान संचित जहरीले और खतरनाक पदार्थों को बाहर निकालने में भी मदद करता है। 

(और पढ़ें - ब्राउन राइस बेनिफिट्स हैं मल त्याग क्रिया को नियमित करने में)

मस्तिष्क के लिए गुणकारी हैं ग्वार फली - Gawar Phali ke Fayde for brain in Hindi

ग्वार फली में मौजूद हाइपोग्लाइसेमिक गुण मस्तिष्क तंत्रिकाओं को सुखदायक बनाने में सहायक होते हैं। इस विशेष कारण के कारण, यह तनाव और चिंता से पीड़ित लोगों को देने की सलाह दी जाती है। 

(और पढ़ें - दिमाग तेज करने के घरेलू उपाय)

  1. कुछ ओवर-द-काउंटर उत्पादों में ग्वार गम के सूखे ग्रैन्यूल होते हैं। इस रूप में, ग्वार गम इतने पानी को अवशोषित करता है कि यह सामान्य आकार से 20 गुना बड़ा हो सकता है। फिर यह अन्नप्रणाली या छोटी आंत में फंस सकता है।
  2. ग्वार गम की बड़ी खुराक दवाओं और खनिजों के अवशोषण के साथ हस्तक्षेप कर सकती है। यदि आप एसिटामिनोफेन या प्रेसक्राइब्ड दवाएं लेते हैं, खासकर जो मधुमेह और हृदय रोग का इलाज करती है, तो अपने डॉक्टर से बात करें कि ग्वार गम की खुराक आपके लिए सुरक्षित है या नहीं।
  3. यह पाचन में भारी होती है। यह शीतल प्रकृति की और ठंडक देने वाली है इसलिए इसके अधिक सेवन से कफ की शिकायत हो सकती है।
  4. अत्यधिक फाइबर का उपभोग करने से जठरांत्र संबंधी समस्याएं आ सकती है, खासकर यदि आप फाइबर खाने के लिए प्रयोग नहीं करते हैं। इससे आप पेट में दर्द, मतली और दस्त का अनुभव कर सकते हैं।
और पढ़ें ...
ऐप पर पढ़ें
कोरोना मामले - भारतx

कोरोना मामले - भारत

CoronaVirus
219160 भारत
33अंडमान निकोबार
4223आंध्र प्रदेश
42अरुणाचल प्रदेश
1988असम
4493बिहार
301चंडीगढ़
756छत्तीसगढ़
12दादरा नगर हवेली
25004दिल्ली
166गोवा
18584गुजरात
3281हरियाणा
383हिमाचल प्रदेश
3142जम्मू-कश्मीर
793झारखंड
4320कर्नाटक
1588केरल
90लद्दाख
8762मध्य प्रदेश
77793महाराष्ट्र
124मणिपुर
33मेघालय
17मिजोरम
80नगालैंड
2478ओडिशा
82पुडुचेरी
2415पंजाब
9862राजस्थान
2सिक्किम
27256तमिलनाडु
3147तेलंगाना
644त्रिपुरा
1153उत्तराखंड
9237उत्तर प्रदेश
6876पश्चिम बंगाल

मैप देखें