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इन्फ्लुएंजा जिसे फ्लू या ग्रीप्प के रूप में भी जाना जाता है। यह एक संक्रामक वायरल बीमारी है जो आपके फेफड़े, गले और नाक सहित ऊपरी श्वसन प्रणाली को भी प्रभावित करती है। यह सबसे सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है जो पूरे विश्व में लोग इससे पीड़ित हैँ।

(और पढ़ें - अपर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन के लक्षण)

एक शोध के अनुसार हजारों लोग इन्फ्लूएंजा से पैदा होने वाली जटिलताओं के कारण हर साल मरते हैं। अक्सर लोग इन्फ्लूएंजा को सामान्य सर्दी के प्रारंभिक चरण से जोड़ देते हैं क्योंकि दोनों के लक्षण बिल्कुल समान होते हैं। इन्फ्लूएंजा के आम लक्षण जैसे नाक बहना, लगातार छींक आना, गले में खराश, नाक की नली में जमाव, शरीर में दर्द, सिरदर्द, तेज बुखार, सूखी खांसी, कमजोरी और भूख न लगना आदि शामिल हैं।

इन्फ्लुएंजा अत्यधिक संक्रामक होता है और यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में तेज़ी से फैलता है। संक्रामक व्यक्तियों को छोटे बच्चों और बुजुर्गों से दूर रहना चाहिए क्योंकि उनकी प्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर होती है। जैसे ही आपको इन्फ्लुएंजा से जुड़े लक्षण दिखाई दें वैसे ही इसका इलाज करना शुरू कर दें। क्योंकि इन्फ्लुएंजा कान का संक्रमण, निमोनिया और ब्रोंकाइटिस जैसी अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है। निर्धारित एंटीवायरल दवाएं लक्षणों को कम कर सकती हैं हालांकि कई मामलों में सरल घरेलू उपाय भी हल्के से मध्यम फ्लू के लक्षणों को भी कम करने में मदद करते हैं। (और पढ़ें - फ्लू का इलाज)

तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि कैसे कुछ घरेलू उपाय से फ्लू के लक्षणों को कम किया जा सकता है।  

  1. फ्लू से छुटकारा पाने के लिए शहद का करें इस्तेमाल - Flu se bachne ka tarika honey in Hindi
  2. फ्लू से बचने का घरेलू उपाय है नींबू - Influenza ka gharelu nuskha hai lemon in Hindi
  3. फ्लू को दूर करने के लिए सरसों है लाभदायक - Flu rokne ka upay hai mustard in Hindi
  4. फ्लू से बचने का तरीका है अदरक - Flu ka desi nuskhe hai ginger in Hindi
  5. इन्फ्लूएंजा का घरेलू उपाय है लहसुन - Flu se bachne ka gharelu upay hai garlic in Hindi
  6. इन्फ्लूएंजा से बचने का तरीका है भाप - Influenza rokne ka upay hai steam in Hindi
  7. फ्लू से बचें मेथी के उपयोग से - Flu se bache fenugreek ke upayog se in Hindi
  8. फ्लू की समस्या को दूर करने का तरीका है पुदीना - Flu ka gharelu nuskhe hai peppermint in Hindi
  9. फ्लू से बचने के नुस्खे में करें चिकन सूप का सेवन - Flu ka desi upay hai chicken soup in Hindi
  10. फ्लू का उपाय है संतरे का जूस - Flu ka gharelu nuskhe hai orange juice in Hindi

शहद को प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा देने और सामान्य फ्लू के लक्षणों को कम करने के लिए जाना जाता है। इसमें जीवाणुरोधी और रोगाणुरोधी गुण होते हैं जो चिकित्सा प्रक्रिया को बढ़ावा देने में मदद करते हैं।

(और पढ़ें - रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने के उपाय)

फ्लू के लिए शहद का इस्तेमाल करने के चार तरीके हैं -

  1. एक ग्लास पानी में एक चम्मच शहद को मिलाएं और इस मिश्रण को पूरे दिन कई बार पीने की कोशिश करें।
  2. इसके अलावा अब एक चम्मच शहद को एक कप गर्म पानी में मिलाएं। आप इसमें नींबू के जूस की कुछ बूँदें भी मिला सकते हैं। ये पेय पदार्थ आपके बलगम को निकालने में मदद करेगा और गले की जलन और खुजली को भी कम करेगा। इस मिश्रण को दो या तीन बार ज़रूर इस्तेमाल करें। (और पढ़ें - खुजली का घरेलू उपाय)
  3. इस विकल्प को भी आप अपना सकते हैं। सबसे पहले बराबर मात्रा में शहद और प्याज का जूस मिलाएं। अब इस मिश्रण को पूरे दिन में तीन बार एक एक चम्मच ज़रूर लें। और इसे तब तक लेते रहें जब तक आपका फ्लू चला नहीं जाता।
  4. इसके अलावा आप 10 से 15 ताजे तुलसी के पत्तों से निकाले गए जूस के साथ एक चम्मच शहद को मिलाकर पी सकते हैं। इस मिश्रण को पूरे दिन में एक या दो बार ज़रूर लें। 

नोट - एक साल से छोटे बच्चों को शहद न दें।

(और पढ़ें - शहद के फायदे)

नींबू में जीवाणुरोधी, एंटीवायरल, एंटिफंगल और सूजनरोधी गुण होते हैं जो शरीर में मौजूद फ्लू के वायरस को कम करने का काम करता है। इसके साथ ही फ्लू से जुड़े लक्षणों को भी दूर करता है।

(और पढ़ें - सूजन कम करने के उपाय)

नींबू का कैसे करें इस्तेमाल –

  1. गर्म पानी के एक गिलास में एक नींबू निचोड़ लें और इसे पी लें। जब तक आपके लक्षण कम नहीं होते तब तक इसे पूरे दिन में तीन या चार बार करने की कोशिश करें।
  2. इसके अलावा एक कप गर्म पानी में एक चम्मच नींबू का जूस और एक चम्मच शहद को मिला लें। कुछ मिनट इस मिश्रण को गर्म पानी में रहने दें। अब इस गर्म गर्म मिश्रण को पी लें। कुछ दिनों के लिए पूरे दिन में इस मिश्रण को दो बार ज़रूर पियें।
  3. एक और विकल्प आप अपना सकते हैं। सबसे पहले उबलते पानी के एक कप में एक कटा हुआ नींबू (दोनों त्वचा और गूदा) डालें। पांच मिनट नींबू को ऐसे ही डाले रखें। फिर इस गर्म गर्म नींबू पानी को पी लें। जब तक आपके लक्षण खत्म नहीं हो जाते तब तक इस मिश्रण का प्रयोग पूरे दिन दो से तीन बार ज़रूर करें। 

(और पढ़ें - नींबू के फायदे)

सरसों फ्लू के लक्षणों का इलाज काफी हद तक करता है। यह रोगाणुरोधी और सूजनरोधी गुणों से भरपूर होता है जिसकी मदद से आप काफी जल्दी ठीक होने लगते हैं।

(और पढ़ें - सरसों के साग के फायदे)

फ्लू के लिए सरसों का इस्तेमाल करने के दो तरीके हैं –

  1. पहला तरीका
    1. एक चम्मच सूखी सरसों, चार चम्मच आटा, अंडे की सफ़ेद जर्दी और थोड़ा सा गर्म पानी लें।
    2. अब इस पेस्ट को अच्छे से मिलाने के बाद इसे एक कपडे पर रख दें।
    3. अब इस मिश्रण को ऊपर से एक और कपडे से ढक दें।
    4. अब अपनी छाती पर जैतून का तेल लगाएं और इस सरसों के कपडे को अपनी छाती पर रख दें।
    5. कुछ मिनट बाद इस कपडे को छाती पर से हटा दें। अब छाती को किसी गर्म कपडे साफ़ कर लें।
    6. अगर आपको गर्म कपडे से किसी भी प्रकार की जलन नहीं होती है तो आप इसे 15 मिनट तक ऐसे ही लगा छोड़ सकते हैं।
    7. सरसो के मिश्रण की गंध से आपकी बंद नाक खुलेगी इसके साथ ही रक्त परिसंचरण में भी सुधार होगा।
    8. इस मिश्रण का उपयोग पूरे दिन में एक बार इस मिश्रण को ज़रूर दोहराएं।
  2. दूसरा तरीका 
    1. इसके अलावा एक बड़ी बाल्टी में गर्म पानी मिलाएं और उसमे सरसो की एक चम्मच डालें।
    2. अब इस मिश्रण में अपने पेरो को रखें तब तक जब तक पानी ठंडा नहीं हो जाता।
    3. इससे आपके पैरों के रक्त परिसंचरण में सुधार होगा साथ ही बंद नाक को खुलने में भी आसानी होगी।
    4. इस मिश्रण का प्रयोग पूरे दिन में दो बार ज़रूर करें। 

(और पढ़ें - सरसों के तेल के फायदे)

अदरक कई स्वास्थ्य समस्याओं के लिए एक लोकप्रिय प्राकृतिक उपाय रही है। अदरक इन्फ्लुएंजा को भी जड़ से खत्म करती है। इसमें प्रभावी सूजनरोधी गुण होते हैं साथ ही इसकी गर्माहट देने वाली प्रकृति फ्लू के विभिन्न लक्षणों का इलाज करती है। इसके अलावा यह वायरस से लड़ने के लिए प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में मदद करती है।

(और पढ़ें - अदरक की चाय के फायदे)

फ्लू के लिए अदरक का इस्तेमाल करने के तीन तरीके हैं –

  1. पहला तरीका 
    1. एक कप उबलते पानी में एक या आधा कप चम्मच पिसा अदरक डालें।
    2. कुछ मिनट के लिए उसे उबलने को रख दें।
    3. उबलने के बाद इसमें शहद मिलाएं और इस मिश्रण को फिर पी जाएँ।
    4. इस मिश्रण को तीन या चार बार इस्तेमाल ज़रूर करें।
  2. दूसरा तरीका 
    1. दो चम्मच अदरक का पेस्ट और एक चम्मच लाल मिर्च पाउडर को एक साथ मिला लें।
    2. अब इस मिश्रण के एक चम्मच पेस्ट को गर्म पानी में डाल दें।
    3. कुछ मिनट के लिए इस मिश्रण को उबलते रहने दें।
    4. उबलने के बाद मिश्रण को पी जाएँ।
    5. पूरे दिन में इस मिश्रण को कई बार पीने की कोशिश करें।
  3. तीसरा तरीका 
    1. सबसे पहले एक ताज़ा अदरक का पेस्ट बना लें।
    2. अब उस पेस्ट की कुछ मात्रा को चख लें।
    3. इस पेस्ट को आप पूरे दिन में कई बार दोहराएं।
    4. इसके साथ ही आप अदरक के पेस्ट को खाने और सूप में भी इस्तेमाल कर सकते हैं। 

(और पढ़ें - अदरक के फायदे)

लहसुन अपने प्राकृतिक एंटीवायरल, एंटिफंगल, एंटीसेप्टिक और जीवाणुरोधी गुणों के कारण इन्फ्लूएंजा के लिए एक बहुत ही फायदेमंद है। इसमें एलिकिन मौजूद होता है जो प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। लहसुन विभिन्न फ्लू के लक्षणों को राहत देने में मदद करता है।

(और पढ़ें - खाली पेट लहसुन खाने के फायदे)

फ्लू के लिए लहसुन का इस्तेमाल करने के तीन तरीके हैं –

  1. पहला तरीका 
    1. दो या तीन ताजा लहसुन की फांको को काट लें या उसे क्रश कर लें।
    2. अब उन्हें एक कप गर्म पानी में डाल दें।
    3. 10 मिनट के लिए उसे उबलते रहने दें।
    4. उबलने के बाद मिश्रण को छान लें और फिर इसे चाय की तरह मज़ा लेकर पियें।
    5. इस मिश्रण का इस्तेमाल पूरे दिन में तीन या चार बार ज़रूर करें।
  2. दूसरा तरीका  
    1. आप एक कच्चा लहसुन भी चबा सकते हैं।
    2. या लहसुन के जूस का एक चम्मच पानी के साथ पी सकते हैं।
    3. इस मिश्रण का इस्तेमाल पूरे दिन में कई बार करें। 

(और पढ़ें - लहसुन के फायदे )

भाप बलगम को पतला करने के लिए बेहद प्रभावी तरीका है। भाप लेने से बलगम बाहर निकालने में आसानी होती है।

भाप का कैसे करें इस्तेमाल –

  1. अपने बाथरूम में पानी गर्म करें और उस पानी से निकलने वाली भाप को कुछ मिनट के लिए सूंघें। नाक के जमाव को कम करने के लिए इसे पूरे दिन में कई बार इस्तेमाल करें।
  2. एक बड़े कटोरे में उबलता हुआ पानी डालें। अब उसमे अजवाइन के फूल का तेल या नीलगिरी तेल की कुछ बूँदें मिलाएं। अब अपने सिर को किसी तौलिये से ढक लें और कुछ मिनट के लिए एक गहरी लंबी सांस लेना शुरू करें। जमाव को दूर करने के लिए इसका इतेमाल पूरे दिन में एक बार ज़रूर करें।

(और पढ़ें - स्टीम लेने के फायदे)

मेथी को इन्फ्लूएंजा के लिए एक प्राकृतिक घरेलू उपाय के रूप में प्रयोग किया जाता है क्योंकि इसमें मजबूत एंटीवायरल और अन्य औषधीय गुण मौजूद होते हैं।

(और पढ़ें - मेथी के तेल के फायदे)

फ्लू के लिए मेथी के बीज का इस्तेमाल करने के तीन तरीके हैं –

  1. पहला तरीका 
    1. एक या आधा चौथाई हिस्सा पानी का उबालें।
    2. अब उसमे मेथी के बीज का एक चम्मच मिलाएं।
    3. अब इसे उबलते रहने दें। इसे तब तक उबालें जब तक उसकी मात्रा एक तिहाई न हो जाये।
    4. उबलने के बाद मिश्रण को छान लें और उसमे एक चम्मच अदरक का जूस और कुछ बूँदें शहद की मिलाएं।
    5. इस मिश्रण को पी जाएँ।
    6. इसका इस्तेमाल पूरे दिन में तीन या चार बार ज़रूर करें।
  2. दूसरा तरीका 
    1. रात में एक गिलास पानी में मेथी के बीज का एक चम्मच भिगोकर रख दें।
    2. अब सुबह को इस मिश्रण को छान लें और बचे पानी को उबलने के लिए रख दें।
    3. इस मिश्रण से गलारे करें जिससे कि आपके गले की खराशे ठीक हों।
    4. कुछ दिनों के लिए इस मिश्रण का इस्तेमाल पूरे दिन में दो या तीन बार ज़रूर करें। 

(और पढ़ें - मेथी के फायदे)

पुदीना एक अन्य जड़ी बूटी है जो व्यापक रूप से फ्लू के लक्षणों से लड़ने के लिए प्रयोग की जाती है। यह पोषक तत्वों से भरा होता है जो शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद करता है। इसका मेंथोल गुण कफ को निकालता है और जमाव से राहत दिलाता है। इसके इस्तेमाल से गले की ख़राशों से भी रहत मिलती है।

(और पहें - पुदीने की चाय के फायदे)

पुदीना का कैसे करें इस्तेमाल –

  1. एक कप गर्म पानी में एक चम्मच पुदीने के पत्तों के टुकड़ों को डाल दें। इसे 10 मिनट के लिए उबलने को रख दें। अब इस मिश्रण को छान लें और फिर इसमें शहद को मिला दें। फिर इस चाय को गर्म गर्म पी लें। जल्दी राहत पाने के लिए इस मिश्रण का इस्तेमाल पूरे दिन में दो या तीन कप ज़रूर करें। 
  2. आप इसके अलावा पुदीने के पत्तों को सलाद या सूप में भी इस्तेमाल कर सकते हैं। 

(और पढ़ें - पुदीने के फायदे)

चिकन सूप इन्फ्लूएंजा के विभिन्न लक्षणों के लिए बेहद प्रभावी उपाय है। कई अध्ययनों से यह पता चला है कि चिकन सूप सूक्ष्म यौगिकों के उत्पादन को रोकता है जिससे वायरल संक्रमण की संभावना बढ़ती है।

गर्म गर्म सूप का सेवन करने से बंद नाक खुलती है और शरीर भी हाइड्रेटेड रहता है। लक्षण शुरू होने के बाद आप चिकन सूप को दिन में दो या तीन बार इस्तेमाल कर सकते हैं। अच्छा परिणाम पाने के लिए आप चिकन सूप में कटा लहसुन और लाल मिर्च के फलैक्स ऊपर से डाल सकते हैं। जो लोग चिकन सूप नहीं पी सकते वो वेजिटेबल सूप भी पी सकते हैं। 

(और पढ़ें - चिकन के फायदे)

नोट - अगर घर पर चिकन सूप बनाना संभव नहीं है तो आप दूकान से भी चिकन सूप के प्रोडक्ट्स खरीद सकते हैं। 

फ्लू के दौरान पानी का अपर्याप्त सेवन निर्जलीकरण पैदा कर सकता है, इसलिए ज़रूरी है कि आप ज़्यादा से ज़्यादा तरल पदार्थ पियें। कम से कम आठ से दस ग्लास पानी रोज़ पियें। इससे आपका जमा बलगम निकलेगा और शरीर भी हाइड्रेटेड रहेगा। अच्छा परिणाम पाने के लिए आप पानी के अलावा संतरे के जूस का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसे पूरे दिन में कई बार पी सकते हैं। (और पढ़ें - शरीर में पानी की कमी के लक्षण, कारण और उपचार)

संतरे के जूस में विटामिन सी मौजूद होता है जिसके इस्तेमाल से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और श्वेत रक्त कोशिकाएं को भी बढ़ने में मदद मिलती है। श्वेत रक्त कोशिकाएं इन्फ्लुएंजा से लड़ने में मदद करेंगी। पैक्ड संतरे का जूस लेने के बजाए आप ताज़ा संतरे का जूस पियें। (और पढ़ें - संतरे के जूस के फायदे)

अगली बार जब भी आपको फ्लू हो तो इन घरेलू उपायों का इस्तेमाल ज़रूर करें। आपको जल्द ही फ्लू के लक्षणों से राहत मिलेगी।

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