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  1. थायरॉयडेक्टॉमी क्या है?
  2. थायरॉयडेक्टॉमी की ज़रुरत कब होती है?
  3. थायरॉयडेक्टॉमी के लिए तैयारी
  4. थायरॉयडेक्टॉमी कैसे की जाती है?
  5. थायरॉयडेक्टॉमी के बाद देखभाल
  6. थायरॉयडेक्टॉमी के बाद संभव जटिलताएं और जोखिम

थायरॉयडेक्टॉमी क्या है? - What is Thyroidectomy in Hindi?

थायरॉयडेक्टॉमी (Thyroidectomy) एक सर्जिकल प्रक्रिया है जिसमें पूरी थायरॉयड ग्रंथि या थायरॉयड ग्रंथि का कुछ हिस्सा हटा दिया जाता है। थायरॉइड ग्रंथि गर्दन के आगे के हिस्से में त्वचा के नीचे और टेंटुए (Adam's Apple; कंठमणि) के सामने स्थित है। थायरॉयड शरीर की अंतःस्रावी ग्रंथियों (Endocrine Glands) में से एक है, जिसका अर्थ है कि यह शरीर के अंदर अपने उत्पादों (Products) को रक्त या लसीका में स्रावित करता है। थायरॉयड कई हार्मोन उत्पन्न करता है, जिनके दो प्राथमिक कार्य होते हैं: शरीर के ऊतकों में से अधिकांश में प्रोटीन के संश्लेषण को बढ़ाना और शरीर की ऑक्सीजन खपत का स्तर बढ़ाना।

थायरॉयडेक्टॉमी की ज़रुरत कब होती है? - When is Thyroidectomy required in Hindi?

इस सर्जिकल प्रक्रिया का प्रयोग थायरॉइड ग्रंथि के विकारों का उपचार करने के लिए किया जाता है:

  1. थायरॉइड कैंसर या ट्यूमर (कैंसर सम्बन्धी या कैंसर रहित, जिन्हें अक्सर नोड्यूल कहा जाता है) (और पढ़ें – कैंसर के कारण)
  2. अतिगलग्रंथिता या हाइपर-थाइरॉयडिज़्म (Hyperthyroidism; अतिसक्रिय थायरॉयड ग्रंथि)
  3. कंठमाला या थायरॉयड नोड्यूल्स (Goiter Or Thyroid Nodules) जिससे निगलने या सांस लेने में कठिनाईयां हो रहीं हों। 
  4. मल्टी-नोड्यूलर कंठमाला (Multi-Nodular Goiter)
  5. अगर हाइपर-मेटाबोलिस्म (Hypermetabolism) दवा द्वारा नियंत्रित नहीं किया जा पा रहा हो, या यदि यह स्थिति एक बच्चे या गर्भवती महिला में हो तो। 

थायरॉयडेक्टॉमी के लिए तैयारी - Preparing for Thyroidectomy in Hindi

सर्जरी की तैयारी के लिए आपको निम्न कुछ बातों का ध्यान रखना होगा और जैसा आपका डॉक्टर कहे उन सभी सलाहों का पालन करना होगा: 

  1. सर्जरी से पहले किये जाने वाले टेस्ट्स/ जांच (Tests Before Surgery)
  2. सर्जरी से पहले एनेस्थीसिया की जांच (Anesthesia Testing Before Surgery)
  3. सर्जरी की योजना (Surgery Planning)
  4. सर्जरी से पहले निर्धारित की गयी दवाइयाँ (Medication Before Surgery)
  5. सर्जरी से पहले फास्टिंग खाली पेट रहना (Fasting Before Surgery)
  6. सर्जरी का दिन (Day Of Surgery)
  7. सामान्य सलाह (General Advice Before Surgery)
  8. अन्य विशिष्ट परीक्षण (Specific Tests Before Surgery)
    सबसे आम परीक्षण है रक्त में प्रवाह होने वाले थायरॉइड स्टिम्युलेट करने वाले हॉर्मोन्स (Thyroid Stimulating Hormone) का आंकलन करने के लिए रक्त परीक्षण। थायरॉइड ग्रंथि के आकार और असामन्यतायों का पता लगाने के लिए सोनोग्राफी (Sonography) और सीटी स्कैन (CT Scan) किये जाते हैं। थायरॉइड नोड्यूल की स्थिति का आंकलन करने या थायरॉइड ग्रंथि की कार्यवाही की जांच करने के लिए नाभिकीय दवा स्कैन (Nuclear Medicine Scan) का भी प्रयोग किया जा सकता है। हालांकि यह एक रूटीन टेस्ट नहीं है। नीडल बायोप्सी, एस्पिरेशन या आपकी स्थिति के हिसाब से अन्य परीक्षण भी किये जा सकते हैं।

इन सभी के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए इस लिंक पर जाएँ - सर्जरी से पहले की तैयारी

थायरॉयडेक्टॉमी कैसे की जाती है? - How is Thyroidectomy done?

एनेस्थीसिया अपना काम शुरू करदे उसके बाद, सर्जन गर्दन के आगे की ओर उस स्तर पर एक चीरा काटेंगे जहां एक टाइट फिटिंग हार (चोकर) (Tight Fitting Necklace/ Choker Necklace) आता है। सर्जन ध्यान से, जिससे पैराथाइरॉइड ग्रंथियों (Parathyroid Glands) और आवर्तक स्वरयंत्र नसों (Recurrent Laryngeal Nerves) को कोई क्षति न पहुंचे, थाइरॉइड ग्रंथि को मुक्त करते हैं। इसके बाद थायरॉइड ग्रंथि में रक्त की आपूर्ति को बंद किया जाता है। 

अगर कैंसर का निदान हुआ है तो, पूरी थायरॉइड ग्रंथि या ग्रंथि के कुछ हिस्से को निकाल दिया जाता है। अगर अन्य कोई विकार या नोल्ड्यूल्स हों तो, ग्रंथि का कुछ हिस्सा ही निकाला जाता है। ग्रंथि के ऊतकों का कितना हिस्सा निकाला जायेगा यह पूरी तरह से रोग पर निर्भर करता है। चीरे को बंद करने से पहले सर्जन एक ड्रेन (Drain) भी लगा सकते हैं, जो कि एक नरम प्लास्टिक ट्यूब है जिससे ऊतकों के द्रव को एक क्षेत्र से बाहर स्त्रावित किया जा सके। 

फिर सर्जिकल धागों या धातु की क्लिप्स से बंद कर दिया जाता है। 

थायरॉयडेक्टॉमी के बाद देखभाल - What to do after Thyroidectomy?

  1. सर्जरी के बाद मरीज़ों को एक से चार दिन के लिए अस्पताल में रहने की आवश्यकता होती है। घर जाने के बाद निर्धारित रूप से सर्जन से जांच करवाएं।
  2. थाइरॉयडेक्टमी के चीरे को ड्रेसिंग (Dressing; पट्टियां) हट जाने के बाद ज़्यादा देखभाल की आवश्यकता नहीं होती। चीरे की त्वचा को हलके साबुन (Mild Soap) से धोया जा सकता है। सर्जरी के बाद तीन से सात दिनों में ड्रेसिंग हटा दी जाती है। चीरे की त्वचा जल्दी भर जाए इसके लिए विटामिन-ई (Vitamin-E) या समान उत्पादों का प्रयोग किया जा सकता है, हालांकि यह इतना ज़रूरी नहीं है। चीरे की त्वचा को सूरज से बचाने के लिए सनस्क्रीन (Sunscreen) का प्रयोग करें और उसे ढक कर रखें। आप नहा सकते हैं लेकिन घाव को सिर्फ हल्का गीला करें, उसे पूरी तरह भिगाएं न। 
  3. सर्जरी के दो हफ़्तों बाद से सामान्य गतिविधियां शुरू की जा सकती हैं। चलना-फिरना, सीढ़ियां उतरना-चढ़ना और काम थकाने वाली गतिविधियां करना आपके लिए अच्छा है। ज़्यादा थकाने वाले कार्य न करें। ज़्यादा भार न उठायें। आम तौर पर, आप कुछ हफ़्तों के बाद काम पर जा सकते हैं। 
  4. कैंसर के मरीज़ों को इसके बाद ऑन्कोलॉजिस्ट (Oncologist; ट्यूमर का निदान और उपचार करने वाले विशेषज्ञ) या एंडोक्राइनोलोजिस्ट (Endocrinologist; एंडोक्राइन ग्रंथियों और होर्मोनेस सम्बन्धी विकारों का उपचार करने वाले विशेषज्ञ​) से उपचार करवाने की आवश्यकता होती है।
  5. सामान्य आहार लिया जा सकता है। ज़्यादा से ज़्यादा तरल पदार्थों का सेवन करें।

थायरॉयडेक्टॉमी के बाद संभव जटिलताएं और जोखिम - Risks and Complications of Thyroidectomy in Hindi

हर सर्जरी की तरह इस सर्जरी से भी कुछ जोखिम और जटिलताएं जुड़ी हैं:

  1. अगर आवर्तक स्वरयंत्र नसों को सर्जरी के दौरान चोट लग जाती है तो इससे गला बैठ सकता है या आवाज़ भी जा सकती है। जिन मरीज़ों को बड़ी कंठमाला या कैंसरग्रस्त ट्यूमर हों, उनमें नसों को क्षति पहुँचने का जोखिम ज़्यादा होता है। (और पढ़ें – गला बैठने का इलाज)
  2. अगर सर्जरी के दौरान पैराथायरॉइड ग्रंथियों को क्षति पहुँच जाए या उन्हें हटाया गया हो, तो हाइपोपैराथायरॉइडिज़्म (Hypoparathyroidism; पैराथायरॉइड ग्रंथियों की सामान्य से कम कार्यवाही) हो सकती है। इसमें रक्त में कैल्शियम का स्तर गिर जाता है जिससे मांसपेशियों में ऐंठन हो सकती है और या मरोड़ पड़ सकती है।
  3. अगर पूरी थायरॉइड ग्रंथि को हटाया गया है तो हाइपोथायरॉइडिज़्म (Hypothyroidism; थायरॉइड ग्रंथियों की सामान्य से कम कार्यवाही) होने का जोखिम रहता है। 
  4. अगर मरीज़ का थायरॉइड का स्तर कम ही रहता है तो ऐसे में आजीवन थाइरोइड प्रतिस्थापन दवाओं (Thyroid Replacemnt Medicines) का सेवन करना पड़ सकता है।
  5. सर्जरी के स्थान पर रक्तस्त्राव हो सकता है और इसे रोकना मुश्किल हो सकता है। अगर शरीर के इस अंग में हेमाटोना (Hematona; किसी अंग या ऊतक में रक्त एकत्रित हो जाना) हो जाये तो यह जानलेवा हो सकता है। इसके बढ़ने से सांस लेने में परेशानी हो सकती है। अगर गर्दन में हेमाटोना विकसित हो जाये, तो इसको निकालने के लिए सर्जन को ड्रेनेज करनी पड़ सकती है ताकि वायुपथ में रूकावट न हो।
  6. घाव संक्रमण (Wound Infections) भी हो सकते हैं। 
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