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बच्चे के जन्म के बाद माता-पिता को उसके वजन को लेकर बेहद चिंता रहती है। उनको लगता है कि उनके बच्चे का वजन अन्य बच्चों की तुलना में बेहद कम है। बच्चे के सही खान-पान के बाद भी माता-पिता उसके वजन को लेकर हमेशा असमंजस की स्थिति में ही रहते हैं। आपको बता दें कि ग्रोथ चार्ट के अनुसार बच्चे का वजन न बढ़ना समस्या का कारण हो सकता है।

जन्म के बाद बच्चे का वजन सामान्य होना, उसके शारीरिक विकास को भी प्रभावित करता है। इसलिए नवजात शिशु का वजन उसकी आयु के अनुसार न बढ़ाना सही मायने में आपके लिए चिंता का विषय हो सकता है। आपकी इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए आपको शिशु का वजन बढ़ाने के उपायों के बारे में बताया जा रहा है। साथ ही आपको उम्र के अनुसार नवजात शिशु का वजन कितना बढ़ना चाहिए और नवजात शिशु का वजन बढ़ाने के लिए आपको किन चीजों को बच्चे के भोजन में शामिल करना चाहिए आदि बातों को भी विस्तार से बताया गया है।

(और पढ़ें - बच्चों की भूख बढ़ाने के उपाय)

  1. नवजात शिशु का वजन उम्र के अनुसार कितना बढ़ना चाहिए - Navjat shishu ka vajan umar ke anusar kitna hona chahiye
  2. नवजात शिशु का वजन कैसे बढ़ाएं - Navjat shishu ka vajan kaise badhaye
  3. 6 से 9 माह के शिशु का वजन बढ़ाने का तरीका - 6 se 9 mahine ke shishu ka vajan badhane ka tarika
  4. 10 से 12 माह में शिशु का वजन बढ़ाने के उपाय - 10 se 12 mahine ke shishu ka vajan badhane ke upay
  5. शिशु का वजन बढ़ाने संबंधी कुछ उपयोगी सुझाव - Shishu ka vajan badhane sambandhi kuch upyogi sujhav
  6. शिशु का वजन कैसे बढ़ाएं, उपाय और तरीके के डॉक्टर

नवजात शिशु का वजन उम्र के अनुसार किस अनुपात में बढ़ना चाहिए इस बारे में आपको आगे विस्तार से बताया जा रहा है।

  • जन्म के बाद 3 महीने तक बच्चे का वजन हर सप्ताह 175 से 210 ग्राम तक बढ़ना चाहिए। (और पढ़ें - बच्चों का वजन चार्ट)
     
  • 5 महीने तक शिशु का वजन उसके जन्म के वजन की तुलना में दोगुना होना चाहिए।
     
  • इसके बाद एक साल का होने तक बच्चे का वजन हर महीने लगभग 400 ग्राम बढ़ना चाहिए। (और पढ़ें - कुपोषण का उपचार)
     
  • 1 साल तक आपके बच्चे का वजन, उसके जन्म के वजन के मुकाबले तीन गुना होता है।
     
  • सामान्यतः 2 साल में बच्चे का वजन, उसके जन्म के वजन से 4 गुना तक हो जाता है।
     
  • 3 साल में बच्चे का वजन, जन्म के वजन के मुताबिक करीब 5 गुना हो जाना चाहिए। (और पढ़ें - भूखा रहना है कुपोषण का कारण)
     
  • 5 साल का होने पर बच्चे का वजन उसके जन्म के वजन से करीब 6 गुना होता है।
     
  • 7 साल की आयु में आपके बच्चे का वजन, जन्म के वजन से करीब 7 गुना अधिक होना चाहिए। (और पढ़ें - कब, कैसे और क्या खाएँ)
     
  • 10 साल का होने पर आपके बच्चे का वजन, उसके जन्म के वजन की तुलना में करीब 10 गुना तक बढ़ जाना चाहिए।
     
  • 3 से 7 साल की आयु के बीच बच्चे का वजन औसतन 2 किलोग्राम प्रतिवर्ष और इसके बाद युवावस्था तक करीब 3 किलोग्राम प्रतिवर्ष की दर से बढ़ना सही माना जाता है।

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छह महीने से कम उम्र के बच्चों का वजन बढ़ाने के लिए मां का दूध ही एकमात्र उपाय होता है। स्तनपान कराना आपके बच्चे का वजन बढ़ाने के लिए सबसे पौष्टिक, स्वस्थ, संतुलित और बेहतर माना जाता है। स्तनपान आपके बच्चे को उचित अनुपात में सभी आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है। नवजात शिशु के लिए मां के दूध को पचाना आसाना होता है, इसलिए मां के दूध से शिशु को कब्ज, दस्त या पेट की अन्य परेशानी बेहद ही कम होती है। 

(और पढ़ें - दस्त रोकने के घरेलू उपाय)

अगर आपका बच्चा पर्याप्त मात्रा में स्तनपान करता है, तो इससे उसका वजन बढ़ने में मदद मिलती है। मां का दूध ही बच्चे के लिए सही आहार माना जाता है।

डॉक्टरों के द्वारा नवजात शिशु को छह महीनों तक आहार के तौर पर केवल स्तनपान कराने की ही सलाह दी जाती है। छह महीने के बाद आप बच्चे को मां के दूध के साथ ठोस खाद्य पदार्थों भी दे सकती हैं।

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नवजात शिशु का वजन बढ़ाता है केला - Navjat shishu ka vajan badhata hai kela

केला प्राकृतिक ऊर्जा का एक बेहतर स्रोत है, जो आपको करीब 100 से अधिक कैलोरी प्रदान करता है। केले में कार्बोहाइड्रेट, पोटेशियम, फाइबर, विटामिन सी और विटामिन बी6 अधिक मात्रा में होते हैं।

केला जल्द शक्ति प्रदान करता है और यह आसानी से बाजारों में उपलब्ध होता है। यात्रा करते समय या घर से कहीं बाहर होने पर बच्चे को केला खिलाना बेहद ही आसान होता है। घर से बाहर जाते समय आप अपने पास 1 या 2 केले अवश्य रखें और यात्रा के दौरान अपने बच्चे को खाने के लिए दें। जन्म के 6 महीनों के बाद आप अपने बच्चे को केला खाने के लिए दे सकती हैं। केले को आप बनाना शेक, स्मूदी, केक या पुडिंग अन्य कई तरह से खाने के लिए दे सकती हैं।

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नवजात शिशु का वजन बढ़ाने का उपाय है देशी घी - Navjat shishu ka vajan badhane ka upay hai desi ghee

घी पौष्टिकता से भरपूर होता है। देशी घी बच्चों में वजन बढ़ाने के लिए सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है। बच्चे के 8 महीने पूरे होने के बाद आप उसको घी देना शुरू कर सकती हैं। बच्चे के लिए खिचड़ी तैयार करते समय घी की कुछ बूंदें डालें और धीरे-धीरे आवश्यकता के अनुसार घी की मात्रा में वृद्धि करें।

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घी में वसा की मात्रा भी काफी अधिक होती है, इसलिए अपने बच्चे को घी ज्यादा मात्रा में न दें। आप घी को अपने घर में भी बना सकती हैं। अपने बच्चे को घी देने के लिए आप दाल, दलिया, रोटी, पराठा या सब्जी में मिला सकती हैं।

(और पढ़ें - वजन बढ़ाने के लिए डाइट चार्ट)

शिशु का वजन बढ़ाता है दही - Shishu ka vajan badhata hai dahi

दही से भी आप अपने बच्चे के वजन को आसानी से बढ़ा सकती हैं। दही आपके बच्चे के निश्चित मात्रा में फैट और अन्य पोषक तत्व प्रदान करती है। इसके साथ ही दही में कैल्शियम, विटामिन और मिनरल्स के गुण भी पाए जाते हैं, जो आपके शिशु का वजन बढ़ाने में मदद करते हैं।

दही आपके बच्चे के लिए पचाना आसान होता है। यह प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार करने और दस्त व पेट में गैस की परेशानियों में घरेलु उपाय की तरह काम आती है।

(और पढ़ें - वजन बढ़ाने के लिए क्या खाएं)

शिशु का वजन बढ़ाने का उपाय है अंडा - Shishu ka vajan badhane ka upay hai egg

अंडे में अधिक मात्रा में प्रोटीन, मिनरल्स, विटामिन ए और विटामिन बी12 पाया जाता है। बच्चे के वजन को बढ़ाने के लिए अंडा एक बेहतर विकल्प माना जाता है। इसके साथ ही अंडे से कोलाइन प्राप्त होता है, जो तंत्रिका तंत्र और मस्तिष्क को नियंत्रण में रखने का काम करता है।

लेकिन बच्चे को एक साल का होने से पहले अंडा देने के लिए आपको अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। बच्चे के 10 माह पूरे होने पर आप उसको पूरा अंडा देने की बजाय केवल जर्दी (अंडे का पीला भाग) देने से शुरूआत करें। इसके बाद एक साल का होने पर आप बच्चे को पूरा अंडा दे सकती हैं।

(और पढ़ें - वजन बढ़ाने के उपाय)

 

बच्चे का वजन मक्खन से बढ़ाएं - Bache ka vajan makhan se badhaye

बच्चे के शारीरिक विकास के लिए वसा महत्वपूर्ण और आवश्यक मानी जाती है। बच्चे के शारीरिक और मस्तिष्क विकास में अधिक फैट वाला आहार सहायक होता है। मक्खन वसा के मुख्य स्रोतों में से एक है। मक्खन बच्चे के लिए आवश्यक वसा, कोलेस्ट्रॉल, विटामिन ए और अन्य फैटी एसिड को प्रदान करता है। बच्चे को देने के लिए आप बिना नमक वाले मक्खन का उपयोग करें।

दुबले व पतले बच्चों को स्वस्थ करने के लिए भी मक्खन बेहतर विकल्प माना जाता है। आप अपने बच्चे की डाइट में मक्खन को निश्चित मात्रा में ही शामिल करें। बच्चे को ज्यादा मक्खन देने से भी कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं।   

(और पढ़ें - सेंधा नमक के फायदे)

शिशु का वजन बढ़ाने का तरीका है साबुत अनाज - Shishu ka vajan badhane ke tarika hai sabut anaj

साबुत अनाज फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स और मिनरल्स जैसे जिंक, आयरनमैग्नीशियम से भरपूर होते हैं। साबुत अनाज आपके बच्चे के वजन को बढ़ाने में सहायक होते हैं। साबुत अनाज  भले ही आपके बच्चे का वजन तेजी से न बढ़ाएं परंतु फिर भी वह आपके बच्चे के वजन को लगातार बढ़ाने में मददगार होते हैं।

बच्चे के 10 माह पूरे होने के बाद गेहूं से बनी चीजों को देने की सलाह दी जाती है। अगर बच्चे को गेहूं की चीजे खाने से एलर्जी होने लगे तो आप उन्हें गेहूं से बनी किसी भी चीज को न दें और इस बारे में अपने डॉक्टर से जरूर बात करें।

(और पढ़ें - एलर्जी के घरेलू उपाय

शिशु का वजन बढ़ाने के लिए आपको निम्नतः कुछ सुझाव दिए गए हैं-

  • बच्चे का वजन माता-पिता के अनुवांशिक आधार पर निर्भर करता है।
     
  • यदि आपका बच्चा एक्टिव हो और स्वस्थ व उचित भोजन लेने के बाद भी उसका वजन ना बढ़ रहा हो तो ऐसे में आप चिंता न करें। (और पढ़ें - संतुलित आहार चार्ट क्या है)
     
  • अगर आपका बच्चा दिखने में काफी मोटा है, तो ऐसे में आपका उसको स्वस्थ मान लेना गलत होगा। कभी-कभी, मोटे दिखने वाले शिशु सुस्त होते हैं, जो उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।
     
  • बच्चे को उच्च वसा वाले खाद्य पदार्थों के बजाय स्वस्थ आहार देने पर जोर दें। (और पढ़ें - स्वस्थ जीवन के लिए लाभदायक भोजन के बारे में जानें)
     
  • अपने बच्चे के भोजन और नाश्ते के समय को निर्धारित करें।
     
  • अपने बच्चे को शारीरिक गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करें, इससे बच्चे की भूख बढ़ती है।

(और पढ़ें - पौष्टिक आहार के बारे में जानें)

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