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सी पेप्टाइड टेस्ट क्या है?

सी पेप्टाइड टेस्ट का उपयोग खून में सी पेप्टाइड की मात्रा का पता लगाने के लिए किया जाता है। सी पेप्टाइड एक प्रकार का शॉर्ट प्रोटीन है, जो अग्नाशय द्वारा बनाया जाता है। सी पेप्टाइड भी इंसुलिन के साथ ही बनता है, इन दोनों की मात्रा भी समान ही होती है। लेकिन यह खून में इंसुलिन से ज्यादा समय तक रहता है। सी पेप्टाइड शरीर द्वारा बनाए गए इंसुलिन की मात्रा को आंकने में भी सहायक है।

सी पेप्टाइड शरीर में बने इंसुलिन और बाहरी इंसुलिन (जैसे कि डायबिटीज की दवाएं) में अंतर बताता है। बाहरी इंसुलिन आमतौर पर सी पेप्टाइड पैदा नहीं करता है। यह टेस्ट अधिकतर इंसुलिन टेस्ट के साथ ही किया जाता है।

  1. सी पेप्टाइड टेस्ट क्यों किया जाता है - C-Peptide Test Kyu Kiya Jata Hai
  2. सी पेप्टाइड टेस्ट से पहले - C-Peptide Test Se Pahle
  3. सी पेप्टाइड टेस्ट के दौरान - C-Peptide Test Ke Dauran
  4. सी पेप्टाइड टेस्ट के रिजल्ट का क्या मतलब होता है - C-Peptide Test Ke Result Ka Kya Matlab Hota Hai

सी पेप्टाइड टेस्ट किसलिए किया जाता है?

सी पेप्टाइड टेस्ट टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटीज में अंतर बताने में मदद करता है। इसके अलावा यह हाइपोग्लाइसीमिया (लो ब्लड शुगर) के कारण का पता लगाना, अग्नाशय में ट्यूमर की जांच करना और साथ ही साथ यह भी पता लगाने में मदद करता है कि डायबिटीज की दवाएं कितने प्रभावी रूप से काम कर पा रही हैं।

यदि किसी व्यक्ति  को बार-बार हाइपोग्लाइसीमिया की शिकायत हो रही है, तो ऐसे में सी पेप्टाइड टेस्ट किया जाता है। हाइपोग्लाइसीमिया में निम्न लक्षण देखे जा सकते हैं:

टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों में सी पेप्टाइड टेस्ट को एक नियमित टेस्ट के रूप में भी किया जा सकता है, जिसकी मदद से बीटा कोशिकाओं के कार्य व प्रभावशीलता का पता लगाया जाता है। वैसे इंसुलिन और सी पेप्टाइड दोनों ही बीटा कोशिका द्वारा समान मात्रा में बनाए जाते हैं। इंसुलिन की हाफ लाइफ (खून में रहने की अवधि) 5 मिनट है, जबकि सी पेप्टाइड 30 मिनट तक रह सकता है, जो इसे इंसुलिन की जांच करने के लिए और अधिक विश्वसनीय टेस्ट बनाता है। इस टेस्ट की मदद से यह भी पता लगाया जा सकता है कि मरीज को इंसुलिन इंजेक्शन लगवाने की आवश्यकता है या नहीं।

इसके अतिरिक्त यह टेस्ट अग्नाशय का सेल ट्यूमर (इन्सुलिनोमा) का परीक्षण करने में भी मदद करता है। साथ ही साथ इन्सुलिनोमा थेरेपी की प्रभावशीलता का पता लगाने के लिए समय-समय पर इसके साथ जांच की जाती है और यह भी पता लगाया जाता है कि कहीं इन्सुलिनोमा फिर से तो नहीं हो रहा है।

ऐसे मरीज जिनकी पैन्क्रियाज सेल्स का ट्रांसप्लांट हुआ है, सी पेप्टाइड के स्तर की मदद से इन ट्रांसप्लांट की गई कोशिकाओं के कार्य पर नजर रखने में भी मदद मिलती है।

सी पेप्टाइड टेस्ट की तैयारी कैसे करें?

सी पेप्टाइड टेस्ट के लिए ब्लड सैंपल देने से पहले मरीज को लगभग आठ से बाहर घंटे तक भूखा रहना पड़ता है।

सी पेप्टाइड टेस्ट की तैयारी कैसे करें?

यह एक सामान्य टेस्ट है, जिसमें लगभग 5 मिनट का समय लगता है। टेस्ट के दौरान एक अनुभवी डॉक्टर आपकी बांह की नस से खून का सेंपल निकालता है। सेंपल को एक स्वच्छ शीशी में भर लिया जाता है और फिर उसे जांच के लिए लेबोरेटरी में भेज दिया जाता है। सुई लगाते समय आपको हल्का दर्द या चुभन महसूस हो सकती है।

इस टेस्ट से चक्कर आने जैसे कुछ सामान्य जोखिम भी हो सकते  हैं, जो ज्यादातर मामलों में थोड़ी देर बाद ठीक हो जाता है। सुई वाली जगह पर संक्रमण होने का खतरा भी होता है, जो कि काफी दुर्लभ मामलों में देखा जाता है।

कुछ परिस्थितियों में यूरिन में भी सी पेप्टाइड के स्तर की जांच की जाती है। इस टेस्ट के लिए 24 घंटों में शरीर से निकले पेशाब के सेंपल लिए जाते हैं। (24 घंटों में शरीर से जितना भी पेशाब निकलता है उसे टेस्ट किया जाता है)।

सी पेप्टाइड टेस्ट के परिणाम क्या बताते हैं?

सी पेप्टाइड टेस्ट का स्तर नैनोग्राम प्रति मिलीलीटर (ng/mL) में मूल्यांकित किया जाता है या नैनोमोल्स प्रति लीटर (nmol/L) में व्यक्त किया जाता है। 

सामान्य परिणाम:
सी पेप्टाइड की रेंज का सामान्य स्तर 0.51 से 2.72 नैनोग्राम/मिलीलीटर (0.17-0.9 नैनोमोल्स/लीटर) होता है।

असामान्य नतीजे:

अधिक स्तर:
यदि सी पेप्टाइड का स्तर सामान्य से अधिक हो गया है, तो यह शरीर में इंसुलिन की मात्रा बढ़ने का संकेत देता है। इसके निम्न कारण हो सकते हैं:

कम स्तर:
यह सी पेप्टाइड का सामान्य से कम स्तर दिखाता है, कि शरीर में इंसुलिन पर्याप्त मात्रा में नहीं बन पा रहा है, जिसके निम्न कारण हो सकते हैं:

इन्सुलिनोमा की जांच के दौरान, सी पेप्टाइड का स्तर कम होना एक अच्छी प्रतिक्रिया है, वहीं सी पेप्टाइड का बढ़ता स्तर थेरेपी में एक खराब प्रतिक्रिया को दिखाता है।

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References

  1. MedlinePlus Medical Encyclopedia: US National Library of Medicine; C-Peptide Test
  2. Seok Man Son. C-Peptide and Vascular Complications in Type 2 Diabetic Subjects. Diabetes Metab J. 2012 Oct; 36(5): 345–349. PMID: 23130318
  3. Carl Burtis Edward Ashwood David Bruns. Tietz Textbook of Clinical Chemistry and Molecular Diagnostics. 5th Edition; ISBN: 9781455777112
  4. Kathleen Pagana Timothy Pagana. Mosby's Diagnostic and Laboratory Test Reference. 10th Edition; ISBN: 9780323168823
  5. Diabetes.co.uk [internet] Diabetes Digital Media Ltd; C-peptide Test.