लाइसोसोमल स्टोरज डिसआर्डर - Lysosomal Storage Disorders in Hindi

Dr. Anurag Shahi (AIIMS)MBBS,MD

September 02, 2021

September 02, 2021

लाइसोसोमल स्टोरज डिसआर्डर
लाइसोसोमल स्टोरज डिसआर्डर

लाइसोसोमल स्टोरज डिसआर्डर क्या है?

लाइसोसोमल स्टोरज डिसआर्डर 50 से अधिक दुर्लभ बीमारियों का एक समूह है, जिसमें लाइसोसोम प्रभावित होता है। यह कोशिकाओं में मौजूद एक संरचना है जो प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और कोशिकाओं के पुराने हिस्से जैसे पदार्थों को तोड़ती है, ताकि शरीर उनका दोबारा से इस्तेमाल कर सके।

इस विकार से ग्रस्त लोगों में ऐसे महत्वपूर्ण एंजाइमों (प्रोटीन जो शरीरिक प्रतिक्रियाओं में तेजी लाता है) की कमी होती है जिनके बिना लाइसोसोम इन पदार्थों को तोड़ने में सक्षम नहीं हो पाता है। नतीजन यह पदार्थ कोशिकाओं में इकट्ठा होने लगते हैं और विषाक्त रूप ले लेते हैं। यह शरीर में कोशिकाओं और अंगों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

लाइसोसोमल स्टोरज डिसआर्डर के संकेत और लक्षण क्या हैं?

चूंकि यह विकारों का समूह है इसलिए प्रत्येक विकार अलग एंजाइम को प्रभावित करता है। नीचे विकार और उनके सामान्य लक्षणों के बारे में बताया जा रहा है:

फैबरी डिजीज

गौचर डिजीज

क्रैब डिजीज
इसके लक्षण जीवन के शुरुआती कुछ महीनों में दिखने शुरू हो जाते हैं। इनमें शामिल है:

मेटाक्रोमैटिक ल्यूकोडिस्ट्रॉफी
एमएलडी अलग-अलग रूपों में हो सकता है। इसके लक्षणों में शामिल हो सकते हैं:

  • हाथों और पैरों में महसूस करने की क्षमता में कमी
  • दौरे
  • चलने और बात करने में परेशानी
  • देखने और सुनने में कमी

लाइसोसोमल स्टोरज डिसआर्डर का कारण क्या है?

लाइसोसोमल स्टोरज डिसआर्डर के ज्यादातर मामलों में पाया गया है कि यह माता-पिता से उनके बच्चों में पारित हुआ है। आमतौर पर, इसमें बच्चे को उसके माता व पिता दोनों से दोषपूर्ण जीन प्राप्त होता है। यदि किसी बच्चे को माता या पिता में से किसी एक से दोषपूर्ण जीन मिलता है, तो वह डिसआर्डर का केवल वाहक होगा और ऐसी स्थिति में लक्षण नहीं दिखाई देंगे।

लाइसोसोमल स्टोरज डिसआर्डर वैसे तो एक दुर्लभ स्थिति है, लेकिन निश्चित समूह में इस डिसआर्डर के कुछ रूप काफी सामान्य हैं। उदाहरण के लिए गौचर और ताई-सैक्स यूरोपीय यहूदी वंश के लोगों में ज्यादातर होता है।

लाइसोसोमल स्टोरज डिसआर्डर का निदान कैसे होता है?

इस तरह की डिसआर्डर के लिए डॉक्टर गर्भावस्था के दौरान परीक्षण कर सकते हैं। यदि बच्चे में संबंधित विकार के लक्षण हैं, तो ब्लड टेस्ट के जरिये उस एंजाइम की पहचान की जा सकती है, जो गायब है।

डॉक्टर निम्नलिखित परीक्षणों की भी मदद ले सकते हैं:

  • एमआरआई: एमआरआई रेडियो तरंगों की मदद से मस्तिष्क का चित्र बनाने वाली तकनीक
  • बायोप्सी: बायोप्सी इसमें ऊतक का एक छोटा सा टुकड़ा सैंपल के तौर पर लिया जाता है, इसके बाद लैब में माइक्रोस्कोप के जरिये उस सैंपल की जांच की जाती है।

लाइसोसोमल स्टोरज डिसआर्डर का इलाज कैसे होता है?
लाइसोसोमल स्टोरेज डिसआर्डर का इलाज नहीं है, लेकिन कुछ उपचार मदद कर सकते हैं जैसे:

  • एंजाइम रिप्लेसमेंट थेरेपी: यह एक ऐसा उपचार है जो खराब या दोषयुक्त एंजाइम की जगह लेता है।
  • सब्सट्रेट रिडक्शन थेरेपी: यह उपचार उन पदार्थों को कम करता है जो नुकसान पहुंचाते हैं और कोशिकाओं में इकट्ठा होने लगते हैं।
  • स्टेम सेल ट्रांसप्लांट: अनुपस्थिति एंजाइम के निर्माण में मदद करता है।

रोग के लक्षणों को प्रबंधित करने के लिए सहायक उपचारों में शामिल हैं:



लाइसोसोमल स्टोरज डिसआर्डर के डॉक्टर

Dr. Tanmay Bharani Dr. Tanmay Bharani एंडोक्राइन ग्रंथियों और होर्मोनेस सम्बन्धी विज्ञान
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