सेक्स या इससे जुड़े विषय पर भले ही आप खुलकर बात करना न चाहते हो, लेकिन इसी जुड़ी सभी तरह की जानकारियों को समझना और जानना बेहद जरूरी है। इसलिए, आज इस आर्टिकल में हम आपके साथ सेक्स के प्रकार और इससे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा करेंगे। मुख्य रूप से सेक्स के 6 प्रकार माने गए हैं, जैसे - ओरल सेक्स, एनल सेक्स, हस्तमैथुन आदि. इन सभी प्रकारों के बारे में हम इस लेख में विस्तार से बताएंगे।
- सेक्स क्या है?
- सेक्स के कितने प्रकार हैं?
- सेक्स करने के फायदे?
- सेक्स के जोखिम
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- सारांश
सेक्स क्या है?
सेक्स को हिन्दी में यौन सम्बन्ध या सम्भोग कहा जाता है। यह दो लोगों के बीच शारीरिक और मानसिक रूप से जुड़ने की प्रक्रिया होती है। यह केवल शरीर का मिलना नहीं होता बल्कि इसमें प्रेम, विश्वाश,भावनाएँ भी शामिल होती है। जब दोनों लोग अपनी मर्ज़ी से सेक्सुअल एक्टिविटी में इन्वॉल्व होते है तो उसे सेक्स कहा जाता है। दोनों पार्टनर्स की बराबर की इन्वॉल्वमेंट इसे आनंददायक बनाती हैं।
(और पढ़ें - ज्यादा सेक्स करने के फायदे)
सेक्स के कितने प्रकार हैं?
सेक्स में कई तरह की गतिविधियाँ शामिल हो सकती हैं, जैसे सेक्सुअल इंटरकोर्स , ओरल सेक्स, हस्तमैथुन और शरीर को छूने या आपसी संपर्क करने के अन्य तरीके।
अपने पार्टनर से सेक्स के बारे में खुलकर बात करना और अलग-अलग चीज़ें आज़माना रिश्ते को हेल्दी बनाता है और मज़ेदार भी हो सकता है। लोग अलग-अलग तरह के सेक्स और सेक्स एक्टिविटी का मज़ा लेते हैं। जो चीज़ें आपको पसंद हैं वो समय के साथ बदल सकती हैं या अलग पार्टनर के साथ अलग हो सकती हैं।
(और पढ़ें - सेक्स से पहले क्या खाएं)
सेक्स तो आप सभी करते है परन्तु कभी जाना है ये कितने प्रकार का होता है। तो जानिए सेक्स के निम्न प्रकार -
वैजाइनल सेक्स
वैजाइनल सेक्स तब होता है जब लिंग या सेक्स टॉय योनि में डाला जाता है या योनि के प्रवेश द्वार, वल्वा या क्लिटोरिस को छूता है।
अगर वैजाइनल सेक्स के दौरान कंडोम या गर्भनिरोधक का इस्तेमाल नहीं किया जाता, तो प्रेग्नेंसी का खतरा रहता है। इसके साथ ही सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन (STIs) का रिस्क भी होता है।
STI प्री-इजैक्युलेटऔर योनि लिक्विड से फैल सकता है, भले ही लिंग पूरी तरह अंदर न गया हो या पुरुष स्खलन न करे।
(और पढ़ें - सेक्स पावर बढ़ाने के घरेलू उपाय)
प्रेग्नेंसी रोकना
गर्भनिरोध के कई तरीके होते हैं। सही तरीका चुनने के लिए आप हेल्थ प्रोफेशनल से सलाह ले सकते हैं।
एनल सेक्स
एनल यानि गुदा सेक्स तब होता है जब लिंग या सेक्स टॉय गुदा में डाला जाता है।
एनल सेक्स से STI का रिस्क ज़्यादा होता है, क्योंकि गुदा और रेक्टम की परत पतली होती है और आसानी से चोट लग सकती है।
वॉटर-बेस्ड लुब्रिकेंट्स का इस्तेमाल करने से चोट का खतरा कम होता है।
एनल सेक्स के दौरान कंडोम और HIV PrEP का उपयोग STI से बचाता है।
ध्यान रखें, ऑयल-बेस्ड क्रीम या लोशन लेटेक्स कंडोम को नुकसान पहुंचाते हैं और फटने का खतरा बढ़ा देते हैं।
(और पढ़ें - सेक्स टाइम कम होने का इलाज)
ओरल सेक्स
ओरल सेक्स का मतलब है किसी के जननांग या गुदा को चूसना, चाटना या किस करना।
बिना कंडोम के ओरल सेक्स से ज़्यादातर STI फैल सकते हैं। अगर मुंह, जननांग या गुदा पर कट या घाव हो तो रिस्क और बढ़ जाता है।
ओरल सेक्स से इंफेक्शन का खतरा तब कम होता है जब आप इसे रिसीव कर रहे हों, और ज़्यादा जब आप अपने पार्टनर को दे रहे हों।
अगर किसी को कोल्ड सोर है और वो ओरल सेक्स करता है, तो हर्पीस फैल सकता है।
कंडोम का इस्तेमाल करने से ओरल सेक्स ज़्यादा सुरक्षित होता है।
(और पढ़ें - 50 के बाद बेहतर सेक्स के लिए टिप्स)
हस्तमैथुन और फिंगरिंग
हस्तमैथुन
हस्तमैथुन मतलब हाथ से अपने जननांग को या किसी और के जननांग को छूकर उत्तेजित करना। ये औरतों और मर्दों दोनों के लिए आम और सामान्य है।
कई लोग अकेले हस्तमैथुन करते हैं, जिससे उन्हें पता चलता है कि उन्हें क्या अच्छा लगता है।
अकेले हस्तमैथुन करने से STI का कोई रिस्क नहीं है। लेकिन अगर आप किसी और को हस्तमैथुन कराते हैं तो थोड़ा रिस्क हो सकता है।
फिंगरिंग
जब कोई अपने पार्टनर की योनि या गुदा में उंगली डालता है तो उसे फिंगरिंग कहते हैं। इससे STI का रिस्क कम होता है, लेकिन पूरी तरह ज़ीरो नहीं होता है।
अगर उंगलियों पर कट या घाव हो तो इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
एनल फिंगरिंग के दौरान थोड़ी मात्रा में मल से शिगेला नाम का STI फैल सकता है। फिंगरिंग के बाद हाथ धोना ज़रूरी है।
कुछ लोग पूरी हथेली डालने की कोशिश करते हैं, इसे फिस्टिंग कहते हैं। इसमें इंफेक्शन का रिस्क ज़्यादा होता है। सर्जिकल ग्लव्स और लुब्रिकेंट इस्तेमाल करके रिस्क कम किया जा सकता है।
(और पढ़ें - सेक्स पावर के लिए होम्योपैथिक दवा)
सेक्स टॉयज़
सेक्स टॉयज़ का इस्तेमाल सेक्स के दौरान किया जा सकता है, जैसे वाइब्रेटर। ये दुकानों या ऑनलाइन आसानी से मिलते हैं।
सेक्स टॉयज़ हमेशा साफ रखने चाहिए। अगर शेयर कर रहे हैं तो हर बार नया कंडोम लगाना चाहिए ताकि STI न फैले।
ग्रुप सेक्स
ग्रुप सेक्स का मतलब है एक साथ एक से ज़्यादा लोगों के साथ सेक्स करना।
इसमें हर पार्टनर की सहमति ज़रूरी है। कोई भी व्यक्ति बीच में मना कर सकता है।
जितने ज़्यादा पार्टनर होंगे, STI का खतरा उतना बढ़ेगा। इसलिए हर पार्टनर के साथ नया कंडोम इस्तेमाल करना चाहिए।
(और पढ़ें - सेक्स के लिए गोक्षुर के फायदे)
ऑनलाइन सेक्स एक्टिविटी
ऑनलाइन सेक्स एक्टिविटी का मतलब है किसी के साथ सेक्स चैट करना, फोटो या वीडियो शेयर करना।
ये चैट, फोन, मैसेंजर, वीडियो कॉल या गेमिंग प्लेटफॉर्म पर हो सकता है।
ऑनलाइन सेक्स से STI का कोई खतरा नहीं होता, लेकिन रिस्क ये है कि आपकी प्राइवेट फोटो या वीडियो पब्लिक हो सकती है, अगर दूसरा व्यक्ति उसे शेयर कर देता है। इसे इंटिमेट इमेज एब्यूज या रिवेंज पॉर्न कहते हैं।
अगर कोई आपकी इजाज़त के बिना आपकी इमेज या वीडियो शेयर करता है या AI से बदलकर फैलाता है, तो ये एब्यूज है।
18 साल से कम उम्र के किसी भी व्यक्ति के लिए अपनी या किसी और की न्यूड फोटो या वीडियो बनाना या शेयर करना गैर-कानूनी है।
(और पढ़ें - सेक्स से डर लगने का इलाज)
सेक्स करने के फायदे?
- आपके ओर्गैज़्म के बाद निकलने वाला प्रोलैक्टिन हार्मोन आपकी नींद को गहरा और आरामदायक बनाता है, जिससे आपकी ऊर्जा बनी रहती है।
- सेक्स करने से आपका इम्यून सिस्टम मज़बूत होता है।
- हर हफ्ते सेक्स करने से आपके शरीर में IgA नाम की एंटीबॉडी बढ़ती है, जो बीमारियों से लड़ने में मदद करती है। इससे आपको सर्दी-ज़ुकाम और फ्लू होने का खतरा कम हो जाता है।
- सेक्स एक हल्की एरोबिक व्यायाम की तरह है। यह आपके दिल की गति बढ़ाकर बेहतर सर्कुलेशन, लो ब्लड प्रेशर और दिल के रोग के जोखिम को कम करता है
- महीने में लगभग 21 बार इजैक्युलेशन करने वाले पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर का जोखिम लगभग 20‑30% तक कम पाया गया है।
- सेक्स करने से महिलाओं की पेशाब रोकने वाली मांसपेशियां मजबूत होती हैं, जिससे आपकी उम्र बढ़ने पर पेशाब टपकने या रिसने की दिक्कत कम होती है।
(और पढ़े - इम्युनोग्लोबुलिन टेस्ट क्या है)
सेक्स के जोखिम
- सेक्स के दौरान कंडोम, डेंटल डैम या दूसरी सुरक्षा विधि का प्रयोग नहीं किया गया हो, तो HIV, क्लैमाइडिया, गोनोरिया, सिफलिस, HPV या जननांग हर्पीस जैसे संक्रमण होने का अधिक जोखिम होता है।
- कई बार ये रोग बिना किसी लक्षण के बनी रहती हैं, जिससे आप उन्हें जान भी नहीं पाते पर फिर भी दूसरे को संक्रमित कर सकते हैं।
- HPV और हैपेटाइटिस B / A की वैक्सीनेशन लेना बहुत ज़रूरी है—ये न सिर्फ़ संक्रमण से रोकता है बल्कि कई जानलेवा कैंसरों जैसे गर्भाशय ग्रीवा और लिवर कैंसर से भी सुरक्षा देता है।
- आप एनल से वजाइनल सेक्स की तरफ़ जा रहे हैं, तो हर बार कॉन्डोम बदलना बहुत ज़रूरी है, ताकि किसी भी तरह का संक्रमण न फैले।
(और पढ़े : एचआईवी-एड्स का इलाज)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अपने सवालों के जवाब यहाँ पाएं।
क्या सेक्स करने से सच में वजन कम होता है?
सेक्स को हल्की-फुल्की एक्सरसाइज माना जाता है। एक नॉर्मल सेक्सुअल एक्टिविटी से लगभग 100–150 कैलोरी बर्न हो सकती हैं। यानी, ये जिम का पूरा विकल्प नहीं है लेकिन हेल्दी वेट कंट्रोल और फिटनेस में ज़रूर मदद करता है।
क्या सेक्स से चेहरे की चमक बढ़ती है?
जी हाँ! सेक्स के दौरान शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और "गुड हार्मोन्स" निकलते हैं। इससे स्किन पर नेचुरल ग्लो आता है और चेहरा फ्रेश दिखता है। यही वजह है कि कई लोग कहते हैं कि सेक्स "नेचुरल ब्यूटी थेरेपी" जैसा है।
सारांश
सेक्स रिश्ते का अहम हिस्सा है, जिसमें प्यार और भावनाएँ भी शामिल होती हैं। इसके कई प्रकार हैं जैसे वैजाइनल, एनल, ओरल, हस्तमैथुन, फिंगरिंग, सेक्स टॉयज़, ग्रुप सेक्स और ऑनलाइन एक्टिविटी। सुरक्षित तरीके से किया गया सेक्स सेहत के लिए फायदेमंद है, जैसे नींद अच्छी आना, तनाव कम होना और इम्यून सिस्टम मज़बूत होना। लेकिन बिना सुरक्षा के सेक्स से HIV और अन्य यौन संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए हमेशा कंडोम और सुरक्षित उपायों का इस्तेमाल ज़रूरी है।
यौन रोग के डॉक्टर
Dr. Hakeem Basit khan
सेक्सोलोजी
15 वर्षों का अनुभव
Dr. Zeeshan Khan
सेक्सोलोजी
9 वर्षों का अनुभव
Dr. Nizamuddin
सेक्सोलोजी
5 वर्षों का अनुभव





