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अनियमित दिनचर्या और खराब आदतों के कारण आपके शरीर में कई समस्याएं शुरू हो जाती है। यदि दिन में थोड़ा सा समय भी गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज के लिए निकाला जाए तो आप शरीर को कई रोगों से बचा सकते हैं। गहरी सांस लेने की क्रिया तनाव को दूर कर आपको आपके मस्तिष्क और शरीर को आराम पहुंचाती है।

इसके साथ ही गहरी सांस लेने से आपको नींद भी अच्छी आती है। गहरी सांस की एक्सरसाइज से फायदे लेने के लिए आपको उसकी सही तकनीक के बारे में भी मालूम होना बेहद जरूरी है। सही तकनीक से गहरी सांस लेने से आपको इसके फायदे जल्द ही महसूस होने लगते हैं।

(और पढ़ें - सांस लेने में दिक्कत हो तो क्या करें)

शरीर पर इसकी बेहतर प्रतिक्रियाओं को देखते हुए आपको इस लेख में “गहरी सांस लेने के फायदों” के बारे में विस्तार से बताया गया है। साथ ही आपको गहरी सांस लेने का तरीका, गहरी सांस कैसे ले और गहरी सांस लेने की विधि आदि विषयों को भी विस्तार से बताने का प्रयास किया गया है।   

(और पढ़ें - सांस फूलने का उपचार)

  1. गहरी सांस लेने का तरीका और विधि - Gahri saans lene ka tarika aur vidhi
  2. गहरी सांस लेने के फायदे - Gahri saans lene ke fayde
  3. गहरी सांस के लिए प्राणायाम - Gahri saans ke liye pranayam

गहरी सांस लेने के फायदों को प्राप्त करने के लिए आपको उसकी सही विधि को समझना होगा, क्योंकि सही विधि से गहरी सांस लेने पर ही आपको पूरा लाभ मिलता है। इसकी सही विधि को आगे विस्तार से जानें:

  • इसके लिए आपको नीचे जमीन या बेड पर पीठ के बल लेटना होगा। ऐसा करते समय आप अपने सिर और घुटनों पर तकिए को रख लें। अगर आप लेटना नहीं चाहते हैं तो आप बैठकर भी इस एक्सरसाइज को शुरू कर सकते हैं, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि बैठते समय आप ऐसी कुर्सी पर बैठे जिसमें आपकी पीठ, कंधों और गर्दन को सपोर्ट मिलें। (और पढ़ें - पेट कम करने के लिए एक्सरसाइज)
  • आराम से बैठने या लेटने के बाद आप धीरे-धीरे नाक से सांस लेते हुए अपने पेट को हवा से भर लें।
  • इसके बाद आप नाक से ही धीरे-धीरे हवा को बाहर निकालें।
  • इस क्रिया को करते समय आप अपना एक हाथ पेट और दूसरे हाथ को सीने पर रखें। (और पढ़ें - व्यायाम करने का सही समय)
  • धीरे धीरे सांस लेते समय पेट में हवा भरने की क्रिया को महसूस करें। साथ ही सांस को छोड़ते समय पेट के नीचे जाने को भी आप अनुभव करें। गहरी सांस लेते समय पेट पर रखा हाथ सीने पर रखे हाथ की अपेक्षा अधिक ऊपर और नीचे जाता है।

किन बातों पर दें ध्यान

  • गहरी सांस लेते समय आपके दिमाग में उभरने वाले चित्र आपको आराम पहुंचाने में सहायक होते हैं।
  • इस दौरान अपनी आंखों को बंद रखें। (और पढ़ें - फिट कैसे रहें)
  • शुरुआत में कुछ गहरी और लंबी सांसे लें।
  • सांस लेते समय शांति का अनुभव करें और ऐसा ही आप अपने पूरे शरीर के लिए महसूस करें। (और पढ़ें - स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने के तरीके)
  • सांस को बाहर निकालते हुए, तनाव और चिंता को हवा के साथ ही बाहर निकलता हुआ महसूस करें।
  • सांस लेने और छोड़ने का एक समान समय होना चाहिए। इसके लिए आप सांस लेते समय मन में 5 तक गिनती गिनें और ऐसा ही छोड़ते समय करें। इससे सांस अंदर लेने और बाहर निकालने का समय समान करने में मदद मिलती है।
  • सांस लेते और छोड़ते समय ज्यादा ताकत न लगाएं। (और पढ़ें - कीगल एक्सरसाइज क्या है)
  • इस एक्सरसाइज को करते समय ढीले कपड़े पहनें।
  • इस प्रक्रिया को करीब 10 से 20 मिनट तक दोहराते रहें।    

(और पढ़ें - सांस फूलने के उपाय)

गहरी सांस लेने से शरीर डिटॉक्स होता है - Gahri saans lene se sharir detox hota hai

रोजाना शरीर को कई तरह के विषाक्त पदार्थों का सामना करना पड़ता है, जिसमें प्रदूषित वातावरण, दूषित पानी और भोजन को शामिल किया जा सकता है। सांस के जरिए शरीर इन विषाक्त पदार्थों को बाहर करके स्वयं को साफ करता है। यदि आप गहरी सांस नहीं लेते हैं तो ऐसे में शरीर की विषाक्त पदार्थों को बाहर करने की क्षमता कम हो जाती है। जिसकी वजह से शरीर के अन्य तंत्रों को रक्त साफ करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है और इसके कारण व्यक्ति बीमार हो जाता है। जब आप गहरी सांस लेते और छोड़ते हैं तब कार्बन डाई ऑक्साइड के साथ कई तरह के विषाक्त पदार्थ भी बाहर निकल जाते हैं।

(और पढ़ें - बॉडी को डिटॉक्स कैसे करें)

गहरी सांस लेने से ऑक्सीजन स्तर बढ़ाता है - Gahri saans lene se oxygen level badhta hai

गहरी सांस लेते समय आप आराम महसूस करते हैं और इससे ऑक्सीजन शरीर की कोशिकाओं तक सही मात्रा में पहुंचती है। कोशिकाओं को प्राकृतिक रूप से प्राप्त ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। करीब 40 दिनों तक बिना खाएं और 3 दिनों तक पानी के बिना भी हमारा शरीर जीवित रह सकता है, लेकिन कुछ मिनटों तक सांस न लेने से हमारा शरीर मृत हो जाता है। गहरी सांस लेने से मिलने वाली पर्याप्त ऑक्सीजन से आपके शरीर की सभी कार्यप्रणालियों की क्षमता बढ़ जाती है। ऐसे में आप अपनी एकाग्र क्षमता और शारीरिक स्टेमिना को भी बेहतर महसूस करते हैं।

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गहरी सांस लेने से तनाव कम होता है - Gahri saans lene se oxygen level badhta hai

छोटी-छोटी सांस लेने का संबंध तनाव और चिंता से होता है। लड़ाई करते समय या लड़ाई करने से पहले शरीर असुरक्षित महसूस करता है, जिसकी वजह से व्यक्ति हल्की और छोटी-छोटी सांसे लेने लगता है। छोटी-छोटी सांसों के कारण व्यक्ति को चिंता, भय और हाइपरवेंटिलेशन (तेज-तेज सांसे लेना) की समस्या होने लगती है और ऐसा इसलिए होता है क्योंकि व्यक्ति का शरीर खतरे के लिए तैयार हो रहा होता है।

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तनाव व चिंता से बचने के लिए आप गहरी सांसे लें। इससे आपके शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलने लगती है और आप चिंता मुक्त हो जाते हैं। गहरी सांस लेने से आपकी दिल की धड़कने भी सामान्य होने लगती है, जिससे आप शांत महसूस करने लगते हैं। अगर आपको चिंता और भय संबंधी विकार हो तो गहरी सांस लेने से आपको मौजूदा स्थिति में आराम मिलता है।  

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गहरी सांस लेना हृदय के लिए फायदेमंद - Gahri saans lena hrday ke liye faydemand

अधिकतर लोगों को यह मालूम ही नहीं होता कि गहरी सांस लेना भी शरीर के लिए एक बेहतर एक्सरसाइज है। अगर आप नियमित एक्सरसाइज नहीं करते हैं या किसी स्वास्थ्य समस्या के कारण एक्सरसाइज नहीं कर पा रहें हैं, तो भी आप रोजाना कुछ समय के लिए गहरी सांस लेने से कई एक्सरसाइज के फायदों को प्राप्त कर सकते हैं।

गहरी सांस लेने से आपके हृदय की कार्य क्षमता में बढ़ोतरी होती है और आसानी से फैट कम होने लगता है। यदि आप अन्य एक्सरसाइज के साथ गहरी सांस का अभ्यास करते हैं तो इससे भी आपके हृदय की कार्यक्षमता में सकारात्मक प्रभाव दिखाई देते हैं।  

(और पढ़ें - हृदय रोग का इलाज)

हार्ट अटैक वाले कुछ लोगों पर एक अध्ययन किया गया। इस अध्ययन में पाया कि जिन लोगों ने हार्ट अटैक के बाद एक्सरसाइज व सांस संबंधी अन्य तकनीकों को अपनाया उन लोगों में अगले पांच वर्षों के दौरान दोबारा हार्ट अटैक के जोखिम करीब 50 प्रतिशत कम हो गए थे।  

(और पढ़ें - हृदय रोग से बचने के उपाय)

गहरी सांस लेने से श्वसन प्रणाली बेहतर होती है - Gahri saans lene se shvasan pranali behtar hoti hai

गहरी सांस लेने से डायाफ्राम और सांस लेने वाली मांसपेशियों को आराम मिलता है। इसके साथ ही गहरी सांस लेने से श्वसन संबंधी समस्या जैसे अस्थमा और सांस फूलने की परेशानी कम होती है। इस प्रक्रिया से पसलियों के बीच की मांसपेशियों, कंधे व पसलियों के बीच की हड्डियों और खड़े होने में सहायक मेरुदंड, गर्दन व कंधे की मांसपेशियों का तनाव कम होता है तथा छाती की जकड़न भी कम हो जाती है। 

(और पढ़ें - अस्थमा अटैक में क्या करें)

गहरी सांस लेने से पाचन तंत्र बेहतर होता है - Gahri saans lene se pachan tantr behtar hota hai

गहरी सांस लेने से पाचन तंत्र में रक्त संचार बढ़ता है। इसके कारण आंतों के कार्य में वृद्धि होती है और पाचन क्रिया बेहतर बनती है। पाचन क्रिया बेहतर होने से इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम (आईबीएस) और कब्ज जैसी समस्याएं दूर होती है।

(और पढ़ें - पाचन तंत्र के रोग का इलाज)

आपके मूड का भी पाचन तंत्र और भूख पर गहरा प्रभाव पड़ता है। गहरी सांस लेने से तनाव और चिंता कम होती है और आपकी पाचन क्रिया बेहतर होती है।   

(और पढ़ें - पाचन शक्ति बढ़ाने के उपाय)

गहरी सांस लेने से वजन नियंत्रित होता है - Gahri saans lene se vajan niyantrit hota hai

गहरी सांस के द्वारा वजन नियंत्रित करने में मदद मिलती है। अगर आपका वजन कम है तो ऐसे में गहरी सांस लेने से ऊतकों और कोशिकाओं को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन मिलती है और आपका वजन सही बना रहता है। वहीं अगर आपका वजन अधिक है तो ऐसे में ऑक्सीजन का उचित स्तर आपके अधिक फैट को कम करने का काम करता है। जब आप छोटी छोटी सांसे लेते हैं तो इससे शरीर का फैट कम होने के बजाय ग्लाइकोजन (एक जटिल कार्बोहाइड्रेट) नष्ट होने लगता है।  

(और पढ़ें - फैट कम करने के घरेलू उपाय)

गहरी सांस लेने के अन्य लाभ - Gahri saans lene ke anya labh

गहरी सांस लेने के कुछ अन्य फायदे निम्नलिखित हैं:

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गहरी सांस लेने के लिए आप प्राणायाम को अपना सकते हैं। सदियों से गहरी सांस के फायदों को जानते हुए योग गुरूओं के द्वारा प्राणायाम करने पर जोर दिया जाता रहा है। आगे आपको कुछ प्राणायाम बताए जा रहें हैं, जिनकी मदद से आप गहरी सांस लेने की तकनीक को अपना सकते हैं।

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