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पोल्ट्री, सूअर का मांस, बकरे का मांस, समुद्री भोजन ये कुछ प्रकार के मीट होते हैं जो स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभकारी हैं। इन सभी में जो चीज आम है वो है इनमें मौजूद प्रोटीन जिसकी मनुष्य को दैनिक रूप से जरूरत होती है। प्रोटीन हमारे शरीर में ऊर्जा देने का कार्य करता है और दैनिक कार्यक्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। दैनिक रूप से लड़कियों और महिलाओं को 46 ग्राम, पुरुषों को 56 ग्राम, जबकि बच्चों को 19 -34 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है। (और पढ़ें - चिकन खाने के फायदे और नुकसान)

मीट के सेवन से आपको कुछ विशेष प्रकार के फायदे मिल सकते हैं और इन फायदों की शाकाहारी आहार के साथ तुलना नहीं की जा सकती है। आजकल की बदली दिनचर्या और जीवनशैली के कारण हाई कोलेस्ट्रॉल, शुगर (मधुमेह), त्वचा से जुड़ी कई प्रकार बीमारियां सामने आई हैं। अध्ययनों से पता चला है कि जो लोग मीट का सेवन नहीं करते हैं, उनमें अवसाद, चिंता और ईटिंग डिसऑर्डर जैसी न्यूरोट्रांसमीटर समस्याओं से पीड़ित होने की अधिक संभावना होती है। (और पढ़ें - मछली खाने के लाभ और नुकसान)

  1. मीट के फायदे - Meat ke Fayde in Hindi
  2. मीट के नुकसान - Meat ke Nuksan in Hindi

पोल्ट्री और लाल मीट में प्रोटीन, विटामिन ए, विटामिन बी, विटामिन डी और जस्ता, मैग्नीशियम, लोहा जैसे कई खनिज पाए जाते हैं। ये सभी पोषक तत्व शरीर के विभिन्न कार्यों के लिए आवश्यक होते हैं। तो आइये जानते हैं मीट से होने वाले लाभों के बारे में -

  1. मीट खाने के लाभ करें प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत - Meat Good for Immune System in Hindi
  2. मीट खाने के फायदे मसल्स बनाने के लिए - Meat for Muscles Building in Hindi
  3. मांस करें पाचन स्वास्थ्य में सुधार - Meat Improves Digestive Health in Hindi
  4. रक्त परिसंचरण में सहायक हैं मीट का सेवन - Meat for Blood Circulation in Hindi
  5. मीट के लाभ रखें हृदय को स्वस्थ - Meat Good for Heart in Hindi
  6. त्वचा के लिए लाभकारी होता है मीट - Meat Benefits for Skin in Hindi
  7. मांस खाने के फायदे मस्तिष्क विकास के लिए - Meat for Brain Development in Hindi
  8. मीट फॉर प्रेगनेंसी - Meat for Pregnancy in Hindi

मीट खाने के लाभ करें प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत - Meat Good for Immune System in Hindi

विभिन्न प्रकार के मीट में जस्ता की उच्च मात्रा पाई जाती है, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में मदद करती है। इसके एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण, जस्ता एंटीबॉडी बनाने के लिए जाना जाता है, जो मुक्त कणों से लड़ने में मददगार होते हैं। मीट से प्राप्त प्रोटीन, संक्रमण से शरीर की रक्षा के लिए इन एंटीबॉडी के उत्पादन में मदद करता है। सीफ़ूड में मौजूद ओमेगा -3 फैटी एसिड भी प्रतिरक्षा को बढ़ाने के लिए अच्छे होते हैं। समुद्री भोजन में पाया जाने वाला एक अन्य खनिज है सेलेनियम, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाने के लिए भी जाना जाता है। विटामिन ए प्रजनन प्रणाली का के कार्यों में मदद करता है। 

(और पढ़ें - रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ)

मीट खाने के फायदे मसल्स बनाने के लिए - Meat for Muscles Building in Hindi

मीट में मौजूद प्रोटीन शरीर के ऊतकों के निर्माण और रिपेयर करने में मदद करता है और साथ ही मांसपेशियों की गतिविधि में सुधार भी करता है। ऊतक और मांसपेशियां प्रोटीन से बनी होती है इसलिए यही कारण है कि जो व्यक्ति मसल्स बनाते हैं उनको अपने आहार में प्रोटीन के सेवन को बढ़ाना चाहिए। मेयर मसल्स को बढ़ाने और मरम्मत में सहायता करता है क्योंकि इसमें प्रोटीन और जस्ता जैसे पोषक तत्व होते हैं। 

(और पढ़ें - मसल्स बनाने के लिए इन प्रोटीन शेक से कुछ भी और बेहतर नहीं)

मांस करें पाचन स्वास्थ्य में सुधार - Meat Improves Digestive Health in Hindi

प्रोटीन के साथ साथ मीट आवश्यक अमीनो एसिड का भी खजाना होता है जो पाचन में मदद करते हैं। हमारा शरीर अमीनो एसिड का स्वयं से उत्पादन नहीं कर सकता है, इसलिए यह भोजन से हासिल किया जाना चाहिए। मीट नौ आवश्यक अमीनो एसिड यानि कि हिस्टिडाइन, लेउसीन, लाइसीन, आइसोलीयुसीन, मेथियोनीन, फेनिलएलैनिन, थ्रेऑनिन, ट्रिप्टोफैन, वेलिन आदि उपलब्ध कराते हैं, इसलिए मीट को सम्पूर्ण प्रोटीन कहा जाता है। इसमें मौजूद विटामिन डी भी हड्डियों को मजबूत करने में सहायता करता है और कैल्शियम अवशोषण और चयापचय के लिए महत्वपूर्ण है। 

(और पढ़ें - पाचन क्रिया सुधारने के आयुर्वेदिक उपाय)

रक्त परिसंचरण में सहायक हैं मीट का सेवन - Meat for Blood Circulation in Hindi

लोहा प्रमुख खनिजों में से एक है जो सभी कोशिकाओं को उचित रक्त परिसंचरण और ऑक्सीजन में सहायक होता है। और विभिन्न प्रकार के मीट लौह का एक अच्छा स्रोत होते हैं। और लौह की कमी गंभीर स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं का कारण बन सकती है। लौह की कमी से शुरू में कमजोरी, एकाग्रता और थकान की कमी होती है। लोहे के अवशोषण के लिए विटामिन सी में समृद्ध खाद्य पदार्थों का सेवन करना भी फायदेमंद होता है। (और पढ़ें – थकान दूर करने के घरेलू उपाय)

(और पढ़ें - आयरन के फायदे)

मीट के लाभ रखें हृदय को स्वस्थ - Meat Good for Heart in Hindi

सीफ़ूड में पाए जाने वाला ओमेगा -3 फैटी एसिड हृदय को स्वस्थ रखता है और कार्डियोवस्कुलर मेलेफेंक्शन की चिंता को कम करता है। ओमेगा -3 फैटी एसिड का नियमित रूप से सेवन दिल के दौरे, स्ट्रोक और अतालता (एरिथमिया; Arrhythmia) के जोखिम को कम करता है। मीट में पाए जाने वाले विटामिन बी के प्रकार नियासिन, फोलिक एसिड, थाइमिन, बायोटिन, पैंथोथेनीक एसिड, विटामिन बी 12 हार्मोन, लाल रक्त कोशिकाओं के गठन और तंत्रिका तंत्र के कार्यों में सहायता करते हैं। ये विटामिन शरीर में ऊर्जा पैदा करने और हृदय और तंत्रिका तंत्र को स्वस्थ रखने में भी मदद करते हैं। 

(और पढ़ें - हृदय को स्वस्थ रखने के लिए खाएं ये आहार)

त्वचा के लिए लाभकारी होता है मीट - Meat Benefits for Skin in Hindi

ओमेगा -3 फैटी एसिड में समृद्ध मीट का नियमित रूप से सेवन त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद होता है। फैटी एसिड यूवी किरणों से त्वचा की रक्षा करते हैं और त्वचा में नमी और प्राकृतिक चमक को बनाये रखने में मदद करते हैं। मीट में पाया जाने वाला विटामिन ए मजबूत हड्डियों, दांत, स्वस्थ त्वचा और आंखों को सुनिश्चित करता है। मांस का सेवन भी त्वचा रोग जैसे कि छालरोग, एक्जिमा, डर्मेटाइटिस को ठीक करने में सहायक होता है। 

(और पढ़ें - एक्जिमा के घरेलू उपचार)

मांस खाने के फायदे मस्तिष्क विकास के लिए - Meat for Brain Development in Hindi

डोकोसैक्सिनोइक एसिड (डीएचए) और इकोसापैनटोइनिक एसिड (ईपीए) विभिन्न मछलियों में पाया जाता है जो संज्ञानात्मक और मस्तिष्क के विकास को बढ़ाने में मदद करता है। यह मस्तिष्क की एकाग्रता और सामान्य कार्यों को बेहतर बनाने में मदद करता है। 

(और पढ़ें - दिमाग तेज करने के घरेलू उपाय और क्या खाये)

मीट फॉर प्रेगनेंसी - Meat for Pregnancy in Hindi

गर्भवती महिला आमतौर पर पारा सामग्री के कारण मछलियों के सेवन से बचती है जो अजन्मे बच्चे के विकास को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, मछली में मौजूद ओमेगा -3 फैटी एसिड बच्चों में मस्तिष्क और आँखों के विकास में मदद करते हैं। यह अवसाद को रोकने के लिए भी जाना जाता है जो गर्भावस्था के दौरान और बाद में सामान्य है। 

(और पढ़ें - प्रेगनेंसी में होने वाली प्रॉब्लम और प्रेगनेंसी टेस्ट कब करे)

  1. नेचर मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, लाल मांस में पाए जाने वाला एक यौगिक (जिसे कार्निटाइन कहा जाता है) एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis), धमनियों की कठोरता या क्लॉगिंग का कारण बन सकता है।
  2. हार्वर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ से एक अध्ययन से लाल मांस के अधिक सेवन को एक छोटे जीवन काल के बढ़ते जोखिम का पता चला है। स्वस्थ प्रोटीन स्रोत जैसे मछली, मुर्गी, नट्स और फलियां मृत्यु दर के जोखिम के साथ जुड़े हुए थे।
  3. मीट में अधिक मात्रा में यूरिक एसिड पाया जाता है। जो हमारे शरीर के अन्दर जमा होकर गठिया जैसे कई रोगों को पैदा कर सकता है।
  4. यूसीएलए के एक हालिया अध्ययन के मुताबिक मीट में लोहे की बहुत अच्छी मात्रा पाई जाती है। इसलिए इसके अधिक सेवन से मस्तिष्क में लोहे का स्तर बढ़ सकता है और अल्जाइमर रोग के विकास का जोखिम बढ़ सकता है।
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