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दबाव अलसर या बेडसोर क्या है ?

बेडसोर को दबाव अलसर और "डेसुबिटस" (decubitus) अलसर भी कहा जाता। त्वचा पर निरंतर दबाव होने के कारण, त्वचा ऊतकों में क्षति हो जाती है जिससे त्वचा पर ज़ख्म हो जाते हैं। बेडसोर ज़्यादातर शरीर के जोड़ों वाले हिस्सों में होता है जैसे कि एड़ी, टखने, कोल्हू और "टेलबोन" (Tailbone: रीढ़ की हड्डी का सबसे निचला हिस्सा)। 

जो लोग किसी चिकित्सयी हालत के कारण ज़्यादा चल-फिर नहीं पाते या जो लोग अपना समय ज़्यादातर कुर्सी या बिस्तर पर बिताते हैं, उन्हें दबाव अलसर होने का जोखिम बढ़ जाता है।

बेडसोर अक्सर जल्दी विकसित हो जाते हैं। ज़्यादातर बेडसोर उपचार से ठीक हो जाते हैं परन्तु कुछ कभी भी पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाते। लेकिन आप बेडसोर से बचाव के लिए कुछ उपाय अपना सकते हैं। 

(और पढ़ें - पेट में अल्सर होने के लक्षण)

  1. बेडसोर (दबाव अल्सर) के लक्षण - Bed (Pressure) Sores Symptoms in Hindi
  2. बेडसोर (दबाव अल्सर) के कारण और जोखिम कारक - Bed (Pressure) Sores Causes & Risk Factors in Hindi
  3. बेडसोर (दबाव अल्सर) से बचाव - Prevention of Bed (Pressure) Sores in Hindi
  4. बेडसोर (दबाव अल्सर) का परिक्षण - Diagnosis of Bed (Pressure) Sores in Hindi
  5. बेडसोर (दबाव अल्सर) का इलाज - Bed (Pressure) Sores Treatment in Hindi
  6. बेडसोर (दबाव अल्सर) की जटिलताएं - Bed (Pressure) Sores Complications in Hindi
  7. बेडसोर (दबाव अल्सर) की दवा - Medicines for Bed (Pressure) Sores in Hindi
  8. बेडसोर (दबाव अल्सर) के डॉक्टर

बेडसोर (दबाव अल्सर) के लक्षण - Bed (Pressure) Sores Symptoms in Hindi

यह लक्षण दवाब अलसर होने के खतरे की निशानी होते हैं -

  • त्वचा के रंग या बनावट में असामान्य बदलाव 
  • सूजन (और पढ़ें - सूजन कम करने के उपाय
  • पस (मवाद) - जैसे कि पानी आना 
  • त्वचा पर कोई ऐसा क्षेत्र जो और क्षेत्रों से ज़्यादा ठंडा या गरम हो 
  • जोड़ों के आस-पास के क्षेत्र 

बेडसोर की गहराई, गंभीरता और अन्य विशेषताओं के आधार पर इसके कई चरण होते हैं। इसमें त्वचा और ऊतकों में हुए नुकसान कारण रूखी त्वचा और लाल चकत्ते, तथा मांसपेशियों और हड्डियों में गहरी क्षति भी हो सकती है।  

बेडसोर होने की आम जगह -

जो लोग व्हीलचेयर का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें बेडसोर इन स्थानों पर हो सकते हैं -

  • टेलबोन (यह हड्डी हमारी रीड़ की हड्डी की आखरी कशेरुका (vertebrae) होती है और हमारी श्रोणि से जुड़ी होती है) या नितम्ब 
  • कंधो की हड्डियां या रीड़ की हड्डी 
  • हाथों और पैरों का पिछला हिस्सा जिसके सहारे वह कुर्सी पर बैठते हैं 

(और पढ़ें - जोड़ों के दर्द के उपाय)

जो लोग अपनी शारीरिक स्तिथि के कारण बिस्तर तक ही सीमित रहते हैं, उन्हें बेडसोर इन जगहों पर हो सकते हैं -

  • सिर के पीछे या किनारे 
  • कंधे की हड्डियों पर 
  • कोल्हू, रीड़ की हड्डी या टेलबोन पर 
  • एड़ी,टखनों या गुठनों की पिछली त्वचा पर 

डॉक्टर से कब संपर्क करें?

अगर आपको बेडसोर के संकेत नज़र आएं तो तुरंत अपने शरीर की पोजीशन (मुद्रा) बदलें ताकि आपके शरीर पर दबाव कम हो सके। अगर इसके 24 से 48 घंटे बाद भी सुधार ना आए तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें। 

अगर आपको बुखार, घाव से पानी या बदबू आने जैसे संक्रमण के लक्षण दिखाई दें तो जल्द से जल्द डॉक्टर से सलाह लें।

बेडसोर (दबाव अल्सर) के कारण और जोखिम कारक - Bed (Pressure) Sores Causes & Risk Factors in Hindi

बेडसोर (दबाव अल्सर) क्यों होता है?

त्वचा पर अत्यधिक दबाव रक्त के बहाव को रोक देता है जिससे बेडसोर हो जाते हैं। कम चलना-फिरना और सीमित गतिविधि भी त्वचा में क्षति के अन्य कारणों में से एक है और इनकी वजह से दबाव अल्सर होने की संभावना बढ़ जाती है। 

बेडसोर होने के तीन मुख्य कारण यह हैं -

  • दबाव -
    शरीर के किसी भी हिस्से पर निरंतर दबाव शरीर के रक्त बहाव को कम कर सकता है। ऊतकों तक आक्सिजन (oxygen) और अन्य पोषक तत्व पहुंचाने के लिए रक्त बहाव बहुत ज़रूरी होता है। इन आवश्यक पोषक तत्वों के अभाव से, ऊतकों को नुक्सान पहुंचने और उनके ख़तम होने का खतरा बढ़ जाता है। (और पढ़ें - पोषक तत्वों के फायदे)

    इस तरह का दबाव अक्सर उन लोगों के शरीर पर बनता है जो सीमित गतिविधि करते हैं या जिनकी मासपेशियां गद्देदार नहीं होतीं और जिनमें वसा की कमी होती है। ऐसे लोगों में बेडसोर अक्सर रीड़ की हड्डी, कन्धों की हड्डी, कूल्हों, एड़ी और कोहनी पर होता है। (और पढ़ें - वसा के फायदे)
     
  • रगड़ लगना -
    अगर आपकी त्वचा किसी कपड़े से रगड़ खा जाये या घिस जाए तो बेडसोर हो सकता है। अगर त्वचा नम्म या कमज़ोर हो तो ज़ख्म का खतरा और भी बढ़ जाता है।
     
  • त्वचा का छिलना -
    बेडसोर त्वचा के छिलने की वजह से भी हो सकता है।

(और पढ़ें - त्वचा की देखभाल के लिए उपाय)

बेडसोर होने की संभावना किन कारकों से बढ़ जाती है?

जिन लोगों को चलने-फिरने में परेशानी होती है और जो लोग कुर्सी या बिस्तर पर बैठते समय अपने शरीर की पोजीशन (मुद्रा) जल्दी से नहीं बदल पाते उनमे बेडसोर होने का जोखिम बढ़ जाता है। बेडसोर के जोखिम कारक इस प्रकार से हैं -

  • चलने-फिरने में परेशानी -
    यह आपकी नाज़ुक सेहत, रीड़ की हड्डी की चोट या अन्य किसी कारणों की वजह से हो सकती है। 
     
  • इन्द्रियों का पूरी तरह से काम न करना -
    रीड़ की हड्डी की चोट या तांत्रिक तंत्र का कोई विकार जैसे कारणो की वजह से इन्द्रियां प्रभावित हो सकती हैं जिसकी वजह से दर्द महसूस नहीं होता है। इसकी वजह से रोगी जोखिम के संकेतो को नहीं समझ पाते और समय रहते अपने शरीर की पोजीशन (मुद्रा) नहीं बदलते। 
     
  • असंतुलित आहार और पानी की कमी -
    स्वस्थ त्वचा और ऊतकों को नुकसान से बचाने के लिए हमे उचित पोषण की ज़रुरत होती है। कुपोषण और शरीर में पानी की कमी भी बेडसोर के बढ़ने का कारण बन सकते हैं। (और पढ़ें - संतुलित भोजन
     
  • रक्त बहाव को प्रभावित करने वाली बीमारियां -
    कुछ रोग जैसे कि शुगर की बीमारी और दिल की बीमारियां, आपके रक्त बहाव को प्रभावित कर सकते हैं जिससे आपके ऊतकों में नुक्सान का खतरा बढ़ जाता है। 

(और पढ़ें - डायबिटीज के घरेलू उपाय)

बेडसोर (दबाव अल्सर) से बचाव - Prevention of Bed (Pressure) Sores in Hindi

अपने शरीर की पोजीशन (मुद्रा) बदलते रहने से आप अपनी त्वचा पर दबाव देने से बच सकते हैं। अपनी त्वचा का ध्यान रखना, शरीर को पोषित रखना, अधिक मात्रा में पानी का सेवन करना, धूम्रपान से दूर रहना और हर रोज़ व्यायाम करना भी बेडसोर से बचने के कुछ उपाय हो सकते हैं। 

(और पढ़ें - धूम्रपान के नुकसान)

जब आप कुर्सी या बिस्तर पर बैठे हों तो अपने शरीर की पोजीशन को समय-समय पर बदलने के लिए आप इन उपायों का पालन कर सकते हैं -

  • अपने वज़न को शिफ्ट करें - 
    अगर आप व्हीलचेयर का प्रयोग करते हैं तो हर 15 मिनट बाद जिस स्थान पर ज्यादा दबाव पड़ रहा हो, उसे बदलें ताकि आपके शरीर के एक ही हिस्से पर निरंतर दबाव न बना रहे। 

     
  • संभव हो तो खुद को उठाने की कोशिश करें -
    अगर आपके शरीर का ऊपरी हिस्सा ताकतवर हो तो व्हीलचेयर पुशअप्स (अपने हाथो के द्वारा अपने शरीर को कुर्सी की सीट से उठने की कोशिश करना) करें। 
     
  • अगर उपलब्ध हो तो, खास व्हीलचेयर (speciality wheelchair) का इस्तेमाल करें -
    कुछ व्हीलचेयर आपको झुकने एवं हिलने डुलने में मदद करती हैं, आप ऐसी व्हीलचेयर का उपयोग कर सकते हैं। 
     
  • सही गद्दे और तकियों का चुनाव करें -
    ऐसे तकियों और गद्दों का इस्तेमाल करें जो आपके शरीर पर बन रहे दबाव को कम करें और आपके शरीर को सही पोजीशन (मुद्रा) में रखने में सहायता करें। "डोनट" (donut) तकियों का इस्तेमाल न करें क्योंकि वह आपके ऊतकों पर दबाव बढ़ाता है। 
     
  • अपने बिस्तर की उचाई का ध्यान रखें -
    अगर आपका बिस्तर ऊँचा हो सकता है तो अपने सिर रखने वाले हिस्से को 30 डिग्री पर रखें। यह आपको रगड़न से बचाता है। 

(और पढ़ें - व्यायाम के फायदे)

बेडसोर (दबाव अल्सर) का परिक्षण - Diagnosis of Bed (Pressure) Sores in Hindi

बेडसोर की जांच कैसे की जाती है?

क्षति की मात्रा जानने के लिए और यह पता करने के लिए कि आपको बेडसोर है या नहीं, डॉक्टर आपकी त्वचा की बारीकी से जांच करेंगे। वह आपके ज़ख्म से हुई क्षति का चरण भी बताएंगे। चरण निर्धारित करना उचित उपाय चुनने में उपयोगी होता है। वह आपको ब्लड टेस्ट करवाने के लिए भी कह सकते हैं। 

आपके डॉक्टर आपसे कुछ इन प्रकार के सवाल पूछ सकते हैं-

  • आपको बेडसोर पहली बार अपने शरीर पर कब दिखाई पड़ा था?
  • आपको कितना दर्द है?
  • क्या आपको पहले भी बेडसोर रह चुके हैं?
  • अगर हाँ, तो उनका इलाज कैसे हुआ था?
  • क्या आपका ख्याल रखने के लिए कोई नर्स या परिवार का सदस्य है?
  • आप दिन में कितनी बार अपने शरीर की पोजीशन (मुद्रा) बदलते हैं?
  • आपको कौन सी बीमारियां हैं और उनका क्या इलाज चल रहा है?
  • आपका दैनिक खान-पान क्या है?

(और पढ़ें - लैब टेस्ट)

बेडसोर (दबाव अल्सर) का इलाज - Bed (Pressure) Sores Treatment in Hindi

दबाव कम करना 

बेडसोर के इलाज के लिए पहले दबाव और रगड़न के कारण को ठीक किया जाता है। यह इन तरीकों से किया जा सकता है -

  • शरीर की पोजीशन (मुद्रा) को बदलना - अगर आपको बेडसोर है तो अपने शरीर की पोजीशन (मुद्रा) समय-समय पर बदलें। आप कितनी बार अपनी पोजीशन बदलते हैं यह आपकी अवस्था और जिस सतह पर आप हैं उसकी विशेषता पर निर्भर करता है। अगर आप व्हीलचेयर का इस्तेमाल कर रहे हैं तो अपने वज़न को हर 15 मिनट बाद शिफ्ट करने की कोशिश करें। अगर आप बिस्तर पर हैं तो हर 2 घंटे बाद अपनी पोजीशन को बदलें। 
     
  • किसी सहारे का इस्तेमाल करना - बैठते या लेटते के समय किसी गद्दे या तकिये का इस्तेमाल करें, यह आपकी कमज़ोर त्वचा को रगड़न से बचाने में सहयता करेगा। 

ज़ख्मों की सफाई और मरहम-पट्टी 

आपको अपने बेडसोर का कितना ख्याल रखना है यह उसकी गहराई पर निर्भर करता है। आम तौर पर ज़ख्म की मरहम-पट्टी के यह नियम होते हैं -

  • सफाई - अगर आपका प्रभावित हिस्सा फटा हुआ न हो तो उसे हलके क्लीन्ज़र से धोकर साफ़ करें और हलके हाथ से सुखाये। खुले हुए घावों की पट्टी बदलते समय, हर बार उन्हें नमक के पानी से साफ़ करें। 
  • पट्टी लगाना - घाव पर लगी पट्टी उसे नम्म बनाती है जो कि घाव को जल्दी भरने में मदद करता है। यह संक्रमण के लिए अवरोध का काम करता है और आस पास की त्वचा को सूखा रखता है।

(और पढ़ें - घाव के उपाय)

क्षतिग्रस्त ऊतकों को हटाना 

घावों को पूरी तरह से भरने के लिए उनके आस-पास से क्षतिग्रस्त, मरे हुए और संक्रमित ऊतकों को हटाना जरूरी होता है। ऊतक को हटाने के साथ-साथ अन्य कार्य भी करने होते हैं जैसे कि घाव को पानी से साफ़ करना या क्षतिग्रस्त ऊतक को बाहर निकालना। 

कुछ अन्य उपाय इस प्रकार हैं -

  • दर्द कम करने की दवाएं - बेडसोर के दर्द को कम करने के लिए बाज़ार में बहुत प्रकार की दवाएं मौजूद हैं। 
  • संक्रमण का इलाज करने के लिए दवाएं - संक्रमित घाव अगर दवाइयों से ठीक न हों तो उनके लिए आप एंटीबायटिक भी ले सकते हैं। 
  • पोषक आहार - संतुलित आहार आपके शरीर के घावों को भरने में मदद करता है। (और पढ़ें - संतुलित आहार के लाभ)
  • नेगेटिव दबाव थेरेपी - इस प्रक्रिया में वी.ए.सी का इस्तेमाल होता है जो घाव साफ़ करने के लिए एक यन्त्र का इस्तेमाल करती है।

सर्जरी 

अगर आपका बेडसोर अत्यधिक बढ़ गया है तो आपको सर्जरी की ज़रुरत पड़ सकती है। आपकी किसी अन्य मासपेशी का हिस्सा आपके घावों को भरने में इस्तेमाल करना, सर्जरी का एक प्रकार है। 

बेडसोर (दबाव अल्सर) की जटिलताएं - Bed (Pressure) Sores Complications in Hindi

बेडसोर की जटिलताएं-

बेडसोर की कुछ जानलेवा जटिलताएं कुछ इस प्रकार हैं -

  • सैल्यूलाइटिस (cellulitis) - यह एक त्वचा और ऊतकों का संक्रमण है। यह प्रभावित क्षेत्र में गर्माहट, लाल चकत्ते और सूजन पैदा कर सकता है। सैल्यूलाइटिस से प्रभवित व्यक्ति को अक्सर नस की क्षति के कारण दर्द महसूस नहीं होता। (और पढ़ें- सूजन कम करने के उपाय)
  • हड्डी और जोड़ों का संक्रमण - बेडसोर का संक्रमण हड्डी और जोड़ों को भी प्रभावित कर सकता है। जोड़ों का संक्रमण आपके ऊतकों और उपास्थि को हानि पहुंचा सकता है। हड्डियों का संक्रमण आपके जोड़ों और हाथ-पैरों की कार्य करने की शक्ति में कमी ला सकता है। 
  • कैंसर - लम्बे समय तक न भरने वाले घाव एक प्रकार के स्क्यामास सेल सार्सिनोमा (squamous cell caricoma) का रूप ले सकते हैं। (और पढ़ें - स्किन कैंसर)
  • सेप्सिस (sepsis) -  कभी-कभी त्वचा पर छालों का परिणाम सेप्सिस भी हो सकता है।
Dr. Neha Gupta

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संक्रामक रोग

Dr. Jogya Bori

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संक्रामक रोग

Dr. Lalit Shishara

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संक्रामक रोग

बेडसोर (दबाव अल्सर) की दवा - Medicines for Bed (Pressure) Sores in Hindi

बेडसोर (दबाव अल्सर) के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

Medicine NamePack SizePrice (Rs.)
TricortTricort 10 Mg Injection47
KenacortKenacort 0.1% Oral Paste50
Exel GnExel Gn 0.05% W/W/0.5% W/W Cream41
Propyderm NfPROPYDERM NF CREAM 5GM60
Propygenta NfPROPYGENTA NF CREAM 20GM122
Tenovate GnTenovate Gn Cream24
Clop MgClop Mg 0.05%/0.1%/2% Cream34
Clovate GmClovate Gm Cream0
Cosvate GmCosvate Gm Cream18
Propyzole NfPropyzole Nf Cream112
Dermac GmDermac Gm Cream32
Triben CnTriben Cn Cream0
Etan GmEtan Gm Cream16
Globet GmGLOBET GM CREAM 20GM0
Lobate GmLOBATE GM LOTION 25ML71
TopisoneTopisone Cream0
Clobenate GmCLOBENATE GM CREAM 20GM0
Soltec GmSoltec Gm Cream0
Zincoderm GmZINCODERM GM NEO CREAM 15GM33
Topisone M CreamTopisone M Cream0
Obet GObet G 0.05%/0.1% Cream16
Sterisone GSterisone G 0.05%/0.1% Cream26
Hinate GHinate G Cream28
Lozee GLozee G Cream19
ClostagenClostagen 0.5%/0.5% Cream84

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References

  1. Daniel Bluestein et al. Pressure Ulcers: Prevention, Evaluation, and Management . November 15, 2008, Volume 78, Number 10; American Family Physician
  2. Nancy Carney. PRESSURE SORES Batten Disease Support and Research Association ; December 2011
  3. Minnesota Hospital Association; St. Paul, MN [Internet]; Preventing Pressure Ulcers (Bedsores)
  4. Karoon Agrawal, Neha Chauhan. Pressure ulcers: Back to the basics. Indian Journal of Plastic Surgery; Year : 2012, Volume : 45, Issue : 2, Page : 244-254
  5. Center for Disease Control and Prevention [internet], Atlanta (GA): US Department of Health and Human Services; Pressure Ulcers Among Nursing Home Residents: United States, 2004
  6. National Health Portal [Internet] India; Bedsores
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