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आंख आने को नेत्रश्लेष्मलाशोथ या कंजंक्टिवाइटिस (conjunctivitis) के नाम से भी जाना जाता है। यह एक असहज और परेशान करने वाली स्थिति होती है जिसमे कई तरह के लक्षण देखने को मिलते हैं जैसे आँखें लाल होना, आँखों में खुजली या सूजन, आंसू आना और आँखों में जलन होना। जब ये जीवाणु संक्रमण के कारण होता है तो यह आम तौर पर दोनों आँखों को प्रभावित करता है और आँखों से पस निकलना शुरू हो जाता है। वायरल संक्रमण के मामले में यह सबसे पहले एक आंख में होता है फिर कुछ दिनों बाद दूसरी आँख तक भी फैल जाता है। इसमें आँखों से पानी निकलता है। यह दोनों ही मामलों में बेहद संक्रामक है। (और पढ़ें - खुजली के लक्षण)

एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस में समान लक्षण पैदा होते हैं जैसे दोनों ही आँखों से पानी निकलना लेकिन ये ज़्यादा संक्रामक नहीं होता। यह धूल-मिटटी, वायु प्रदूषण, मेकअप या ऑय ड्राप जैसी एलर्जी के कारण होता है। ये लक्षण उन लोगो में भी बेहद आम होते हैं जिन्हे परागज ज्वर (hay fever) या अन्य एलर्जी से संबंधित बीमारियां होती हैं। 

(और पढ़ें - आँख आना (कंजंक्टिवाइटिस))

तो आज हम आपको गुलाबी आँखों के लक्षणों को ठीक करने के लिए कुछ घरेलू उपाय बताने वाले हैं। 

  1. आंख आने की समस्या को दूर करें बोरिक एसिड से - Aankh aane ki samasya ko dur kare boric acid se
  2. आँख आने पर उपाय करें गेंदा से - Aankh aane ka upay kare calendula se
  3. आँख आने पर करे काली चाय का उपयोग - Conjunctivitis ka gharelu upay hai black tea
  4. आंख आने से बचने का उपाय है नमक का पानी - Pink eye ka upay hai saline solution
  5. आंख आने से बचने का तरीका आईब्राइट - Aankh aane par chutkara dilta hai ryebright
  6. आंख आने से छुटकारा है सेब का सिरका - Aankh aane ka gharelu nuskha hai Apple vinegar
  7. आँख आने का देशी उपाय है एलो वेरा जेल - Aankh aane ki pareshani se bachata hai aloe vera gel
  8. आंख आने की परेशानी से बचने का उपाय है ब्रेस्ट मिल्क - Aankh aane ka deshi upay hai breast milk
  9. आँख आने का घरेलू नुस्खा करें दूध और शहद से - Aankh aane ka gharelu nuskha kare milk and honey se
  10. आंख आने का घरेलू उपाय है ठंडे और गर्म पानी के बैग - Aankh aane ke upay hai cold or warm compress

बोरिक एसिड जीवाणुरोधी और एंटिफंगल गुणों के कारण आँखों की कई समस्याओं के लिए बेहद लाभदायक होता है जैसे लालिमा, सूखापन, जलन और आंसू निकलना आदि। यह आँखों की जलन को दूर करता है साथ ही आँखों को साफ़ भी रखता है।

बोरिक एसिड का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. एक कप पानी में एक चम्मच बोरिक एसिड मिलाएं। आप इससे अपनी आँखों को धो सकते हैं या किसी कपडे या रूई से अपनी आँखों को साफ़ कर सकते हैं।
  2. इसके बाद आँखों को गुनगुने पानी से साफ़ करें।
  3. इस मिश्रण का इस्तेमाल पूरे दिन में दो या तीन बार ज़रूर करें।

(और पढ़ें - ड्राई आई सिंड्रोम का उपाय)

गेंदा एक जड़ी बूटी है जिसमे एंटीवायरल और जीवाणुरोधी के गुण होते हैं जो संक्रमण से लड़ते हैं और नेत्रश्लेष्मलाशोथ का इलाज करते हैं। इसके अलावा इसमें सूजनरोधी गुण होने की वजह से आँखों की असहजता और जलन कम होती है।

गेंदे का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. एक कप गर्म पानी में दो चम्मच सूखे गेंदे के फूल को मिला दें।
  2. गर्म होने के बाद इसे ठंडा होने के लिए रख दें और मिश्रण को किसी साफ़ कपडे के मध्यं से छान लें।
  3. पूरे दिन में इस मिश्रण का इस्तेमाल आँखों को धोने के लिए इस्तेमाल करें।
  4. आप इसके गर्म मिश्रण में एक साफ़ कपडा भी डुबो सकते हैं और उसे हॉट कंप्रेस की तरह भी इस्तेमाल कर सकते हैं। 

(और पढ़ें - गेंदे के फूल के फायदे)

गुलाबी आँखों की समस्याओं के लिए काली चाय एक बेहद फायदेमंद घरेलू उपाय है क्योंकि टैनिन होता है जिससे खुजली और सूजन को कम करने में मदद मिलती है। इसके अलावा, काली चाय में बायोफ्लवोनोइड्स मौजूद होता है जो वायरल और बैक्टीरिया संक्रमण से लड़ता है।

काली चाय का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. ठंडी काली चाय के बैग को दस मिनट के लिए आँखों पर लगाकर रखें।
  2. इसका उपयोग कुछ घंटे बाद पूरे दिन में तीन से चार बार ज़रूर करें।
  3. आप इसकी जगह पर ग्रीन टी और कैमोमाइल टी बैग का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
  4. आप काली चाय के पानी को भी आँखों को धोने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

(और पढ़ें - काली चाय के फायदे और नुकसान)

नेत्रश्लेष्मलाशोथ के लिए यह सबसे लोकप्रिय घरेलू उपाय है क्योंकि यह एक प्राकृतिक निस्संक्रामक के रूप में काम करता है।

नमक के पानी का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. एक कप गर्म पानी में एक या आधा चम्मच नमक मिला लें।
  2. अब इसे ठंडा होने के लिए रख दें और फिर इसे आँखों को धोने के लिए या ऑय ड्राप की तरह इस्तेमाल करें।
  3. इस प्रक्रिया को पूरे दिन में कई बार इस्तेमाल करें।
  4. समुंद्री नमक को भी गुलाबी आँखों के इलाज के लिए जाना जाता है।
  5. एक चम्मच समुंद्री नमक को एक कप गर्म पानी में डाल दें।
  6. अब इस मिश्रण का इस्तेमाल ऑय ड्राप की तरह रूई से आँखों के कोने में इस्तेमाल करें।
  7. इस मिश्रण का इस्तेमाल पूरे दिन में दो बार ज़रूर करें।

(और पढ़ें - नमक के फायदे और नुकसान)

आईब्राइट (जिसे इयूफ्रासिया ओफ्फिसिनालिस भी खा जाता है) नेत्र समस्याओं के लिए एक अन्य प्रभावकारी जड़ी बूटी है। यह गुलाबी आँखों, चिपकना, खून और तनावपूर्ण आँखों के लिए बेहद फायदेमंद होता है। इसमें एस्ट्रिंजेंट और जीवाणुरोधी गुण होते हैं।

आईब्राइट का इस्तेमाल पांच तरीकों से कैसे करें

पहला तरीका -

  1. एक कप पानी उबालें और उसे ठंडा होने के लिए रख दें।
  2. अब उसमे पांच बूँदें आईब्राइट की मिलाएं।
  3. अब इस मिश्रण का इस्तेमाल आँखों को धोने के लिए इस्तेमाल करें।

दूसरा तरीका -

  1. एक चम्मच आईब्राइट बूटी को एक कप पानी में दस मिनट के लिए उबालने को रख दें।
  2. अब इसे ठंडा होने के लिए रख दें।
  3. अब इस मिश्रण को छान लें और आँखों को धोने के लिए इसका इस्तेमाल करें।
  4. अब इसमें गुलाब जल भी मिला सकते हैं। इस प्रक्रिया को हर चार घंटे बाद दोहराएं।

तीसरा तरीका -

  1. इसके अलावा आप बराबर मात्रा में आईब्राइट और कैमोमाइल को एक साथ मिलाकर पानी में गर्म कर लें।
  2. अब इस मिश्रण को ठंडा होने के लिए रख दें।
  3. फिर इसे छान लें और आँखों को धोने के लिए इस मिश्रण का इस्तेमाल।

चौथा तरीका -

दो बूँद आईब्राइट और एक चम्मच गुनगुना पानी और दो चम्मच गुलाब जल को मिलाकर कंप्रेस की तरह इस्तेमाल करें।

(और पढ़ें - गुलाब जल के फायदे)

पांचवां तरीका -

आईब्राइट चाय को पियें या इस बूटी को आप हर्ब या टेबलेट के रूप में ले सकते हैं।

ऐप्पल साइडर सिरका में रोगाणुरोधी गुण होते हैं जो गुलाबी आंख के कारण संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं। विशेष रूप से, सेब साइडर सिरका में मलिक एसिड होता है जो संक्रमण से लड़ता है।

सेब के सिरके का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. फ़िल्टर्ड पानी के एक कप में कार्बनिक सेब साइडर सिरका के दो चम्मच मिक्स करें।
  2. अब इस मिश्रण में रूई या कोई साफ़ कपडा डुबोएं।
  3. प्रभावित आंख को बंद करें और इसे डुबोई हुई रूई या कपडे से साफ़ करें।
  4. दो से तीन दिनों के लिए इसे हर कुछ घंटों में इस्तेमाल करें।

(और पढ़ें - सेब के सिरके के फायदे और नुकसान)

एलो वेरा जेल में एस्ट्रिंजेंट और एंटीबायोटिक गुण होते हैं जो नेत्रश्लेष्मलाशोथ का इलाज करने में मदद करते हैं।

एलो वेरा का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. एलो वेरा जेल को निकालकर इसे एक कप ठंडे या गर्म पानी में डाल दें और तब तक डाले रखें जब तक पानी हल्का हरा नहीं हो जाता।
  2. आप एलो वेरा के टुकड़ों को पानी के मिक्सर में मिक्स भी कर सकते हैं।
  3. अब इस मिश्रण को कुछ बूँदें प्रभावित आँखों पर डालें।
  4. पूरे दिन में इसका इस्तेमाल तीन से चार बार ज़रूर करें।
  5. आप इसका इस्तेमाल आँखों को धोने के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

(और पढ़ें - एलोवेरा के फायदे और नुकसान)

चेतावनी - बच्चों पर इस उपाय का उपयोग न करें।

गुलाबी आंख से छुटकारा पाने में यह उपाय अत्यधिक प्रभावी माना जाता है, खासकर बच्चों में। कई डॉक्टर मानते हैं कि स्तन के दूध में उपचार करने वाले गुण होते हैं जो कि छोटी बीमारियों का इलाज करते हैं, जिनमें गुलाबी आंख और कान संक्रमण शामिल हैं। संभवतः क्योंकि इसमें कुछ एंटीबाडी के गुण होते हैं और साथ ही विशेष रूप से इसमें इम्युनोग्लोबुलिन ई मौजूद होता है।

ब्रेस्ट मिल्क का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. ब्रेस्ट मिल्क की कुछ बूंदों को प्रभावित आँखों में डालें।
  2. जब जब ज़रूरत हों आप तब तब इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

(और पढ़ें - स्तनपान के फायदे)

गर्म दूध और शहद का संयोजन स्वाभाविक रूप से गुलाबी आंखों को आराम पहुँचता है। दूध सूजन और असहजता को कम करता है और शहद में रोगाणुरोधी गुण होते हैं।

(और पढ़ें - सूजन कम करने के तरीके)

दूध और शहद का इस्तेमाल कैसे करें -

  1. मलाई दार दूध का एक चम्मच गर्म करें।
  2. कार्बनिक शहद की एक समान मात्रा इसमें मिलाएं।
  3. इसे तब तक चलाएं जब तक ये अच्छा चिकना पदार्थ न बन जाये।
  4. अब इस मिश्रण का इस्तेमाल ऑय ड्राप की तरह करें। दो या तीन बूँद इस मिश्रण की अपनी आँखों में डालें।
  5. इस मिश्रण का इस्तेमाल पूरे दिन में कई बार करें।
  6. आप इस मिश्रण को गर्म कंप्रेस की तरह भी उपयोग कर सकते हैं।

(और पढ़ें - शहद के फायदे और नुकसान)

अगर आपके आँखों में दर्द, अच्छे से न दिखना, रौशनी से परेशानी या अन्य लक्षण इन घरेलू उपायों से ठीक नहीं होते हैं तो अपने डॉक्टर को ज़रूर दिखाएं।

ठंडे पानी के बैग को गुलाबी आँखों के कारण होने वाली खुजली और सूजन को कम करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। खासकर तब जब एलर्जी नेत्रश्लेष्मलाशोथ के कारण होती हो। गर्म पानी का बैग भी आँखों की सूजन में आराम देता है। इसकी मदद से पलकों को सूखने से रोकने में भी मदद मिलती है।

कंप्रेस का इस्तेमाल कैसे करें

  1. गर्म और ठंडे पानी में एक कपडे को डुबोलें और निचोड़ लें।
  2. अब इस कपडे को प्रभावित आँखों पर लगाएं।
  3. इसे पांच से 10 मिनट तक ऐसे ही लगा हुआ छोड़ दें।
  4. इस प्रक्रिया को दो से तीन बार दोहराएं।
  5. दोनों आँखों पर एक ही कपडा न रखें। खासकर तब जब आपकी एक ही आंख संक्रमित हो।

(और पढ़ें - एलर्जी का घरेलू उपाय)

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