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बच्चे को बड़ा होते हुए देख हर मां-बाप को अच्छा लगता है। इस समय की हर बातें माता-पिता के लिए यादगार बन जाती हैं। लेकिन कई बार कुछ माता-पिता इस बात का अनुभव करते हैं कि उनका बच्चा अन्य बच्चों की तरह चीजों को याद नहीं रख पाता है। वहीं स्कूल में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए भी बच्चों को सभी चीजें लंबे समय तक याद रखनी होती है। ऐसे में उनको पढ़ाए गए सभी विषयों को अच्छी तरह से समझते हुए याद रखना होता है और इसके लिए बच्चों का दिमाग तेज होना बेहद जरूरी है। हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा तेज दिमाग का हो और इसके लिए वह तरह-तरह के उपायों को भी खोजते हैं।

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आप सभी की इसी परेशानी को ध्यान में रखते हुए इस लेख में आपको बच्चे का दिमाग तेज करने के उपाय के बारे में बताया गया है। साथ ही आपको बच्चों का दिमाग तेज करने का तरीका, बच्चों का दिमाग तेज करने के लिए क्या करना चाहिए, बच्चों का दिमाग तेज करने के घरेलू उपाय और बच्चों का दिमाग कैसे बढ़ाएं आदि विषयों को भी विस्तार से बताने का प्रयास किया गया है। 

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  1. बच्चों का दिमाग तेज करने का उपाय - Baccho ka dimag tez karne ka upay
  2. बच्चों के दिमाग तेज करने के लिए घरेलू उपाय - Baccho ka dimag tej karne ka Gharelu upay
  3. बच्चों का दिमाग कैसे बढ़ाएं - Baccho ka dimag kaise badhaye
  4. बच्चे के दिमाग को प्रभावित करने वाले कारक
  5. रिसर्च ने बताया कि बच्चों को इंटेलिजेंस माँ से मिलती है

बच्चों का दिमाग तेज करने के लिए उसको सवाल पूछने से ना रोकें - Baccho ka dimag tez karne ke liye usko sawal puchne se na roke

किसी भी विषय या जानकारी को समझना उसको याद रखने का पहला चरण होता है। यदि बच्चा किसी विषय पर बार-बार सवाल पूछता है तो आप उसको हर बार प्यार से जवाब दें, क्योंकि पूछने से ही बच्चा उस विषय या जानकारी को समझता है और इसके बाद ही बच्चा उस विषय को याद रख पाता है। इससे बच्चे की सोचने की शक्ति में विकास होता है और वह चीजों को हल करना सीखता है। 

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बच्चों का दिमाग तेज करने का उपाय है उनको प्रोत्साहित करना - Baccho ka dimag tez karne ka upay hai unko encourage karna

बच्चे के दिमाग को तेज करने के लिए आप उससे अलग-अलग विषयों पर बात करें और उससे पूछें कि वह इस बारे में क्या सोचता है। इस तरह से बच्चे को प्रोत्साहित करने से वह जानकारियों को लंबे समय तक याद रख पाता है। यह तरीका बच्चे के दिमाग को तेज करके, उनकी सोचने की क्षमता में बढ़ोतरी करता है। साथ ही बच्चा चीजों को लंबे समय तक याद रख पाता है। 

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बच्चे का दिमाग तेज करने के लिए उनको कविता या गीत में जवाब दें - Baccho ka dimag tez karne ke liye unko rhymes me javab de

बच्चे को जो जानकारी या विषय आप लंबे समय तक याद करवाना चाहते हैं तो उसको वह जानकारी तुकबंदी या गीत की तरह सीखाएं। मस्तिष्क तुकबंदी और पैटर्न में मिलने जानकारी को लंबे समय तक याद रखता है। इसलिए आप बच्चे के पोयम या म्यूजिक में जानकारी दें। इससे बच्चे को सीखने में आसानी होती है। 

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बच्चों का दिमाग तेज करने के लिए उसकी सोचने की शक्ति बढ़ाएं - Baccho ka dimag tej karne ke liye uski sochne ki sakti badhaye

बच्चे का दिमाग तेज करने के लिए आप उसके सोचने की क्षमता को बढ़ाएं। बच्चा जो कुछ भी पढ़ता या सुनता है उसका दिमाग में एक चित्र बनता है। आप उस विषय के बारे में बच्चे से पूछे, इस पर बच्चा अपनी सोच के अनुसार जानकारी को आपके सामने रखता है। ऐसा बार-बार करने से धीरे-धीरे बच्चे की सोच में विकास होना शुरू होता है। इस क्षमता को बढ़ाने लिए आप बच्चे को छोटे-छोटे कार्य देकर उसको करने को भी कह सकते हैं। 

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बच्चों का दिमाग बढ़ाने के लिए उसके साथ मेमोरी गेम खेलें - Baccho ka dimag badhane ke liye uske sath memory game khele

बच्चे के दिमाग को बढ़ाने के लिए आप उसके साथ कई तरह के मेमोरी गेम खेल सकते हैं। इस तरह के गेम से बच्चा बोर भी नहीं होता है और धीरे धीरे उसका दिमाग भी तेज होने लगता है। इसमें आप बच्चे के साथ निम्न तरह के गेम खेल सकते हैं।

  • थ्री कप गेम:
    बच्चों के दिमाग को बढ़ाने के लिए आप उसके साथ थ्री कप गेम खेल सकते हैं। इसको खेलने के लिए आपको तीन कप, कटोरे या प्लास्टिक के ग्लास लेने होते हैं। साथ ही आपको एक सिक्का भी लेना होगा। खेल की शुरुआत में आप बच्चे को दिखाकर किसी भी एक कप के नीचे सिक्के को रख दें। इसके बाद तीनों कप को बिना उठाए खिसकाते हुए एक दूसरे कप की जगह को आपस में बदलें। कुछ देर के बाद बच्चे से पूछें कि सिक्का किस कप के नीचे है। इससे बच्चे की एकाग्रता बढ़ती है। 
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  • मेज (maze):
    ये गेम आसानी से बच्चों की किताबों, मोबाईल एप और पार्क में मिल जाता है। इस खेल में बच्चे को एक छोर से दूसरे छोर में जाने का रास्ता ढूंढना होता है। आप सभी ने अपने बचपन में इस गेम को कई बार खेला ही होगा। इस गेम को खेलने से बच्चे को कई तरह के लाभ मिलते हैं। इसमें बच्चा हाथ और आंखों के बीच तालमेल बनाते हुए अपने गेम को पूरा करता है। इससे बच्चे को मुश्किल को सुलझाने के तरीके के बारे में पता चलता है। इस खेल में जब बच्चा रास्ता नहीं ढूंढ पाता है तो वह नए रास्ते को खोजता है। 
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  • पिक्चर पजल (picture puzzle):
    पिक्चर पजल गेम में बच्चे को कुछ टुकड़ो में एक तस्वीर दी जाती है और उसको इसे जोड़ जोड़कर पूरी बनाने के लिए कहा जाता है। इससे गेम से बच्चा चित्र को समझता हुआ और पूरा करता है। 

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बच्चों का दिमाग को तेज करने के लिए उसको बाहर घुमाने ले जाएं - Baccho ka dimag badhane ke liye usko bahar ghumane le jaye

ऐसा बिलकुल नहीं हैं कि बच्चा केवल किताबों या अन्य लिखी जानकारियों से ही सब कुछ सीखता है। आप बच्चे को घर के बाहर घुमाने लें जाएं और उसको भी बाहरी दुनिया का अनुभव करने दें। ऐसे में आप बच्चे को जानवरों के बारे में बताने के लिए चिड़ियाघर लें जाएं या पेड़ पौधों के बारे में बताने के लिए बच्चे को किसी पार्क में घुमाने ले जाएं। इससे भी बच्चा कई जानकारियों के बारे में सीखता और समझता है।

अगर आप बच्चे को इतिहास के बारे में बताना चाहते हैं तो उसको किसी म्युजियम में लेकर जाएं, इससे बच्चा ऐतिहासिक घटनाओं और उनके पात्रों को आसानी से याद रख पाएगा।   

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बच्चों का दिमाग बढ़ाने का तरीका है उसको टिचर बनाएं - Baccho ka dimag badhane ka tarika hai usko teacher banaye

कई बार बच्चे खेल खेल में कई चीजों को सीख जाते हैं। बच्चे को आसान तरीके से किसी विषय को याद कराने के लिए आप उसको टिचर बनाएं और खुद को पढ़ाने के लिए कहें। इस प्रक्रिया में आप उसके दोस्तों और अन्य भाई बहनों की मदद ले सकते हैं। इस प्रक्रिया में बच्चे के द्वारा सीखी या पढ़ी गई किसी जानकारी को उसे समझाने के लिए कहें।

यदि बच्चा उस चीज को अच्छी तरह से समझ चुका होगा तो वह आपको पूरी जानकारी एक टिचर की तरह बताएगा। इस दौरान बच्चा कहीं कहीं पर अटककर किताब देख सकता है, आप उसके द्वारा याद न रखी गई जानकारी को ध्यान में रखे और दोबारा उन्हें बच्चे को समझाएं। इससे भी बच्चा संबंधित जानकारी को लंबे समय तक याद रख पाता है। 

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बच्चों का दिमाग बढ़ाने का तरीका है उनको थोड़ी-थोड़ी जानकारी दें - Baccho ka dimag badhane ka tarika hai unko thodi thodi jankari de

बच्चे किसी चीज को सीखने में समय लगाते हैं, कई बच्चों को लंबी जानकारी याद रखने में परेशानी होती है। ऐसे में आप बच्चे को पूरी जानकारी थोड़ा-थोड़ा करके सिखाएं। अगर आप बच्चे को एक साथ कई तरह के काम करने के लिए कहती हैं तो इससे बच्चा असमंजस में पढ़ सकता है, इसलिए बेहद जरूरी है कि बच्चे को कोई जानकारी देते समय या उसको कुछ काम बताते समय उनको टुकड़ों में बांट दें। इससे बच्चा भी क्रम अनुसार सभी चीजों को सीखते हुए अपना काम पूरा कर पाएगा।

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बच्चे का दिमाग तेज करने के लिए उसको बार-बार अभ्यास कराएं - Baccho ka dimag tej karne ke liye usko bar bar pratice karaye

एक जानकारी को विभिन्न इंद्रियों के उपयोग से बच्चे को सिखाने से यह बच्चे के मस्तिष्क की अलग अलग जगह में अपना स्थान बना लेती हैं। मस्तिष्क में जानकारी अलग-अलग जगह में सुरक्षित होने से बच्चा उसको दोबारा आसानी से बता पाता है और उसको लंबे समय तक याद रख पाता है। जब बच्चा संबंधित जानकारी के बारे में सोचता है, तो मस्तिष्क के विभिन्न न्यूरल सर्किट गतिशील हो जाते हैं, इससे बच्चे का दिमाग तेज होता है। इसको आप बच्चे के दिमाग की एक्सरसाइज भी कह सकते हैं। 

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बच्चों का दिमाग तेज करने के लिए सभी जानकारियों आपस में जोड़े - Baccho ka dimag tej karne ke liye sabhi jankariyo ko aapas me jode

बच्चों का दिमाग तेज करने के लिए आप किसी एक विषय पर दी जाने वाली जानकारियों को आपस में जोड़ कर उन्हें बताएं, क्योंकि एक दूसरे के साथ बिना जुड़ी जानकारियों को अल्प अवधी स्मृति (short term memory) एक मिनट से भी कम समय तक सुरक्षित रख पाती है। किसी एक विषय पर दी जाने वाली सभी जानकारियों को आपस में जोड़कर बच्चे को याद कराएं व संबंधित जानकारी बच्चे ने जो भी पहले ली थी उसके साथ नई जानकारी को जोड़े, इससे बच्चा पूरी जानकारी को लंबे समय तक याद रख पाएगा और नई जानकारी को भी आसानी से सीख सकेगा।   

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हर बच्चे की अपनी अलग क्षमता होती है। कुछ बच्चों का दिमाग अपनी ही उम्र के अन्य बच्चों की तुलना में तेज हो सकता है। हालांकि, कुछ मामलों में निम्नलिखित कारकों के चलते बच्चा किसी जानकारी को लंबे समय तक याद नहीं रखा पाता है या उसका दिमाग प्रभावित होता है।

  • बच्चे की वर्तमान और पहले की स्वास्थ्य स्थितियां उसके दिमाग को प्रभावित करती हैं, जिसका सीधा असर बच्चे की याद रखने की क्षमता पर पड़ता है। इसमें कई तरह के आनुवांशिक विकार और जन्म के समय या बाद में सिर के निचले हिस्से में चोट लगना आदि को शामिल किया जाता है। (और पढ़ें - सिर की चोट का इलाज)
  • एकाग्रता में कमी या हाथ में लंबे समय से दर्द होने पर भी बच्चा किसी चीज को सही तरह से सीख और याद नहीं रख पाता है।
  • बच्चे के दिमाग का विकास सही से हो इसके लिए संतुलित और पौष्टिक आहार की आवश्यकता होती है। बच्चों के आहार में पोषक तत्वों की कमी का दुष्प्रभाव भी उनके मस्तिष्क पर पड़ता है। (और पढ़ें - बच्चों की इम्यूनिटी कैसे बढ़ाएं)
  • पर्याप्त नींद भी मस्तिष्क के लिए बेहद जरूरी होती है। नींद में कमी का मतलब हैं याद्दाश्त में कमी आना। (और पढ़ें - कम सोने के नुकसान)
  • घर में तनावपूर्ण माहौल का असर भी बच्चे के दिमाग पर पड़ता है। इस माहौल में बच्चे की स्मरण शक्ति किसी भी जानकारी को लंबे समय तक याद नहीं रख पाती है।  

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