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बच्चों में हर चीज को जानने की उत्सुकता होती है। अक्सर उनकी उत्सुकता किसी भी चीज को सीधे अपने मुंह में डाल लेने का रूप ले लेती है। आपने अक्सर देखा होगा कि कुछ बच्चों को मिट्टी खाने की आदत लग जाती है। मिट्टी खाने की आदत से बच्चों को कई तरह के शारीरिक और भावनात्मक गंभीर रोग हो सकते हैं। बच्चों में मिट्टी व अन्य न खाने वाली चीजों को खाने की आदत "पिका रोग" (Pica  Disorder) का एक रूप है।

मिट्टी खाने की अदात के कई कारण हो सकते हैं। बच्चों के सामाजिक स्तर, विटामिनमिनरल्स की कमी और अन्य मानसिक समस्याओं के बच्चों में मिट्टी खाने की आदत लग सकती है।

(और पढ़ें - विटामिन की कमी)

बच्चों में आमतौर पर देखी जाने वाली इस समस्या के बारे में आगे विस्तार से बताया जा रहा है। साथ ही आपको मिट्टी खाने के लक्षण, मिट्टी खाने के कारण, मिट्टी खाने से क्या नुकसान व रोग या बीमारी होते हैं और मिट्टी खाने का इलाज आदि के बारे में भी बताया गया है।

(और पढ़ें - शिशु टीकाकरण चार्ट)

  1. मिट्टी खाने के लक्षण - Mitti khane ke lakshan
  2. मिट्टी खाने का कारण - Mitti khane ka karan
  3. मिट्टी खाने के नुकसान और साइड इफेक्ट - Mitti khane ke nuksan aur side effect
  4. मिट्टी खाने का इलाज - Mitti khane ka ilaaj
  5. मिट्टी खाने से होने वाले रोग और बीमारी - Mitti khane se hone vale rog aur bimari
  6. बच्चों का मिट्टी खाने से बचाव - Bachon ka mitti khane se bachav
  7. बच्चे को मिट्टी खाने की आदत के डॉक्टर

बच्चों में पीका डिसऑर्डर या मिट्टी खाने के कुछ लक्षण इस प्रकार हैं:

पिका रोग में बच्चा मिट्टी के साथ ही निम्न तरह की अन्य चीजों को भी खाना शुरु कर सकता है:

इसके अलावा जितनी भी कई चीजें होती है, जिनको बच्चा खाने लगता है।

बच्चे मिट्टी क्यों खाते हैं?

बच्चों के द्वारा मिट्टी खाने के कई कारण होते हैं, जैसे कि:

(और पढ़ें - नवजात शिशु की मालिश

मिट्टी व अन्य गैर खाद्य पदार्थों को खाने से बच्चों के शरीर में कई तरह की समस्याएं उत्पन्न होने लगती है। इन समस्या को निम्नतः जानें-

  1. दांतों को नुकसान - 
    बच्चों के दांतों के स्वास्थ्य पर खराब प्रभाव पड़ना मिट्टी खाने का एक आम साइड इफेक्ट है। इससे बच्चे के दांत टूट सकते हैं और जबड़े की हड्डी पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है। (और पढ़ें - बच्चों के लिए कैविटी से बचने के उपाय
     
  2. संक्रमण का जोखिम -
    मिट्टी खाने का एक बड़ा नुक्सान यह है कि परजीवी संक्रमण होने का जोखिम होता है। धूल और मिट्टी के साथ पशु मल बच्चों के अंदर जाने से गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
     
  3. पोषण की कमी -
    पिका की वजह से बच्चों में पोषण की कमी हो सकती है, जिससे बच्चों की पाचन क्रिया पर असर पड़ता है और उनका वजन तेजी से कम होने लगता है। (और पढ़ें - पोषक तत्व के नाम)
     
  4. शारीरिक असंतुलन -
    आयरन (Iron) और लेड (Lead) खाने से बच्चों के शरीर में असंतुलन हो जाता है और उनमें नशा सा रहता है।

(और पढ़ें - डाउन सिंड्रोम का इलाज

यदि मिट्टी खाने से बच्चे के शरीर में पौष्टिक तत्व असंतुलित हो जाएं, तो डॉक्टर बच्चे को मिनरल्स और विटामिन के सप्लीमेंट दे सकते हैं। इसके अलावा पिका होने पर आपको निम्न तरह के उपाय आजमाने चाहिए।

  • अगर आपके बच्चे को मस्तिष्क संबंधी समस्या के कारण मिट्टी खाने की आदत है, तो डॉक्टर थेरेपी व दवाएं या दोनों ही तरह से इलाज अपना सकते हैं। (और - मानसिक रोग के लक्षण)
     
  • मां-बाप की उपेक्षा व लापरवाही के कारण बच्चे को मिट्टी खाने की आदत हो, तो डॉक्टर आपको बच्चे के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताने और उनसे बात करने का सुझाव देते हैं। (और पढ़ें - बच्चों की इम्युनिटी बढ़ाने के उपाय)
     
  • घर में एक ऐसा बॉक्स तैयार करें, जिसमें कई तरह की खाने की चीजें मौजूद हो, ताकि जब भी बच्चे को भूख लगें वो मिट्टी खाने की बजाय इन चीजों को खा सके। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें की यह बॉक्स ऐसी जगह रखें जहां पर बच्च आसानी से पहुंच सके। (और पढ़ें - डायपर रैश का उपचार)
     
  • जब बच्चा मिट्टी खाने की आदत को छोड़ने के प्रयास कर रहा हो, तो उस समय बच्चे को अधिक सजा न दें।  

(और पढ़ें - टीकाकरण के फायदे

मिट्टी खाने की वजह से बच्चों को कई तरह के रोग हो सकते हैं। मिट्टी खाने से होने वाले रोगों को आगे विस्तार से बताया जा रहा है।

  • मस्तिष्क क्षतिग्रस्त होना –
    मिट्टी व अन्य गैर खाद्य पदार्थों में मौजूद लेड और अन्य विषाक्त तत्वों को खाने से बच्चे के शरीर में विषाक्तता बढ़ जाती है। इसकी वजह से बच्चों को किसी भी चीज को समझने में मुश्किल होती है और मस्तिष्क क्षतिग्रस्त होने की संभावनाएं भी अधिक होती है। (और पढ़ें - मस्तिष्क संक्रमण का इलाज
     
  • कब्ज -
    मिट्टी के साथ जब बच्चा पत्थर जैसे बिना पचाने वाली चीज खा लेता है, तो इससे बच्चे की आंतों में रुकावट आ सकती है। इस वजह से बच्चे को कब्ज की परेशानी भी हो सकती है। मिट्टी के साथ नुकीली चीज खाना बच्चे की आहार नली और आंतों की परत कटने के कारण बनती है। (और पढ़ें - कब्ज दूर करने के घरेलू उपाय)
     
  • लीवर और किडनी क्षतिग्रस्त होना –
    मिट्टी में मौजूद बैक्टीरिया और परजीवी से बच्चे को संक्रमण हो सकता है। कुछ संक्रमण की वजह से बच्चों की किडनी और लीवर क्षतिग्रस्त हो जाते हैं।

(और पढ़ें - बैक्टीरियल संक्रमण के उपचार

बच्चों को मिट्टी खाने से रोका नहीं जा सकता है, क्योंकि यह विकार व्यवहार के साथ विकसित होता है। लेकिन शुरुआती दौर में ही इस विकार से बचने और पहचानने के लिए आप निम्न तरीकों को अपना सकती हैं।

  1. बच्चों को पौष्टिक आहार देना
    अभिभावकों को अपने बच्चे को स्वस्थ और पौष्टिक आहार ही खाने में देने चाहिए। (और पढ़ें - फाइबर युक्त आहार के फायदे
     
  2. बच्चों को प्रोत्साहित करें –
    आपको अपने बच्चों को स्वस्थ आहार खाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।
     
  3. जागरूकता फैलाएं –
    विभिन्न स्वास्थ्य संगठनों को माता-पिता के साथ ही बच्चों को भी स्वस्थ आहार के प्रति जागरूक करना चाहिए और पिका विकार के बारे में भी बताना चाहिए।(और पढ़ें - कब, कैसे और क्या खाएँ)
     
  4. बच्चे से इस विषय पर बात करें –
    कई समस्याएं बच्चे के साथ बात करके आसानी से हल की जा सकती है, इसलिए बच्चे की मिट्टी खाने की आदत को छुड़ाने के लिए आप उनसे बात करें।
     
  5. बच्चे की नियमित जांच कराएं –
    अगर डॉक्टर बच्चे में मिट्टी खाने से संबंधित किसी लक्षण की पहचान करें, तो आपको उसकी नियमित जांच करवानी चाहिए।

(और पढ़ें - बच्चे का वजन चार्ट

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