फंगल इन्फेक्शन शरीर के किसी भी हिस्से पर आसानी से फैल सकता है. यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को आसानी से हो सकता है. कई बार तो जानवर या प्रदूषित मिट्टी से बीमारी पैदा करने वाले फन्गी से भी इन्फेक्शन हो जाता है. एथलीट फुट और वजाइनल यीस्ट इन्फेक्शन आदि फंगल इन्फेक्शन के कुछ उदाहरण हैं. ऐसे में योग के जरिए फंगल इन्फेक्शन को दूर किया जा सकता है.

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इस लेख में फंगल इन्फेक्शन और इसे दूर करने वाले योग के बारे में जानेंगे -

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  1. फंगल इन्फेक्शन के लिए योग
  2. सारांश
फंगल इन्फेक्शन के लिए योग के डॉक्टर

हेल्दी और ग्लोइंग स्किन सबको चाहिए, लेकिन कभी-कभार किसी न किसी कारणवश स्किन पर फंगल इन्फेक्शन हो जाता है. फंगल इन्फेक्शन को दूर करने के लिए योग मददगार हैं. आइए, विस्तार से जानते हैं कि फंगल इन्फेक्शन के लिए कौन-कौन से योग मददगार साबित हो सकते हैं-

सूर्य नमस्कार

सूर्य नमस्कार में 12 योग मुद्राओं को करने से स्पाइनल कॉलम और लिम्ब में लचीलापन आताा है. यह शरीर के सभी मांसपेशियों और अंगों को मसाज, टोन, स्ट्रेच और स्टिमूलेट भी करता है. इसे करने से रेस्पिरेटरी और सर्कुलेटरी सिस्टम एक्टिवेट होता है और शरीर के सारे सिस्टम सही तरीके से काम करते हैं. यह पाचन तंत्र से संबंधित सभी बीमारियों को दूर करने के साथ ही कब्ज को भी दूर करता है.

यह शरीर से हर तरह के टॉक्सिन को बाहर निकालने में भी सहायक है. यह ब्लड की क्वालिटी और सर्कुलेशन में भी सुधार लाता है. साथ ही यदि किसी महिला का मासिक धर्म चक्र अनियमित है, तो इसे लगातार करने से उसे भी रेगुलेट होने में मदद मिलती है. शरीर में टॉक्सिन, खराब ब्लड क्वालिटी या मेंस्ट्रूअल साइकिल के अनियमित होने से उसका असर स्किन पर सबसे पहले नजर आता है. सूर्य नमस्कार को नियमित तौर पर करने से स्किन के फंगल इन्फेक्शन धीरे-धीरे खत्म होने लगते हैं.

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भुजंगासन

इसे कोबरा पोज भी कहा जाता है, जिसे पीछे की ओर मुड़कर किया जाता है. इस आसन को करने से पूरा शरीर स्टिमूलेट होता है और स्वास्थ्य में सुधार आता है. यह शरीर के सभी अंगों में सुधार लाने के साथ ही नर्वस सिस्टम को भी मजबूत करता है. यह डाइजेस्टिव सिस्टम से जुड़ी कई बीमारियों को दूर, मेंस्ट्रूअल साइकिल को नियमित करने और फेफड़ों की क्षमता में सुधार लाने का काम भी करता है.

शरीर में इन परेशानियों के दूर होने से स्किन की क्वालिटी में सुधार आने लगता है. किसी भी तरह का फंगल इन्फेक्शन हो, तो उसे ठीक करने में यह योगासन कारगर साबित हो सकता है.

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कपालभाती

कपालभाती एक महत्वपूर्ण शतकर्म है, जो शरीर को शुद्ध करने में अहम भूमिका निभाता है. कपालभाती दो शब्दों- कपाल और भाति से बना है. कपाल का अर्थ है खोपड़ी और खोपड़ी के आसपास के सभी अंग और भाती का अर्थ है चमकना. यह एक बहुत आसान योगासन है, जिसके पॉजिटिव लाभ जल्दी मिलने लगते हैं.

इसे ब्रीदिंग एक्सरसाइज भी कहा जा सकता है, जो फेशियल साइनस को साफ करने में अहम भूमिका निभाता है. इसे करने से पूरे चेहरे के ब्लड सर्कुलेशन और ऑक्सिजनेशन में सुधार आता है. यह चेहरे के नर्व और मांसपेशियों को शांत करने का भी काम करता है. यह थके हुए सेल्स को रिजूवनेट करता है और यदि स्किन पर किसी तरह की परेशानी है, तो इसके नियमित अभ्यास से वह भी दूर हो जाती है.

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पवनमुक्तासन

फंगल इन्फेक्शन स्किन को खराब कर देता है और इसका एक कारण खराब डाइजेस्टिव सिस्टम भी हो सकता है. पवनमुक्तासन पेट में होने वाली गैस और दबाव को कम करने में मदद करता है. इसे करने से पेट के अंदरूनी भाग में मालिश होती है, जिससे नर्वस सिस्टम में सुधार आता है. साथ ही गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट की अंदरूनी परत के मस्कुलर मूवमेंट में भी सुधार होता है. इससे कब्ज ठीक होने में मदद होती मिलती है. इन सबसे फंगल इन्फेक्शन को धीरे-धीरे दूर होने में मदद मिलती है.

पादहस्तासन

पादहस्तासन आगे झुकने वाला पोज है, जिसे करने से स्किन पर ब्लड फ्लो में सुधार आता है. इस योग को करने से ऑक्सीजन सप्लाई और स्किन सेल्स में मददगार न्यूट्रिएन्ट में सुधार आता है. इसकी वजह से इनके फ्री रेडिकल्स दूर होते हैं और समस्या को खत्म होने में मदद मिलती है.

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सर्वांगासन

जैसा कि नाम से ही पता चलता है सर्वांगासन सभी अंगों के लिए लाभदायी है. यह आपके चेहरे पर ब्लड सर्कुलेशन में सुधार लाता है. इस आसन को रोजाना 5 मिनट करने से पिंपल्स, ब्लैमिशेज और झुर्रियों से निजात पाने में मदद मिलती है.

अनुलोम-विलोम

अनुलोम-विलोम आसान योग क्रिया है. इसे ब्रीदिंग टेक्नीक भी कहा जाता है, जो नाड़ी को खोलने और मस्तिष्क को शांत करने में बहुत मदद करती है. इससे ब्लड शुद्ध होता है और स्किन साफ होती है. इसके लगातार अभ्यास से फंगल इन्फेक्शन को दूर करने में मदद मिलती है.

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भस्त्रिका प्राणायाम

भस्त्रिका प्राणायाम शरीर में हवा की आवाजाही को बढ़ाकर शारीरिक और मानसिक दोनों स्तर पर गर्मी पैदा करता है. इस प्राणायाम को नियमित रूप से करने से नाक और छाती से ब्लॉकेज दूर होती है. इसे लगातार करने से रेस्पिरेटरी और डाइजेस्टिव सिस्टम पर पॉजिटिव असर पड़ता है. यह सभी अंगों और टिशू की लाइफ को बढ़ाकर ब्लड को आक्सीजन देने में सहायक है. यह पेट की मांसपेशियों को मजबूत करने के साथ ही टोन अप करने में भी मदद करता है. इस तरह से फंगल इन्फेक्शन धीरे-धीरे खत्म होने लगता है.

योगाभ्यास सालों से किया जाता रहा है. यह न सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहद जरूरी है. फंगल इन्फेक्शन की स्थिति में भी पदहस्तासन और अनुलोम-विलोम जैसे योग अहम भूमिका निभाते हैं. इन योग मुद्राओं के लगातार अभ्यास से फंगल इन्फेक्शन धीरे-धीरे अपने आप कम होने लगता है.

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Dr. Smriti Sharma

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