myUpchar प्लस+ के साथ पूरेे परिवार के हेल्थ खर्च पर भारी बचत

इंटुस्सुसेप्शन क्या है?

आपने दूरबीन में देखा होगा कि जब आप इसे एक तरफ मोड़ते हैं, तो यह बाहर की तरफ एक लंबी ट्यूब की तरह खुलता है। जब आप इसे वापस दूसरी तरफ मोड़ते हैं, तो उसके सारे भाग एक-दूसरे के अंदर स्लाइड करते हुए छोटे हो जाते हैं, जिससे यह छोटा बन जाता है। आपकी आंतें भी लंबी ट्यूब के आकार के जैसी होती हैं। लेकिन एक दूरबीन और आंत में यह फर्क है कि आंतों के हिस्सों को हमेशा लंबा ही रहना जरुरी होता है।

जब आपकी आंत का एक हिस्सा दूसरे के अंदर दूरबीन की तरह स्लाइड कर जाता है, तो यह एक दर्दनाक विकार का कारण बनता है जिसे इंटुस्सुसेप्शन कहा जाता है। इंटुस्सुसेप्शन कभी-कभी जानलेवा स्थिति हो सकती है, क्योंकि ऐसी स्थिति में भोजन आंत से गुजर नहीं सकता है और उस क्षेत्र में खून भी नहीं जा पाता है। इसके कारण आंतें फट सकती हैं, संक्रमण और आंतरिक रक्तस्राव शुरू हो सकता है।

(और पढ़ें - पाचन तंत्र के रोग का इलाज​)

इंटुस्सुसेप्शन के लक्षण क्या हैं?

थोड़ी-थोड़ी देर के अंतराल में गंभीर ऐंठन के साथ होने वाला पेट दर्द इंटुस्सुसेप्शन का मुख्य लक्षण है। दर्द 10 से 15 मिनट या उससे अधिक समय तक चल सकता है, इसके बाद 20 से 30 मिनट की अवधि निकलने के बाद फिर दर्द लौट आता है। कुछ समय तक लक्षण मौजूद रहने के बाद, कुछ बच्चे बहुत थकान महसूस कर सकते हैं। दर्द के दौरान छोटे बच्चे अपने घुटनों को अपनी छाती से सटाने लगते  हैं।

इंटुस्सुसेप्शन के अन्य संभावित लक्षणों में मतली, उल्टी और मल में खून (लाल जेली जैसा मल) तथा कभी-कभी कफ आना इत्यादि शामिल हैं। ये लक्षण आमतौर पर किसी वायरल बीमारी के एक सप्ताह बाद अचानक शुरू हो सकते हैं।

(और पढ़ें - आंतों में सूजन)

इंटुस्सुसेप्शन क्यों होता है?

अधिकांश समय, डॉक्टर को भी नहीं पता होता है कि इंटुस्सुसेप्शन का क्या कारण है। कुछ मामलों में, यह गैस्ट्रोएंटेराइटिस (पेट का फ्लू) के कारण हो सकता है। बैक्टीरियल या वायरल गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल संक्रमण के कारण, संक्रमण से लड़ने वाले आंतों के लिम्फ ऊतक में सूजन आ सकती है, जिसके परिणामस्वरूप आंत का एक हिस्सा दूसरे में खिंच जाता है।

3 महीने से कम उम्र के बच्चों या 5 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों की आंतों में बढ़ी हुई लिम्फ नोड्स, ट्यूमर या रक्त वाहिका में असामान्यता जैसी स्थितियों के कारण इंटुस्सुसेप्शन होने की अधिक संभावना होती है।

(और पढ़ें - फ्लू के घरेलू उपाय)

इंटुस्सुसेप्शन का इलाज कैसे होता है?

इंटुस्सुसेप्शन का इलाज करने के लिए पहले बच्चे को स्थिर किया जाता है। इसके बाद नाक (नासोगेस्ट्रिक ट्यूब) के माध्यम से पेट में एक ट्यूब डाली जाती है। हाथ की नस में नली लगा कर निर्जलीकरण को रोकने के लिए तरल पदार्थ दिए जाते हैं।

कुछ मामलों में, हवा या कॉन्ट्रास्ट एनीमा की मदद से भी आंतों में हो रही रुकावटों का इलाज किया जा सकता है। यह प्रक्रिया एक कुशल रेडियोलॉजिस्ट द्वारा की जाती है। इस प्रक्रिया के साथ आंत फटने का खतरा रहता है। यदि ये उपचार काम नहीं करते हैं तो बच्चे को सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है।

(और पढ़ें - पानी की कमी को दूर करने के उपाय)

क्या आप या आपके परिवार में किसी को यह बीमारी है? सर्वेक्षण करें और दूसरों की सहायता करें

और पढ़ें ...