• हिं

एलर्जी की समस्या सिर्फ मनुष्यों तक ही सीमित नहीं है, यह कुत्तों में भी हो सकती है। कुत्तों की कुछ नस्ल जैसे चाइनीस शर-पेई, वायरहेयर्ड फॉक्स टेरियर, गोल्डन रिट्रीवर, डालमेशियन, बॉक्सर, बोस्टन टेरियर, लैब्राडोर रिट्रीजर, ल्हासा एप्सो, स्कॉटिश टेरियर और शिह त्जू में एलर्जी विकसित होने का खतरा अधिक होता है।

कुत्तों में किसी कीड़े के काटने, मौसम बदलने या कुछ प्रकार के खाद्य पदार्थों के सीधे संपर्क में आने की वजह से एलर्जी हो सकती हैकुछ कुत्तों में तीव्रग्राहिता (एलर्जिक शॉक) की समस्या हो सकती है। इस स्थिति को एनाफिलेक्टिक शॉक भी कहते हैं, जिसमें ब्लड प्रेशर अचानक कम हो जाता है और वायुमार्ग पतला हो जाता है। इसकी वजह से सांस लेने में परेशानी आने लगती है। कुत्तों में एलर्जी प्रतिक्रिया की वजह से खांसी, गले में घरघराहट, छींक, सांस लेने में तकलीफ, उल्टी और दस्त जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ज्यादातर, कुत्तों में एलर्जी पैदा करने वाले संकेतों को पहचान कर एलर्जी का निदान किया जाता है।

यदि एलर्जी की समस्या गंभीर नहीं है, तो ऐसे में घर पर ही एलर्जी के कारणों को ठीक किया जा सकता है। इस स्थिति में उसके आहार में प्रोबायोटिक्स को जोड़ना फायदेमंद साबित हो सकता है, क्योंकि यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने और आंतों के हानिकारक बैक्टीरिया को कम करने का कार्य करता है। कुत्ते को हमेशा साफ रखना चाहिए। इसके अलावा प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाने के लिए उन्हें विटामिन सी, विटामिन ए और जिंक सप्लीमेंट दिया जा सकता है।

(और पढ़ें - कुत्तों में केनेल खांसी के लक्षण)

  1. कुत्तों में एलर्जी का इलाज - Treatment of dog allergies in Hindi
  2. कुत्तों में एलर्जी के प्रकार - Dog food allergies in Hindi
  3. कुत्तों में एलर्जी के लक्षण - Symptoms of dog allergies in Hindi
  4. कुत्तों में एलर्जी को कैसे रोकें - How to prevent dog allergies in Hindi
  5. कुत्तों में एलर्जी का निदान - Diagnosis of dog allergies in Hindi

कुत्तों में एलर्जी का इलाज निम्नलिखित तरीकों से किया जा सकता है :

  • कुत्तों में एलर्जी रोकने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है कि उनमें एलर्जी रिएक्शन पैदा करने वाले पदार्थ जैसे भोजन या कपड़े को हटा दें। इससे एलर्जी के लक्षणों को फैलने से रोका जा सकता है।
  • नियमित रूप से कुत्तों को स्नान कराएं और उसकी त्वचा को साफ रखें। इससे उनमें खुजली का खतरा कम हो सकता है। (और पढ़ें - कुत्ते का स्वास्थ्य और देखभाल)
  • कुत्तों में पिस्सू का इलाज कुछ विशेष प्रकार की चबाने वाली गोलियां और फ्ली कॉलर की मदद से किया जा सकता है।
  • कुत्तों के पेट और आंत के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए दही जैसे प्रोबायोटिक्स दिए जा सकते हैं। इससे उन्हें जल्दी ठीक होने में मदद मिल सकती है।
  • कुत्तों में खुजली को कम करने और सूजन को रोकने के लिए एंटी-एलर्जी दवाइयां जैसे डिपेनहाइड्रामाइन या एंटीबायोटिक दी जा सकती हैं, लेकिन किसी भी दवाई का प्रयोग डॉक्टर की सलाह के बगैर न करें।

अगर कुत्ते में एलर्जिक रिएक्शन गंभीर है, तो उसे पशु चिकित्सक के पास ले जाएं।

घरेलू व आवारा दोनों प्रकार के कुत्तों में विभिन्न प्रकार की एलर्जी हो सकती है :

  1. कांटेक्ट एलर्जी
  2. कीट और पिस्सू से होने वाली एलर्जी
  3. ऐटोपिक एलर्जी
  4. एक्यूट एलर्जी
  5. खाद्य से होने वाली एलर्जी

कांटेक्ट एलर्जी

यह एलर्जी तब होती है जब आपका पालतू जानवर एलर्जी पैदा करने वाले कारकों के संपर्क में आ जाता है। यहां ऐसी चीजों के बारे में बताया गया है, जिनके संपर्क में आने से एलर्जी हो सकती है :

  • परफ्यूम (खुशबू)
  • फ्ली कॉलर में पाए जाने वाला पाइरेथ्रिन (फ्ली कॉलर एक तरह का डिवाइस जिसका उपयोग कुत्तों को पिस्सू से बचाने के लिए किया जाता है, जबकि पाइरेथ्रिन एक प्रकार का कीटनाशक है)
  • घास का बड़ा मैदान जहां अक्सर कीटनाशकों का उपयोग किया जाता है
  • सिगरेट का धुंआ
  • ऊन या कृत्रिम सामग्री से बने कालीन या बिस्तर
  • कुछ प्रकार के शैंपू, कंडीशनर या ग्रूमिंग प्रोडक्ट (सुंदरता बढ़ाने वाले उत्पाद)

कांटेक्ट एलर्जी किसी भी कुत्ते में किसी भी समय विकसित हो सकती है।

कीट और पिस्सू से होने वाली एलर्जी

कुत्तों में पाए जाने वाले कीटों में से पिस्सू सबसे आम है। यह कुत्ते के फर या उसकी त्वचा में संक्रमण फैलाते हैं। खून चूसने वाले इन पिस्सुओं की वजह से शरीर में एलर्जी होने लगती है। यह समस्या आमतौर पर एक से पांच साल की उम्र के कुत्तों को प्रभावित करती है।

दुर्भाग्य से, कुछ कुत्तों को पिस्सू की लार से भी एलर्जी हो सकती है। इस लार की वजह से एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है। इसे चिकित्सीय रूप से फ्ली एलर्जी डर्मेटाइटिस के नाम से जाता है। पिस्सू एलर्जी से त्वचा पर सूजन, लाली और जलन हो सकती है। फ्ली एलर्जी डर्मेटाइटिस से ग्रस्त कुत्तों में निम्न लक्षण दिखाई दे सकते हैं :

  • गंभीर रूप से खुजली
  • पिस्सू के काटने पर खरोंचना जिससे बाल भी झड़ सकते हैं

एटोपिक एलर्जी

इन्हें वायुजनित या सांस लेने के माध्यम से होने वाली एलर्जी भी कहा जाता है। यह समस्या साल के कुछ निश्चित समय में ज्यादा देखी जाती है। ये एलर्जी ज्यादातर मौसम के बदलने के दौरान होती है। उदाहरण के लिए, अगर किसी कुत्ते में सर्दी के लक्षण दिखाई देते हैं, तो उसे धूल के कणों से एलर्जी हो सकती है। इसी तरह, गर्मियों और वसंत ऋतु के दौरान कुत्तों को पेड़-पौधे या घासों के संपर्क में आने से एलर्जी की समस्या हो सकती है। यह एलर्जी कुत्तों में आनुवंशिक होती है।

एक्यूट एलर्जी

एक्यूट एलर्जी कुत्तों में होने वाली सबसे हानिकारक एलर्जी में से एक है। यदि किसी कुत्ते को एलर्जी के कारकों से गंभीर रिएक्शन होता है तो उसे एनाफिलेक्टिक शॉक भी लग सकता है। ऐसे में कुत्तों में अचानक निम्नलिखित लक्षण दिखाई दे सकते हैं :

  • सांस फूलना
  • होंठ नीले पड़ना
  • अत्यधिक खांसी
  • आंखें लाल होना और पानी आना
  • कुछ मामलों में बेहोश हो जाना

यदि तुरंत इलाज नहीं किया जाता है, तो एक्यूट एलर्जिक प्रतिक्रियाएं कुत्तों के स्वास्थ्य के लिए घातक हो सकती हैं।

खाद्य से होने वाली एलर्जी

खाद्य से होने वाली एलर्जी (फूड एलर्जी) को फूड हाइपरसेंसिटिविटी के रूप में भी जाना जाता है। आमतौर पर, कुत्तों में प्रोटीन या कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन जैसे कि  गेहूं, चिकन, दूध, अंडे या सोया के सेवन से एलर्जी पैदा हो सकती है। फूड एलर्जी कोई साधारण समस्या नहीं है, यह लगभग किसी भी उम्र में विकसित हो सकती है। इस एलर्जी से ग्रस्त कुत्तों में उल्टी और दस्त जैसे लक्षण भी देखे जा सकते हैं।

कुत्ते में किसी भी प्रकार की एलर्जी के साथ निम्नलिखित लक्षण दिखाई दे सकते हैं :

  • भरी नाक या नाक बहना
  • खांसी
  • सीने में जकड़न
  • सांस फूलना
  • गले में घरघराहट
  • आंख लाल हो जाना या आंखों में खुजली होना
  • त्वचा पर चकत्ते या पित्ती (त्वचा पर लाल धब्बे)
  • बाल झड़ना
  • उल्टी
  • दस्त
  • चेहरे, कान, होंठ या पलकों पर सूजन आना
  • लगातार शरीर को चाटना

कुत्तों में एलर्जिक रिएक्शन को रोकने के कुछ तरीके :

  • ऐसे कई स्प्रे और कीटनाशक पदार्थ उपलब्ध हैं, जिन्हें कीड़ों को रोकने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर कुत्ते को इन कीटों से एलर्जी है तो ओवर-द-काउंटर (ऐसे दवाइयां जिन्हें डॉक्टर के पर्चे के बिना सीधे उपभोक्ता को बेची जा सकता है) दवाइयों का प्रयोग किया जा सकता है।
  • कुत्तों को एलर्जी होने पर उन्हें एलर्जी वैक्सीन दी जा सकती है। इस तरह की वैक्सीन एलर्जी पैदा करने वाले कारकों को खत्म करती है।
  • आप कुत्ते के आहार में जरूरी बदलाव करके फूड एलर्जी को रोक सकते हैं। इससे कुत्ते के पेट का स्वास्थ्य अच्छा बना रहता है।
  • कोशिश करें कि मौसम बदलने के दिनों में कुत्ते को ज्यादातर घर के अंदर ही रखें।
  • आप कुत्ते को घास पर चलने से रोक नहीं सकते हैं, लेकिन उन्हें पेड़-पौधे और फूलों को सूंघने से रोक सकते हैं, क्योंकि यह कुत्तों में एलर्जी पैदा कर सकते हैं।

किसी भी ऐसे उत्पाद का इस्तेमाल करने से पहले हमेशा अपने पशु चिकित्सक से सलाह लें, क्योंकि कुत्ते को दिए जाने वाले कीटनाशकों में एलर्जी पैदा करने वाले तत्व भी हो सकते हैं।

(और पढ़ें - कुत्तों के कीड़े मारना)

फूड एलर्जी और एटोपिक एलर्जी जैसी कुछ एलर्जी का टेस्ट किसी भी मेडिकल टेस्ट के माध्यम से नहीं किया जा सकता है। इनका निदान केवल कुत्ते के एलर्जी पैदा करने वाले कारकों को पहचान करके ही किया जा सकता है। अन्य परीक्षण जो कुत्ते में एलर्जी का पता लगाने के लिए सहायक हो सकते हैं :

स्किन टेस्ट
पशु चिकित्सक कुत्ते की त्वचा में इंजेक्शन के माध्यम से थोड़ी मात्रा में एलर्जिक एंटीजन डालते हैं और इंजेक्शन वाले हिस्से के चारों ओर ध्यान देते हैं, ताकि किसी रिएक्शन का पता चल सके। अगर उस हिस्से पर सूजन या लालिमा दिखाई देती है तो यह एलर्जी का संकेत हो सकता है।

सीरम टेस्ट
पशु चिकित्सक कुत्ते के खून में एंटीजन-एंटीबॉडी रिएक्शन की जांच करने के लिए ब्लड टेस्ट कर सकते हैं। इन टेस्ट में आरएएसटी (रेडियोलायर्जोसॉर्बेंट) टेस्ट और एलिसा (एंजाइम-लिंक्ड इम्यूनोसॉर्बेंट एसे) टेस्ट शामिल हैं।

ऐप पर पढ़ें
cross
डॉक्टर से अपना सवाल पूछें और 10 मिनट में जवाब पाएँ