यूवाइटिस - Uveitis in Hindi

Dr. Ajay Mohan (AIIMS)MBBS

July 12, 2017

April 13, 2021

कई बार आवाज़ आने में कुछ क्षण का विलम्ब हो सकता है!
यूवाइटिस
कई बार आवाज़ आने में कुछ क्षण का विलम्ब हो सकता है!

यूवाइटिस क्या है?

कोरियोरेटिनाइटिस आंख से संबंधित एक रोग है। इस रोग में आंख की बीच वाली परत में सूजन व लालिमा आ जाती है। इस परत को यूविया (Uvea) कहते हैं और इसी कारण से इस रोग को यूवाइटिस (Uveitis) के नाम से भी जाना जाता है। कोरियोरेटिनाइटिस या यूवाइटिस के सबसे आम प्रकार को आइरिटिस (Iritis) या एंटीरियर यूवाइटिस के नाम से जाना जाता है।

यूविया आमतौर पर आइरिस, कोरोइड और सिलिएरी से मिलकर बना होता है। इनमें कोरोइड रेटिना और स्क्लेरा के बीच में मौजूद होता है। कोरोराइड रेटिना की गहरी परतों तक रक्त पहुंचाने का काम करता है। यह एक दर्दनाक स्थिति हो सकती है हालांकि, बहुत ही कम मामलों में इससे गंभीर दर्द होता है। यूवाइटिस के गंभीर मामलों में मरीज को आंख से पानी आना व धुंधला दिखाई देने जैसी समस्याएं होने लगती हैं।

कोरियोरिटिनाइटिस आमतौर संक्रमण, चोट या किसी स्व-प्रतिरक्षित रोग के साइड इफेक्ट के रूप में विकसित होता है। कुछ अत्यधिक गंभीर मामलों में इससे मरीज की आंखों की रौशनी भी जा सकती है।

(और पढ़ें - आंखों संबंधी बीमारी के लक्षण)

यूवाइटिस के प्रकार - Types of Uveitis in Hindi

यूवाइटिस के कई अलग-अलग प्रकार हो सकते हैं। यूवाइटिस के प्रकार इस बात पर निर्भर करते हैं कि आंख के किस हिस्से में सूजन व लालिमा हुई है, जो इस प्रकार हैं -

  • एंटीरियर यूवाइटिस - इसमें आंख के अगले हिस्से में सूजन होती है।
  • इंटरमेडिएट यूवाइटिस - इसमें आंख के बीच वाले हिस्से में सूजन व लालिमा विकसित होती है।
  • पोस्टीरियर यूवाइटिस - इसमें आंख का पिछला हिस्सा अधिक प्रभावित होता है।
  • पैन-यूवाइटिस - यह सबसे गंभीर स्थित है, जिसमें आंख के सभी भाग प्रभावित हो जाते हैं।

यूवाइटिस के लक्षण - Uveitis Symptoms in Hindi

कोरियोरेटिनाइटिस के लक्षण मुख्य रूप से रोग के प्रकार और उसके अंदरूनी कारण पर निर्भर करते हैं। इसके लक्षण अचानक से विकसित होते हैं और तेजी से गंभीर होने लगते हैं। यूवाइटिस के कुछ मामलों में किसी प्रकार के लक्षण महसूस नहीं होते हैं, जबकि अन्य मामलों में निम्न लक्षण देखे जा सकते हैं -

  • देखने संबंधी समस्याएं होना, कम या धुंधला दिखाई देना
  • प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता
  • आकाश में विभिन्न आकृतियां दिखाई देना (जिन्हें फ्लोटर कहते हैं)
  • देखते समय धब्बे दिखाई देना
  • आंख में दर्द होना
  • आंखें लाल होना
  • आंखों से पानी आना
  • सिरदर्द होना
  • आंख के अंदर गांठ बनना
  • आइरिस के रंग में बदलाव हो जाना
  • आंख के सफेद हिस्से में लाल धारियां दिखाई देना

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

आंख शरीर के सबसे नाजुक अंगों में से एक है, यदि आपको आंख संबंधी किसी भी प्रकार की तकलीफ महसूस हो रही है, तो डॉक्टर से इस बारे में बात कर लेनी चाहिए। इसके अलावा यदि आपको ऊपरोक्त में से कोई भी लक्षण महसूस हो रहा है तो भी डॉक्टर से इस बारे में बात कर लेनी चाहिए, क्योंकि आंख संबंधी किसी भी समस्या की जांच करवाकर उसका इलाज करना बेहद आवश्यक होता है।

(और पढ़ें - सिरदर्द से छुटकारा पाने के उपाय)

यूवाइटिस के कारण - Uveitis Causes in Hindi

कोरियोरेटिनाइटिस के सटीक कारण का अभी तक पता नहीं चल पाया है। हालांकि, यह देखा गया है कि यह आमतौर पर स्वस्थ लोगों मे अधिक होता है। इसके अलावा कुछ विशेषज्ञों के अनुसार यह स्व-प्रतिरक्षित रोगों, संक्रमण और आंख में चोट लगने आदि के कारण होता है।

स्व-प्रतिरक्षित रोग आमतौर पर तब होता है, जब आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली आपके शरीर के किसी हिस्से को क्षति पहुंचाने लग जाती है। निम्न कुछ स्व-प्रतिरक्षित रोग बताए गए हैं, जो यूवाइटिस से संबंधित हो सकते हैं -

वायरस या बैक्टीरिया से होने वाले कुछ संक्रमण भी हैं, जो यूवाइटिस का कारण बन सकते हैं, इनमें आमतौर पर निम्न को शामिल किया गया है -

इसके अलावा कुछ अन्य संभावित कारण भी हैं, जो कुछ दुर्लभ मामलों में कोरियोरेटिनाइटिस का कारण बन सकते हैं। इनमें निम्न शामिल हैं -

(और पढ़ें - फंगल संक्रमण का घरलू उपाय)

यूवाइटिस का परीक्षण - Diagnosis of Uveitis in Hindi

यूवाइटिस का परीक्षण मुख्य रूप से नेत्र रोग विशेषज्ञ (ऑफ्थैल्मोलॉजिस्ट) डॉक्टर द्वारा किया जाता है। परीक्षण के दौरान डॉक्टर सबसे पहले आंख को करीब से देखते हैं, ताकि उसमें हए बदलावों का पता लगाया जा सके। इसके साथ ही मरीज से उसके स्वास्थ्य संबंधी पिछली जानकारी भी ली जाती है।

यूवाइटिस के प्रकार व उसके अंदरूनी कारण का पता लगाने के लिए डॉक्टर कुछ अन्य टेस्ट भी कर सकते हैं। इसमें आमतौर पर निम्न टेस्ट किए जाते हैं -

  • डायलेटेड प्युपिल एक्जाम
  • स्लिट-लैंप एक्जाम
  • ब्लड टेस्ट

यदि यूवाइटिस के अंदरूनी कारणों के बारे में कोई भी संकेत न मिल पाए तो ऑफ्थैल्मोलॉजिस्ट आपको किसी अन्य विशेषज्ञ डॉक्टर के पास भी भेज सकते हैं।

(और पढ़ें - आंख में खुजली का कारण)

यूवाइटिस का इलाज - Uveitis Treatment in Hindi

कोरियोरेटिनाइटिस का इलाज भी पूरी तरह से रोग के प्रकार व उसके अंदरूनी कारण के अनुसार किया जाता है। अधिकतर मामलो में यूवाइटिस का इलाज कुछ प्रकार की आई ड्रॉप दवाओं के साथ किया जाता है। हालांकि, यदि यह किसी अन्य अंदरूनी बीमारी के कारण हो रहा है, तो पहले उसका कारण बने वाले रोग का ही इलाज शुरू किया जाता है। जब कारण बनने वाला रोग ठीक हो जाता है, तो कोरियोरेटिनाइस के लक्षण भी धीरे-धीरे कंट्रोल होने लगते हैं और फिर दवाओं की मदद से लक्षणों को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाता है।

यूवाइटिस के इलाज का सबसे मुख्य लक्ष्य आंख में हुई सूजन व लालिमा को कम करना होता है। कुछ अन्य मामलों में यूवाइटिस का इलाज उसके प्रकार के अनुसार किया जाता है -

  • एंटीरियर यूवाइटिस या आइराइटिस के इलाज में मुख्य रूप से काले चश्मे, पुतली को फैलाने वाले आई ड्रॉप, दर्द निवारक दवाएं व ड्रॉप्स और सूजन को कम करने के लिए कुछ प्रकार के स्टेरॉयड आई ड्रॉप का इस्तेमाल किया जाता है।
  • पोस्टीरियर यूवाइटिस का इलाज करने के लिए मुख्य रूप से कुछ स्टेरॉयड दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है। ये दवाएं या तो खाने की टेबलेट के रूप में दी जाती हैं या फिर इनका इंजेक्शन आता है, जो आंख के आस-पास लगाया जाता है। संक्रमण या स्व-प्रतिरक्षित रोगों के मामलों में मरीज को किसी अन्य विशेषज्ञ डॉक्टर के पास रेफर किया जा सकता है। संक्रमण को एंटीबायोटिक या एंटी वायरल दवाओं से ठीक किया जाता है, जबकि स्व-प्रतिरक्षित रोगों के लिए प्रतिरक्षा प्रणाली की प्रतिक्रिया को कम करने वाली दवाएं दी जाती हैं।
  • इंटरमेडिएट यूवाइटिस का इलाज करने के लिए स्टेरॉयड दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है। ये दवाएं खाने की टेबलेट, इंजेक्शन और आई ड्रॉप के रूप में आती हैं। दर्द को कम करने के लिए कुछ अन्य दर्द निवारक दवाएं भी दी जा सकती हैं।
  • स्व-प्रतिरक्षित रोगों के कारण होने वाले कोरियोरेटिनाइटिस के लक्षण आमतौर पर गंभीर हो जाते हैं, उन्हें नियंत्रित करने के लिए आमतौर पर इम्यूनोसप्रेसेंट दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है। ये दवाएं प्रतिरक्षा प्रणाली को असमर्थ बना देती हैं, जिससे प्रतिरक्षा प्रणाली स्वस्थ ऊतकों व कोशिकाओं को क्षति नहीं पहुंचा पाती हैं। हालांकि, इन दवाओं से कुछ साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं, जिनके बारे मे डॉक्टर मरीज को पहले ही बता देते हैं।

कुछ अत्यंत गंभीर मामलों में डॉक्टर कोरियोरेटिनाइटिस का इलाज करने के लिए सर्जरी व अन्य प्रक्रियाओं का सहारा ले सकते हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं -

  • वायरेक्टॉमी -
    इस सर्जिकल प्रक्रिया की मदद से आंख के विटेरस को हटा दिया जाता है। हालांकि, इस प्रक्रिया का इस्तेमाल अत्यंत गंभीर मामलों में ही किया जाता है।
     
  • मेडिकेशन-रीलिजिंग इम्पलांट -
    जिन लोगों को पोस्टीरियर यूवाइटिस होता है, उनका इलाज करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में मेडिकेशन-रीलिजिंग इंप्लांट का सहारा लिया जाता है, इस प्रक्रिया में आंख में एक विशेष उपकरण लगा दिया जाता है। यह उपकरण धीरे-धीरे दो से तीन सालों तक आंख के प्रभावित हिस्सों में कोर्टिकोस्टेरॉयड दवाएं छोड़ता रहता है।

(और पढ़ें - आंखों के रोग का इलाज)



संदर्भ

  1. Cleveland Clinic. [Internet]. Cleveland, Ohio. Uveitis: Management and Treatment
  2. American Academy of Ophthalmology [internet] California, United States; Uveitis Diagnosis.
  3. National Eye Institute. Uveitis. National Institutes of Health
  4. Better health channel. Department of Health and Human Services [internet]. State government of Victoria; Eyes - uveitis
  5. MedlinePlus Medical Encyclopedia: US National Library of Medicine; Uveitis

यूवाइटिस के डॉक्टर

Dr. Meenakshi Pande Dr. Meenakshi Pande ऑपथैल्मोलॉजी
22 वर्षों का अनुभव
Dr. Upasna Dr. Upasna ऑपथैल्मोलॉजी
7 वर्षों का अनुभव
Dr. Akshay Bhatiwal Dr. Akshay Bhatiwal ऑपथैल्मोलॉजी
1 वर्षों का अनुभव
Dr. Surbhi Thakare Dr. Surbhi Thakare ऑपथैल्मोलॉजी
2 वर्षों का अनुभव
डॉक्टर से सलाह लें

यूवाइटिस की दवा - Medicines for Uveitis in Hindi

यूवाइटिस के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

दवा का नाम

कीमत

₹12.17

20% छूट + 5% कैशबैक


₹29.82

20% छूट + 5% कैशबैक


₹26.08

20% छूट + 5% कैशबैक


₹27.13

20% छूट + 5% कैशबैक


₹48.63

20% छूट + 5% कैशबैक


₹121.0

20% छूट + 5% कैशबैक


₹220.5

20% छूट + 5% कैशबैक


₹168.0

20% छूट + 5% कैशबैक


₹96.18

20% छूट + 5% कैशबैक


₹12.5

20% छूट + 5% कैशबैक


Showing 1 to 10 of 993 entries