आम तौर पर लोगों में यौन इच्छा की डिग्री में भिन्नता होती है। यौन इच्छा का कोई भी एक मानक नहीं है और इच्छा न केवल एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में अलग-अलग होती है बल्कि एक व्यक्ति के जीवनकाल में भी अलग-अलग होती है। कामेच्छा (सेक्स ड्राइव) में कमी एक आम समस्या है, जो कई पुरुषों और महिलाओं को उनके जीवन में किसी न किसी बिंदु पर प्रभावित करती है। कामेच्छा की कमी कम नींद लेने से लेकर बहुत अधिक शराब पीने तक, कई शारीरिक, भावनात्मक और जीवनशैली संबंधी कारकों के कारण हो सकती है। हर किसी की सेक्स ड्राइव अलग होती है और "सामान्य" कामेच्छा जैसी कोई चीज नहीं होती है।
इस लेख में बताया गया है कि कामेच्छा क्या है। साथ ही महिलाओं और पुरुषों में कामेच्छा की कमी के लक्षण, कारण व इलाज क्या है।
- कामेच्छा क्या है?
- कामेच्छा की कमी क्या है?
- कामेच्छा की कमी के लक्षण
- कामेच्छा की कमी के कारण
- कामेच्छा की कमी की जांच
- कामेच्छा की कमी कैसे ठीक करे
- कामोत्तेजना बढ़ाने के लिए दवा
-
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- क्या कामेच्छा की कमी स्थायी हो सकती है?
- क्या दवाएँ मेरी कामेच्छा को कम कर सकती हैं?
- क्या सब लोगों की कामेच्छा का स्तर एक जैसा होना चाहिए?
- कामेच्छा की कमी से मानसिक असर क्या हो सकते हैं?
- क्या दवाएँ कामेच्छा बढ़ाने के लिए सुरक्षित हैं?
- क्या जीवनशैली में बदलाव कामेच्छा बढ़ा सकते हैं?
- क्या उम्र बढ़ने के साथ कामेच्छा कम होना अनिवार्य है?
- क्या कामेच्छा की कमी और यौन प्रदर्शन की समस्या एक ही हैं?
- कामेच्छा की कमी सिर्फ हार्मोन की वजह से होती है?
- कामेच्छा की कमी कब सामान्य होती है और कब डॉक्टर से दिखाना चाहिए?
- सारांश
कामेच्छा क्या है?
कामेच्छा यानी लिबिडो ऐसा शब्द है, जिसे आमतौर पर यौन गतिविधि या यौन गतिविधि की इच्छा का वर्णन करने के लिए उपयोग किया जाता है। आधुनिक चिकित्सकों ने लिबिडो के महत्व को सामान्य स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता के मुख्य संकेतकों में से एक माना है।
पुरुषों और महिलाओं में समान रूप से, कामेच्छा सीधी एण्ड्रोजन हार्मोन (अर्थात् टेस्टोस्टेरोन) से जुड़ी हुई है। पुरुषों में महिलाओं से लगभग 40 गुना ज्यादा टेस्टोस्टेरोन होने के कारण माना जाता है कि उनमें अधिक और तीव्र कामेच्छा पाई जाती है। टेस्टोस्टेरोन के स्तर में इस तरह की असमानता अन्य स्तनधारियों में भी मौजूद है, इसलिए अधिकांश प्रजातियों में यह पूर्वाग्रह दिखता है कि महिलाओं की तुलना में पुरुषों में अधिक स्पष्ट कामेच्छा होती है।
(और पढ़ें - सेक्स करने के तरीके)
कामेच्छा की कमी क्या है?
कम कामेच्छा का अर्थ है यौन संबंधों की कमी या संभोग करने में रुचि समाप्त हो जाना। यद्यपि कम कामेच्छा दोनों लिंगों को प्रभावित कर सकती हैं, लेकिन पुरुषों की तुलना में महिलाओं में यह सामान्यतः अधिक देखी जाती है।
एक महिला की यौन इच्छा में स्वाभाविक रूप से उसकी आयु के विभिन्न स्तरों में उतार-चढ़ाव होता है। ये उतार-चढ़ाव आमतौर पर किसी रिश्ते की शुरुआत या अंत के साथ, जीवन में होने वाले प्रमुख परिवर्तनों जैसे गर्भावस्था, रजोनिवृत्ति या बीमारी के साथ मेल खाते हैं। कुछ एंटीडिप्रेसेंट्स दवाएं भी महिलाओं में कम सेक्स ड्राइव का कारण बन सकती हैं। यौन इच्छा को खोने के अलावा, महिलाओं को मासिक धर्म में गंभीर परेशानी का सामना भी करना पड़ सकता है। सेक्स में रुचि कम होना पुरुषों के लिए उतनी बड़ी समस्या नहीं है, जितनी कि यह महिलाओं में होती है। ऐसा कुछ रिसर्च में दावा किया गया है।
न्यूयॉर्क शहर के कपल्स थेरेपिस्ट और मैटिंग इन कैप्टिविटी के लेखक एस्थर पेरेल कहते हैं, " जब पुरुष सेक्स में रुचि खो देते हैं, तो यह उन्हें महिलाओं की तुलना में अधिक डराता है, क्योंकि उनकी मर्दानगी उनकी कामेच्छा से काफी हद तक जुड़ी हुई है।"
कामेच्छा की कमी के लक्षण
पुरुषों और महिलाओं में कामेच्छा की कमी के लक्षण कुछ हद तक अलग-अलग होते हैं, जिनके बारे में नीचे बताया गया है -
पुरुषों में कामेच्छा की कमी के लक्षण
- टेस्टोस्टेरोन का कम स्तर।
- कमजोर पैरासिमिलैथेटिक तंत्रिका।
- विभिन्न प्रकार के स्तंभन दोष विशेष रूप से कमजोर लिंग, लिंग में टेढ़ापन, शीघ्रपतन, वीर्य और शुक्राणु का नुकसान, शुक्राणुओं की संख्या में कमी इत्यादि।
- यौन उत्तेजना और इच्छा में कमी।
- बिस्तर पर खराब प्रदर्शन।
- यौन क्रिया के दौरान मजबूत उत्तेजना और स्खलन में देरी।
- थकान और ऊर्जा में कमी।
- आत्मसम्मान और आत्मविश्वास में कमी।
- शारीरिक फेट में वृद्धि।
- मांसपेशियों की समस्या।
- बाल झड़ना।
- हड्डियों के द्रव्यमान में कमी।
- मूड स्विंग्स में वृद्धि।
- वीर्य की मात्रा में कमी।
महिलाओं में कामेच्छा की कमी के लक्षण -
- कोई यौन रोग।
- संभोग के दौरान दर्द होना।
- मूत्र प्रणाली और जननांग विकार।
- योनि विकार।
- सेक्स से संतुष्टि न मिलना।
- शारीरिक कमजोरी या थकान।
- ऊर्जा में कमी।
- हार्मोनल उतार चढ़ाव।
- मनोदशा में बदलाव।
- कम आत्मविश्वास और आत्मसम्मान।
- कम ऑर्गेज्म, निम्न टेस्टोस्टेरोन, मूत्र संक्रमण इत्यादि जैसे रजोनिवृत्ति से संबंधित विभिन्न लक्षण।
कामेच्छा की कमी के कारण
कामेच्छा में कमी अक्सर खराब रिश्ते, तनाव या थकान से जुड़ी होती है। इसके अलावा, अंतर्निहित चिकित्सा समस्या के चलते भी यह परेशानी हो सकती है, जैसे हार्मोन का निम्न स्तर। महिलाओं और पुरुषों में इसके कारण कुछ भिन्न हो सकते हैं। इसके लिए निम्नलिखित कारणों को जिम्मेदार माना जाता हैं।
पुरुषों में कामेच्छा की कमी के कारण -
- टेस्टोस्टेरोन का निम्न स्तर।
- अल्कोहल, दवाओं और स्ट्रिंग एंटीबायोटिक का अत्यधिक सेवन।
- उच्च रक्तचाप भी कामेच्छा की कमी का मुख्य कारण हो सकता है।
- अत्यधिक हस्तमैथुन करना काफी हानिकारक है और यौन तंत्रिकाओं को कमजोर कर सकता है और इस प्रकार कम कामेच्छा उत्पन्न हो सकती है।
- अवसाद, तनाव और कई अन्य मनोविकार के साथ तनाव के स्तर में वृद्धि।
- अस्वास्थ्यकर जीवनशैली, खासकर अस्वस्थ खाद्य पदार्थों और धूम्रपान की आदत भी कामेच्छा कम करके आपके यौन जीवन में बाधा डाल सकती है।
- व्यायाम न करना।
- हरी सब्जियां और ताजे फल सहित स्वस्थ आहार का कम सेवन।
- सर्जरी के बाद के किसी भी प्रकार के हानिकारक प्रभाव।
- हार्मोनल असंतुलन भी कामेच्छा की कमी के प्रमुख कारणों में से एक हो सकता है।
- अनुचित नींद मुख्य रूप से दिमाग में गड़बड़ी से उत्पन्न होती है और इसलिए स्वतः ही कामेच्छा प्रवाह को प्रभावित करती है।
- गंभीर बीमारी या खतरनाक स्वास्थ्य की स्थिति आपकी प्रतिरक्षा शक्ति को कम कर सकती है जिसके परिणामस्वरूप आपमें में कामेच्छा गंभीर स्तर तक कम हो सकती है।
- साथी के साथ अत्यधिक सेक्स।
महिलाओं में कामेच्छा की कमी के कारण -
- रजोनिवृत्ति
- अन्य स्वास्थ्य समस्याएं
- यौन समस्याएं
- दवाएं
- सर्जरी
- स्तनपान और गर्भावस्था
- संबंधों से जुड़ी समस्याएं जैसे साथी के साथ की कमी, अनसुलझे संघर्ष, खराब यौन व्यवहार, अविश्वास इत्यादि
- मनोवैज्ञानिक कारण विशेषकर चिंता, अवसाद, तनाव, अपने शरीर की मन में एक खराब छवि बन जाना, कम आत्मसम्मान, यौन उत्पीड़न का इतिहास इत्यादि।
कामेच्छा की कमी की जांच
महिला और पुरुष दोनों को कम कामेच्छा के निदान के लिए एक शारीरिक परिक्षण की आवश्यकता होती है, क्योंकि कई बार गठिया, मधुमेह, हृदय रोग और अन्य पुरानी बीमारियों से पुरुषों या महिलाओं में कामेच्छा की कमी हो सकती है। सेक्स-विशिष्ट समस्याएं, जैसे महिलाओं में एंडोमेट्रियोसिस भी कम कामेच्छा पैदा कर सकती हैं।
सेक्स के दौरान योनि का कोई भी दर्द असामान्य है, तो वो कामेच्छा को प्रभावित कर सकता है और आपके चिकित्सक द्वारा इसका मूल्यांकन किया जा सकता है। महिला रोगियों को किसी भी योनि स्राव के बारे में पूछा जा सकता है, जो कि संक्रमण का संकेत हो सकता है और बदले में कम कामेच्छा का कारण हो सकता है।
अपने डॉक्टर से चर्चा के दौरान, उनसे आप अभी जो भी दवाएं ले रहे हैं, उसके बारे में बताएं। एंटीडिप्रेसेंट्स, गर्भनिरोधक गोलियां और यहां तक कि एंटीहिस्टामाइन भी कामेच्छा में कमी पैदा कर सकते हैं।
आपने डॉक्टर को यह बताना आवश्यक है कि आपको हमेशा से कामेच्छा की कमी थी या यह एक नई समस्या है। जिन महिलाओं में हमेशा यौन इच्छाओं का निम्न स्तर रहा हो, उनको हाइपोएक्टिव सेक्सुअल डिजायर डिसऑर्डर (एचएसडीडी) नामक यौन विकार हो सकता है।
डॉक्टर मरीज से उसकी मेडिकल हिस्ट्री के बारे में पूछ सकते हैं। इसके अलावा, डॉक्टर निम्न तरीके भी उपयोग कर सकते हैं -
- पेल्विक परिक्षण - पेल्विक परिक्षण के दौरान, आपका डॉक्टर कम यौन इच्छा का कारण बनने वाले शारीरिक परिवर्तनों के लक्षणों की जांच कर सकता है, जैसे आपके जननांग ऊतक, योनि का सूखापन या दर्द ट्रिगरिंग स्पॉट।
- अन्य परीक्षण की सिफारिश - आपका चिकित्सक हार्मोन का स्तर जांचने के लिए ब्लड टेस्ट की सलाह दे सकता है और थाइराइड की समस्याओं, मधुमेह, हाई कोलेस्ट्रॉल और लिवर संबंधी रोग को भी चेक कर सकता है।
- विशेषज्ञ को रेफर करना - एक विशेषज्ञ परामर्शदाता या विशेषज्ञ सेक्सोलॉजिस्ट उन भावनात्मक और रिश्ते संबंधी कारकों का बेहतर मूल्यांकन कर सकते हैं, जो कामेच्छा की कमी का कारण हो सकते हैं।
कामेच्छा की कमी कैसे ठीक करे
कामेच्छा में कमी के कारण के आधार पर निम्नलिखित संभावित उपचार हो सकते हैं -
- स्वस्थ जीवनशैली - अपने आहार में सुधार करें, नियमित व्यायाम करें और पर्याप्त नींद लें, शराब पीना बंद कर दें और तनाव कम करें। (और पढ़े - तनाव कम करने के लिए योग)
- दवा में बदलाव - यदि आप जिस दवा को ले रहे हैं वो आपकी कामेच्छा को प्रभावित कर रही है तो उसकी जगह अपने डॉक्टर से बात करके कोई अन्य विकल्प लें। उदाहरण के लिए, यदि कोई व्यक्ति डिप्रेशन में होता है तो एंटीड्रिप्रेसेंट सहायक हो सकते हैं, लेकिन वे कामेच्छा भी कम कर सकते हैं। (और पढ़े - डिप्रेशन दूर करने के लिए योग)
- टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी - यदि कामेच्छा की कमी एंड्रोजन की कमी (कम टेस्टोस्टेरोन) के कारण होती है जिसकी ब्लड टेस्ट द्वारा पुष्टि की जाती है, तो आपको टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट चिकित्सा की आवश्यकता हो सकती है। (और पढ़े - हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी क्या है)
- परामर्श - तनाव या थकावट से संबंधित कामेच्छा की कमी में तनाव प्रबंधन रणनीतियों या मनोवैज्ञानिक परामर्श से मदद मिल सकती है। व्यक्तिगत या कपल काउन्सलिंग किसी भी रिश्ते में परेशानी पैदा करने वाले मुद्दों का पता लगाने और कामेच्छा को बढ़ाने में मददगार हो सकती है। यदि समस्या मनोवैज्ञानिक है तो आपका डॉक्टर मनोचिकित्सा की सिफारिश कर सकते हैं।
आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि टीवी और पत्रिकाओं के विज्ञापनों में दी जाने वाली दवाओं का क्या करें, जो कामेच्छा की कमी के इलाज का दावा करती हैं, जैसे कि सियालिस, लेवित्रा और वियाग्रा? ध्यान रखें कि ये दवाएं कामेच्छा को बढ़ावा नहीं देती हैं। ये सिर्फ आपको उत्तेजना प्राप्त करने और इरेक्शन बनाए रखने में मदद करती हैं।
अपने शरीर के बारे में जानें और अपने डॉक्टर को बताएं कि आप क्या महसूस कर रहे हैं। यही वह एकमात्र तरीका है जिससे आप जान पायेंगे कि समस्या की जड़ शारीरिक अथवा मनोवैज्ञानिक है या दोनों है। जितनी जल्दी आप यह जानते हैं, उतनी जल्दी आप अपने आप को फिर से हासिल कर सकते हैं और सेक्स जीवन में रंग भर सकते हैं।
कामोत्तेजना बढ़ाने के लिए दवा
यदि मरीज को दवा की जरूरत है, तो डॉक्टर निम्नलिखित दवाएं देने पर विचार कर सकते हैं -
क्रोनिक बीमारी के लिए
उच्च रक्तचाप, टाइप 2 मधुमेह, हृदय रोग और गठिया जैसी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं आपके यौन स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं और कम कामेच्छा का कारण बन सकती हैं। इसलिए, इनका उचित उपचार करने से आपके सेक्स ड्राइव को बेहतर करने में मदद मिल सकती है।
अगर मरीज कोई दवा ले रहा है, तो डॉक्टर यह चेक करते हैं कि कहीं ली जा रही दवाओं से तो कामेच्छा में कमी नहीं आ रही। उदाहरण के लिए एंटीडिप्रेसेंट्स जैसे कि परोक्सेटीन और फ्लुक्सैटिन सेक्स ड्राइव को कम कर सकते हैं। इसलिए, इनकी जगह एक अलग प्रकार की एंटीडिप्रेसेंट ब्यूप्रोपियन को लेने से फायदा हो सकता है।
नोट - उपरोक्त कोई भी दवा किसी विशेषज्ञ से परामर्श के बिना न लें। अगर आप उपरोक्त में से कोई दवा लेना चाहते हैं, तो आपको इसके संबंध में एक अच्छे डॉक्टर से बात करनी चाहिए।
महिला में कामोत्तेजना बढ़ाने के लिए दवा
अधिकतर लोगों को यह नहीं पता है कि महिलाओं के शरीर में भी टेस्टोस्टेरोन स्वाभाविक रूप से उत्पादन होता है। यह हार्मोन महिलाओं में भी कामेच्छा को प्रभावित करता है। उम्र बढ़ने के साथ टेस्टोस्टेरोन की प्राकृतिक गिरावट एक महिला की यौन प्रतिक्रिया को प्रभावित कर सकती है, हालांकि महिलाओं में टेस्टोस्टेरोन के स्तर और कम इच्छा या अन्य यौन समस्याओं के बीच एक स्पष्ट लिंक कभी नहीं मिला है।
अगर योनि में सूखापन यौन संबंध को दर्दनाक बना देता है, तो इस स्थिति में एस्ट्रोजेन क्रीम आपकी मदद कर सकती है। यह विशेष रूप से तब होता है जब एस्ट्रोजन का स्तर रजोनिवृत्ति या स्तनपान के कारण कम हो जाता हैं। एस्ट्रोजन अन्य रूपों में भी उपलब्ध है, जैसे कि टेबलेट या स्किन पैच आदि।
अगर रजोनिवृत्ति की शुरुआत होने से पहले किसी महिला में कामेच्छा की कमी हो रही है, तो ऐसे में फ्लिबनसेरिन दवा लेने से फायदा हो सकता है। बेशक इस गोली से फायदा होता है, लेकिन साथ में लो बीपी, चक्कर आना और बेहोशी आदि जैसी समस्या भी हो सकती है। इसलिए, विशेषज्ञों का सुझाव है कि अगर इसे लेते हुए 8 सप्ताह बीत जाने पर भी कामेच्छा में सुधार नहीं होता है, तो यह दवा लेना बंद कर देना चाहिए।
पुरुषों में कामोत्तेजना बढ़ाने के लिए दवा
टेस्टोस्टेरोन सेक्स करने की इच्छा को बढ़ाने में मदद करता है। इसलिए, जब टेस्टोस्टेरोन का स्तर नीचे जाता है, तो कामेच्छा कम हो सकती है। असल में उम्र बढ़ने के साथ-साथ टेस्टोस्टेरोन के स्तर में गिरावट आना सामान्य है। इस प्रकार की हार्मोन की कमी के मामले में हार्मोन थेरेपी से सुधार किया जाता है। हार्मोन थेरेपी गोलियों, त्वचा की क्रीम, जैल या स्क्रोटल पैच के रूप में दी जा सकती है। यह थेरेपी पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं के लिए भी इस्तेमाल की जा सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अपने सवालों के जवाब यहाँ पाएं।
क्या कामेच्छा की कमी स्थायी हो सकती है?
नहीं। सही कारण पहचानने और इलाज से कामेच्छा बेहतर हो सकती है। गंभीर स्वास्थ्य समस्या हो तो उसका उपचार जरूरी है।
क्या दवाएँ मेरी कामेच्छा को कम कर सकती हैं?
हाँ। एंटीडिप्रेसेंट्स, उच्च रक्तचाप की दवाएँ या हार्मोन बदलने वाली दवाएँ कामेच्छा कम कर सकती हैं। किसी बदलाव के लिए डॉक्टर से बात करें।
क्या सब लोगों की कामेच्छा का स्तर एक जैसा होना चाहिए?
बिलकुल नहीं। कामेच्छा व्यक्तिगत और समय के अनुसार बदलती रहती है। कोई निश्चित “सामान्य” स्तर नहीं है।
कामेच्छा की कमी से मानसिक असर क्या हो सकते हैं?
यह आत्म-सम्मान, आत्मविश्वास और रिश्तों पर असर डाल सकती है। चिंता, अवसाद या तनाव बढ़ सकता है। मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है।
क्या दवाएँ कामेच्छा बढ़ाने के लिए सुरक्षित हैं?
कुछ दवाएँ या हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी मदद कर सकती हैं, लेकिन हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित नहीं होती। डॉक्टर की देखरेख में ही इन्हें इस्तेमाल करना चाहिए।
क्या जीवनशैली में बदलाव कामेच्छा बढ़ा सकते हैं?
हाँ। पर्याप्त नींद, व्यायाम, तनाव कम करना, संतुलित आहार, शराब और धूम्रपान कम करना, और साथी के साथ भावनात्मक जुड़ाव कामेच्छा बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।
क्या उम्र बढ़ने के साथ कामेच्छा कम होना अनिवार्य है?
हर उम्र में हार्मोन, ऊर्जा और स्वास्थ्य बदलाव कामेच्छा को प्रभावित कर सकते हैं। लेकिन उचित देखभाल और जीवनशैली सुधार से इसे बेहतर किया जा सकता है।
क्या कामेच्छा की कमी और यौन प्रदर्शन की समस्या एक ही हैं?
नहीं। कामेच्छा इच्छा की कमी है, जबकि प्रदर्शन समस्याएँ इरेक्शन, orgasm या स्खलन से जुड़ी होती हैं। हालांकि ये एक दूसरे को प्रभावित कर सकते हैं।
सारांश
टेस्टोस्टोरोन में कमी, रजोनिवृत्ति, हाई बीपी, तनाव आदि कई कारण हैं, जिनके चलते कामेच्छा में कमी आ सकती है। इसका शिकार महिला और पुरुष दोनों हो सकतें हैं। ऐसे में इस बीमारी को गंभीरता से लेने की जरूरत है और इसके लिए डॉक्टर से मिलकर उचित परामर्श लेना चाहिए। इस समस्या के इलाज के रूप में हार्मोन थेरेपी या फिर दवा दी जा सकती है। अब किसी, कौन-सी दवा दी जाती है, इसका निर्णय डॉक्टर मरीज की स्थिति को देखते हुए लेते हैं।
यौन रोग के डॉक्टर
Dr. Hakeem Basit khan
सेक्सोलोजी
15 वर्षों का अनुभव
Dr. Zeeshan Khan
सेक्सोलोजी
9 वर्षों का अनुभव
Dr. Nizamuddin
सेक्सोलोजी
5 वर्षों का अनुभव





