हमारे शरीर में जितनी भी रासायनिक प्रतिक्रियाएं होती हैं उनको चयापचय यानी मेटाबॉलिज्म (चयापचय) कहा जाता है.
हालांकि, लोग मेटाबॉलिज्म को रोग प्रतिरोधक क्षमता या मोटापे से जोड़कर देखते हैं. लेकिन इन रासायनिक प्रतिक्रियाओं का काम हमारे भोजन को ऊर्जा में परिवर्तित करना होता है. यानि हम कह सकते हैं कि मेटाबॉलिज्म शरीर की हर गतिविधि के लिए बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इन गतिविधियों में रक्त का संचार, सांस लेना, शरीर के तापमान का नियंत्रण, मस्तिष्क का काम, मांसपेशियों का सिकुड़ना आदि शामिल है. ऐसे में ये जानना जरूरी है कि मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने से क्या हो सकता है?
इस लेख में मेटाबॉलिज्म से जुड़े कुछ तथ्यों के बारे में जानेंगे.
- मेटाबॉलिज्म बढ़ने से क्या होता है?
- क्या सच में मेटाबॉलिज्म बढ़ना ठीक है?
- मेटाबॉलिज्म बढ़ने के फायदे
- ऐसे कौन से फूड हैं जो मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने में मददगार हैं?
- मेटाबोलिक सिंड्रोम से कैसे बचाव में कारगर है मेटाबॉलिज्म का बढ़ना?
- मानव शरीर में मेटाबॉलिज्म की दर कितनी होती है?
- सारांश
मेटाबॉलिज्म बढ़ने से क्या होता है?
रोजमर्रा के कार्य को करने के लिए व्यक्ति को ऊर्जा की आवश्यकता होती है. लेकिन जब ये ऊर्जा शरीर में जरूरत से ज्यादा मात्रा में बढ़ने लगती है तो फैट के रूप में जमा हो जाती हैं, जिसके कारण व्यक्ति मोटापे से ग्रस्त हो जाता है. ऐसे में मेटाबॉलिज्म कैलोरी बर्न करने के साथ-साथ मोटापे को नियंत्रित भी रखता है. जी हां, आपका मेटाबॉलिज्म जितनी तेजी से अपना काम करता है या चयापचय को जितना बढ़ाया जाता है ये उतनी ही तेजी से आपके शरीर में कैलोरी बर्न करता है.
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क्या सच में मेटाबॉलिज्म बढ़ना ठीक है?
जैसा कि हमने पहले भी बताया मेटाबॉलिज्म का बढ़ना कहीं ना कहीं हमारे मोटापे को नियंत्रित करता है. ऐसे में जो लोग शरीर में जमा अतिरिक्त चर्बी से छुटकारा पाना चाहते हैं उनके लिए मेटाबॉलिज्म का बढ़ना ठीक है. लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जिनका मेटाबॉलिज्म पहले से ही तेज काम करता है. उनके आराम करने के बाद भी वो ज्यादा कैलोरी बर्न कर पाते हैं. हालांकि ऐसा पुरुषों के साथ ज्यादा होता है. ऐसी स्थिति में मेटाबॉलिज्म पर दबाव बनाना ठीक नहीं. ध्यान दें कि चयापचय 40 वर्ष की आयु के बाद लगातार धीमा होने लगता है.
(और पढ़ें - मेटाबोलिक सिंड्रोम क्या है)
मेटाबॉलिज्म बढ़ने के फायदे
मेटाबॉलिज्म अगर तेज काम करता है या ठीक है तो इससे आपको कई लाभ मिल सकते हैं, जैसे -
- शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकलते हैं.
- रक्त परिसंचरण में सुधार होता है.
- मूड अच्छा रहता है.
- ऊर्जा का संचार होता है..
- प्राकृतिक रूप से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है.
(और पढ़ें - रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के उपाय)
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ऐसे कौन से फूड हैं जो मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने में मददगार हैं?
प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ जैसे मांस, मछली, अंडा, डेयरी प्रोडक्ट्स, नट्स, बीज आदि चयापचय को बढ़ाने में बेहद मददगार हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि इन चीजों को पचाने के लिए शरीर को ज्यादा ऊर्जा की जरूरत होती है. इसलिए मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने के लिए आप इन चीजों को अपनी डाइट में जोड़ सकते हैं. इसके अलावा व्यक्ति अपनी डाइट में मिनिरल रिच फूड, कॉफी, चाय, अदरक, सेब का सिरका, पानी आदि को भी मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने के लिए अपनी डाइट में जोड़ सकता है.
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मेटाबोलिक सिंड्रोम से कैसे बचाव में कारगर है मेटाबॉलिज्म का बढ़ना?
जब शरीर में उच्च रक्तचाप, हाई ब्लड शुगर, कमर के आसपास जमा अतिरिक्त चर्बी, असामान्य कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड का स्तर बढ़ने लगता है तब व्यक्ति हृदय रोग, स्ट्रोक और टाइप 2 डायबिटीज जैसी गंभीर समस्याओं का शिकार हो सकता है. इन स्थितियों को मेटाबोलिक सिंड्रोम कहा जाता है. हालांकि, यदि व्यक्ति को इनमें से कोई एक भी समस्या हो जाए तो इसका मतलब ये नहीं है कि उसे मेटाबोलिक सिंड्रोम की समस्या है. लेकिन हां, इसका मतलब ये जरूर है कि वो व्यक्ति मेटाबोलिक सिंड्रोम से जल्दी ग्रस्त हो सकता है. ऐसे में यदि व्यक्ति मेटाबॉलिज्म को बढाएं, रोजाना एक्सरसाइज करे, हेल्दी डाइट को फॉलो करे, मोटापे को नियंत्रित करने से इस सिड्रोंम से बचा जा सकता है.
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मानव शरीर में मेटाबॉलिज्म की दर कितनी होती है?
अगर पुरुषों में मेटाबॉलिजम की दर की बात की जाए तो इनके शरीर में बीएमआर की दर (Basal metabolic rate) प्रतिदिन करीब 7.100 केजे (7,100 kJ per day) होती है. जबकि महिलाओं के शरीर में बीएमआर की दर प्रतिदिन करीब 5,900 केजे (5,900 kJ per day) होती है. सरल भाषा में कहा जाए तो पुरुषों और महिलाओं के शरीर में ऊर्जा व्यय (किसी व्यक्ति को शारीरिक कार्य करने के लिए जितनी ऊर्जा की आवश्यकता होती है उसे ऊर्जा व्यय कहते हैं) निरंतर होती रहती है. लेकिन ऊर्जा व्यय की दर बदलती रहती है. हालांकि सुबह के समय इसकी दर सबसे कम होती है. इसका मतलब शारीरिक कार्य करने के लिए व्यक्ति को सुबह के समय ज्यादा ऊर्जा की जरूरत होती है.
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सारांश
मेटाबॉलिज्म को क्यों और कैसे बढ़ाया जा सकता है, इसके बारे में पता होना जरूरी है. ऐसे में व्यक्ति जरूरी खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट में जोड़कर चयापचय को और बढ़ा सकते हैं और उससे होने वाले लाभों का फायदा उठा सकते हैं.
मेटाबॉलिज्म बढ़ने से क्या होता है? के डॉक्टर
Dr. Narayanan N K
एंडोक्राइन ग्रंथियों और होर्मोनेस सम्बन्धी विज्ञान
16 वर्षों का अनुभव
Dr. Tanmay Bharani
एंडोक्राइन ग्रंथियों और होर्मोनेस सम्बन्धी विज्ञान
15 वर्षों का अनुभव
Dr. Sunil Kumar Mishra
एंडोक्राइन ग्रंथियों और होर्मोनेस सम्बन्धी विज्ञान
23 वर्षों का अनुभव




