पुरुषों के शरीर में पाया जाने वाला टेस्टोस्टेरोन हार्मोन यौन क्रियाओं की सक्रियता के लिए जिम्मेदार होता है. यह शरीर में मानसिक और शारीरिक संतुलन बनाने में अहम भूमिका निभाता है. टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की वजह से ही आपके शरीर की मांसपेशियों का निर्माण व क्षतिग्रस्त कोशिकाओं की मरम्मत जैसी जरूरी गतिविधियां होती हैं.

शरीर में टेस्टोस्टेरोन लेवल कम होने की वजह से इन जरूरी गतिविधियों में बाधा आ सकती है. इतना ही नहीं, इससे आपका मानसिक और शारीरिक संतुलन भी प्रभावित हो सकता है. शरीर में लो टेस्टोस्टेरोन लेवल की समस्या से ग्रस्त लोगों के लिए टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (टीआरटी) काफी प्रभावी मानी जाती है. इस थेरेपी के माध्यम से शरीर में टेस्टोस्टेरोन लेवल को बढ़ाया जा सकता है.

आज हम इस लेख में टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी का अर्थ, प्रक्रिया, फायदे व नुकसान के बारे में विस्तार से जानेंगे -

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  1. टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी क्या है?
  2. टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का स्तर कम होने के कारण
  3. टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी की प्रक्रिया
  4. टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी के लाभ
  5. टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी के नुकसान
  6. टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी की कीमत
  7. सारांश
टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी के डॉक्टर

टीआरटी एक विशेष उपचार थेरेपी है, जिससे कम टेस्टोस्टेरोन लेवल की समस्या को दूर किया जा सकता है. इस थेरेपी को एंड्रोजन रिप्लेसमेंट थेरेपी भी कहा जाता है. यह मुख्य रूप से कम टेस्टोस्टेरोन के स्तर का इलाज करने के लिए प्रयोग किया जाता है, जो उम्र के साथ या चिकित्सा स्थिति के परिणामस्वरूप हो सकता है. हालांकि, यह थेरेपी गैर-चिकित्सकीय उपयोगों के लिए तेजी से लोकप्रिय हो रही है, जैसे-

  • यौन सक्रियता में वृद्धि
  • शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ाने के लिए
  • मांसपेशियों का निर्माण

कुछ मेडिकल रिसर्च स्टडीज बताती हैं कि टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी वास्तव में इनमें से कुछ लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद कर सकती है, लेकिन इस थेरेपी से आपके शरीर को कुछ नुकसान भी हो सकते हैं.

अमेरिकन फैमिली फिजिशियन के एक लेख के अनुसार, औसत पुरुष का टेस्टोस्टेरोन उत्पादन स्तर हर साल लगभग 1 से 2 प्रतिशत कम हो जाता है, यानि जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, शरीर स्वाभाविक रूप से टेस्टोस्टेरोन का उत्पादन कम करने लगता है. यह पूरी तरह से प्राकृतिक प्रक्रिया का हिस्सा है, जो 28 वर्ष से 35 वर्ष की आयु तक क्रमवार चलता है. टेस्टोस्टेरोन में यह क्रमिक कमी अक्सर निम्न कारणों से हो सकती है.

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टीआरटी की प्रक्रिया को करने के कई तरीके हैं. यह थेरेपी कितनी प्रभावी हो सकती है, यह प्रत्येक व्यक्ति की चिकित्सा आवश्यकताओं के साथ-साथ उसकी जीवनशैली पर भी निर्भर करता है. इस थेरेपी के दौरान कुछ प्रक्रियाओं को रोजाना करने की आवश्यकता होती है. वहीं, कुछ प्रक्रियाएं केवल मासिक आधार पर करने की जरूरत होती है. टीआरटी की प्रक्रिया इस प्रकार हैं -

ओरल दवाएं

टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी की इस प्रक्रिया विधि में मिथेलटेस्टोस्टेरोन और एंड्रॉइड जैसी ओरल दवाओं को कैप्सूल के तौर पर दिया जाता है. इसे बिना किसी टूल के केवल मेडिकेशन के माध्यम से टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बढ़ाया जा सकता है.

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इंट्रामस्क्युलर इंजेक्शन

टीआरटी थेरेपी की इस प्रक्रिया में डेपो-टेस्टोस्टेरोन इंजेक्शन के माध्यम से शरीर में टेस्टोस्टेरोन साइफोनट दवा को शरीर में इंजेक्ट किया जाता है, जिससे टेस्टोस्टेरोन को तेजी से बढ़ाने में मदद मिलती है. जरूरत के अनुसार, 100 एमजी और 200 एमजी पावर में मौजूद होती हैं.

ट्रांसडर्मल पैच

यह थेरेपी की विशेष प्रक्रिया विधि है एंड्रोडर्म सहित टेस्टोस्टेरोन ट्रांसडर्मल पैच त्वचा पर लगाने के लिए पैच के रूप में आते हैं, जो स्किन के जरिए शरीर में टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने का काम करता है. इसे हर 24 घंटे एक स्थान पर लगाए रहने के बाद रात्रि के समय नए पैच से बदल दिया जाता है.

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जेल क्रीम

टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी की इस प्रक्रिया विधि में एंड्रोजेल और टेस्टिम जेल को सीधे त्वचा पर लगाया जाता है और कंधों और ऊपरी बांहों और पेट पर लगाकर कपड़े से ढक दिया जाता है. इससे टेस्टोस्टेरोन को बढ़ाने में काफी मदद मिलती है.

टीआरटी को पारंपरिक रूप से हाइपोगोनाडिज्म के इलाज के लिए प्रयोग किया जाता है, जो तब होता है जब वृषण पर्याप्त रूप से टेस्टोस्टेरोन का उत्पादन नहीं कर पाते हैं.

अगर कोई हाइपोगोनाडिज्म या लो टेस्टोस्टेरोन लेवल से प्रभावित हैं, तो उसे टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी दी जा सकती है. जिससे निम्न लाभ हो सकते हैं -

  • यौन क्रियाओं में सुधार हो सकता है.
  • शरीर में शुक्राणुओं की मात्रा बढ़ सकती है .
  • अन्य हार्मोन के स्तर में वृद्धि होती है, जो प्रोलैक्टिन सहित टेस्टोस्टेरोन के साथ मिलकर शरीर के संतुलन और विकास का कार्य कर सकते हैं.

टीआरटी निम्न कारणों से होने वाले असामान्य टेस्टोस्टेरोन स्तर को संतुलित करने में भी मदद कर सकता है -

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टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी लेने से पहले आपको इस थेरेपी से होने वाले संभावित नुकसान के बारे में जानना आवश्यक हैं. इस थेरेपी के दौरान छाती में दर्द व सांस लेने में तकलीफ हो सकती है. इसके अन्य नुकसान इस प्रकार हैं -

यदि कोई ऊपर बताई गई किसी भी समस्या से ग्रस्त हैं, तो उसे टीआरटी थेरेपी करवाने से परहेज करना चाहिए. साथ ही उसे अपनी समस्या के बारे में डॉक्टर से सलाह लेने की आवश्यकता होती है.

टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (टीआरटी) की कीमत क्या है, इसके बारे में बताना मुश्किल है. हालांकि, इसकी कीमत आपकी स्थिति पर निर्भर करती है. साथ ही आप किस अस्पताल और राज्य में यह थेरेपी ले रहे हैं, इस बात पर भी इसकी कीमत निर्भर करती है. अनुमानित तौर पर इस थेरेपी की कीमत प्रति माह 2,000 से 70,000 रुपये हो सकती है. वास्तविक लागत कई कारकों पर निर्भर करती है, जिनमें शामिल हैं-

  • आपकी स्थिति
  • दवा का प्रकार
  • प्रक्रिया विधि
  • सरकारी या प्राइवेट स्वास्थ्य केंद्र

लागत पर विचार करते समय ध्यान रखें कि टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी केवल आपके टेस्टोस्टेरोन स्तर को बढ़ाने में प्रभावी है. यह आपके कम टेस्टोस्टेरोन के अंतर्निहित कारण का इलाज करने में तुलनात्मक रूप से उतना प्रभावी नहीं है, इसलिए गंभीर मामलों में आपको जीवन भर उपचार की आवश्यकता हो सकती है.

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टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी लंबे समय से हाइपोगोनाडिज्म या कम टेस्टोस्टेरोन उत्पादन से जुड़ी स्थितियों वाले लोगों के लिए एक प्रभावी उपचार हो सकता है, लेकिन इसके सभी लाभ स्पष्ट नहीं हैं. कई मेडिकल रिसर्च स्टडीज ने इसके संभावित नुकसान को लेकर तथ्य रखे हैं. इससे आपको कई तरह की परेशानी जैसे- छाती में दर्द, सांस लेने में परेशानी, मुंहासे हो सकते हैं. इसलिए, यह थेरेपी लेने से पहले एक बार डॉक्टर से विचार-विमर्श जरूर करें, ताकि आपको उचित सलाह मिल सके. कोई भी टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी से जुड़ी दवा लेने से पहले अपने डॉक्टर से बात करें. वे यह निर्धारित करने में आपकी सहायता कर सकते हैं कि टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी के लिए आपके लक्षण उपयुक्त हैं या नहीं.

Dr. Narayanan N K

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एंडोक्राइन ग्रंथियों और होर्मोनेस सम्बन्धी विज्ञान
16 वर्षों का अनुभव

Dr. Tanmay Bharani

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