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डिप्लोपिया (द्विदृष्टिता) या डबल विजन (दोहरी दृष्टि दोष) एक ऐसी समस्या है जिसमें व्यक्ति को एक ही वस्तु की दो छवि दिखाई देती है जबकी उसे सिर्फ एक ही छवि दिखनी चाहिए। दोहरी दृष्टि की समस्या से पीड़ित लोगों को इस तरह की छवि नजर आती है:

  • अगल-बगल (क्षितिज के समानांतर) 
  • एक छवि दूसरे के ऊपर (लंबवत)
  • एक दूसरे से तिरछा जुड़ा हुआ (टेढ़ा या तिरछा)
  • अगल-बगल और ऊपर नीचे दोनों

ज्यादातर मामलों में दोहरी दृष्टि की समस्या आंखों से जुड़ी बीमारी के कारण ही होती है। हालांकि कई बार दोहरी दृष्टि की समस्या किसी अन्तर्निहित बीमारी जैसे- ग्रेव्स डिजीज, हाइपरथाइरॉयडिज्म की वजह से भी हो सकती है जिसकी वजह से वर्टिकल या लंबवत दोहरी दृष्टि की समस्या हो सकती है। डबल विजन के साथ ही ड्रूपिंग आइलिड की समस्या स्ट्रोक का संकेत हो सकता है। वहीं, दूसरी तरफ कुछ मरीजों में स्ट्रोक के बाद भी दोहरी दृष्टि की समस्या हो सकती है। 

(और पढ़ें - दूर दृष्टि दोष क्या है, कारण, लक्षण, इलाज)

डबल विजन की समस्या 2 तरह की होती है:

  • मोनोक्यूलर डबल विजन सिर्फ एक आंख को प्रभावित करता है। उदाहरण के लिए, दाहिने आंख में अगर किसी को दोहरी दृष्टि की समस्या हो तो उसे सारी छवि दो-दो तब दिखेगी जब वह व्यक्ति बाईं आंख बंद कर लें लेकिन अगर वह अपनी दाईं आंख बंद कर ले तो उसे सबकुछ नॉर्मल दिखेगा। 
  • बाइनोक्यूलर डबल विजन एक ऐसी स्थिति है जिसमें पीड़ित व्यक्ति को दोनों आंखों में दोहरी दृष्टि की समस्या होती है- अगर वे अपनी किसी एक आंख को भी बंद कर लें तो उनकी यह समस्या ठीक हो जाती है। इस तरह की डबल विजन की समस्या कई बार किसी न्यूरोलॉजिकल समस्या का भी संकेत हो सकता है।

मोनोक्यूलर डबल विजन का सबसे सामान्य कारण ड्राई आई सिंड्रोम की समस्या है जो आंखों में मौजूद आंसू की झिल्ली को प्रभावित करती है। मोतियाबिंद और कॉर्निया से जुड़ी समस्याएं जैसे- दृष्टिवैषम्य (ऐस्टिग्मैटिज्म) और केरैटोकोनस की वजह से भी दृष्टि संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

बाइनोक्यूलर डबल विजन स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या जैसे- भेंगापन (क्रॉस आइज), मायस्थीनिया ग्रेविस रोग, ग्रेव्स डिजीज और डायबिटीज के कारण हो सकता है। चेहरे या सिर पर किसी तरह का आघात या चोट लगने पर भी दोहरी दृष्टि की समस्या उत्पन्न हो सकती है। 

कई बार तो दोहरी दृष्टि बेहद साधारण समस्या जैसे- नए चश्मे की जरूरत के कारण भी हो सकता है। कई बार अगर चश्मा ज्यादा मुड़ जाए या बुरी तरह से उस पर स्क्रैच लगा हो तो उसकी वजह से भी डबल विजन की समस्या हो सकती है। बाकी के समय, दोहरी दृष्टि का कारण और उसका इलाज ज्यादा गंभीर होता है। वैसे तो दोहरी दृष्टि बीमारी से ज्यादा एक लक्षण है इसलिए इसका इलाज इसके कारण पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए- आर्टिफिशियल आंसू के जरिए ड्राई आईज की समस्या का निदान हो सकता है जबकि मायस्थीनिया ग्रेविस के लिए कोर्टिकोस्टेरॉयड्स जैसी दवाइयां या सर्जरी की भी जरूरत पड़ सकती है।

दोहरी दृष्टि क्या है, इसके लक्षण, कारण, डायग्नोसिस और इलाज कैसे किया जाता है, इस बारे में यहां जानें।

  1. दोहरी दृष्टि दोष के प्रकार - Types of Double Vision in Hindi
  2. दोहरी दृष्टि दोष के लक्षण - Double Vision Symptoms in Hindi
  3. दोहरी दृष्टि दोष के कारण - Double Vision Causes in Hindi
  4. दोहरी दृष्टि दोष के बचाव के उपाय - Prevention of Double Vision in Hindi
  5. दोहरी दृष्टि दोष का निदान - Diagnosis of Double Vision in Hindi
  6. दोहरी दृष्टि दोष का उपचार - Double Vision Treatment in Hindi
  7. दोहरी दृष्टि दोष की दवा - Medicines for Double Vision in Hindi
  8. दोहरी दृष्टि दोष के डॉक्टर

दोहरी दृष्टि दोष के प्रकार - Types of Double Vision in Hindi

मरीज एक आंख से दो छवियां देख रहा है या फिर दोनों आंखों से इसके आधार पर डबल विजन या दोहरी दृष्टि की समस्या 2 प्रकार की होती है:

  • मोनोक्यूलर डबल विजन- यह समस्या सिर्फ एक आंख को प्रभावित करती है। प्रभावित आंख को बंद कर लेने पर अस्थायी रूप से समस्या का निदान हो जाता है। 
  • बाइनोक्यूलर डबल विजन- समस्या तब होती है जब व्यक्ति दोनों आंखों से दोहरी छवि देखता है। लेकिन यहां भी किसी एक आंख को भी बंद कर लेने पर समस्या अस्थायी रूप से खत्म हो जाती है- कुछ लोग राहत पाने के लिए आई पैच का भी इस्तेमाल करते हैं। 

यह अंतर महत्वपूर्ण है क्योंकि इसकी मदद से डॉक्टर उस अन्तर्निहित कारण का पता लगा सकते हैं जो मरीज में दोहरी दृष्टि की समस्या का कारण है।

दोहरी दृष्टि दोष के लक्षण - Double Vision Symptoms in Hindi

जैसा की बीमारी के नाम से ही स्पष्ट हो जाता है कि किसी वस्तु की एक के बजाय दोहरी छवि दिखना ही डबल विजन या डाइप्लोपिया समस्या का मुख्य लक्षण है। हालांकि कुछ मरीजों में कई और लक्षण भी नजर आ सकते हैं जैसे:

अगर आपको निम्नलिखित लक्षणों के साथ दोहरी दृष्टि की समस्या हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:

  • आंखों में बहुत तेज और गंभीर दर्द या आंखों के पीछे दबाव महसूस होना
  • माथा, पलकें या नाक पर चक्त्ते या दाद होना
  • सिर में तेज दर्द

दोहरी दृष्टि दोष के कारण - Double Vision Causes in Hindi

आंखों की संरचना की बात करें तो आईबॉल में पीछे की तरफ रेटिना होता है, कॉर्निया, आइरिस, प्युपिल (पुतली), लेंस और कंजंक्टिवा या नेत्र-श्लेष्मला आगे की तरफ और आंखों की मांसपेशियां जो आंखों को सही जगह पर रखती हैं। हम किसी भी चीज को तब देख पाते हैं जब उस वस्तु से प्रतिबिंबित होने वाला प्रकाश लेंस के माध्यम से आंखों में प्रवेश करता है, रेटिना पर एक छवि बनाता है और मस्तिष्क इस छवि को प्रोसेस करता है।

ऐसे में अगर हमारी आंखों के किसी भी हिस्से में कोई समस्या हो जाए या देखने के इन चरणों में किसी भी तरह की कोई गलती हो जाए तो यह दोहरी दृष्टि समस्या का कारण हो सकता है। दोहरी दृष्टि की समस्या किस प्रकार की है उसके आधार पर उसके निम्नलिखित कारण हो सकते हैं:

मोनोक्यूलर डबल विजन

1. ड्राई आईज (सूखी आंखें) - वैसे लोग जो कम्प्यूटर या लैपटॉप के सामने घंटों समय बिताते हैं उनमें आंखों पर पड़ने वाले डिजिटल दबाव के कारण ड्राई आईज की समस्या हो जाती है। डायबिटीज के मरीजों को भी ड्राई आईज की दिक्कत होती है। ड्राई आईज समस्या का एक लक्षण दोहरी दृष्टि भी है। आमतौर पर, यह स्थिति तब सुधर जाती है जब आप आंखों को पर्याप्त रूप से आराम दें और उन्हें लुब्रिकेट करने के लिए हाइड्रोक्सीप्रोपाइल मिथाइलसेलुलोज (कृत्रिम आंसू) युक्त आई ड्रॉप का इस्तेमाल करते हैं।

2. कॉर्निया से जुड़ी समस्याएं - कॉर्निया आंख के लेंस पर प्रकाश को केंद्रित करता है। कॉर्निया की "गोलाई" को प्रभावित करने वाली कोई भी सही तरीके से देखने की स्थिति के साथ हस्तक्षेप करती है। कॉर्निया की कुछ समस्याएं जो दोहरी दृष्टि पैदा कर सकती हैं वे हैं:

  • ऐस्टिगमैटिज्म- कॉर्निया की असामान्य गोलाई। प्रिस्क्रिप्शन वाले सही चश्मे जिसमें बेलनाकार लेंस लगे हों के माध्यम से या फिर सर्जरी के जरिए ठीक किया जा सकता है।
  • केरैटोकोनस- कॉर्निया बेहद पतला हो जाता है और उभरकर एक तरह के शंकु के आकार में बदल जाता है। यह दृष्टि को विकृत करता है, जिससे दृष्टि धुंधली या दोहरी हो जाती है। 
  • पेटेरिगियम- यह आंखों के कोनों में मौजूद कंजंक्टिवा या नेत्र-श्लेम्षला की समस्या है। हालांकि, यह आंखों के म्यूकस कवरिंग को घना बना सकता है और कॉर्निया की आंख में रोशनी केंद्रित करने की क्षमता को प्रभावित करता है। 

3. मोतियाबिंद - कैटरैक्ट या मोतियाबिंद आंखों की लेंस को ढंक लेता है जिससे छवि पर ठीक से ध्यान केंद्रित करना मुश्किल हो जाता है। इस कारण कभी-कभी दोहरी दृष्टि की समस्या हो सकती है। यदि किसी कारण से आंखों का लेंस अलग हो जाता है तो इस कारण भी दोहरी दृष्टि हो सकती है।

4. मैक्युलर डीजेनेरेशन - मैक्युला रेटिना का मध्य भाग होता है। यह उम्र बढ़ने के साथ (उम्र से संबंधित मैक्युलर डीजेनेरेशन) या मैकुलर उत्थान के पारिवारिक इतिहास जैसे अन्य जोखिम कारकों के कारण बिगड़ सकता है। सूर्य ग्रहण को अनुचित तरीके से देखने के कारण भी कई बार मैक्युला को अपरिवर्तनीय क्षति हो सकती है।

बाइनोक्यूलर डबल विजन
1. गलत तरीके से संरेखित आंखें - क्रॉस आइज या लेजी आई- ये दोनों ही ऐसी स्थितियां हैं जो आंखों की संरेखन (अलाइन्मेंट) की समस्या के कारण उत्पन्न होती है। दोनों आंखें एक साथ कार्य नहीं करतीं जिससे दृष्टि संबंधी समस्याएं होती हैं।
2. नस और मांसपेशियों को नुकसान - अगर किसी भी स्थिति में आंखों की नसों या मांसपेशियों को नुकसान होता है तो इसके परिणामस्वरूप भी दोहरी दृष्टि की समस्या हो सकती है। वे स्थितियां हैं:

3. दोहरी दृष्टि और लटकती पलकें (ड्रूपिंग आइलिड्स) स्ट्रोक का संकेत हो सकती हैं। कुछ रोगियों में स्ट्रोक के बाद दोहरी दृष्टि विकसित हो सकती है।
4. कुछ मामलों में सिर की चोट के कारण भी दोहरी दृष्टि की समस्या उत्पन्न हो सकती है।

दोहरी दृष्टि दोष के बचाव के उपाय - Prevention of Double Vision in Hindi

जैसा की पहले भी बताया जा चुका है कि दोहरी दृष्टि की समस्या बीमारी से ज्यादा लक्षण है- यह अचानक भी हो सकती है या समय के साथ विकसित भी हो सकती है। कुछ मामलों में आप दोहरी दृष्टि की समस्या से नहीं बच सकते। उदाहरण के लिए- सिर में चोट या आघात या स्ट्रोक ये कुछ ऐसी घटनाएं हैं जिनका आप पूर्वानुमान नहीं लगा सकते।

(और पढ़ें - निकट दृष्टि दोष, कारण, लक्षण, इलाज)

इन मामलों में आप यही कर सकते हैं कि दोहरी दृष्टि के संकेतों को अनदेखा न करें। भले ही इसका कारण गिल्लन बर्रे सिंड्रोम जैसी कोई प्रगतिशील बीमारी ही क्यों न हो, लेकिन संकेतों पर ध्यान देना और आंखों की समस्याओं को कम करने की कोशिश करना ही बेहतर विकल्प है। कुछ स्थितियों में, आप कुछ बातों का ध्यान रखकर दोहरी दृष्टि को रोक सकते हैं। इसमें शामिल है:

  • आंखों का व्यायाम - इससे शुरुआत करें: एक जटिल तस्वीर लें और इसे खुद से कुछ दूर रखें। अब तस्वीर के विवरण पर ध्यान देने की कोशिश करें। यदि छवि दो में विभाजित होती दिखे तो अपनी आंखों को तिरछा किए बिना तस्वीर के सभी खंडों को मिलाने का प्रयास करें। ऐसा कम से कम 10 मिनट तक करें। इस तरह का व्यायाम और आंखों के कई अन्य एक्सरसाइज भी हैं जो आंखों की मांसपेशियों को मजबूत करने और फोकस में सुधार करने में मदद कर सकते हैं। (और पढ़ें- आंखों की रोशनी बढ़ाने के घरेलू उपाय)
  • सेहतमंद चीजें खाएं - अपने आहार का ध्यान रखें। अपने भोजन में विटामिन बी से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करें, खासकर तब यदि आपकी बैरियाट्रिक सर्जरी हुई हो।
  • अपनी आंखों की नियमित जांच करवाएं - नेत्र रोग विशेषज्ञ से नियमित रूप से अपनी जांच करवाते रहें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आपको चश्मे की जरूरत नहीं है। या फिर अगर आप पहले से ही चश्मा पहनते हैं, तो आपका नंबर अपडेट किया गया है। आपको अपने चश्मे को समय-समय पर बदलना चाहिए: खरोंच लगे हुए, मुड़े हुए या अन्यथा क्षतिग्रस्त चश्मे भी दोहरी दृष्टि का कारण बन सकते हैं। (और पढ़ें - आंखों की देखभाल के लिए इन बातों का रखें ध्यान)
  • अपने सेहत का ध्यान रखें - यदि आपको मधुमेह है, तो यह सुनिश्चित करें कि आपके रक्त शर्करा के स्तर में बहुत अधिक उतार-चढ़ाव न हो। यदि आपको ग्रेव्स डिजीज हो तो सुनिश्चित करें कि आप हाइपरथायरॉयडिज्म के लिए देखभाल के सही प्रोटोकॉल का पालन करें ताकि वर्टिकल डबल विजन जैसे लक्षणों को नियंत्रित किया जा सके।

दोहरी दृष्टि दोष का निदान - Diagnosis of Double Vision in Hindi

अगर किसी व्यक्ति को यह महसूस हो कि उसे एक या दोनों आंखों से दोहरी चीजें नजर आ रही हैं तो उन्हें दृष्टि की यह समस्या हो सकती है। कई बार आंखों को आराम देने के बाद यह समस्या खुद ही दूर हो जाती है। लेकिन अगर समस्या की पुनरावृत्ति हो तो आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। यदि दोहरी दृष्टि से जुड़े लक्षण अचानक दिखें तब भी आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

एक और बात, कभी-कभी दोहरी दृष्टि की समस्या सिर्फ तभी होती है जब आप अपनी आंखों के कोने से या अपनी दृष्टि (लाइन ऑफ विजन) के ऊपर या नीचे देखने की कोशिश करते हैं। आंखों की एक्सरसाइज करना और रोजाना ऊपर-नीचे, साइड-बाय-साइड देखना एक अच्छा आइडिया है, ताकि पता चल सके कि कब दोहरी दृष्टि की समस्या आती है। दोहरी दृष्टि को डायग्नोज करने के लिए,

1. डॉक्टर सबसे पहले इस बात की जांच करते हैं कि दोहरी दृष्टि की समस्या सिर्फ एक आंख में है या दोनों आंखों में। वह आपसे यह भी पूछ सकता है कि क्या आपको वर्टिकल डबल विजन की समस्या है (जो ग्रेव्ज डिजीज का संकेत हो सकता है), क्षैतिज या साइड बाय साइड डबल विज़न या दोनों।
2. वह आपके मेडिकल इतिहास के साथ-साथ परिवार में किसी को डायबिटीज, मल्टीपल स्केलेरोसिस, मायस्थेनिया ग्रेविस (जो मांसपेशियों को प्रभावित करता है), गिल्लन बर्रे सिंड्रोम (जो नसों को प्रभावित करता है), मैक्युलर डिजेनेरेशन (जो रेटिना को प्रभावित करता है) की समस्या है या नहीं, इस बारे में भी पूछ सकते हैं।
3. डॉक्टर अपने आकलन के आधार पर, कुछ परीक्षण भी करवा सकते हैं जैसे:

  • आंखों की जांच : यह जांच कॉर्निया (ऐस्टिग्मैटिज्म, केरैटोकोनस), आंखों के लेंस की समस्या (अलग हो चुके लेंस, मोतियाबिंद), कंजंक्टिवा की समस्या (पेटीजियम), रेटिना की समस्या (मैक्युलर डीजेनेरेशन) जैसी समस्याओं के निदान में मदद कर सकती है। आपका नेत्र चिकित्सक इस जांच के लिए आपकी आंखों को फैला सकता है या विस्तार दे सकता है।
  • खून की जांच : ब्लड शुगर (ग्लूकोज टेस्ट) डायबिटीज की जांच के लिए और थायराइड-उत्तेजक हार्मोन टेस्ट हाइपरथायरॉयडिज्म की जांच के लिए (शरीर ग्रेव्स रोग में बहुत अधिक थायराइड हार्मोन का उत्पादन कर सकता है)। ये दोनों समस्या के अंतर्निहित कारण को निर्धारित करने के लिए आवश्यक हैं।
  • हेड स्कैन : ब्रेन का एमआरआई स्कैन ताकि ब्रेन में किसी तरह के रक्त स्त्राव, मस्तिष्क धमनी विस्फार या ट्यूमर की जांच की जा सके। चोट या रक्तस्राव के संकेतों के लिए टोमोग्राफी या सिर का सीटी स्कैन भी किया जा सकता है।

दोहरी दृष्टि दोष का उपचार - Double Vision Treatment in Hindi

दोहरी दृष्टि का इलाज उसके कारण पर निर्भर करता है यानि किस कारण से यह समस्या हुई है उस पर ही इसका इलाज निर्भर करता है:

  • सुधार करने वाले चश्मे का इस्तेमाल : ऐस्टिगमैटिज्म और स्ट्रैबिस्मस जैसी स्थिति के कारण अगर दोहरी दृष्टि की समस्या हुई हो तो इसे सही प्रिस्क्रिप्शन चश्मे के जरिए सुधारा जा सकता है।  (और पढ़ें- धुंधला दिखना, कारण, लक्षण, इलाज)
  • आई पैच यूज करना : अगर बाइनोक्यूलर डबल विजन की समस्या हो तो आई पैच पहनने से लक्षण में सुधार हो सकता है।
  • आई ड्रॉप इस्तेमाल करना : ड्राई आईज की समस्या की वजह से अगर दोहरी दृष्टि की समस्या हुई हो तो आई ड्रॉप्स इसमें विशेष रूप से सहायक है।
  • आंखों को आराम देना : ड्राई आई सिंड्रोम और यहां मायस्थेनिया ग्रेविस जैसी स्थितियों के कारण दोहरी दृष्टि की समस्या हो रही हो तो आंखों को पर्याप्त आराम देने पर अस्थायी रूप से समस्या का समाधान हो सकता है।
  • नेत्र व्यायाम : व्यायाम जो आंख की मांसपेशियों को मजबूत करते हैं और संरेखण में सुधार करते हैं, दोहरी दृष्टि को कम करने में मदद कर सकते हैं।
  • सर्जरी : मोतियाबिंद का ऑपरेशन, रेडियल केरैटोटोमी या ऐस्टिगमैटिज्म के लिए लेजर आई सर्जरी जैसी प्रक्रियाएं संबंधित समस्याओं का इलाज कर सकती हैं। एक बार जब समस्या दूर हो जाती है, तो दोहरी दृष्टि के लक्षण में भी सुधार होने लगता है।
  • दवा : मधुमेह, ग्रेव्ज रोग, मायस्थेनिया ग्रेविस और मल्टीपल स्केलेरोसिस जैसी स्थितियों के लिए आजीवन दवाएं खाने की जरूरत होती है।
  • बोटॉक्स इंजेक्शन : लेजी आई जैसी समस्याओं वाले रोगियों में मजबूत आंख की मांसपेशियों को आराम देने के लिए बोटॉक्स इंजेक्शन दिया जा सकता है। इससे रोगी की ध्यान केंद्रित करने के लिए कमजोर आंख का उपयोग करने की संभावना में सुधार होगा। हालांकि, यह एक अस्थायी सुधार है और रोगियों को नियमित अंतराल पर बोटॉक्स इंजेक्शन लेने की आवश्यकता होगी।
  • आहार : विटामिन बी इंजेक्शन और दवाओं के अलावा, रोगी को अच्छी तरह से खाने की सलाह दी जाती है। थियामिन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए जिसमें लंबे दाने वाले सफेद चावल, काले सेम और केल जैसी चीजें शामिल हैं।
  • अन्य उपचार : कुछ स्थितियों में जैसे- सिर या चेहरे पर लगी चोट के लिए विभिन्न उपचार जैसे आइस पैक, टांके लगाना आदि का उपयोग चोट, फ्रैक्चर, कट, आंखों के आसपास काला होना, मस्तिष्क आघात या दर्द के इलाज के लिए किया जा सकता है।
Dr. Meenakshi Pande

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ऑपथैल्मोलॉजी
22 वर्षों का अनुभव

Dr. Akshay Bhatiwal

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Dr. Surbhi Thakare

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Dr. Ashish Amar

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दोहरी दृष्टि दोष की दवा - Medicines for Double Vision in Hindi

दोहरी दृष्टि दोष के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

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