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भारतीय आहार अधिकतर फसलों और अनाजों पर आधारित है। हर भोजन में गेंहू, चावल, दाल आदि को अनिवार्य रूप से पसंद किया जाता है क्योंकि यह सभी आहार पोषक तत्वों से भरे होते हैं और कई तरह के लाभ भी प्रदान करते हैं।

परंतु आज के इस आधुनिक युग मे फास्ट फूड के प्रचलन से हमारे भोजन में दालों का इस्तेमाल दिन प्रति दिन कम होता जा रहा है। जिसका ग़लत प्रभाव युवा पीढ़ी और विशेषकर बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।

दाल भारतीय व्यंजनों के प्रसिद्ध आहारो में से एक है। दालों में यह खासियत होती है कि आँच पर पकने के बाद भी उनके पौष्टिक तत्व जैसे की प्रोटीन आदि सुरक्षित रहते हैं। दाल एक एसा आहार है जो पौष्टिक के साथ-साथ स्वादिष्ट भी है। कोई भी भारतीय भोजन दाल के बिना अधूरा है।

दालों मे फाइबर पाया जाता है जो रक्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम करने मे मदद करता है, जो आपके दिल के लिए अच्छा होता हे। दाल प्रोटीन, विटामिन और खनिज के साथ-साथ आयरन, फोलेट, ज़िंक, मैग्नीशियम का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। इसलिए दाल स्वास्थ्य के लिए बेहद ज़रूरी आहार है।

दालों में प्रोटीन बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है जो की हमारे सम्पूर्ण शरीर का विकास करता है और शरीर के कार्य करने की प्रणाली को सुचारू करता है।

जैसा की आप सभी जानते होंगे कि दाल बहुत से प्रकार कि होती हैं। आज हम उन दालों और उनके स्वास्थ्य लाभों के बारे मे आप को बताने जा रहे हैं।

  1. मसूर दाल के फायदे - Benefits of red lentils pulses in Hindi
  2. चने की दाल के फायदे - Benefits Chickpea lentil in Hindi
  3. उड़द दाल के फायदे - Benefits of Urad Dal in Hindi
  4. मूंग दाल के फायदे - Benefits of Moong Dal in Hindi
  5. अरहर (तुअर) दाल के फायदे - Benefits of tur pulses in Hindi
  6. दाल फ्राई रेसिपी
  7. दाल तड़का बनाने की विधि

मसूर दाल की प्रकृति गर्म होती है। इस दाल के सेवन से शरीर में रक्त की मात्रा बढ़ती है। इसका सेवन करने से दस्त और कब्ज की समस्या दूर होती है। साथ ही पेट की पाचन क्रिया से संबंधित सारे रोग ठीक हो जाते है इतना ही नहीं मसूर दाल को भिगोने के बाद पीसकर दूध मे मिलाकर चेहरे पे सुबह- शाम लगाने से मुँहासे और दाग-धब्बे दूर हो जाते हैं। आँखों के लिए भी यह उपयोगी होती है। मसूर दाल को घी में छौंक कर खाने से आँखों की रोशनी बढ़ती है। बवासीर से पीड़ित मरीज को मसूर की दाल और खट्टी छाछ पीने से फायदा होता है।

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चना दाल रोगियों के लिए फायदेमंद होती है। चना मे वसा की मात्रा कम होती है अतः इस दाल के सेवन करने से शरीर में चर्वी की मात्रा को कम कर सकते हैं। वसा की अधिक मात्रा पुरुष यौन और हार्मोन के स्वास्थ्य के लिए वरदान का कम करती है इसलिए चना दाल का नियमित रूप से सेवन हार्मोन के स्तर को बढ़ाने के लिए बहुत उपयोगी है। चना दाल कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करती है। इसका ग्लाइसेमिक सूचिकांक (glycemic index) बहुत कम होता है जो मधुमेह से ग्रस्त लोगों के लिए महत्वपूर्ण है।


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उड़द की दाल को एक स्वास्थ्य दाल के रूप मे माना जाता है। उड़द दाल में आयरन की मात्रा अधिक होती है। यह शरीर में ऊर्जा का स्तर बढाने में मदद करती है और यह हमें सक्रिया रखता है। जो लोग माँस, मछली का सेवन नहीं करते उनके लिए यह एक प्रोटीन युक्त आहार है। उड़द दाल मजबूत हड्डियों और स्वस्थ शरीर के लिए आवश्यक है। इसके उपयोग से शारीरिक कमज़ोरी और हिस्टीरिया संबंधित समस्याओं से छुटकारा मिलता है। उड़द दाल मधुमेह के रोग को दूर करने के लिए भी काफ़ी महत्वपूर्ण है। उड़द दाल का सेवन शहद और करेले के रस के साथ करने से मधुमेह में अच्छा परिणाम मिलता है।


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मूंग दाल एक डाइट (diet) अनुकूल दाल है। मूंग दाल मे कैलरी बहुत कम मात्रा में होती है। साथ ही आयरन और पोटैशियम अधिक मात्रा में होता है। मूंग दाल एक अत्यंत शक्तिशाली घटक है। मूंग दाल के बहुत से लाभ है। मूंग दाल उपयोग करने से मुहाँसे और सूखी त्वचा की समस्याओं से निजात पाया जा सकता है। मूँग दाल आपकी सुंदरता को निखारने में बहुत मदद करती है। मूंग दाल उन लोगों के लिए बहुत ही जरूरी है जिन्हें पेट में पाचन की समस्या है। मूंग दाल गैस की समस्या और सूजन को रोकने में बहुत ही लाभदायक होती है। मूंग दाल में एंटीऑक्सीडेंट (antioxidant) गुण होती है जो की मधुमेह, दिल की बीमारी, कैंसर आदि से लड़ने मे मदद करते हैं और हमारे स्वास्थ्य को सुरक्षित रखते हैं। 

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अरहर दाल को तुर की दाल या तुअर की दाल के रूप मे भी जाना जाता है। अरहर दाल को भारत मे भोजन के लिए काफ़ी प्रधानता दी जाती है। अरहर दाल मे प्रोटीन, वसा, कार्बोहायड्रेट और कई तरह के पोषक तत्व होते हैं जो हमारे शरीर के लिए ज़रूरी होते हैं। इसे फाइबर का भी अच्छा स्रोत माना जाता है। अरहर दाल को चावल के साथ खाने से शरीर को पूर्ण प्रोटीन मिलता है। यह प्रोटीन के स्रोतों में से एक है। अरहर की दाल मुंह के छालों के लिए बहुत फायदेमंद होती है। अरहर दाल मे फोलिक एसिड (folic acid) पाया जाता है। जो महिलाएं गर्भवती बनने के लिए योजना बना रही हैं उनके लिए फोलिक एसिड (folic acid) एक महत्वपूर्ण विटामिन होता है। अरहर दाल का सेवन करने से खाँसी, गैस, अम्लता, बवासीर, पेट दर्द और जहर के प्रभाव से जल्द छुटकारा मिलता है।


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