दुनिया कितनी भी आगे क्यो न हो, लेकिन आज के समय में भी कई लोग सेक्स से जुड़ी बातें करने से कतराते हैं. कई लोग इस बारे में खुलकर बात नहीं करते हैं. इस वजह से कई लोगों को सेक्स के बारे में सही और सटीक जानकारी नहीं होती. इसका बुरा असर उनकी सेक्सुअल लाइफ पर पड़ने लगता है. ऐसे में हर व्यक्ति को सेक्स से जुड़ी जानकारी खुलकर शेयर करनी चाहिए, ताकि सभी लोगों को सेक्स के प्रति सही जागरूकता मिल सके.
किंकी सेक्स ऐसी सेक्सुअल एक्टिविटी है, जिसमें व्यक्ति की सेक्स लाइफ को रोमांचक और स्पाइसी बनाया जा सकता है. बेडरूम में एडवेंचर करने से व्यक्ति के स्वास्थ्य और रिश्ते दोनों के लिए कई फायदे हो सकते हैं. यह सामान्य सेक्शुअल एक्टिविटीज से काफी अलग होता है.
आज इस लेख में किंकी सेक्स क्या है, इसके रूप, फायदे और सुरक्षित तरीकों के बारे में विस्तार से जानेंगे -
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- किंकी सेक्स क्या है और इसके स्वरूप
- किंकी सेक्स के फायदे
- किंकी सेक्स करते वक्त बरतें सावधानी
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- सारांश
किंकी सेक्स क्या है और इसके स्वरूप
किंक शब्द कोई टेक्निकल शब्द नहीं है. यह एक ऐसी यौन प्रथा है, जो सामान्य सेक्स की क्रिया से बाहर होती है. आमतौर पर सेक्स क्रियाओं में स्पर्श, रोमांटिक बातें, किस, योनि में प्रवेश, हस्तमैथुन और मुखमैथुन जैसी क्रियाएं होती हैं, लेकिन किंकी सेक्स इन सभी क्रियाओं से अलग होता है. इस यौन क्रिया से सेक्स लाइफ को नया रूप दिया जाता है, जिसमें पार्टनर बेडरूम में कई तरह के एडवेंचर करते हैं. आइए, इसके स्वरूपों के बारे में विस्तार से जानते हैं -
ग्रुप सेक्स
जैसा कि नाम से ही साफ होता है कि इसमें दो से ज्यादा पार्टनर शामिल होते हैं. इसमें लोग एक-दूसरे से साथ बेझिझक सेक्स करते हैं और बार-बार पार्टनर बदलते रहते हैं. ग्रुप सेक्स में गे और लेस्बियन कोई भी शामिल हो सकता है. आमतौर पर ग्रुप सेक्स में 10 प्रतिशत महिलाएं व 18 प्रतिशत पुरुष भाग लेते हैं.
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वॉइयूरिजम या एक्सबिशनिजम
किसी को कपड़े उतारते देखना या किसी कपल को सेक्स करते देखना सामान्य वॉइयूरिजम फेंटेसी है. वहीं, सार्वजनिक स्थान पर सेक्स करना भी इसका स्वरूप हो सकता है. कुछ सर्वे में देखा गया है कि 35 प्रतिशत वयस्क वॉइयूरिजम में रुचि रखते हैं.
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फेटिश
चार में से एक पुरुष व महिला फेटिश प्ले में रुचि रखते हैं. इसमें सेक्स टॉय से शरीर के अंगों के साथ यौन क्रिया की जाती है. आमतौर पर फेटिश प्ले में पैर और जूते, चमड़ा या रबर और डायपर प्ले या तमाम तरह के सेक्स टॉयज शामिल होते हैं.
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फेंटेसी एंड रोल प्लेइंग
किंकी सेक्स के सामान्य रूपों में ये सबसे आम है. यह काफी सरल है, लेकिन उन लोगों के लिए कठिन हो सकता है, जो अजीबो-गरीब वेशभूषा पहनने और अपनी कल्पनाओं को पूरा करने से कतराते हैं.
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बीडीएसएम
जो व्यक्ति किंकी सेक्स से वाकिफ होते हैं, उनके दिमाग में सबसे पहले बीडीएसएम जरूर आता है. यह चार अक्षरों का एक संक्षिप्त नाम है. जो 6 अलग-अलग चीजों से मिलकर बना है -
- B- बंधन (Bondage)
- D- अनुशासन (Discipline) व प्रभुत्व (Dominance)
- S- सबमिशन (Submission), सैडिजम (Sadism)
- M- मैसकिज़म (Masochism)
इस तरह बीडीएसएम का मतलब हुआ, सेक्स पार्टनर को अपने काबू में करके उसे कामुकता से भरा दर्द व तकलीफ देकर आनंद लेना. यहां हम स्पष्ट कर दें कि यह क्रिया किसी भी व्यक्ति को मानसिक रूप से दर्द या तकलीफ नहीं देती है, बल्कि ऐसा सेक्स का मजा बढ़ाने के लिए किया जाता है.
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किंकी सेक्स के फायदे
किंकी सेक्स करने से बेहतर महसूस होता है, जो व्यक्तियों को मानसिक रूप से स्वस्थ रखने में मददगार हो सकता है. रिसर्च में ये साबित हो चुका है कि बीडीएसएम क्रिया सेहत के लिए लाभकारी हो सकती है. इसके कुछ फायदे हैं, जैसे -
- स्ट्रेस दूर होना
- झिझक खुलना
- नए अनुभव महसूस करना
- सेक्स लाइफ में नयापन आना
- रिश्तों में नजदीकी बढ़ना
- भावनात्मक रूप से मजबूत होना
- सेक्स लाइफ बेहतर होना
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किंकी सेक्स करते वक्त बरतें सावधानी
किंकी सेक्स को करते समय कुछ बातों का ध्यान रखने की आवश्यकता होती है, जैसे -
पार्टनर की सहमति है जरूरी
किंकी सेक्स के बारे में सोचना गलत नहीं है, लेकिन इसके लिए पार्टनर की सहमति भी जरूरी होती है. खासतौर पर अगर कोई पहली बार किंकी सेक्स क्रिया अपना रहा है, तो सबसे पहले इस विचार के बारे में पार्टनर से जरूर राय लें, ताकि दोनों इस रोमांचक सेक्स का मजा ले सकें. स्वस्थ यौन संबंधों के लिए सहमति महत्वपूर्ण है.
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शारीरिक व मानसिक रूप से न करें परेशान
किंकी सेक्स में पार्टनर को दर्द देकर आनंद का अनुभव करवाया जाता है. यह दर्द और आनंद का मिश्रण होता है. कई कपल्स इस तरह के सेक्स की क्रिया में हल्के थप्पड़, बाल खींचने, बांधने, आंख बंद करने और सेक्स टॉयज का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन ध्यान रखें कि इस दौरान पार्टनर को शारीरिक रूप से गहरी चोट न लगे. इससे सेक्स का मजा खराब हो सकता है.
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पार्टनर पर दबाव न डालें
किसी भी तरह की यौन क्रिया के लिए दबाव महसूस होना चाहिए. किंकी सेक्स के लिए कम्युनिकेशन और विश्वास की आवश्यकता होती है. पार्टनर से खुलकर बात करने से एक-दूसरे को करीब से महसूस कर सकते हैं. इससे हर तरह का सेक्स एन्जॉय करना आसान होता है.
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संकोच न करें
हर व्यक्ति की सीमाएं अलग-अलग होती है. नए तरीके से सेक्स का विचार करने से कुछ लोगों को संकोच हो सकता है, लेकिन हेल्दी सेक्स लाइफ के लिए पार्टनर से इस तरह की बातें करने से संकोच न करें. किंकी सेक्स का भरपूर रूप से आनंद लेने के लिए पार्टनर के साथ पोर्न वीडियो देखना, मास्टरबेशन करना, फोरप्ले, ऑफ्टरप्ले जैसी क्रियाएं कर सकते हैं. इस तरह की एक्टिविटी को करने से उत्तेजना बढ़ती है. साथ ही सेक्स अच्छे तरीके से हो पाता है.
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आपके सवालों के जवाब यहाँ पाएं।
क्या किंकी सेक्स से मानसिक तनाव कम होता है?
कुछ स्टडीज़ में पाया गया है कि जो कपल्स आपसी सहमति से किंकी सेक्स करते हैं, उनमें स्ट्रेस लेवल कम और रिलेशन सैटिस्फैक्शन ज़्यादा होता है। इससे मूड बेहतर होता है और आत्मविश्वास भी बढ़ता है।
क्या हर कोई किंकी सेक्स ट्राय कर सकता है?
हर व्यक्ति अपनी पसंद के हिसाब से इसे ट्राय कर सकता है, लेकिन यह ज़रूरी है कि कोई भी एक्टिविटी पार्टनर की सहमति और समझदारी से की जाए। अगर किसी को असहजता हो, तो इसे मजबूरन नहीं करना चाहिए।
क्या किंकी सेक्स से रिलेशन बेहतर होते हैं?
जी हां, किंकी सेक्स करने से पार्टनर्स के बीच भरोसा, इमोशनल कनेक्शन और खुलापन बढ़ता है। इससे सेक्स लाइफ में नयापन आता है और रिश्ते में मज़बूती महसूस होती है, बशर्ते दोनों पार्टनर कम्फर्टेबल हों।
क्या बीडीएसएम और किंकी सेक्स एक ही चीज़ हैं?
नहीं, बीडीएसएम किंकी सेक्स का सिर्फ एक हिस्सा है। किंकी सेक्स में बीडीएसएम के अलावा रोल-प्ले, फेंटेसी, फेटिश और कई अन्य एक्ट शामिल हो सकते हैं जो सेक्स लाइफ को एक्साइटिंग बनाते हैं।
सारांश
किंकी सेक्स ऐसी यौन क्रिया है, जिसमें कपल्स अपनी सेक्स लाइफ को एक्साइटिंग, स्पाइसी और रोमांचक बनाने की कोशिश करते हैं. किंकी सेक्स से मानसिक और शारीरिक रूप से काफी लाभ मिलता है. बस ध्यान रखें कि किंकी सेक्स करने से पहले पार्टनर से सहमति जरूर लें, ताकि सेक्स का मजा दोगुना हो. बिना पार्टनर की सहमति से इस क्रिया को करने से आपका सेक्स लाइफ पर खराब असर पड़ सकता है.
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यौन रोग के डॉक्टर
Dr. Hakeem Basit khan
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