कोरोना वायरस महामारी के कारण मेडिकल क्षेत्र में जो महंगाई बढ़ी है, उसने हमे हेल्थ इन्शुरन्स का महत्व सिखाया है। भारत में भी आजकल प्राइवेट कंपनियां अपने कर्मचारियों को उचित स्वास्थ्य बीमा प्रदान करती हैं। हालांकि, फिर भी देश में एक बड़ी संख्या में लोग स्वास्थ्य बीमा की कवरेज से वंचित हैं। इनमें से अधिकतर लोग ऐसे हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण अपने व परिवार के लिए एक उचित हेल्थ इन्शुरन्स प्लान खरीद नहीं पाते हैं। सरकार भी इन लोगों को स्वास्थ्य बीमा कवरेज देने की पूरी कोशिश कर रही हैं।

यूनिवर्सल हेल्थ इन्शुरन्स स्कीम भी सरकार द्वारा जारी की गई एक विशेष हेल्थ इन्शुरन्स स्कीम है। यह बीमा योजना 2003 में शुरू की गई, जिसमें कम आय वाले लोगों को मेडिकल खर्च पर कवरेज दी जाती है। यूएचआईएस में बीपीएल के साथ-साथ एपीएल परिवारों को भी कवरेज प्रदान करती है। इस लेख में हम यूनिवर्सल हेल्थ इन्शुरन्स स्कीम क्या है, इसके लाभ और इसमें क्या-क्या कवरेज दी जाती है आदि के बारे में बात करेंगे।

(और पढ़ें - कोरोना वायरस हेल्थ इन्शुरन्स पालिसी क्यों जरूरी है)

  1. यूएचआईएस क्या है - What is UHIS in Hindi
  2. यूएचआईएस के फीचर क्या हैं - What are the Features of UHIS in Hindi
  3. यूनिवर्सल हेल्थ इन्शुरन्स स्कीम से क्या लाभ मिलते हैं - What are the Benefits of UHIS in Hindi
  4. यूएचआईएस में क्या कवर किया जाता है - What is covered in UHIS in Hindi
  5. यूनिवर्सल हेल्थ इन्शुरन्स स्कीम में क्या कवर नहीं होता है - What is not covered in Universal Health Insurance Scheme in Hindi
  6. यूएचआईएस की पात्रता के क्या मापदंड हैं - What are the eligibility criteria for UHIS in Hindi
  7. यूनिवर्सल हेल्थ इन्शुरन्स स्कीम के लिए आवेदन कैसे करें - How to Apply for Universal Health Insurance Scheme in Hindi
  8. यूएचआईएस के लिए किन दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ती है - What documents are required for UHIS in Hindi

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने 2003 में यूनिवर्सल हेल्थ इन्शुरन्स स्कीम को लॉन्च किया। यह एक सरकारी बीमा योजना है, जिसके तहत आर्थिक तंगी से जूझ रहे लोगों को मेडिकल खर्च पर कवरेज प्रदान की जाती है। यह स्कीम मंत्रालय के यूनिवर्सल हेल्थ एश्योरेंस मिशन के एक हिस्से के रूप में लॉन्च की गई थी जिसमें गरीबी रेखा से नीचे और ऊपर दोनों वर्गों के लोगों को कवरेज प्रदान का जाती है।

इस बीमा योजना का मुख्य उद्देश्य विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है।

(और पढ़ें - राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना क्या है)

जैसा कि यह जानते हैं यूनिवर्सल हेल्थ इन्शुरन्स स्कीम को भारत सरकार द्वारा जारी किया गया है, इसमें मिलने वाले मुख्य फीचर कुछ इस प्रकार हैं -

  • यूएचआईएस को एक व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा योजना या ग्रुप हेल्थ इन्शुरन्स के रूप में खरीदा जा सकता है।
  • यह बीमा योजना घर के मुख्य कमाने वाले व्यक्ति के नाम पर होती है और जिसमें घर के अन्य सभी सदस्यों का नाम भी दर्ज होता है जिन्हें कवरेज प्राप्त है।
  • यदि यह कोई ग्रुप पॉलिसी है, तो यह उस समूह, संघ या संस्था के नाम पर होगी। पॉलिसी में समूह से जुड़े लोग व उसके परिवार का नाम भी होता है, जिन्हें योजना के तहत कवरेज दी जाती है।
  • यदि कोई व्यक्ति पहले ही किसी ग्रुप पॉलिसी कवर है, तो वह किसी अन्य ग्रुप हेल्थ इन्शुरन्स स्कीम का हिस्सा नहीं बन सकता है।

(और पढ़ें - (ग्रुप मेडिकल इन्शुरन्स क्या है)

यूनिवर्सल हेल्थ इन्शुरन्स स्कीम मुख्य रूप से देश के उन वर्गों को मेडिकल खर्च पर कवरेज प्रदान करती है, जो आर्थिक तंगी के कारण स्वयं अपने स्वास्थ्य खर्चों को उठा नहीं सकते हैं। इसके अलावा यूएचआईएस से कवरेज प्राप्त करने वाले लोगों को निम्न लाभ मिलते हैं -

  • हॉस्पिटलाइजेशन पर खर्च -
    यदि बीमित व्यक्ति किसी बीमारी या चोट आदि लगने के कारण अस्पताल में भर्ती हुआ है, तो उस दौरान होने वाले खर्च पर कवरेज के रूप में 30,000 रुपये राशि प्रदान की जाती है। इस बीमा राशि में हॉस्पिटलाइजेशन के दौरान हुई नॉर्मल डिलीवरी के लिए 2500 और सी-सेक्शन के लिए 5000 रुपये तक की राशि कवरेज के रूप में प्रदान की जाती है। हालांकि, प्रत्येक बीमारी पर क्लेम की जाने वाली अधिकतम राशि 15 हजार रुपये है, जिसमें मैटरनिटी पर मिलने वाली कवरेज अलग होती है।
     
  • पर्सनल एक्सीडेंट कवरेज -
    यदि घर का मुख्य कमाने वाला व्यक्ति जो पॉलिसीधारक है, वह दुर्घटनाग्रस्त हो जाता है और 6 महीने के भीतर ही उसकी मृत्यु हो जाती है। ऐसे में उसके परिवार वालों को 25 हजार रुपये तक की राशि कवरेज के रूप में मिलती है।
     
  • विकलांगता के लाभ -
    इस लाभ के तहत यदि पॉलिसीधारक या उसके परिवार का कोई व्यक्ति किसी बीमारी या दुर्घटना के कारण अस्पताल में भर्ती हो जाता है। ऐसे में 3 दिन के वेटिंग पीरियड के बाद खर्च पर कवरेज के रूप में 50 रुपये प्रतिदिन प्रदान किए जाते हैं। हालांकि, यह कवरेज अधिकतम 15 दिनों तक ही दी जाती है।

(और पढ़ें - हेल्थ इन्शुरन्स में ग्रेस पीरियड क्या होता है)

यूनिवर्सल हेल्थ इन्शुरन्स स्कीम में लाभार्थी को खर्च पर जो कवरेज मिलती है, उसमें मुख्य रूप से निम्न शामिल है -

  • बीमित राशि के 0.5 फीसद तक रूम रेंट और बोर्डिंग खर्च
  • रोजाना बीमित राशि का 1 प्रतिशत आईसीयू कवरेज के रूप में
  • सम-इंश्योर्ड का 15 फीसद सर्जन, एनेस्थेटिक, कन्सलटेंट, नर्सिंग और अन्य मेडिकल प्रैक्टिशनर्स की फीस के रूप में
  • नॉर्मल डिलीवरी होने पर 2500 और सी-सेक्शन होने पर 5000 रुपये मैटरनिटी कवरेज के रूप में दिए जाते हैं।
  • अस्पताल में भर्ती होने पर प्रति पॉलिसी 30 हजार रुपये तक की कवरेज मिलती है, जिसमें मैटरनिटी कवरेज भी शामिल है।
  • यदि किसी दुर्घटना के कारण घर के अकेले कमाने वाले व्यक्ति क्षतिग्रस्त हो जाता है और छह महीने के भीतर ही उसकी मृत्यु हो जाती है, तो पर्सनल एक्सीडेंट कवर के रूप में 25000 रुपये तक की राशि मिलती है।
  • किसी रोग या दुर्घटना के कारण यदि बीमित व्यक्ति या उसकी पत्नी/पति अस्पताल में भर्ती होते हैं, तो उसे विकलांगता पर मुआवजे के रूप में राशि प्रदान की जाती है। इन स्थितियों में अस्पताल में भर्ती होने पर 3 दिन के वेटिंग पीरियड के बाद रोजाना 50 रुपये प्रतिपूर्ति के लिए दिए जाते हैं। यह लाभ अधिकतम 15 दिनों तक ही मिल सकता है।

(और पढ़ें - myUpchar बीमा प्लस में आपको क्या-क्या कवर मिलता है)

यूनिवर्सल हेल्थ इन्शुरन्स स्कीम आपको मेडिकल खर्चों पर कवरेज प्रदान नहीं करता है, जिसमें निम्न शामिल है -

  • एचआईवी एड्स के इलाज पर खर्च
  • युद्ध आदि में हुई शारीरिक क्षति
  • यौन संबंधी रोग
  • जन्मजात रोग
  • खतना सर्जरी (यदि दुर्घटना आदि के कारण खतना करने की आवश्यकता पड़ी है, तो इसे कवर किया जाता है)
  • चश्मे, कॉन्टैक्ट लेंस या कान की मशीन आदि पर हुआ खर्च
  • खुदकुशी या खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करना
  • विटामिन या अन्य कोई टॉनिक लेने पर हुआ खर्च
  • शराब या अन्य किसी नशीले पदार्थ का सेवन करने के कारण शारीरिक क्षति या मृत्यु होना
  • अपराध या कोई गैर-कानूनी गतिविधि करने के कारण शारीरिक क्षति या मृत्यु होना

(और पढ़ें - शराब की लत छुड़ाने के घरेलू उपाय)

यूनिवर्सल हेल्थ इन्शुरन्स स्कीम के लिए पात्रता मुख्य रूप से इस बात पर निर्भर करती है, कि आप बीपीएल या एपीएल परिवार में से किस से संबंध रखते हैं। इन दोनों वर्गों के अनुसार यूएचआईएस की पात्रता कुछ इस प्रकार है -

  • एपीएल -
    यदि आपका परिवार गरीबी रेखा से ऊपर है, तो यूएचआईएस की पात्रता के लिए आपकी आय एक निर्धारित सीमा से ऊपर होनी चाहिए। इस योजना की कवरेज को 5 से 65 वर्ष तक के लोगों के लिए चुना जा सकता है। यदि इस बीमा योजना में बीमित व्यक्ति के माता-पिता को कवरेज दी जा रही है, तो शिशुओं और छोटे बच्चों को भी 3 महीने से 5 साल की उम्र तक कवरेज दी जाती है।
     
  • बीपीएल -
    यदि आपका गरीबी रेखा से नीचे है, तो भी एक निर्धारित सीमा से नीचे की आय ही आपको इस योजना का पात्र बनाती है। ऐसे में बीडीओ या तहसीलदार दफ्तर से एक विशेष सर्टिफिकेट बनाया जाता है, जिसकी आवश्यकता यूनिवर्सल हेल्थ इन्शुरन्स स्कीम का पंजीकरण कराते समय पड़ती है। बीपीएल परिवार से संबंध रखने वाले व्यक्ति 5 से 70 वर्ष की उम्र तक इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। 3 महीने से 5 साल तक के बच्चे भी तब तक इस योजना में कवर होते हैं, जब तक उनके माता पिता को कवरेज मिलती है।

(और पढ़ें - मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान क्या है)

यूनिवर्सल हेल्थ इन्शुरन्स स्कीम के लिए खुद को नामांकित करने के लिए सबसे पहले संबंधित बीमा योजना प्रदाता से मिलें, जो आपको यह यूएचआईएस के लिए अप्लाई करने में मदद करेंगे।

यदि आप बीपीएल के रूप में आवेदन करना चाहते हैं, तो आपको बीडीओ या तहसीलदार द्वारा जारी किए गए सर्टिफिकेट की आवश्यकता पड़ती है। इस योजना के लिए आवेदन करने के लिए यह सर्टिफिकेट जरूरी है, जो आपकी आय के प्रमाण पत्र के रूप में काम करता है।

वैसे तो यूनिवर्सल हेल्थ इन्शुरन्स स्कीम मुख्य रूप से बीपीएल परिवारों को मेडिकल खर्च पर कवरेज देने के लिए बनाया गया है। हालांकि, एपीएल परिवार भी थोड़ी बहुत लागत देकर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।

(और पढ़ें - आयुष्मान भारत सरबत सेहत बीमा योजना क्या है)

यदि आप यूनिवर्सल हेल्थ इन्शुरन्स स्कीम का लाभ उठाना चाहते हैं और इस योजना के सभी मापदंडों को पूरा करते हैं। ऐसे में आवेदन करने के लिए आपको एक विशेष प्रमाण पत्र की आवश्यकता पड़ती है, जो दर्शाता है कि आपका परिवार गरीबी रेखा से नीचे है। वहीं एपीएल वर्ग के लिए उन्हें अपनी आय का प्रमाण दिखाना पड़ता है।

(और पढ़ें - myUpchar बीमा प्लस पॉलिसी क्यों है बेहतर)

और पढ़ें ...
cross
डॉक्टर से अपना सवाल पूछें और 10 मिनट में जवाब पाएँ