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परिचय

सिर की चोट एक ऐसा शब्द है जो सिर के सभी भागों की चोट का वर्णन करता है, जैसे खोपड़ी, मस्तिष्क और सिर के अंदरुनी ऊतकों व रक्तवाहिकाओं में किसी प्रकार की चोट लगना। सिर में चोट कई कारणों से लग सकती है जैसे गिरना, फिसलना, सड़क दुर्घटना और शारीरिक हिंसा आदि।

सिर में चोट लगने के कारण मस्तिष्क के ऊतकों में सूजन या ब्लिडिंग हो सकती है या मस्तिष्क को चारों तरफ से ढकने वाली परत में खून बह सकता है। सिर में चोट लगने के कारण कई बार खोपड़ी की हड्डी नहीं टूटती है लेकिन हड्डी के पीछे मस्तिष्क को चोट लग जाती है, ऐसी स्थिति में सिर बाहर से ठीक लगता है लेकिन मस्तिष्क के अंदर खून बहने लगता है। 

सिर में चोट लगने के तुरंत बाद ही उसके लक्षण महसूस होने लग सकते हैं या लक्षण धीरे-धीरे भी विकसित हो सकते हैं, जिसमें कुछ घंटे से कुछ दिनों तक का समय लग सकता है। इन लक्षणों में सिर में चोट लगने से मतली और उल्टी, सिरदर्द, चक्कर आना, याददाश्त चली जाना, उलझन, थकान महसूस होना और शरीर का संतुलन बनाने में कठिनाई महसूस होना आदि शुमार हैं।

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सिर की चोट का परीक्षण करने के लिए डॉक्टर सिर का परीक्षण करते हैं और यह पूछते हैं कि चोट किस प्रकार लगी थी। परीक्षण के दौरान सीटी स्कैन और सिर का एक्स रे भी किया जा सकता है, इन टेस्टों की मदद से यह पता लगाया जाता है कि सिर की चोट कितनी गंभीर है और सिर की हड्डी सुरक्षित है या नहीं। 

यदि सिर में चोट लगी है तो उस पर तुरंत ध्यान देना और उसका इलाज करवाना बहुत जरूरी होता है। सिर की चोट का इलाज चोट की जगह, प्रकार और उसकी गंभीरता के आधार पर किया जाता है। जिन लोगों के सिर में हल्की चोट आई है, तो हो सकता है उनको जांच व लक्षणों को नियंत्रित करने के अलावा कोई अन्य उपचार करवाने की जरूरत ना पड़े। लेकिन जिन लोगों के सिर में गंभीर रूप से चोट आई है, जिससे उनकी सिर की हड्डी टूट गई है या फिर सिर के बाहर या मस्तिष्क के अंदर खून बह रहा है तो ऐसी स्थिति में ऑपरेशन की आवश्यकता भी पड़ सकती है। 

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सिर में चोट लगने से कई प्रकार की जटिलताएं हो सकती हैं, जैसे न्यूरोलॉजिकल संबंधी समस्याएं, कोमा और यहां तक कि कुछ गंभीर मामलों में मरीज की मृत्यु भी हो सकती है। 

(और पढ़ें - सिर दर्द से छुटकारा पाने के उपाय)

  1. सिर की चोट क्या है - What is Head Injury in Hindi
  2. सिर की चोट के प्रकार - Types of Head Injury in Hindi
  3. सिर की चोट के लक्षण - Head Injury Symptoms in Hindi
  4. सिर की चोट के कारण और जोखिम कारक - Head Injury Causes & Risk Factors in Hindi
  5. सिर की चोट से बचाव - Prevention of Head Injury in Hindi
  6. सिर की चोट का परीक्षण - Diagnosis of Head Injury in Hindi
  7. सिर की चोट का इलाज - Head Injury Treatment in Hindi
  8. सिर की चोट की जटिलताएं - Head Injury Risks & Complications in Hindi
  9. सिर पर चोट लगने पर क्या प्राथमिक उपचार करे
  10. सिर की चोट की दवा - Medicines for Head Injury in Hindi
  11. सिर की चोट के डॉक्टर

सिर की चोट क्या है?

खोपड़ी, मस्तिष्क या सिर के किसी भी हिस्से में चोट लगने की स्थिति को सिर की चोट कहा जाता है। सिर की चोट खोपड़ी में छोटी सी गांठ से लेकर मस्तिष्क में गंभीर रूप से चोट लगना हो सकती है। सिर की चोट व्यस्कों में अपंगता और मृत्यु के सबसे मुख्य कारणों में से एक है। 

(और पढ़ें - चोट की सूजन का इलाज)

सिर की चोट कितने प्रकार की होती है?

सिर की चोट खुली चोट (खुले घाव के रूप में) भी हो सकती है या बंद चोट (गुम चोट) भी हो सकती है:

  • खुली चोट -
    जब कोई वस्तु आपके सिर में लगती है और त्वचा और हड्डी के अंदर से छेद करते हुए मस्तिष्क में चली जाती है, तो उसे खुली चोट कहा जाता है। यह अक्सर तब होता जब आप तेज गति में किसी स्थिर वस्तु से टकराएं या फिर कोई वस्तु तीव्र गति के साथ आपके सिर से टकराए और उसमें छेद कर दे, जैसे कार दुर्घटना। सिर में बंदूक की गोली लगना भी खुली चोट का एक उदाहरण है। 
     
  • बंद चोट -
    जब तीव्र गति से आती हुई वस्तु आपके सिर पर टकराती है, जिससे सिर की हड्डी नहीं टूट पाती या सिर की त्वचा में छेद नहीं हो पाता तो उसे बंद चोट कहा जाता है। जिस चोट से त्वचा में छेद नहीं हो पाता उसे गुम चोट या बंद चोट कहा जाता है।

(और पढ़ें - रीढ़ की हड्डी की चोट)

सिर में चोट लगने के क्या लक्षण हैं?

सिर में चोट लगने के कुछ मामलों में किसी प्रकार लक्षण पैदा नहीं होता है और कुछ मामलों में याददाश्त भूलना या कोमा जैसे गंभीर लक्षण पैदा हो सकते हैं। यह भी जरूरी नहीं है, कि सिर में चोट लगने के तुरंत बाद लक्षण पैदा होने लगें, क्योंकि यदि मस्तिष्क में चोट लगी है तो मस्तिष्क में सूजन आने और खून बहने में थोड़ा समय लग सकता है। ऐसी स्थिति में चोट लगने के कुछ समय बाद ही लक्षण पहचान में आते हैं। 

सिर की चोट से जुड़े लक्षण जैसे:

  • बेहोश होना, इस स्थिति में व्यक्ति गिर जाता है और कोई प्रतिक्रिया नहीं करता वह लंबे समय तक भी इस स्थिति में रह सकता है। साथ ही एेसा बेहद कम अवधि के लिए भी हो सकता है। 
  • मस्तिष्काघात (Concussion) होना, सिर पर किसी तीव्र गति की वस्तु का प्रहार होने की स्थिति को मस्तिष्काघात कहा जाता है। इस स्थिति में व्यक्ति का मस्तिष्क अचानक से काम करना बंद कर देता है, जो कुछ समय तक रहता है। इस दौरान व्यक्ति परेशान व उलझन में दिखाई देता है, मस्तिष्काघात से व्यक्ति बेहोश भी हो सकता है हालांकि यह जरूरी नहीं है। 
  • आवाज व प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता
  • चिड़चिड़ापन
  • उलझन
  • ठीक से सो ना पाना या नींद में प्रकार का बदलाव (जैसे बार-बार उठना या अधिक नींद आना)
  • धुंधला दिखाई देना
  • थकान व सुस्ती (और पढ़ें - सुस्ती का इलाज)
  • ठीक से बोल ना पाना
  • चलने में कठिनाई
  • शरीर की एक तरफ का हिस्सा कमजोर महसूस होना
  • नाक या कान से खून या फिर कोई अन्य द्रव बहना (और पढ़ें - नाक से खून बहने का इलाज)
  • मिर्गी के दौरे पड़ना (और पढ़ें - मिर्गी के दौरे क्यों आते हैं)
  • आंखों के आस-पास सूजन आना (और पढ़ें - आंखों में सूजन का इलाज)
  • कान के पीछे सूजन आना
  • याददाश्त कम होना (और पढ़ें - याददाश्त बढ़ाने के उपाय)
  • शरीर सुन्न होना
  • बोलने में कठिनाई महसूस होना (और पढ़ें - बोलने में कठिनाई का इलाज)
  • जागे रहने में परेशानी (हर समय नींद आना)
  • सुनाई ना देना (और पढ़ें - सुनने में परेशानी के घरेलू उपाय)
  • खोपड़ी में छेद या गहरा कट लगना
  • सिर पर खुला घाव बनना
  • कोमा

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

सिर की चोट की गंभीरता की पहचान करना और उसकी फर्स्ट एड करना सीखना जरूरत पड़ने पर किसी की जान बचा सकता है। यदि सिर पर चोट लगने के कारण किसी व्यक्ति को निम्न समस्याएं हो रही हैं, तो तुरंत डॉक्टर की मदद लेनी चाहिए:

(और पढ़ें - फर्स्ट ऐड बॉक्स क्या है)

सिर की चोट के कारण और जोखिम कारक - Head Injury Causes & Risk Factors in Hindi

सिर में चोट किन कारणों से लगती हैं?

सिर पर गंभीर चोट लगने के कुछ सामान्य कारण जैसे:

  • सड़क दुर्घटना जैसे बाइक या कार एक्सीडेंट
  • घर पर होने वाली दुर्घटना जैसे गिरना या फिसलना
  • काम के समय होने वाली दुर्घटनाएं जैसे किसी मशीन पर काम करते हुऐ सिर पर कुछ लगना या गिरना आदि
  • शारीरिक हिंसा, जैसे सिर पर वार होना
  • खेल-कूद के दौरान लगने वाली चोटें, जैसे सिर पर गेंद आदि लगना

सिर पर चोट लगने का खतरा कब बढ़ता है?

कुछ ऐसी स्थितियां हैं जिनमें सिर की चोट लगने का खतरा काफी अधिक होता है:

  • नवजात शिशुओं से 4 साल तक के बच्चे (और पढ़ें - नवजात शिशु की देखभाल)
  • किसी भी शारीरिक गतिविधि करने से पहले अधिक मात्रा में शराब पी लेना (और पढ़ें - शराब पीने के नुकसान)
  • ठीक से दिखाई ना देना
  • 60 साल से अधिक उम्र के लोग
  • अधिक उम्र वाले लोगों में मुख्य रूप से पुरुषों में सिर की चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है। 

(और पढ़ें - कलर ब्लाइंडनेस के लक्षण)

सिर की चोट से बचाव - Prevention of Head Injury in Hindi

सिर में चोट लगने से बचाव कैसे करें?

व्यस्क व्यक्तियों और छोटे बच्चों के लिए सुरक्षित जगह और सुरक्षित वातावरण बनाए रखना, सिर में चोट लगने से बचाव करने का सबसे पहला तरीका है। 

  • खेल गतिविधियों के दौरान हेलमेट आदि पहनना खेल के दौरान चोट लगने का खतरा कम कर देता है। 
  • खेल के दौरान उचित कपड़े, जूते व अन्य सहारा प्रदान करने वाले गियर (जैसे पैड या दस्ताने) आदि पहन लें। 
  • जब आप बीमार या अधिक थके हुए हैं, तो ऐसे में किसी खेल में भाग ना लें।
  • इसी प्रकार साइकिल या बाइक चलाते समय भी हेलमेट जरूर पहनें, इससे सड़क दुर्घटनाओं के कारण होने वाली सिर की चोटों का खतरा काफी कम हो जाता है। (और पढ़ें - साइकिल चलाने के फायदे)
  • कार चलाते समय सीट बेल्ट पहनें, इस से सड़क दुर्घटनाओं के कारण होने वाली सिर की चोटों का खतरा कम हो जाता है।
  • ड्राइविंग करते समय फोन का इस्तेमाल ना करें।
  • शराब व किसी अन्य ड्रग का नशा करके कभी भी ड्राइविंग नहीं करनी चाहिए। यहां तक कि अगर ड्राइविंग कोई और कर रहा है और उसने नशा कर रखा है, तो भी उनके साथ यात्रा नहीं करनी चाहिए। क्योंकि शराब पीने से गिरने और फिसलने आदि जैसे जोखिम बढ़ जाते हैं। (और पढ़ें - शराब छोड़ने के उपाय)
  • बाथरूम व सीढ़ियों जैसी जगहों पर पकड़ने के हैंडल आदि लगाएं क्योंकि वहां पर गिरने का खतरा अधिक होता है। फर्श को कार्पेट्स या अन्य किसी चीज से ना ढंके, क्योंकि ऐसा करने से फर्श अधिक चिकना हो जाता है और उस पर चलने के दौरान गिरने का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसके अलावा चटाई पर से फर्श पर चलते वक्त फिसलने का खतरा भी काफी अधिक रहता है। एेसे में जरूरत पड़ने पर छड़ी या चलने में मदद करने वाले अन्य उपकरणों का इस्तेमाल करें। 
  • नियमित रूप से अपनी नजर की जांच करवाते रहें। (और पढ़ें - आँखों का टैस्ट)
  • सीढ़ियों के लिए उचित प्रकाश का प्रबंध करें और खासकर जो लोग ठीक से देख नहीं पाते या जिन्हें देखने से जुड़ी अन्य कोई समस्या है, उनके लिए प्रकाश की विशेष रूप से व्यवस्था करनी चाहिए। 
  • सीढ़ियों या फर्श के बीच में कोई ऐसा सामान ना रखें जिनसे ठोकर लग सकती है।
  • नियमित रूप से व्यायाम करते रहें।

(और पढ़ें - व्यायाम के प्रकार)

सिर की चोट की जांच कैसे करें?

सिर की चोट का परीक्षण डॉक्टर के द्वारा ही किया जाता है। परीक्षण के दौरान डॉक्टर यह पूछते हैं कि व्यक्ति के सिर में चोट कैसे लगी है। परीक्षण करते समय डॉक्टर मरीज के सिर, चेहरे और गर्दन को बहुत ध्यानपूर्वक देखते हैं। 

मस्तिष्काघात का परीक्षण करने के लिए डॉक्टर “ग्लासगो कोमा स्केल” (Glasgow coma scale) नामक टेस्ट का उपयोग करते हैं। ग्लासगो कोमा स्केल टेस्ट में 15 बिंदु होते हैं, जो व्यक्ति की मानसिक स्थिति दर्शाते हैं। यदि ग्लासगो कोमा स्केल का रिजल्ट उच्च आता है, तो उसका मतलब है कि सिर में गंभीर चोट है। डॉक्टर जांच करके इनकी स्थितियों का पता लगाते हैं:

  • आंख खोलने की क्षमता
  • बात करने व समझने की क्षमता
  • मांसपेशियों की गतिविधि की प्रक्रिया जैसे कोहनी से बाजू को मोड़ने की क्षमता 

(और पढ़ें - मांसपेशियों में दर्द का इलाज)

डॉक्टर को यह निर्धारित करना जरूरी होता है कि आप होश में हैं या नहीं और यदि आप होश में नहीं हैं तो कितनी देर से नहीं हैं। परीक्षण के दौरान डॉक्टर सिर में चोट के संकेत या निशान का पता भी लगा सकते हैं, जैसे सूजन या त्वचा नीली पड़ना। इसके अलावा डॉक्टर न्यूरोलॉजिकल (सर से जुड़े) परीक्षण (Neurological examination) भी कर सकते हैं। इस परीक्षण के दौरान डॉक्टर आपकी मांसपेशियों की मजबूती व नियंत्रण, आंखों के हिलने की क्षमता और अन्य अंगों में सनसनी महसूस होना आदि स्थितियों की जांच करते हैं जिससे ये पता लग जाता है कि नसें कितने अच्छे से काम कर पा रही हैं। 

(और पढ़ें - लैब टेस्ट लिस्ट)

परीक्षण के दौरान किये जाने वाले टेस्ट:

  • एक्स रे (X rays) - सिर की हड्डी (खोपड़ी) में किसी प्रकार के फ्रैक्चर का पता लगाने के लिए एक्स रे टेस्ट किया जाता है। (और पढ़ें - मैमोग्राफी क्या होती है)
  • सीटी स्कैन (CT scan) - इस प्रक्रिया में एक्स रे के साथ अन्य कंप्यूटर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है, जिसकी मदद से शरीर के अंदर की तस्वीरें निकाली जाती हैं। सीटी स्कैन की मदद से शरीर के कई हिस्सों की तस्वीरें ली जा सकती हैं, जिनमें हड्डियां, मांसपेशियां, वसा और शरीर के कई अन्य अंग भी शामिल हैं। सीटी स्कैन के द्वारा ली गई तस्वीर में सामान्य एक्स रे से अधिक जानकारी होती है। (और पढ़ें - एमआरआई स्कैन क्या है)
  • ईईजी (Electroencephalogram) - यह एक ऐसी प्रक्रिया होती है, जिसमें मस्तिष्क की विद्युत गतिविधियों की जांच की जाती है। इस प्रक्रिया के दौरान मरीज की खोपड़ी पर कुछ इलेक्ट्रोड्स (Electrodes) चिपकाए जाते हैं। (और पढ़ें - ईईजी टेस्ट क्या है)
  • एमआरआई (MRI scan) - इस प्रक्रिया में बड़े चुंबकों, रेडियो फ्रिक्वेंसी (Radiofrequencies) और कंप्यूटर मशीन का उपयोग किया जाता है। इस टेस्ट प्रक्रिया की मदद से शरीर के अंदरुनी अंगों और उनकी संरचना की तस्वीरें बनाई जाती हैं। (और पढ़ें - एमआरआई स्कैन क्या है
सिर की चोट का इलाज - Head Injury Treatment in Hindi

सिर की चोट का इलाज कैसे किया जाता है?

यदि सिर पर चोट लगी है और उसके लिए प्राथमिक उपचार की आवश्यकता है, तो निम्न बातों का पालन करें:

  • यदि व्यक्ति के सिर से खून बह रहा है तो उसको रोकने की कोशिश करें। घाव को छुए नहीं और यदि घाव खुला है, तो उस पर दबाव भी ना दें। इसकी जगह घाव के ऊपर पट्टी बांध दें। 
  • यदि किसी व्यक्ति को उल्टी हो रही है, तो उसको सीधा खड़ा रखें। यदि व्यक्ति नीचे लेटा हुआ है, तो उसके शरीर को एक तरफ घुमा दें ताकि उसका दम ना घुटे। 
  • यदि व्यक्ति बेहोश नहीं है और जाग रहा है, तो उसे अपनी गर्दन व सिर ना हिलाने को कहें। ऐसा करने से मस्तिष्क व रीढ़ की हड्डी में और अधिक क्षति होने का खतरा कम हो जाता है। 
  • यदि व्यक्ति बेहोश पड़ा है और सांस ले रहा है, तो उसके शरीर को स्थिर रखने की कोशिश करें, जैसे उनकी गर्दन व सिर को रीढ़ की हड्डी की रेखा में सीधा रखना।
  • यदि व्यक्ति बेहोश पड़ा है और सांस भी नहीं ले रहा, तो ऐसी स्थिति में सीपीआर (Cardiopulmonary resuscitation) प्रक्रिया शुरू करें। 

सिर की चोट का इलाज

सिर की चोट का इलाज चोट के प्रकार और उसकी गंभीरता के अनुसार किया जाता है। यहां तक कि अगर आपकी चोट मामूली सी लगती है, तो भी आपको उसकी जांच करवा कर यह पता लगा लेना चाहिए ताकि आगे जाकर यह स्थिति गंभीर न हो। 

यदि आपके सिर में गंभीर चोट लगी है तो आपको मिर्गी की रोकथाम करने वाली दवाएं दी जा सकती हैं। क्योंकि जब आपके सिर में चोट लगती है, तो अगले एक हफ्ते तक आपको मिर्गी पड़ने का खतरा रहता है। (और पढ़ें - मिर्गी से बचने के उपाय)

यदि आपके सिर में गंभीर चोट लगी है, तो आपके सिर की जांच की जाती है जिसमें यह पता लगाया जाता है कि आपके सिर में किसी प्रकार का दबाव तो नहीं बढ़ा हुआ है। सिर की चोट लगने से मस्तिष्क में सूजन आ जाती है। मस्तिष्क खोपड़ी के अंदर होता है, इसलिए मस्तिष्क में सूजन के लिए बहुत ही कम जगह होती है। ऐसी स्थिति में यदि खोपड़ी पर दबाव दिया जाता है, तो उससे मस्तिष्क क्षतिग्रस्त हो सकता है।

(और पढ़ें - घाव की मरहम पट्टी कैसे करे)

यदि क्षति आपके मस्तिष्क में दबाव बढ़ने के कारण हुई है, तो आपको डाइयुरेटिक्स (Diuretics) दवाएं दी जा सकती हैं। इन दवाओं से शरीर से अधिक मात्रा में द्रव निकलने लगता है जिसकी मदद से मस्तिष्क में दबाव कम करने में मदद मिलती  है। 

सिर की चोट से ग्रस्त कई लोगों को इमर्जेंसी रूम से सीधा ऑपरेटिंग रूम ले जाना पड़ सकता है। कई मामलों में दिमाग और मस्तिष्क की हड्डी के बीच फंसे और जमें खून को निकालने के लिए सर्जरी की जाती है। यह जमा हुआ खून सर पर दबाव ड़ालता है और इससे कई खतरे हो सकते हैं।  

(और पढ़ें - मस्तिष्क संक्रमण के लक्षण)

सिर में चोट लगने की क्या जटिलताएं हैं?

सिर की चोट से होने वाली जटिलताएं इस पर निर्भर करती हैं, कि मस्तिष्क का कौन सा भाग क्षतिग्रस्त हुआ है और कितना हुआ है।

मस्तिष्क क्षतिग्रस्त होने पर मरीज को कई समस्याएं हो सकती हैं:

मस्तिष्क में चोट लगने से मरीज की व्यवहार में भी कुछ समय या लंबे समय के लिए बदलाव आ सकता है।

(और पढ़ें - मानसिक रोग के लक्षण)

Dr. Kapil Sharma

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सामान्य चिकित्सा

Dr. Mayank Yadav

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Dr. Nilesh shirsath

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सामान्य चिकित्सा

सिर की चोट के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
CehamCeham 1000 Mg Injection186.0
CitimacCitimac 2 Mg Injection96.0
CitistarCitistar 250 Mg Injection95.0
CitrokCitrok 250 Mg Injection89.0
ClinaxonClinaxon 2 Mg Injection104.0
NurocolNurocol 250 Mg Injection200.0
PrexaronPrexaron 1000 Mg Tablet Sr700.0
StoraxStorax 250 Mg Injection175.0
StrocitStrocit 250 Mg Injection105.0
StrolinStrolin 500 Mg Tablet464.0
Braincit TabletBraincit Tablet421.0
CitelecCitelec 250 Mg Injection115.0
CitibralCitibral 10 Mg Tablet356.0
CitifloCitiflo 500 Mg Injection80.0
CitilinCitilin 1000 Mg Tablet Sr690.0
CitimetCitimet 500 Mg Tablet400.0
CitinerveCitinerve 500 Mg Tablet439.0
Citinerve OdCitinerve Od 1000 Mg Tablet659.0
CitinovaCitinova 250 Mg Injection113.0
CitivasCitivas 500 Mg Tablet233.0
CitizacCitizac 250 Mg Injection95.0
ColibraColibra 500 Mg Tablet375.0
ColihenzColihenz 250 Mg Injection107.0
CriticolineCriticoline 250 Mg Injection450.0
Ct Cva TabletCt Cva Tablet400.0
LinaxonLinaxon 2 Mg Injection95.0
NeticolNeticol 250 Mg Injection406.0
NeucholineNeucholine 250 Mg Injection182.0
NeucitiNeuciti 250 Mg Injection139.0
NeurosparkNeurospark 500 Mg Injection94.0
OxcityOxcity 500 Mg Tablet450.0
Somazina (Elder)Somazina 1000 Mg Injection189.0
Somazina (Dr Reddy)Somazina 1 Gm Tablet Sr707.0
StrocozStrocoz 250 Mg Injection153.0
StrozinaStrozina 1000 Mg Tablet571.0
CholinecadCholinecad 250 Mg Injection80.0
CiticoCitico 1000 Mg Tablet Cr699.0
Citicure PlusCiticure Plus Tablet485.0
CitisrinCitisrin 500 Mg Tablet460.0
CitisureCitisure 250 Mg Injection85.0
CognexCognex Tablet390.0
CognolinCognolin 500 Mg Tablet468.0
CvcitCvcit 500 Mg Tablet539.0
EncephaEncepha 500 Mg Tablet384.0
N CitiN Citi 500 Mg Tablet342.0
NeurocitiNeurociti 750 Mg Tablet500.0
NusomaNusoma Tablet381.0
PrevanorPrevanor 250 Mg Injection78.0
RecognixRecognix 500 Mg Injection99.0
ShicolinShicolin 500 Mg Tablet378.0
Strolife MonoStrolife Mono 250 Mg Injection89.0
StropilStropil 500 Mg Tablet420.0
UnicholinUnicholin 500 Mg Injection91.0
XcitiXciti 500 Mg Tablet366.0
ZiticolinZiticolin 500 Mg Tablet363.0
CerecetamCerecetam 1200 Mg Tablet141.0
FlocetamFlocetam 1200 Mg Tablet153.0
NeetamNeetam 400 Mg Tablet49.0
NeurocetamNeurocetam 1200 Tablet208.0
NeurofitNeurofit 12 Tablet165.0
Neuromin MNeuromin M 800 Mg Tablet100.0
NootropilNootropil 1200 Mg Granules209.0
NormabrainNormabrain 200 Mg Injection79.0
PiramentPirament 400 Mg Tablet59.0
SumocetamSumocetam 1200 Mg Capsule127.0
AlcitamAlcitam 800 Mg Tablet81.0
AmcetamAmcetam 1200 Mg Tablet114.0
ArcetamArcetam 1200 Mg Tablet126.0
ArkacetamArkacetam 400 Mg Tablet48.0
CeactCeact 400 Mg Tablet53.0
CerebraxCerebrax 800 Mg Tablet95.0
CerefloCereflo 200 Mg Infusion242.0
CeretorCeretor 1200 Mg Tablet142.0
Cetam (Hema Labs)Cetam Capsule42.0
CognitamCognitam 400 Mg Tablet58.0
CognixCognix 200 Mg Injection82.0
CogpexCogpex 10 Gm Injection114.0
MemocetamMemocetam 400 Mg Tablet60.0
MoracetamMoracetam 1200 Mg Tablet159.0
NeurocetNeurocet 1200 Mg Tablet120.0
NeuroxNeurox 400 Mg Tablet37.0
NicetamNicetam 200 Mg Injection91.0
NoocetNoocet 800 Mg Tablet84.0
NoofitNoofit 400 Mg Syrup93.0
NurestNurest 400 Mg Capsule48.0
NutamNutam 1200 Mg Tablet141.0
Nutam BolusNutam Bolus 200 Mg Infusion222.0
OlcitamOlcitam 400 Mg Capsule47.0
OxcetamOxcetam 100 Mg Syrup162.0
Pc (Theo)Pc 8 Mg Tablet86.0
PerceptalPerceptal 1200 Mg Tablet125.0
PiePie 800 Mg Tablet90.0
PirabelPirabel 1200 Mg Tablet115.0
PiracPirac 400 Mg Capsule55.0
PirahenzPirahenz 200 Mg Injection77.0
PiratonePiratone 400 Mg Tablet39.0
Renervol PRenervol P 500 Mg Syrup213.0
StemStem 200 Mg Injection79.0
TamTam 800 Mg Tablet82.0
TritamTritam 400 Mg Capsule50.0
AlcetamAlcetam 400 Mg Tablet48.0
CeremaxCeremax Syrup125.0
CetamsrinCetamsrin 800 Mg Tablet88.0
CitalexiaCitalexia Syrup173.0
DalusDalus Syrup220.0
NacetamNacetam Injection81.0
NervopilNervopil 400 Mg Tablet16.0
NeucetNeucet 800 Mg Tablet70.0
NeurodutchNeurodutch Tablet49.0
NeuropilNeuropil 400 Mg Tablet43.0
NupicNupic 400 Mg Tablet45.0
NurogisNurogis Tablet87.0
PegacetamPegacetam 800 Mg Tablet76.0
PiracetPiracet 400 Mg Tablet64.0
PiraPira 800 Mg Tablet134.0
Pira GpcPira Gpc Tablet369.0
PirapilPirapil 1200 Mg Tablet164.0
PolytamPolytam 800 Mg Tablet83.0
P Tam (Ceras)P Tam 400 Mg Tablet50.0
ZopresZopres 400 Mg Tablet45.0
Cognitam PlusCognitam Plus 500 Mg/400 Mg Tablet415.0
Cogpex PlusCogpex Plus Tablet450.0
Colihenz PColihenz P 500 Mg/400 Mg Tablet495.0
Neucholine PlusNeucholine Plus Tablet460.0
Nootropil CNootropil C Tablet550.0
Strocit PlusStrocit Plus Tablet525.0
Cbcolin PCbcolin P Tablet500.0
Ceham PCeham P 500 Mg/400 Mg Tablet498.0
Ceretor PlusCeretor Plus Tablet399.0
Cholinecad PlusCholinecad Plus Tablet447.0
Citico PlusCitico Plus 500 Mg/400 Mg Tablet371.0
Citiflo PlusCitiflo Plus 500 Mg/800 Mg Tablet450.0
Citilin PCitilin P 500 Mg/400 Mg Tablet512.0
Citimac PCitimac P 500 Mg/800 Mg Tablet473.0
Citinerve PCitinerve P 500 Mg/400 Mg Tablet493.0
Clinaxon PClinaxon P 500 Mg/400 Mg Tablet530.0
Cognipil PlusCognipil Plus Tablet470.0
Dalus ForteDalus Forte Tablet470.0
N Citi PlusN Citi Plus 500 Mg/800 Mg Tablet411.0
Neuciti ForteNeuciti Forte Tablet413.0
Neuciti PlusNeuciti Plus Syrup520.0
Neurocetam PlusNeurocetam Plus Tablet490.0
Nutam PlusNutam Plus 800 Mg/500 Mg Tablet450.0
Prexaron PlusPrexaron Plus 500 Mg/800 Mg Tablet485.0
Somazina PlusSomazina Plus Tablet504.0
Storax PrStorax Pr 500 Mg/800 Mg Tablet529.0
Strocoz PlusStrocoz Plus Tablet450.0
StrolifeStrolife Tablet419.0
Strolin PStrolin P 400 Mg Tablet449.0
Strozina PlusStrozina Plus Tablet450.0
ToplineTopline Forte Tablet424.0
Topline PlusTopline Plus Tablet350.0
CelovanCelovan 1000 Mg Injection650.0
G VancG Vanc 500 Mg Injection330.47
Mego InjectionMego 1000 Mg Injection681.68
Vanacin CpVanacin Cp 1000 Mg Injection337.5
Vancocin (Eli Lilly)Vancocin 500 Mg Injection319.33
VancocipVancocip 500 Mg Injection365.0
VancorayVancoray 500 Mg Injection369.0
VancosaVancosa 1 Gm Injection680.0
VancozenVancozen 1 Gm Injection680.0
Vantox CpVantox Cp 1 Gm Injection500.0
ForstafForstaf 500 Mg Injection335.0
Vancocin CpVancocin Cp 500 Mg Injection383.2
Vanco Cp (Vhb)Vanco Cp 500 Mg Injection342.86
VancogenVancogen 1 Gm Injection574.0
VancogramVancogram 500 Mg Injection344.48
VancolymVancolym 500 Mg Injection385.0
Vancomycin C.P (Astra)Vancomycin C.P 500 Mg Injection281.25
Vancotech CpVancotech Cp 500 Mg Injection347.0
VancotroyVancotroy 500 Mg Injection361.0
Vancowar CpVancowar Cp 500 Mg Injection347.1
VankingVanking 1 Gm Injection591.0
VanlidVanlid 250 Mg Capsule1039.5
VmycinVmycin 500 Mg Injection299.0
AnesthalAnesthal 1 Gm Injection43.27
PentonePentone 1 Gm Injection50.0
PentothalPentothal 0.5 Gm Injection40.0
ThiopentalThiopental 1 Gm Injection72.9
Thiosol ForteThiosol Forte Lotion40.26
ThiotalThiotal 500 Mg Injection57.11
ThiozThioz 1000 Mg Injection72.11
ThipenThipen 1 Gm Injection51.58
EncephabolEncephabol 100 Mg Suspension159.9
RenervolRenervol 100 Mg Suspension63.0
ClinhairClinhair 2%/1% Shampoo125.62
DanclearDanclear 1%/2% Gel214.16
DandropDandrop 2%/1% Lotion228.57
SeborenSeboren 2%/1% Shampoo97.0
CutiglosCutiglos Shampoo149.31
Dandruff PlusDandruff Plus Soap18.93
HighgrowHighgrow Shampoo129.37
KetokemKetokem Shampoo150.0
CognivelCognivel Tablet179.0
Moracetam VMoracetam V Forte 60 Mg/800 Mg/5 Mg Tablet171.33
Cognix PlusCognix Plus Tablet218.4
Gencephal TrioGencephal Trio 60 Mg/800 Mg/5 Mg Tablet199.0
DancureDancure 1%/2% Shampoo70.0
Triben AdTriben Ad Lotion216.0
Moracetam AgMoracetam Ag Tablet799.0
Cet PlusCet Plus 400 Mg/60 Mg Tablet40.0
Stablanz PvStablanz Pv Tablet180.9
BestflowBestflow Tablet164.5
EmidasEmidas Ls Tablet84.36
Zevert PvgZevert Pvg Tablet198.0
Vanco PlusVanco Plus 1000 Mg/500 Mg Injection428.0
Xl VXl V 1000 Mg/500 Mg Injection360.0
XplocefXplocef 1000 Mg/500 Mg Injection425.0
Cefirone VCefirone V 1000 Mg/500 Mg Injection390.0

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