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सेक्शुअल एक्टिविटी को एन्जॉय करना तो आपको पसंद होता है, लेकिन क्या कभी शारीरिक संबंध बनाने के बाद आपने अपने सीमेन का रंग को नोटिस किया है? शायद ज्यादातर का जवाब न हो, लेकिन रिसर्च की मानें तो वीर्य के रंग पर जरूर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि वीर्य के रंग से पुरुषों की सेहत से जुड़ी जानकारी मिल सकती है. इसलिए आज हम इस आर्टिकल के जरिए वीर्य का रंग चार्ट आपके साथ आगे शेयर करेंगे. इससे आपको अपनी सेहत के बारे में समझने में मदद मिल सकेगी और जरूरत के अनुसार डॉक्टर से सलाह भी ले सकेंगे.

  1. वीर्य क्या है?
  2. वीर्य का रंग
  3. वीर्य के गाढ़ेपन में बदलाव के कारण
  4. डॉक्टर से कब करें संपर्क?
  5. सारांश
  6. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
यौन रोग के डॉक्टर

वीर्य यानी सीमेन को सेमिनल फ्लूइड भी कहा जाता है. यह फ्लूइड यानी तरल पदार्थ मेल रिप्रोडक्टिव ट्रैक्ट से श्रवित होता है, जिसमें स्पर्म सेल्स मौजूद होते हैं. इसी स्पर्म सेल से फीमेल एग फर्टिलाइज होता है. वीर्य में तरल पदार्थ भी होते हैं, जो मिलकर वीर्य प्लाज्मा बनाते हैं, जो शुक्राणु कोशिकाओं को जीवित बनाए रखने में मदद करता है. सेक्शुअली रूप से मैच्योर पुरुषों में स्पर्म सेल्स टेस्टिस में बनते हैं, जो कुल वीर्य की मात्रा का लगभग 2 से 5 प्रतिशत ही होते हैं. ये हैं वीर्य से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें, लेकिन वीर्य के रंगों के बारे में भी समझना जरूरी है, क्योंकि इसमें विटामिन, एंजाइम्स, मिनरल्स, प्रोटीनएंटीऑक्सीडेंट और शुगर मौजूद होता है.

(और पढ़ें - वीर्य की कमी का इलाज)

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रिसर्च के अनुसार वीर्य का रंग सफेद, पीला-हरा, गुलाबी, लाल, भूरा, नारंगी या फिर काला भी हो सकता है. वीर्य के अलग-अलग रंगों में सेहत से जुड़ी जानकारी छिपी है, जिनके बारे में आगे समझेंगे

 

सफेद वीर्य

अगर वीर्य का रंग सफेद है, तो इसे सेहत के लिए हेल्दी माना जाता है. दरअसल, वीर्य का रंग सफेद सिट्रिक एसिड, सोडियमकैल्शियम, एसिड फॉस्फेट्स, पोटैशियम एवं फाइब्रिनोलिसिन के कारण होता है. साफ, दूध की तरह सफेद या फिर क्लाउडी ग्रे जैसे वीर्य स्वस्थ माने जाते हैं, लेकिन इनमें होने वाले बदलाव को इग्नोर करना अनजाने में किसी गंभीर समस्या को दावत देने की तरह है..

पीला-हरा वीर्य

वीर्य और पेशाब दोनों का रास्ता एक ही होने के कारण कभी-कभी वीर्य का रंग पीला हो सकता है और इसका सेहत पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है. हां, अगर लगातार कई दिनों से वीर्य का रंग गहरा पीला नजर आ रहा है, तो ऐसे में डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए, क्योंकि ऐसी समस्या यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शनबढ़े हुए प्रोस्टेट या फिर पीलिया के कारण हो सकती है.     

(और पढ़ें - वीर्य और शुक्राणु में अंतर)

गुलाबी, लाल, भूरा, नारंगी वीर्य

गुलाबी या लाल रंग आमतौर पर फ्रेश ब्लड को दर्शाते हैं. वहीं भूरा या नारंगी रंग पुराने ब्लड को दर्शाते हैं. दरअसल, ऑक्सीजन के संपर्क में आने की वजह से ब्लड इस रंग में बदल सकता है. रिसर्च के अनुसार रक्त वाले वीर्य को मेडिकल टर्म में हेमेटोस्पर्मिया कहते हैं.

(और पढ़ें - वीर्य की जांच)

काला वीर्य

काले रंग का वीर्य हेमेटोस्पर्मिया की स्थिति को भी दर्शाता है. ऐसा खासकर रीढ़ की हड्डी में चोट लगने की वजह से, बॉडी में लेड या फिर मैंगनीज के बढ़ जाने की वजह से होता है.

(और पढ़ें - वीर्य पीला होने का इलाज)

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हेल्दी सीमेन प्रायः चिपचिपा या जेली की तरह होता है, लेकिन निम्नलिखित कारणों की वजह से इसके बनावट या गाढ़ेपन में बदलाव नोटिस किए जा सकते हैं -

  • इजैकुलेशन में लगने वाला वक्त.
  • शराब का सेवन करना.
  • अनहेल्दी डाइट फॉलो करना.

गाढ़े या पानी जैसे वीर्य के कारणों को एक-एक कर आगे समझेंगे -

गाढ़ा वीर्य

अधिक गाढ़ा वीर्य डिहाइड्रेशनहार्मोनल असंतुलन या फिर इंफेक्शन के कारण हो सकता है. वहीं, जरूरत से ज्यादा गाढ़ा वीर्य इनफर्टिलिटी का भी कारण बन सकता है, क्योंकि गाढ़े वीर्य की वजह से स्पर्म का एग तक पहुंचना आसान नहीं होता है.

(और पढ़ें - सीमेन रिटेंशन क्या है)

पानी जैसा वीर्य

पानी जैसा वीर्य विटामिन की कमी या फिर इनफर्टिलिटी को दर्शाता है. एनसीबीआई के अनुसार पानी जैसे वीर्य में स्पर्म की संख्या भी कम होती है.

(और पढ़ें - हाइपरस्पर्मिया का उपचार)

निम्नलिखित स्थितियों में डॉक्टर से जरूर सलाह लें -

  • पेशाब करने के दौरान जलन महसूस होना.
  • पेशाब करने में तकलीफ होना या नहीं कर पाना.
  • जेनाइटल एरिया में गर्म, भारीपन या सूजन आना.
  • पेनिस या स्क्रोटम में रैश या परेशानी महसूस होना.
  • ठीक तरह से इजैकुलेट न कर पाना.
  • जेनाइटल एरिया से दुर्गंध आना.
  • वीर्य के रंग या टेक्सचर में बदलाव नजर आना.

(और पढ़ें - शुक्राणु की जांच)

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वीर्य का रंग, गाढ़ापन, मात्रा या दुर्गंध आने पर नजरअंदाज न करें और डॉक्टर से संपर्क करें. ध्यान रखें कि अगर सही समय पर डॉक्टर से परामर्श किया जाए तो, किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का निदान किया जा सकता है. इसके साथ ही डॉक्टर द्वारा दी गई सलाह का भी ठीक तरह से पालन करने पर बीमारी को जल्द दूर करने में मदद मिल सकती है.

(और पढ़ें - सीमेन फ्रुक्टोज टेस्ट)

अपने सवालों यहाँ पाएं।

वीर्य का सामान्य रंग कैसा होना चाहिए?

सामान्य और हेल्दी वीर्य का रंग सफेद से हल्का ग्रे माना जाता है। यह रंग दर्शाता है कि सीमेन में स्पर्म और ज़रूरी न्यूट्रिएंट्स बैलेंस में हैं।

अगर वीर्य का रंग पीला हो जाए तो क्या यह खतरनाक है?

हल्का पीला होना कई बार सामान्य है, क्योंकि वीर्य और पेशाब का रास्ता एक ही होता है। लेकिन अगर लगातार गहरा पीला या हरा रंग दिखे, तो यह यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन, प्रोस्टेट समस्या या पीलिया का संकेत हो सकता है।

वीर्य में लाल या गुलाबी रंग दिखने का क्या मतलब है?

लाल या गुलाबी रंग ताज़ा खून की मौजूदगी दर्शाता है। इसे मेडिकल भाषा में हेमेटोस्पर्मिया कहा जाता है। अक्सर यह समस्या अस्थायी हो सकती है, लेकिन अगर बार-बार ऐसा हो तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है।

भूरा या नारंगी वीर्य क्यों होता है?

यह पुराने खून की निशानी है। जब खून ऑक्सीजन के संपर्क में लंबे समय तक रहता है, तो उसका रंग बदलकर भूरा या नारंगी हो जाता है। यह प्रोस्टेट या प्रजनन अंगों से जुड़ी किसी समस्या की ओर इशारा कर सकता है।

काले रंग का वीर्य आने का क्या कारण हो सकता है?

काला वीर्य दुर्लभ है और अक्सर यह रीढ़ की हड्डी की चोट, शरीर में लेड/मैंगनीज की अधिकता या गंभीर संक्रमण की वजह से होता है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए।

वीर्य गाढ़ा या पानी जैसा क्यों हो जाता है?

गाढ़ा वीर्य डिहाइड्रेशन, हार्मोनल असंतुलन या संक्रमण के कारण हो सकता है। वहीं, पानी जैसा वीर्य अक्सर विटामिन की कमी, कम स्पर्म काउंट या बांझपन से जुड़ा होता है।

कब तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए?

अगर वीर्य में लगातार रंग बदल रहा हो, पेशाब में जलन हो, जननांग में सूजन/दर्द हो, या वीर्य से दुर्गंध आ रही हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

क्या जीवनशैली वीर्य के रंग और क्वालिटी पर असर डालती है?

हाँ, बिल्कुल। पर्याप्त पानी पीना, हेल्दी डाइट लेना, शराब और नशीली चीज़ों से दूरी बनाना तथा नियमित व्यायाम वीर्य की क्वालिटी को बेहतर बनाए रखते हैं।

Dr. Hakeem Basit khan

Dr. Hakeem Basit khan

सेक्सोलोजी
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