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लिवर हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है। लिवर हमारे खाने और पीने की प्रक्रिया को नियंत्रित करता है। यह हमारे रक्त को फिल्टर करने और शरीर के संक्रमण से लड़ने में भी मदद करता है। लिवर खराब होना एक इमरजेंसी स्थिति होती है। हालांकि, लिवर को खराब होने से पहले ही बचाया जा सकता है। ऐसे कुछ घरेलू उपाय हैं, जिनकी मदद से कई मामलों में लिवर फेल होने जैसी स्थितियों को रोका जा सकता है और उसके लक्षणों को कम किया जा सकता है।

  1. ग्रीन टी है लिवर खराब होने का घरेलू उपाय - Green tea hai liver fail hone ka gharelu upay
  2. बेरीज हैं खराब लिवर का घरेलू उपचार - Berries hain kharab liver ka gharelu upchar
  3. लिवर खराब होने का इलाज है ऑलिव ऑयल - Liver kharab hone ka ilaj hai olive oil
  4. फैटी फिश है लिवर फेलियर का घरेलू उपाय - Fatty fish hai liver failure ka gharelu upay
  5. लिवर खराब होने पर घरेलू उपाय है अंगूर - Liver kharab hone par gharelu upay hai angur
  6. लिवर खराब होने से बचाव के लिए करें इन खाद्य पदार्थ से परहेज - Liver failure se bachav ke liye kare in khadya padarth se parhej

ग्रीन टी स्वास्थ्य संबंधी फायदों के लिए जानी जाती है। वर्ल्ड जर्नल ऑफ़ गैस्ट्रोएन्ट्रोलॉजी के 2015 में किए गए एक शोध में यह बताया गया कि ग्रीन टी मोटापे को कम करती है, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से लड़ती है और उसके लक्षणों को कम करने में मदद करती है।

आवश्यक सामग्री

इस्तेमाल का तरीका

  • एक कप पानी उबाल लें
  • अब इस पानी में 3 से 4 मिनट के लिए ग्रीन टी बैग डालें
  • इसके गुनगुना होने पर बैग को निकालकर फेंक दें और चाय पी लें

कब इस्तेमाल करें
दिन में दो बार ग्रीन टी पीने से लिवर को स्वस्थ रखने में काफी मदद मिलती है।

गहरे रंग के बेरीज, जैसे ब्लूबेरीज, रसबेरी और क्रैनबेरी में एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं, जिन्हें पॉलीफेनोल्स कहा जाता है। ये लिवर को खराब होने से बचाते हैं। एक अध्ययन के अनुसार, रोजाना जामुन खाने से इम्यून सिस्टम भी बेहतर होता है।

कब और कैसे खाएं
बेरीज को रोजाना सुबह खाया जा सकता है, इन्हें चाहें तो नाश्ते के साथ या फिर दोपहर में खाने के दो घंटे बाद भी खाया जा सकता है। बेरीज का शेक या स्मूदी भी बनाई जा सकती है। इनका दिन में 3 से 4 बार सेवन करने से लिवर की समस्याएं दूर रहती हैं।

ऑलिव ऑयल को एक हेल्दी फैट माना जाता है, क्योंकि इसके कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं। इसका हृदय और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। हालांकि, ये लिवर पर भी सकारात्मक प्रभाव डालता है। एक छोटे से अध्ययन में यह पाया गया कि रोजाना एक छोटा चम्मच ऑलिव ऑयल खाने से लिवर में एंजाइम और फैटी लैवल बेहतर होता है। साथ ही यह सकरात्मक मेटाबॉलिक प्रभाव में प्रोटीन की मात्रा को भी बढ़ाता है। इस अध्ययन में शामिल लोगों में वसा का संचय (फैट जमा होना) कम पाया गया और लिवर में रक्त प्रवाह बेहतर हुआ। हाल ही में हुए कुछ अध्ययनों में भी ऑलिव ऑयल के समान प्रभाव ही पाए गए, जिसमें कम वसा संचय, बेहतर इंसुलिन संवेदनशीलता और लिवर एंजाइम में बेहतर रक्त प्रभाव शामिल है। वसा संचय लिवर रोग या लिवर फेल होने का सबसे पहला चरण होता है। 

आवश्यक साम्रगी

  • 1 चम्मच ऑलिव ऑयल
  • 1 नींबू
  • 1 गिलास गुनगुना पानी

इस्तेमाल का तरीका

  • गुनगुने पानी में ऑलिव ऑयल और नींबू के रस को मिला लें
  • अब इसे पी लें

कब इस्तेमाल करें
अगर आपको लिवर रोग से संबंधित किसी प्रकार के लक्षण महसूस हो रहे हैं या आपको लगता है कि आपको लिवर संबंधी समस्या हो सकती है, तो आप दिन में एक बार और हफ्ते में तीन बार इस उपाय को कर सकते हैं।

एक शोध के अनुसार फैटी फिश और फिश ऑयल के सेवन की मदद से फैटी लिवर जैसी बीमारी के लक्षण कम होते हैं। फैटी फिश में ओमेगा-3 फैटी एसिड्स की मात्रा अधिक पाई जाती है, जो कि अच्छे फैट होते हैं और सूजन कम करने में मदद करते हैं। 

कब और कैसे खाएं
शोध सलाह देता है कि ऑयली फिश हफ्ते में लगभग 2 बार खानी चाहिए, जो लिवर को स्वस्थ रखने में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

वर्ल्ड जर्नल ऑफ़ गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी की रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि अंगूर, अंगूर का जूस और अंगूर के बीजों में एंटीऑक्सीडेंट् गुण होते हैं, जो लिवर में सूजन को कम करने में मदद करते हैं और उसे खराब होने से बचाते हैं। 

कब और कैसे खाएं
अंगूर को दिन के समय कभी-भी खाया जा सकता है, अंगूर के बीजों को अपने आहार में जरूर शामिल करें।

सामान्य रूप से, संतुलित आहार का सेवन करने से लिवर स्वस्थ रहता है। हालांकि, कुछ ऐसे भी खाद्य पदार्थ और उनके समूह हैं, जो लिवर की प्रक्रिया में परेशानी पैदा कर सकते हैं। इनमें शामिल हैं:

  • वसायुक्त खाना
    इनमें शामिल हैं तला हुआ खाना, फास्ट फूड और सभी प्रकार का बाहर का खाना। इनमें चिप्स, नट्स और अन्य स्नैक्स शामिल हैं, क्योंकि इन सभी में फैट होता है।
     
  • स्टार्चयुक्त आहार 
    इनमें शामिल हैं ब्रेड, पास्ता और केक आदि।
     
  • चीनी
    चीनी और अन्य मीठे पदार्थों का सेवन लिवर के लिए हानिकारक होता है। इनसे लिवर पर अधिक स्ट्रेस पड़ता है।
     
  • नमक
    नमक कम करने का सबसे सरल तरीका है बाहर का खाना न खाना, कैन में बंद सब्जियां या मीट का सेवन न करना। साथ ही अधिक नमक वाले व्यजनों का परहेज करना बहुत जरूरी होता है।
     
  • शराब
    कोई भी व्यक्ति अगर अपने लिवर को कुछ समय के लिए आराम देना चाहता है तो उसके लिए शराब का सेवन पूरी तरह से बंद करना सबसे बेहतर विकल्प होगा।
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