बुलिमिया नर्वोसा क्या है?

बुलिमिया नर्वोसा को आम भाषा में सिर्फ बुलिमिया कहते हैं। ये एक गंभीर और जानलेवा भोजन विकार (ईटिंग डिसऑर्डर) है। बुलिमिया से पीड़ित लोग पहले ढेर सारा खाना खा लेते हैं और फिर मोटापे के डर से बहुत ज़्यादा व्यायाम करते हैं या खाए गए खाने की ना आते हुए भी उलटी कर देते हैं। कभी-कभी लोग थोड़ा सा खाना खा कर भी उसे उगल देते हैं। 

अगर आपको बुलिमिया है, तो आप पूरे समय अपने वज़न को लेकर चिंतित रहेंगे और अपने शरीर के आकार के बारे में ही सोचते रहेंगे। आपको अपने शरीर में कमियां दिखेंगी और आप अपना मूल्यांकन करते रहेंगे। बुलिमिया सिर्फ एक भोजन विकार ही नहीं है बल्कि एक मानसिक स्थिति भी है जिसमें आप अपने बारे में नकारात्मक सोचते हैं। पर सही इलाज करने पर आप अपने बारे में अच्छा महसूस करने लगेंगे, अपने भोजन विकार को सुधारेंगे और गंभीर जटिलताओं से बच पाएंगे। 

(और पढ़ें - एनोरेक्सिया के उपचार)

  1. बुलिमिया नर्वोसा के प्रकार - Types of Bulimia Nervosa in Hindi
  2. बुलिमिया नर्वोसा के लक्षण - Bulimia Nervosa Symptoms in Hindi
  3. बुलिमिया नर्वोसा के कारण - Bulimia Nervosa Causes in Hindi
  4. बुलिमिया नर्वोसा से बचाव के उपाय - Prevention of Bulimia Nervosa in Hindi
  5. बुलिमिया नर्वोसा का निदान - Diagnosis of Bulimia Nervosa in Hindi
  6. बुलिमिया नर्वोसा का इलाज - Bulimia Nervosa Treatment in Hindi
  7. बुलिमिया नर्वोसा की दवा - Medicines for Bulimia Nervosa in Hindi
  8. बुलिमिया नर्वोसा के डॉक्टर

बुलिमिया कितने प्रकार का होता है?   

बुलिमिया 2 प्रकार का होता है:

  • पर्जिंग बुलिमिया (Purging bulimia) -
    आप नियमित रूप से कुछ खाने के बाद उसकी जान-बूझकर उलटी कर देते हैं या फिर रेचक दवा (लैक्सेटिव: दवाइयां जिनको खाने के बाद शरीर से मल मुक्ति होती है), डाईयुरेटिक्स (दवाइयां जिनको खाने के बाद बहुत ज़्यादा पेशाब आता है) या एनीमा (मलाशय में कोई तरल पदार्थ डाल कर ज़बरदस्ती मलत्याग करना) का इस्तेमाल करते हैं। (और पढ़ें - बार बार पेशाब आने के कारण
     
  • नॉन-पर्जिंग बुलिमिया (Nonpurging bulimia) -
    आप व्रत रखके, बहुत ज़्यादा डाइटिंग करके या बहुत ज़्यादा व्यायाम करके खुद को मोटापे से बचाना चाहते हैं। (और पढ़ें - वजन कम करने के लिए डाइट टिप्स)​

बुलिमिया के लक्षण और संकेत क्या हैं?

  • बार-बार अपने शरीर के आकार और वज़न के बारे में सोचते रहना। 
  • हर समय वज़न बढ़ने का डर रहना। 
  • कभी बहुत ज़्यादा खा लेना तो कभी बहुत ज़्यादा डाइटिंग करना।
  • पेट भरने के बाद भी खाते रहना जब तक पेट दर्द न शुरु हो जाए। (और पढ़ें - पेट दर्द का घरेलू उपचार)
  • आप आम रूप से जितना खाना कहते हैं, एक बार में उससे बहुत ज़्यादा खा लेना। 
  • बहुत ज़्यादा व्यायाम करना या जान बूझकर उल्टी करना। 
  • लैक्सटिव, डाईयुरेटिक या एनीमा का खाने के बाद प्रयोग करना। 
  • वज़न कम करने के लिए हर्बल उत्पादों या अन्य दवाइयों का सेवन करना। 

(और पढ़ें - पेट दर्द का इलाज

बुलिमिया से पीड़ित लोगों का सामन्य या उससे थोड़ा सा ज़्यादा ​वज़न होता है। लोग उन्हें देखकर पता नहीं लगा पाते कि उन्हें बुलिमिया है, परिवार वाले या उनके मित्र उनमें निम्नलिखित चीज़ें देख सकते हैं:

  • अपने मोटापे को लेकर चिंतित रहना और उसके बारे में बात करते रहना। 
  • अपने शरीर को लेकर नकारात्मक होना। 
  • बार-बार एक ही साथ बहुत ज़्यादा खाना खा लेना, खास कर जो ज़्यादा तेली या मीठा हो।  
  • ज़्यादा लोगों के सामने ना खाना। 
  • खाना खाने के बाद या खाना खाते समय शौच जाना। 
  • बहुत ज़्यादा व्यायाम करना। 
  • हाथों और नकल्स (हाथों और उँगलियों का जोड़) पर बार-बार मुँह में हाथ घुसाकर उल्टियां करने के कारण घाव और निशान पड़ जाना। 
  • दांत और मसूड़े ख़राब होना।

(और पढ़ें - दांत में दर्द के लक्षण)

डॉक्टर को कब दिखाएं?

अगर आपको अपने अंदर बुलिमिया के लक्षण दिखते हैं तो डॉक्टर को जल्द से जल्द दिखाएं। अगर समय पर इलाज ना कराया जाए तो ये आपके जीवन पर गंभीर रूप से भारी पड़ सकता है। 

(और पढ़ें - उल्टी रोकने के उपाय)

बुलिमिया क्यों होता है?

बुलिमिया का मुख्य कारण पता नहीं चल पाया है। जेनेटिक्स, मानसिक स्वास्थ्य, समाज में रहन-सहन के तरीके और अगर ये समस्या परिवार में चली आ रही है तब भी आपको बुलिमिया होने की सम्भावना है। 

बुलिमिया होने का जोखिम किन वजह से बढ़ जाता है?

लड़कियों और महिलाओं में पुरुषों से अधिक बुलिमिया होने की संभावना है। बुलिमिया अक्सर किशोरावस्था या 20 साल की उम्र में शुरू होता है। 

निम्न कारक बुलिमिया होने की सम्भावना बढ़ा सकते हैं:

  • जेनेटिक्स (विकार परिवार में चला आ रहा हो) -
    जिन लोगों के माता-पिता, बहन-भाई या बच्चों में से किसी को ये विकार हो तो उनमें ऐसी समस्या देखे जाने की संभावना है जिसे जेनेटिक लिंक कहते हैं। बचपन या किशोरावस्था में ज़्यादा वज़न होने के कारण भी ये समस्या आ सकती है।  
     
  • मानसिक तनाव -
    मानसिक तनाव जैसे डिप्रेशनचिंतित रहना या ड्रग्ज़ लेने से भी ये भोजन विकार हो सकता है। बुलिमिया से पीड़ित लोग अपने बारे में नकारात्मक सोच रखते हैं। कुछ मामलों में सदमा लगने या पर्यावरण तनाव जैसे शोर, गंदगी, भीड़ के कारण भी ये समस्या हो सकती है। 
     
  • डाइटिंग -
    जो लोग डाइटिंग करते हैं उन्हें भोजन विकार होने की ज़्यादा सम्भावना होती है। बुलिमिया से पीड़ित लोग एक ही समय पर बहुत ज़्यादा खाते हैं और अन्य समय कुछ नहीं खाते। ऐसा करने से भूख लगती है और लोग एक ही समय पर ढेर सारा खाना खाकर ना आते हुए भी उसकी उलटी कर दते हैं। ज़्यादा खाने के अन्य कारण हो सकते हैं तनाव, अपने बारे में नकारात्मक सोच और बोरियत। 

(और पढ़ें - मानसिक रोग के लक्षण

बुलिमिया से कैसे बचें?

  • अपने आप को बताएं कि आपके शरीर के हिसाब से आपका वज़न ठीक है। 
  • सही समय पर खाना खाएं और खाना ना छोड़ें। ऐसा ना करने से आप एक ही समय पर बहुत ज़्यादा खा लेते हैं। 
  • ऐसी वेबसाइट्स की सहायता ना लें जो आपके भोजन विकार को बढ़ावा देती हैं।
  • अपनी समस्या पहचाने। उन परेशानियों का समाधान निकालें जिनकी वजह से आपको ये विकार है। 
  • अपना मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए एक प्लान बनाएं और उसके हिसाब से चलें। 
  • सकारात्मक जीवन अपनाएं। ऐसे लोगों के साथ रहें जो आपको अपनी बीमारी से जूझने के लिए प्रेरित करते हैं और आपकी मदद करते हैं। (और पढ़ें - खुश रहने के आसान तरीके)
  • ज़्यादा खाने और फिर उस खाने को उगलने के ख्याल से बचने के लिए वो चीज़ें करें जो आपको पसंद हैं और उन पर ही अपना ध्यान केंद्रित करें। 
  • अपनी एक सकतारत्मक छवि बनाएं। पॉजिटिव चीज़ों पर ध्यान दें, कुछ अच्छा करने पर खुद को शाबाशी दें और अपना मनोबल बढ़ाएं। 

(और पढ़ें - मानसिक रोग के उपाय)

बुलिमिया के लिए क्या टेस्ट किये जाते हैं?

बुलिमिया की जांच के लिए आपके डॉक्टर निम्न टेस्ट कर सकते हैं -

  • पूरा शारीरिक चेक-उप 
  • खून की जांच और पेशाब की जांच (यूरिन टेस्ट)
  • मानसिक जांच, जिसमें चिकित्सक आपकी खाने की आदतों और खाने कि तरफ रवय्ये को जाँचते हैं। 

डॉक्टर एक्स रे की मदद से देख सकते हैं कि आपकी कोई हड्डी टूटी तो नहीं है, आपको निमोनिया है या नहीं और अन्य दिल कि बीमारियों की जांच होती है। डॉक्टर एलेक्ट्रोकार्डिओग्राम (इसीजी) करवाने के लिए भी कह सकते हैं जिससे पता दिल की धड़कनें कब ज़्यादा तेज़ और कब धीमी हो रही हैं। 

इन टेस्ट से डॉक्टर पता लगा सकते हैं के आपको बुलिमिया है या कोई और ईटिंग डिसऑर्डर जैसे कि कम खाने का विकार (एनोरेक्सिया) या ज्यादा खाने का विकार। 

आपको बुलिमिया का रोगी माना जाने के लिए, आपके लिए निम्न मानदंड सच होने चाहिए -

  • आप बार-बार बहुत ज़्यादा खाते हैं और अपनी खाने की आदत पर काबू नहीं कर पाते। 
  • बहुत ज़्यादा खाने के बाद, मोटापे के डर से आप जानबूझ कर उल्टी करते हैं, बहुत ज़्यादा व्यायाम करते हैं, व्रत रखते हैं, लैक्सेटिव (रेचक) का सेवन करते हैं, डाईयुरेटिक्स लेते हैं, एनीमा और अन्य दवाइयों का सेवन करते हैं। 
  • आप हफ्ते में कम से कम दो बार, बहुत ज़्यादा खाने के बाद उसको उगलते हैं। और ऐसा आप तीन महीने से करते आ रहे हैं।  
  • आपके शरीर का आकार और वज़न, आपके मन में अपने प्रति नकारात्मकता जगाता है। 

अगर आपको अपने में यह सभी लक्षण नहीं दिखते हैं, आपको फिर भी भोजन विकार हो सकता है। अपनी स्थिति के सटीक निदान के लिए डॉक्टर से बात करें। 

(और पढ़ें - BMI in hindi)

बुलिमिया का उपचार कैसे किया जाता है?

बुलिमिया के लिए अलग-अलग तरीके के इलाज की ज़रुरत होती है। रोगी से बात करके उसकी मानसिक स्थिति सुधारना और एंटी-डिप्रेसेंट्स (डिप्रेशन ठीक करने वाली दवाइयां) देना बुलिमिया ठीक करने का सबसे असरदार इलाज है। बुलिमिया का इलाज करने के लिए रोगी के परिवार का सहयोग भी बहुत ज़रूरी है। 

1. मनोचिकित्सा​ (Psychotherapy)

इस थेरेपी के दौरान डॉक्टर आपसे बुलिमिया और मानसिक स्वास्थय के बारे में बात करते हैं। मनोचिकित्सा को "टॉक थेरेपी" (Talk Therapy) भी कहा जाता है क्योंकि इसमें डॉक्टर आपसे बातचीत करके आपकी दिमागी हालत पहचानते हैं और आपको इस समस्या से उभरने का तरीका बताते हैं। 

  • कॉग्निटिव व्यवहार थेरेपी (Cognitive Behavioural Therapy) -
    कॉग्निटिव व्यवहार थेरेपी आपको नकारात्मक ख्यालों और अस्वस्थ व्यवहार से छुटकारा दिलाने और सकारात्मक सोच और स्वस्थ व्यवहार अपनाने में मदद करती है। 
     
  • इंटरपर्सनल मनोचिकित्सा (Interpersonal Psychotherapy) -
    ये थेरेपी आपके आपसी-मतभेद दूर करने और दूसरों से बोल-चाल या करीबी संबंधों में आने वाली परेशानियां हल करने में मदद करती है। 
     
  • डायलेक्टिकल व्यव्हार थेरेपी (Dialectical Behavioural Therapy) -
    ये थेरेपी आपको अपना व्यव्हार सुधारने और तनाव दूर करने में मदद करती है। दूसरों से संबंध सुधारने और अपनी भावनाओं पर काबू रखने में भी ये थेरेपी मदद करती है। इस सब से आपका एक ही साथ बहुत सारा खाना खाने का मन नहीं करता।
     
  • परिवार की सहायता से इलाज करना -
    बुलिमिया से पीड़ित रोगी के परिवार को उसे सुधारने में मदद की जाती है। उन्हें सिखाया जाता है कि उसकी अस्वस्थ खाने की आदतों पर कैसे रोकथाम लगाई जाए। बुलिमया का असर रोगी और उसके परिवार पर कैसे पड़ता है इस बारे में भी उन्हें सिखाया जाता है। 

2. दवाइयाँ -

मनोचिकित्सा के साथ एंटीडिप्रेसेंट्स देने पर बुलिमिया के लक्षण कम होते हैं।

3. पौष्टिक भोजन के बारे में जानकरी हासिल करना - 

अगर बुलिमिया के कारण आपका वज़न कम हो गया है तो प्रथम चरण यही होगा के आपका वज़न आपके शरीर के हिसाब से वापस बढ़ाया जाए। डाइटिशन (पौष्टिक भोजन के बारे में बताने वाले डॉक्टर) और अन्य स्वास्थ्य संबंधित लोग आपकी मदद कर सकते हैं।  वो आपके लिए एक स्वस्थ भोजन करने का प्लान बना कर देंगें जिससे वापस आपको तंदरुस्त होने में मदद मिलेगी।  

4. अस्पताल में भर्ती होना -

बुलिमिया का इलाज अक्सर बिना अस्पताल जाए भी हो जाता है। अगर आपका बुलिमिया बढ़ चुका है तो आपको अस्पताल जाने की ज़रुरत पड़ सकती है। आपका इलाज एक दिन में भी पूरा हो सकता है। 

डॉक्टर की सहायता के साथ-साथ आपको अपना ध्यान स्वयं रखना भी बहुत ज़रूरी है। निम्नलिखित तरीके अपना कर आप बुलिमिया से मुक्ति पा सकते हैं:

  • अपने ट्रीटमेंट प्लान का पालन करें -
    कोई भी थेरेपी सेशन न छोड़ें और खाना न छोड़ें। हो सकता है कि ये आपको कुछ दिन तक अजीब लगे पर धीरे-धीरे आपको इसकी आदत पड़ जाएगी। 
     
  • पोषक तत्वों का सेवन करें -
    अपने डॉक्टर से बात करें और पता करें कि आपको किस पोषक तत्व की ज़रुरत है और उस हिसाब से अपना डाइट प्लान बनाएं। अगर आप ढंग से खाना नहीं खा रहे हैं और खाये हुए खाने की उल्टी कर रहे हैं तो इसका मतलब यह है कि आपके शरीर में पोषक तत्वों की कमी होना शुरू हो गयी है। 
      
  • बुलिमिया के बारे में जाने -
    जिस बीमारी से आप ग्रस्त हैं, उसके बारे में जानना बहुत ज़रूरी है। अपनी बीमारी से घबराएं नहीं और इसका डटके सामना करें। खुद को प्रेरित रखें और इलाज ढंग से करते रहें। 
     
  • अकेले न रहें -
    खुद को बाकियों से दूर न करें। अपने परिवार और दोस्तों के साथ रहे।  वो आपको  तंदरुस्त देखना  आपकी मदद करना चाहते हैं। उनकी सहायता आपके लिए आवश्यक है। 
     
  • व्यायाम करते समय ध्यान रखें -
    आप कौन से व्यायाम करते हैं इसका विशेष ध्यान रखें और अपने डॉक्टर से पूछें। बहुत ज़्यादा व्यायाम करना भी सेहत के लिए ठीक नहीं हैं। (और पढ़ें - फिट रहने के लिए एक्सरसाइज)
Dr. Krishan Kumar Sharma

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साइकेट्री

Dr. Abhishek

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साइकेट्री

Dr. Dushad Ram

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साइकेट्री

बुलिमिया नर्वोसा के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
AcodacAcodac 20 Mg Capsule36.0
DawnexDawnex 20 Mg Capsule39.0
FloatinFloatin 10 Mg Tablet30.0
FludacFludac 10 Mg Capsule37.0
FlumodFlumod 10 Mg Capsule26.0
FlumusaFlumusa 20 Mg Tablet39.0
FlunilFlunil 10 Mg Capsule29.0
FluteeFlutee 20 Mg Capsule39.0
ProdepProdep 10 Mg Capsule29.0
VetodepVetodep 20 Mg Capsule40.0
ArkadepArkadep 20 Mg Tablet24.0
BarozacBarozac 10 Mg Capsule28.0
CoolCool 20 Mg Capsule25.0
CozacCozac 20 Mg Capsule27.0
CyclotinCyclotin 10 Mg Tablet27.0
DedepDedep 20 Mg Tablet21.0
DepextineDepextine 20 Mg Capsule21.0
DepnilDepnil 25 Mg Tablet13.0
DimridDimrid 20 Mg Capsule20.0
ElemodElemod 20 Mg Capsule23.0
Estil (Synokem)Estil 20 Mg Tablet117.0
ExidepExidep 20 Mg Tablet54.0
ExitenExiten 20 Mg Tablet38.0
FadepFadep 20 Mg Capsule29.0
FastgenFastgen 20 Mg Tablet27.0
FlameFlame 20 Mg Tablet40.0
FlonolFlonol 20 Capsule25.0
FloodFlood 10 Mg Capsule24.0
Flox (Vgr)Flox 60 Mg Capsule35.0
Floxin (Dd Pharma)Floxin 20 Mg Tablet32.0
FloxinFloxin 40 Mg Tablet41.0
FloxiwaveFloxiwave 20 Mg Tablet36.0
Fludep (Cipla)Fludep 20 Mg Capsule35.0
Flugen (La Pharma)Flugen 20 Mg Capsule40.0
Flumusa ForteFlumusa Forte 0.25 Mg Tablet42.0
FlunamFlunam 20 Mg Capsule36.0
FlunatFlunat 10 Mg Capsule33.0
FluonFluon Cream36.0
Fluon (Parry)Fluon Lotion40.0
FluoxFluox 20 Mg Capsule6.0
FluoxetFluoxet 10 Mg Tablet18.0
FlutinFlutin 20 Mg Capsule36.0
FlutineFlutine 10 Mg Capsule36.0
FlutopFlutop 10 Mg Capsule32.0
Flux (Aarpik)Flux 20 Mg Capsule34.0
FluxaterFluxater 20 Mg Capsule25.0
FluzeFluze 20 Mg Capsule38.0
F TinF Tin 10 Mg Tablet29.0
HidacHidac 20 Mg Capsule139.0
InadayInaday 20 Mg Capsule36.0
LauxineLauxine 20 Mg Tablet29.0
LuxetLuxet 20 Mg Tablet30.0
MentolMentol 20 Mg Tablet45.0
NeurozacNeurozac 10 Mg Capsule21.0
NocNoc 10 Mg Capsule14.0
NodepNodep 20 Mg Capsule14.0
OxefilOxefil 20 Mg Capsule23.0
PersonaPersona Capsule10.0
SalidepSalidep 40 Mg Tablet47.0
SerraflamSerraflam 10 Mg Tablet57.0
S.R.B.S.R.B. 20 Mg Tablet30.0
TheoxetinTheoxetin 20 Mg Tablet38.0
TritinTritin 10 Mg Tablet18.0
ZedepZedep 20 Mg Capsule38.0
ZextoZexto 20 Mg Tablet32.0
Zotin (Prescription)Zotin Tablet47.0
DepcureDepcure 20 Mg Capsule29.0
DepzacDepzac 20 Mg Capsule28.0
EndepEndep 20 Mg Capsule1076.0
FaxtinFaxtin 20 Mg Capsule6.0
FlucerFlucer 20 Mg Tablet28.0
Flucon (Lincoln)Flucon 20 Mg Capsule25.0
FludawnFludawn 20 Mg Capsule39.0
FludenFluden Tablet39.0
FlumegFlumeg 20 Mg Tablet26.0
Fluoxetine 20 Mg CapsuleFluoxetine 20 Mg Capsule7.0
FluronFluron 20 Mg Tablet48.0
FluxozamFluxozam Tablet35.0
FluzinFluzin 20 Mg Capsule5.0
Fluz OdFluz Od Tablet4.0
FudisFudis 20 Mg Capsule8.0
GrilocGriloc 20 Mg Capsule29.0
NuzacNuzac 20 Mg Capsule20.0
Platin (Wockhardt)Platin 20 Mg Capsule52.0
Prodep LaProdep La 90 Mg Tablet59.0
PronilPronil 20 Mg Capsule4.0
SerodepSerodep 20 Mg Capsule21.0
TrizacTrizac 20 Mg Capsule68.0
AflusAflus 0.25 Mg/20 Mg Tablet27.66
Alzonex PlusAlzonex Plus 0.25 Mg/20 Mg Tablet45.0
ElefluEleflu 0.25 Mg/20 Mg Tablet31.2
ElfluElflu 0.25 Mg/20 Mg Tablet28.01
Exiten PlusExiten Plus 0.25 Mg/20 Mg Tablet50.8
F &Amp; AF &Amp; A 0.25 Mg/20 Mg Tablet42.0
FluwelFluwel 0.25 Mg/20 Mg Tablet57.27
TizadepTizadep 0.25 Mg/20 Mg Tablet40.0
Zedep AZedep A 0.25 Mg/20 Mg Tablet39.9
Zexto PlusZexto Plus 0.25 Mg/20 Mg Tablet35.23
Zomark FxZomark Fx 0.25 Mg/20 Mg Tablet38.0
AnxifluAnxiflu 0.25 Mg/20 Mg Tablet47.87
Cnl PlusCnl Plus 0.25 Mg/20 Mg Tablet42.5
Daycalm FDaycalm F 0.25 Mg/20 Mg Tablet25.61
Faa PlusFaa Plus 0.25 Mg/20 Mg Tablet68.57
Fax AFax A Tablet30.0
Floxin PlusFloxin Plus Tablet40.96
Flutax AlFlutax Al Tablet45.0
FluzolamFluzolam 0.25 Mg/20 Mg Tablet29.8
Relax FRelax F Tablet47.0
Restin FRestin F 0.25 Mg/10 Mg Tablet65.0
Concern FConcern F 5 Mg/20 Mg Tablet50.0
Depten OzDepten Oz 20 Mg/5 Mg Tablet39.87
Elanza PlusElanza Plus Tablet65.0
Kolzep PlusKolzep Plus 5 Mg/20 Mg Tablet48.0
Olaford PlusOlaford Plus 20 Mg/5 Mg Tablet48.0
Olaped PlusOlaped Plus 5 Mg/20 Mg Tablet46.66
Olapin ForteOlapin Forte 10 Mg/20 Mg Tablet82.4
Olapin PlusOlapin Plus 5 Mg/20 Mg Tablet61.0
Olaweb FlOlaweb Fl 5 Mg/20 Mg Tablet39.03
Olet PlusOlet Plus 5 Mg/20 Mg Tablet70.4
Oline ForteOline Forte 10 Mg/20 Mg Tablet65.0
Oline PlusOline Plus 5 Mg/20 Mg Tablet47.62
Olitabs FOlitabs F 5 Mg/20 Mg Tablet45.17
FosteraFostera 20 Mg/10 Mg Tablet82.0
Olanex FOlanex F 20 Mg/5 Mg Tablet89.2
Olanzotic ForteOlanzotic Forte 20 Mg/20 Mg Tablet62.5
Olanzotic PlusOlanzotic Plus 5 Mg/20 Mg Tablet40.21
Oleanz ForteOleanz Forte 20 Mg/10 Mg Tablet119.0
Oleanz PlusOleanz Plus 20 Mg/5 Mg Tablet75.0
Olipar PlusOlipar Plus 20 Mg/5 Mg Tablet75.0
Oltha PlusOltha Plus Tablet67.62

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