पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) एक तरह का हार्मोनल विकार है. यह समस्या फर्टाइल आयु वाली महिलाओं को ज्यादा होती है. पीसीओएस होने पर मासिक धर्म का समय कम या ज्यादा हो सकता है. इस स्थिति में पीरियड्स का समय अनियमित भी हो सकता है. ऐसे में पीसीओएस में पीरियड्स लाने के लिए कुछ उपायों को अपनाया जा सकता है. इन उपायों में डाइट में बदलाव करके जैसे पपीता, अजमोद, अदरक और अनार के सेवन के साथ-साथ योग भी शामिल हैं.

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आज इस लेख में हम पीसीओएस में पीरियड्स लाने के उपायों के बारे में ही बात करेंगे -

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  1. पीसीओएस में पीरियड्स लाने के सबसे अच्छे तरीके
  2. सारांश
पीसीओएस में पीरियड्स लाने के तरीके के डॉक्टर

पीसीओएस में पीरियड्स को नियमित करने के लिए डाइट व जीवनशैली में बदलाव करके की जरूरत है. आइए, इन तरीकों के बारे में विस्तार से जानते हैं-

अजमोद

पीसीओएस में मासिक धर्म को उत्तेजित करने में अजमोद की पत्तियां सहायक साबित हो सकती हैं. दरअसल, अजमोद में विटामिन सी और एपिओल ऑर्गेनिक कंपाउंड की अच्छी मात्रा होती है. ये दोनों ही गर्भाशय के संकुचन को प्रोत्साहित करने में सहायता कर सकते हैं. ऐसे में मासिक धर्म को नियमित समय पर लाने के लिए अजमोद की एक चम्मच पत्तियों को पानी में डालकर कुछ देर गर्म करके और इसे गुनगुना ही पीना चाहिए.

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अदरक

पीसीओएस में समय पर पीरियड्स नहीं आ रहे हैं, तो अदरक भी मददगार साबित हो सकता है. अदरक को प्राकृतिक मासिक धर्म उत्तेजक के तौर पर भी जाना जाता है. इसके औषधीय गुणों की वजह से इसे सदियों से पीरियड्स को उत्तेजित करने के लिए जाना जाता रहा है. ऐसे में पीसीओएस की स्थिति में रोज सुबह एक कप पानी में अदरक को उबालकर पी सकते हैं.

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कच्चा पपीता

पीसीओएस में पीरियड्स लाने के लिए कच्चा पपीता खाना फायदेमंद हो सकता है. इस संबंध में किए गए शोध से पता चलता है कि कच्चे पपीते में कैरोटीन (एक प्रकार का प्रोटीन) पाया जाता हैं, जो एस्ट्रोजन नामक (प्रजनन संबंधी) हार्मोन को नियंत्रित कर सकता है. इससे पीसीओएस से परेशान महिलाओं को प्राकृतिक रूप से पीरियड्स लाने में मदद मिल सकती है. इसकी सब्जी खाई जा सकती है या इसका जूस पिया जा सकता है.

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अनार

अनार के सेवन से पीसीओएस में पीरियड्स को नियमित करने में मदद मिल सकती है. इस संबंध में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, अनार में विटामिन-सी की भरपूर मात्रा होती है. विटामिन-सी एस्ट्रोजन के स्तर को संतुलित रखने का काम कर सकता है. इससे मासिक धर्म की अनियमितता में सुधार हो सकता है.

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विटामिन

विटामिन डी की पर्याप्त मात्रा शरीर में बनी रहे, तो पीसीओएस के लक्षण जैसे पीरियड्स आने में देरी से बचा जा सकता है. विटामिन-डी का अच्छा स्रोत मछली और अंडे की जर्दी को माना जाता है. इसके अलावा, डॉक्टर की सलाह पर विटामिन-डी सप्लीमेंट्स का सेवन भी किया जा सकता है.

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योग व व्यायाम

रोजाना सुबह या शाम कुछ समय निकालकर योग और व्यायाम करना भी पीसीओएस की स्थिति में पीरियड्स लाने में सहायता कर सकता है. दरअसल, योग और व्यायाम करने से शरीर के रक्त संचार में सुधार होता है. रक्त संचार बेहतर होने पर हार्मोन का स्तर संतुलित हो जाता है. इससे पीसीओएस के लक्षणों में कमी आ सकती है और सही समय पर पीरियड्स लाने में भी सहायता मिल सकती है.

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स्वस्थ वजन

अगर किसी महिला का वजन ज्यादा या फिर कम है, तो वजन नियंत्रण करना और स्वस्थ वजन बनाए रखना भी पीसीओएस के लक्षणों को दूर कर पीरियड्स लाने में मदद कर सकता है. दरअसल, ज्यादा वजन होने पर महिलाओं को अनियमित मासिक धर्म, ज्यादा ब्लीडिंग और दर्द जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इसी वजह से स्वस्थ वजन बनाए रखना भी पीसीओएस में पीरियड्स लाने के लिए जरूरी माना जाता है.

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दवाएं

पीसीओएस में दवाएं भी पीरियड्स लाने में मदद करती हैं. इसके लिए डॉक्टर से संपर्क करके उन्हें अपनी स्थिति के बारे में बताएं, वे टेस्टोरोन के स्तर को संतुलित करने वाली दवाएं दें सकते हैं या कुछ सप्लीमेंट लेने के लिए कह सकते हैं, जिससे मासिक धर्म चक्र दोबारा से ठीक से कार्य कर सकता है.

पीसीओएस की स्थिति को ध्यान में रखकर सही उपाय को अपनाने से पीरियड्स हो सकते हैं. इस समय पीरियड्स लाने के लिए डाइट में बदलाव किया जा सकता हैं. साथ ही कुछ फलों को डाइट में शामिल किया जा सकता है. बस ध्यान दें कि पीसीओएस की समस्या होने पर डॉक्टर से संपर्क करना भी जरूरी है, जिससे वक्त रहते समस्या को समझकर उसका सही ट्रीटमेंट मिलने में मदद मिलती है. डॉक्टरी इलाज के साथ ही घरेलू उपायों को भी अपनाया जा सकता है.

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