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पेरागोनिमियासिस क्या है

पेरागोनिमियासिस एक परजीवी संक्रमण है, जो अधपका केकड़ा या क्रेफिश खाने से होता है। पेरागोनिमियासिस से निमोनिया या पेट में फ्लू हो सकता है। यह संक्रमण कई वर्षों तक रह सकता है।

पेरागोनिमियासिस के लक्षण

पैरागोनिमियासिस की शुरुआती अवस्था में कोई लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। कई लोगों में इसके लक्षण कभी नजर नहीं आते हैं, लेकिन शरीर में कीड़े पनपने पर पैरागोनिमियासिस के लक्षण सामने आ सकते हैं। इसमें कभी-कभी निम्नलिखित लक्षण दिखाई दे सकते हैं:

यह कीड़े जब पेट से छाती की ओर आ जाते हैं तो श्वसन से संबंधित निम्न लक्षण सामने आ सकते हैं:

अगर इसका समय पर इलाज न किया जाए तो पेरागोनिमियासिस गंभीर रूप ले सकता है और यह बीमारी लंबे समय तक रह सकती है। पेरागोनिमियासिस के लंबे समय तक रहने का सबसे आम लक्षण खांसी के साथ बलगम में खून (हेमोप्टीसिस) आना है। इसके अन्य गंभीर लक्षण निम्नलिखित हो सकते हैं:

पेरागोनिमियासिस का कारण

पेरागोनिमियासिस फ्लैटवॉर्म (मुलायम शरीर वाले अकशेरुकीय जानवरों का एक समूह) से होने वाले संक्रमण के कारण होता है। चूंकि यह परजीवी कीड़े फेफड़ों को संक्रमित करते हैं इसलिए इन्हें फ्लूक या लंग फ्लूक भी कहा जाता है। आमतौर पर यह संक्रमण इम्मैच्योर फ्लूक से युक्त अधपके केकड़े या क्रेफिश खाने के बाद होता है। 
अधपका केकड़ा या क्रेफिश खाने पर ये कीड़े शरीर में प्रवेश कर जाते हैं और फिर वहीं विकसित और परिपक्व (मैच्योर) होते हैं। कुछ महीनों के अंदर ये कीड़े आंतों और पेट के जरिए फैल जाते हैं। ये कीड़े फेफड़ों तक पहुंचने के लिए डायाफ्राम मांसपेशी में प्रवेश करते हैं। फेफड़ों में पहुंचने के बाद ये कीड़े अंडे देते हैं और यह कई सालों तक जीवित रह सकते हैं। इससे क्रॉनिक (दीर्घकालिक या लंबे समय तक) पैरागोनिमायसिस हो सकता है। पैरागोनिमियासिस के मामले एशिया, पश्चिम अफ्रीका और दक्षिण एवं मध्य अमेरिका में ज्यादा पाए जाते हैं।

पेरागोनिमियासिस का इलाज

ज्यादातर लोगों में, पैरागोनिमियासिस को दवाओं (परजीवी-रोधी) के जरिए ठीक किया जा सकता है। इसके उपचार के लिए प्राजिक्वांटल (कीड़ों को मारने वाली दवा) और ट्राईकलेबेंडाजोल (कृमिनाशक दवा जो परजीवी को मारती है) दोनों ही दवाओं को स्वीकृति प्राप्त है। प्राजिक्वांटल को दो दिन तक दिन में तीन बार लिया जाता है, जबकि ट्राईकलेबेंडाजोल को दिन में दो बार, 12-12  घंटे में लिया जाता है। 

पेरागोनिमियासिस जब मस्तिष्क को भी प्रभावित करने लगता है तब ऐसे दुर्लभ मामलों में, अन्य उपचारों की भी जरूरत पड़ सकती है जैसे: दिमाग में सूजन को कम करने के लिए सर्जरी या दौरे रोकने वाली दवाएं

  1. पेरागोनिमियासिस के डॉक्टर
Dr. Neha Gupta

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संक्रामक रोग

Dr. Jogya Bori

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संक्रामक रोग

Dr. Lalit Shishara

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संक्रामक रोग

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