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रसभरी का वैज्ञानिक नाम फ़ाइसेलिस पेरयूवियाना (Physalis peruviana) है। ये छोटे पीले बेर होते हैं जो दक्षिण अमेरिका से उत्पन्न हुए हैं। रसभरी अन्य बेर की तुलना में टमाटर और बैंगन से अधिक संबंधित हैं और इनका आकार कांच की गोलियों के जितना होता है। ये दक्षिण अफ्रीका और यूरोप सहित दुनिया के कई अन्य भागों में उगाये जाते हैं और बड़े पैमाने पर निर्यात किए जाते हैं।

(और पढ़ें - रास्पबेरी के फायदे और नुकसान)

  1. रसभरी के फायदे - Rasbhari ke Fayde in Hindi
  2. रसभरी के नुकसान - Rasbhari ke Nuksan in Hindi

इन सुपर बेरीज में कैलोरी का स्तर बहुत ही कम होता है और इसमें अधिकांश विटामिन और खनिज का मध्यम स्तर पाया जाता है। हालांकि, इस फल में अधिक मात्रा में एंटीऑक्सिडेंट एकाग्रता पाई जाती है। पॉलीफेनोल और कैरोटीनोइड्स मानव स्वास्थ्य के शक्तिशाली तत्व होते हैं और रसभरी में इनकी महत्वपूर्ण मात्रा पाई जाती है। केप गोशेबेरी में विटामिन सी की मात्रा, नींबू से भी अधिक पाई जाती है! विटामिन सी आपकी त्वचा के लिए ही अच्छा नहीं है, बल्कि यह आपकी प्रतिरक्षा को बढ़ाने में भी मदद करता है। तो आइये जानते हैं रसभरी से होने वाले लाभों के बारे में -

  1. रसभरी के फायदे गठिया का इलाज करने के लिए - Golden Berries Benefits for Arthritis in Hindi
  2. रसभरी के गुण करें वजन कम करने में मदद - Golden Berries for Weight Loss in Hindi
  3. रसभरी के लाभ रखें कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित - Rasbhari ke Fayde for Cholesterol in Hindi
  4. रसभरी फ्रूट करें कैंसर का इलाज - Golden Berry Cures Cancer in Hindi
  5. रसभरी फल है डायबिटीज का घरेलू उपाय - Golden Berries for Diabetes in Hindi
  6. गोल्डन बेरीज फॉर किडनी - Golden Berries for Kidney in Hindi
  7. आंखों के लिए लाभकारी है रसभरी - Cape Gooseberry for Eyes in Hindi
  8. प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत रखें रसभरी से - Golden Berries for Immune System in Hindi
  9. रसभरी का सेवन करें हाई ब्लड प्रेशर को कम - Rasbhari Fruit Benefits for High Blood Pressure in Hindi
  10. पाचन को बेहतर रखें रसभरी से - Cape Gooseberry for Digestion in Hindi

रसभरी के फायदे गठिया का इलाज करने के लिए - Golden Berries Benefits for Arthritis in Hindi

रसभरी एंटीऑक्सिडेंट्स में समृद्ध होती है जो सूजन को कम करने में सहायता करते हैं। यदि आप गठिया, मांसपेशियों में दर्द, क्रोनिक दर्द या बवासीर से पीड़ित हैं तो आपको रसभरी का सेवन करना शुरू कर देना चाहिए। इसमें सूजन को कम करने वाले गुण होते होते है जो इन समस्याओं का इलाज करने में मदद करते हैं और आपके समग्र स्वास्थ्य में सुधार कर सकते हैं। रसभरी धमनियों और रक्त वाहिकाओं की सूजन को कम करने और दांतों की रक्तस्रावी और कोरोनरी हृदय रोग के विकास को रोकने के द्वारा हृदय स्वास्थ्य में सुधार करती है। यह प्रभावी रूप से रक्तचाप को भी कम करता है और साथ ही यह उच्च रक्तचाप के लक्षणों को कम करता है और आपके दिल को रोगों से दूर रखने में मदद करता है।

(और पढ़ें - गठिया के घरेलू उपाय)

रसभरी के गुण करें वजन कम करने में मदद - Golden Berries for Weight Loss in Hindi

कम कैलोरी भोजन (100 ग्राम प्रति केवल 53 कैलोरी) के रूप में, गोल्डन बेरीज लोगों को वजन कम करने में मदद कर सकती है। ये छोटे फल आपके दैनिक पोषक तत्वों का एक बड़ा हिस्सा देते हैं जिससे आपको अपना वजन कम करने के लक्ष्यों को ट्रैक पर रखने में मदद मिलती है! 

(और पढ़ें - मोटापा कम करने के लिए डाइट प्लान)

रसभरी के लाभ रखें कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित - Rasbhari ke Fayde for Cholesterol in Hindi

हालांकि बहुत से लोग शरीर के नकारात्मक घटक के रूप में फैट के बारे में सोचते हैं, वास्तव में, हमारे शरीर में कई प्रक्रियाओं के समुचित कार्य के लिए हमें आवश्यक फैटी एसिड की आवश्यकता होती है। उदाहरण के लिए, रसभरी में पाए जाने वाले ओलिक और लिनोलिक एसिड हमारे शरीर में "खराब" कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम करते हैं और अलग-अलग तरीकों से हृदय स्वास्थ्य को बेहतर करने के लिए कोलेस्ट्रॉल संतुलन को पुनः स्थापित करता है। इस तरह रसभरी हाई कोलेस्ट्रॉल में उपरोगी साबित हो सकती है।

(और पढ़ें - कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए क्या खाएं)

रसभरी फ्रूट करें कैंसर का इलाज - Golden Berry Cures Cancer in Hindi

आप अक्सर स्वास्थ्य खाद्य चर्चाओं में एनोलाइड्स (anolides) के बारे में अधिक नहीं सुनते हैं क्योंकि ये काफी दुर्लभ होते हैं जो कुछ ही फल सब्जियों में पाया जाता है। लेकिन एनोलाइड्स रसभरी में पाए जाते हैं। ये अनूठे आर्गेनिक यौगिक, शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट और सूजन को कम करने वाले एजेंट पाए जाते हैं जो एपोपोटिकिस या स्वत: कोशिका मृत्यु को प्रेरित कर सकते हैं और पूरे शरीर में कैंसर की कोशिकाओं के प्रसार को धीमा या रिवर्स कर सकते हैं। 

(और पढ़ें - कैंसर से लड़ने वाले दस बेहतरीन आहार)

रसभरी फल है डायबिटीज का घरेलू उपाय - Golden Berries for Diabetes in Hindi

रसभरी के भीतर पाए जाने वाले कुछ यौगिक कार्बोहाइड्रेट से सरल शर्करा के टूटने और सेवन को धीमा कर सकते हैं। इसका मतलब यह है कि शरीर और खून की मात्रा चीनी के साथ अधिक नहीं बढ़ी है और इंसुलिन रिसेप्टर्स ठीक से नियंत्रित रहते हैं। अत्यधिक रक्त शर्करा का उतार-चढ़ाव शुगर की बीमारी (मधुमेह) का मुख्य कारण है। जिसका अर्थ है कि रसभरी टाइप 2 मधुमेह के लिए बहुत ही अच्छा उपचार घरेलू उपाय है। 

(और पढ़ें - शुगर का आयुर्वेदिक इलाज)

गोल्डन बेरीज फॉर किडनी - Golden Berries for Kidney in Hindi

रसभरी में मौजूद एनोलाइड्स (anolides) लिवर स्काररिंग (scarring) में कमी के लिए जाने जाते हैं। इसके अलावा, रसभरी इष्टतम गुर्दे के स्वास्थ्य के साथ जुड़ी हुई है, जो पेशाब को उत्तेजित करके विषाक्त पदार्थों को खत्म करने और लिम्फेटिक प्रणाली से अतिरिक्त वसा, नमक और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करती है।

(और पढ़ें - किडनी रोग का उपचार)

आंखों के लिए लाभकारी है रसभरी - Cape Gooseberry for Eyes in Hindi

रसभरी में पाए जाने वाली उच्च कैरोटीनॉइड सामग्री के कारण, यह आपके आंखों के स्वास्थ्य को बढ़ाने के लिए अक्सर इसका सेवन करने की सलाह दी जाती है। कैरोटीनॉयड विशेष रूप से ऑकुलर सिस्टम पर ऑक्सीडेटिव तनाव को खत्म करते हैं, मोतियाबिंद के विकास को रोकते हैं और मैक्यूलर डिएनेजरेशन की शुरुआत धीमा करते हैं।

प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत रखें रसभरी से - Golden Berries for Immune System in Hindi

रसभरी में मौजूद विटामिन सी का महत्वपूर्ण स्तर (दैनिक मात्रा का लगभग 15%) पाया जाता है। जो इसे प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण फल बनाता है। विटामिन सी (एस्कॉर्बिक एसिड) सफेद रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को उत्तेजित करता है और इसमें कुछ एंटीऑक्सीडेंट गुण भी होते हैं। इसके अलावा, यह कोलेजन के उत्पादन में एक महत्वपूर्ण घटक है, जो कोशिकाओं, ऊतकों, अंगों और रक्त वाहिकाओं की रिपेयर और उत्पादन में मदद करता है। 

(और पढ़ें - रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ और घरेलू उपाय)

रसभरी का सेवन करें हाई ब्लड प्रेशर को कम - Rasbhari Fruit Benefits for High Blood Pressure in Hindi

फाइटोकेमिकल्स जैसे पॉलिफेनोल और कैरोटीनॉयड की उपस्थिति के कारण, रसभरी हाई ब्लड प्रेशर के स्तर को नियमित रख सकती है। घुलनशील पेक्टिन फाइबर के साथ ये रसायन खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को रोक और हृदय स्वास्थ्य को अच्छा रख सकते हैं। 

(और पढ़ें - हाई बीपी का आयुर्वेदिक इलाज)

पाचन को बेहतर रखें रसभरी से - Cape Gooseberry for Digestion in Hindi

इसमें मौजूद फाइबर आपकी पाचन प्रक्रियाओं को सामान्य करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। फाइबर से समृद्ध रसभरी को अपने आहार के रूप में उपयोग करना बहुत ही अच्छा होता है। इसके अलावा, पेक्टिन फाइबर में यह गैस्ट्रोएंटेरेटिस पथ की परेशानी को शांत करने और कब्ज ख़त्म करने में मदद करता है। और यह एक महान रेचक के रूप में भी कार्य करता है। 

(और पढ़ें - पाचन क्रिया सुधारने के उपाय)

  1. बिना पके रसभरी को खाने से बचें, क्योंकि यह जहरीला हो सकता है।
  2. जंगली रसभरी को भी खाने की सलाह नहीं दी जाती है।
  3. यदि आपको अन्य बेरीज से एलर्जी होती है, तो आपको इसके सेवन से पहले अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए।
  4. स्तनपान कराने वाली और गर्भवती महिलाओं को इसके सेवन से पहले अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए।
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