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भारतीय घर आम तौर पर मसालों और जड़ी-बूटियों से भरे होते हैं जो रोजाना खाना पकाने में इस्तेमाल होते हैं। लेकिन आप इन मसालों और जड़ी-बूटियों को देसी काढ़े बनाने के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं जो न केवल रोगों का इलाज करते हैं बल्कि समग्र स्वास्थ्य में सुधार करते हैं। काढ़ा एक पेय है जिसमें जड़ी-बूटियों और मसालों को पानी में आम तौर पर लंबे समय के लिए उबाला जाता है। जड़ी बूटियों का चुनाव आप अपनी बीमारी के अनुसार कर सकते हैं। स्वाद भी उसी के अनुसार भिन्न होता है। एक बार जब काढ़ा तैयार हो जाता है तो आप दिन में कई बार काढ़े का सेवन कर सकते हैं। आप इसे स्टोर भी कर सकते हैं और फिर इसे पीने से पहले गर्म कर सकते हैं। यहां पांच ऐसे आयुर्वेदिक काढ़े बताये गए हैं जिनका आपको नीचे दी गई बीमारियों में इस्तेमाल करना चाहिए।

(और पढ़ें - काढ़ा कैसे बनाये)

 

  1. तुलसी का काढ़ा करें बुखार का इलाज - Kadha for Fever in Hindi
  2. सर्दी खांसी के लिए देसी काढ़ा है उपयोगी - Desi Kadha for Cold and Cough in Hindi
  3. इम्युनिटी को मजबूत बनाये आयुर्वेदिक काढ़ा - Ayurvedic Kadha for Immunity in Hindi
  4. मधुमेह में लाभकारी है ये काढ़ा - Kadha for Diabetes in Hindi
  5. पाचन में सहायक है अजवायन सौंफ काढ़ा - Kadha for Digestion in Hindi

सर्दियों के महीनों में बुखार काफी आम समस्या होती है लेकिन यह काढ़ा इसके इलाज में मदद कर सकता है। इस काढ़े को बनाना बहुत ही आसान है और इस काढ़े के सेवन के बाद पसीना आता है जिससे बुखार कम हो सकता है। (और पढ़ें – बुखार के कारण)

  • तुलसी के पत्ते और 5 लौंग लें और उन्हें क्रश करें।
  • उन्हें एक गिलास उबलते हुए पानी में डालें।
  • इसे तब तक उबालें, जब तक यह आधे से कम नहीं रह जाता है और फिर इसमें एक चुटकी नमक की डाल दें।
  • इस काढ़े को 2-3 दिन के लिए दिन में दो बार पिएं।

वात और कफ को शांत करने के लिए सूखी अदरक और काली मिर्च उत्कृष्ट हैं। ये श्वसन प्रणाली के स्वास्थ्य को बनाए रखने और पाचन और संचलन को बढ़ाने में सहायक होती है। ये सामग्री शरीर में गर्मी उत्पन्न करती हैं।

  1. अदरक और काली मिर्च को पानी में मिलाकर तब तक उबालें जब तक कि यह आधे से कम नहीं रह जाता है।
  2. इसमें शहद डालें और अच्छी तरह मिक्स करें।
  3. सर्दी में ठंड और खांसी से राहत पाने के लिए प्रति दिन यह काढ़ा 3-4 बार पिएं। (और पढ़ें - खांसी के लक्षण)

यदि आप अक्सर बीमार पड़ जाते हैं, तो इसका मतलब है कि आपका इम्युनिटी कमजोर है। आप इस हर्बल काढ़े की मदद से इसे मजबूत कर सकते हैं। इस काढ़े में कई आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों का मिश्रण है। ये काढ़ा वात और कफ को शांत करता है, पाचन को उत्तेजित करता है, प्रतिरक्षा में वृद्धि करता है।

  1. उबलते पानी में हरी इलायची, दालचीनी, अदरक और सफेद मिर्च मिलाएं।
  2. उन्हें कुछ समय के लिए उबाल लें और फिर गैस बंद करें।
  3. यदि आपको स्वाद पसंद नहीं है, तो आप इस काढ़े कुछ बुँदे शहद की मिला सकते हैं।
  4. प्रतिरक्षा को मज़बूत करने के लिए हर दिन इसे पिएं।

क्या आप प्री डायबिटिक हैं जो लगातार अपने शुगर लेवल पर निगरानी रखते हैं? मेथी और हल्दी से बना काढ़ा आपके लिए उपयुक्त है। जो शरीर में शुगर लेवल को चेक रखने में मदद करता है।

  1. बराबर मात्रा में मेथी और हल्दी पाउडर को लें।
  2. उन्हें दूध में मिलाएं और उबाल लें।
  3. अच्छे परिणाम देखने के लिए हर सुबह एक गिलास पिएं।

यदि आप अक्सर पेट की बीमारियों से पीड़ित होते हैं जैसे गैस, अपच, कब्ज, सूजन आदि। यह अक्सर तब होता है जब आपकी पाचन प्रणाली अच्छी तरह से काम नहीं कर रही होती है। इसे सुधारने के लिए आप सौंफ और अजवाइन से बना काढ़े का सेवन कर सकते हैं। दोनों में कार्मिनटिव गुण होते हैं जो गैस को बनने से रोकते हैं और बेहतर पाचन में सहायता करते हैं।  (और पढ़ें - अपच कम करने के घरेलू उपाय)

  1. उबलते हुए पानी में एक चम्मच अजवायन और एक चम्मच सौंफ डालें।
  2. काढ़े को कुछ देर के लिए उबालें और फिर इसमें स्वाद के लिए शहद मिलाएं।
  3. पाचन में सुधार के लिए अपने भोजन के बाद इसे पिएं।
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