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जिंक हमारे शरीर के लिए एक महत्वपूर्ण खनिज है जो हमारे अच्छे स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक है। जस्ता हमारे पूरे शरीर की कोशिकाओं में पाया जाता है। जिंक हमारे शरीर के ठीक से काम करने और इम्युनिटी सिस्टम (immunity system) के लिए बहुत आवश्यक है।

  1. जिंक के स्रोत
  2. जस्ता के फायदे
  3. जिंक की अधिक मात्रा से नुकसान
  4. जस्ता की कमी के लक्षण और नुकसान
  5. जिंक की सही खुराक

जिंक या जस्ता अन्य दूसरे खनिज की तरह हमारे सम्पूर्ण शरीर के लिए बहुत आवश्यक है। जिंक के प्राकृतिक और अच्छे स्रोत मूंगफली, लहसुन, तिल, मशरुम, फलियां, राजमा, दालें, सोयाबीन, अलसी, बादाम, मटर, गेहूं, अंडे की जर्दी हैं। 

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जिंक मानव शरीर के लिए बहुत ही लाभदायक है। यह हमारे शरीर के इम्युनिटी सिस्टम (immunity system) , पाचन, शारीरिक विकास, मधुमेह नियंत्रण, भूख, तनाव का स्तर, प्रजनन, स्वाद और गंध जैसे कई कार्यों के लिए महत्वपूर्ण है। हमारे शरीर में जिंक स्वाद और गंध की भावना को बनाए रखने में मदद करता है। यह घाव भरने में मदद करता है। यह मुँहासे, फोड़े जैसी समस्याओं से लड़ने में मदद करता है। जिंक एक एंटीऑक्सीडेंट (antioxidant) के रूप में कार्य करता है। हमारे शरीर के सही विकास के लिए जिंक बहुत जरूरी है। जिंक नेत्र रोग, कान में झनझनाहट, अल्जाइमर रोग, कमजोर हड्डियों (ऑस्टियोपोरोसिस), गठियाअस्थमाएक्जिमा, और मुँहासे के उपचार में भी लाभदायक है। 

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जैसे जिंक की कमी हमारे शरीर के लिए अनेकों समस्याएं लाती हैं वेसे ही जस्ता की अधिक मात्रा मानव शरीर के लिए बहुत हानिकारक है। इसकी अधिक मात्रा पेट दर्द, मतली, मुंह में जलन आदि समस्याओं को जन्म देती है।

जिंक की कमी शरीर की इम्युनिटी को कम कर देती है। जिस कारण निमोनियाखांसी, जुखाम, सांस सम्बन्धी समस्या, आँख के रोग, बालों का झड़ना, भूख न लगना, स्वाद नहीं मिलने की समस्या, त्वचा पर घाव, अंधेरे में देखने में दिक्कत, घावों को ठीक होने में ज्यादा समय लगना, शारीरिक विकास का धीमा हो जाना तथा अन्य संक्रमणों होने की संभावना बढ़ जाती है। 

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अनुशंसित आहार भत्ता (Recommended Daily Allowances) के अनुसार जिंक की मात्रा जन्म से 6 महीने के उम्र के शिशु को 2 मिली ग्राम के करीब लेनी चाहिए। 9 से 13 साल के बच्चे को 8 मिली ग्राम के करीब लेनी चाहिए। 14 से 18 साल के पुरुष को 11 मिली ग्राम के करीब लेनी चाहिए। 14 से 18 साल की महिला को 9 मिली ग्राम के करीब लेनी चाहिए। 19 से 50 साल के पुरुष को 11 मिली ग्राम के करीब लेनी चाहिए। 19 से 50 साल की महिला को 8 मिली ग्राम के करीब लेनी चाहिए। गर्भवती महिला को 11 मिली ग्राम के करीब लेनी चाहिए और स्तनपान कराने वाली महिला को 12 मिली ग्राम के करीब लेनी चाहिए।

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