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कुपोषण एक गंभीर स्थिति है। कुपोषण तब होता है जब किसी व्यक्ति के आहार में पोषक तत्वों की सही मात्रा नहीं होती है। भोजन आपको स्वस्थ रखने के लिए ऊर्जा और पोषक तत्व प्रदान करता है। यदि आपको प्रोटीनकार्बोहाइड्रेटवसाविटामिन और खनिजों सहित पर्याप्त पोषक तत्व नहीं मिलते हैं तो आप कुपोषण से पीड़ित हो सकते हैं।

आप कुपोषण को इस प्रकार उल्लेख कर सकते हैं :

अल्पपोषण (undernutrition) - अगर आपको पर्याप्त पोषक तत्व प्राप्त नहीं हो रहे है तो उम्र के हिसाब से आपकी ऊंचाई और वजन कम हो जाता है। इसके अलावा ऊंचाई के हिसाब से वजन कम होना अल्पपोषण के लक्षण हैं।

अतिपोषण (overnutrition) - अधिक पोषक तत्वों को प्राप्त करने से आपको मोटापा, अधिक वजन और आहार से संबंधित गैर-संचारी रोग (जैसे हृदय रोग, स्ट्रोकमधुमेह और कैंसर) हो जाते हैं।

कुपोषण हर देश में लोगों को प्रभावित करता है। दुनिया भर में करीब 1.9 बिलियन एडल्ट्स अधिक वजन वाले हैं, जबकि 462 मिलियन एडल्ट्स कम वजन वाले हैं। अनुमानित 5 वर्ष से कम उम्र के 41 लाख बच्चे से अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त हैं, जबकि करीब 15 9 मिलियन छोटे क़द वाले और 50 मिलियन कमज़ोर बच्चे हैं। लोहे की पूरकता की कमी के कारण दुनिया भर में 528 मिलियन या 29% महिलाएं एनीमिया से प्रभावित हैं।

  1. कुपोषण के लक्षण - Malnutrition Symptoms in Hindi
  2. कुपोषण के कारण - Malnutrition Causes in Hindi
  3. कुपोषण के बचाव के उपाय - Prevention of Malnutrition in Hindi
  4. कुपोषण का निदान - Diagnosis of Malnutrition in Hindi
  5. कुपोषण का उपचार - Malnutrition Treatment in Hindi
  6. कुपोषण के जोखिम और जटिलताएं - Malnutrition Risks & Complications in Hindi
  7. कुपोषण की दवा - Medicines for Malnutrition in Hindi

कुपोषण के लक्षण

 कुपोषण के लक्षणों और संकेतों में  शामिल हैं -

  1. वसा की कमी
  2. सांस लेने में दिक्कत
  3. अवसाद
  4. सर्जरी के बाद जटिलताओं का जोखिम
  5. हाइपोथरमिआ का जोखिम - असामान्य रूप से शरीर का निम्न तापमान
  6. ठण्ड ज़्यादा लगना
  7. चोट ठीक होने में ज़्यादा समय लगना
  8. संक्रमण के ठीक होने में लम्बा वक़्त लगना
  9. बिमारी ठीक होने में  लम्बा वक़्त लगना
  10. कम सेक्स ड्राइव (और पढ़ें - sex karne ke tarike)
  11. प्रजनन क्षमता में समस्याएं
  12. थकान या उदासीनता
  13. चिड़चिड़ापन

लक्षण वह होते हैं जो मरीज़ महसूस करता है और उनके बारे में बताता है, संकेत वह होते हैं जिनका डॉक्टर पता लगाते हैं। उदहारण के तौर पर, दर्द लक्षण हो सकता है जबकि लाल चकत्ते संकेत हैं।

कुछ प्रकार की सफ़ेद रक्त कोशिकाओं की संख्या गिरने से प्रतिरक्षा प्रणाली कमज़ोर हो जाती है। जिसकी वजह से संक्रमण होने का जोखिम बढ़ जाता है।

अधिक गंभीर मामलों में:

  1. त्वचा पतली, सूखी, स्थिर, पीली और ठंडा हो सकती है।
  2. चेहरे का वसा खोने से, गाल खोखले और आँखें धसी हुई लगती हैं।
  3. बाल शुष्क और विरल हो जाते हैं, और गिरने लगते हैं।
  4. कभी-कभी, गंभीर कुपोषण के कारण घबराहट हो सकती है।
  5. यदि कैलोरी की कमी लंबे समय तक जारी रहती है, तो दिल, जिगर और श्वसन विफलता हो सकती है।

बच्चे - बच्चे जो गंभीर रूप से कुपोषित हैं, वे आमतौर पर धीमी गति से व्यवहारिक और बौद्धिक विकास का अनुभव करते हैं, जिससे वे बौद्धिक विकलांग हो सकते हैं। हालांकि जो बच्चे ठीक हो जाते हैं, उनमें लम्बे समय तक कुपोषण के प्रभाव दिखते हैं। जैसे कि - मानसिक कार्य और पाचन तंत्र में दिक्कत।

जिन वयस्कों में गंभीर कुपोषण वयस्कता के दौरान शुरू होता है, वे अक्सर इलाज के दौरान पूरी तरह ठीक हो जातें हैं।

पिछले दशक में स्टंटिंग यानी उम्र के हिसाब से लम्बाई न बढ़ने में प्रभावशाली कमी के बावजूद, भारत में कुपोषण का स्तर (विशेष रूप से अल्प-पोषण) बहुत बड़ा है। इसके शिकार अधिकांश किशोर लड़कियां, महिलाएं और बच्चे होते हैं। भारत में कुपोषण के मुख्य कारण हैं -

  1. गरीबी है कुपोषण का कारण - Malnutrition Due to Poverty in Hindi
  2. लड़का लड़की के बीच का भेदभाव है कुपोषण की वजह - Gender Disparity Leads to Malnutrition in Hindi
  3. कुपोषण का कारण है जल्दी उम्र में माँ बनना- Malnutrition Due to Short Maternal Stature in Hindi
  4. स्तनपान का अभाव है बच्चों में कुपोषण की वजह - Lack of Breastfeeding Causes Malnutrition in Hindi
  5. भारत में कुपोषण की समस्या का कारण है ज्ञान की कमी - Lack of Education Causes Malnutrition in Hindi
  6. भोजन की कमी के कारण है कुपोषण - Malnutrition Due to Lack of Food in Hindi
  7. कुपोषण है खराब स्वच्छता के कारण - Malnutrition Due to Poor Sanitation in Hindi
  8. गंदा पर्यावरण है पोषण की कमी का कारण - Dirty Environment Causes Malnutrition in Hindi
  9. धर्म से संबंधित भी है कुपोषण - Malnutrition Related to Religion in Hindi

1. गरीबी है कुपोषण का कारण - Malnutrition Due to Poverty in Hindi

आबादी के कुछ समूहों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति कम होने के कारण, उनके आहार में अक्सर गुणवत्ता और मात्रा दोनों में कमी होती है। जो महिलाएं कुपोषण से पीड़ित उनके शिशुओं की स्वस्थ होने की संभावना नहीं होती है। गरीबी की वजह से, हर रोज़ भोजन में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा आदि जैसे आवश्यक तत्वों की कमी होती है, इसलिए बच्चों में कुपोषण होना स्वाभाविक है। (और पढ़ें - भूखा रहना है कुपोषण का कारण)

2. लड़का लड़की के बीच का भेदभाव है कुपोषण की वजह - Gender Disparity Leads to Malnutrition in Hindi

भोजन के वितरण में लड़कों और लड़कियों के बीच असमानता और लड़की की सामान्य उपेक्षा कुपोषण में योगदान करती है, इसलिए प्रजनन आयु वर्ग में 60 प्रतिशत भारतीय महिलाओं में खून की कमी होती है। लैंगिक असमानता के चलते महिलाओं के भोजन की मात्रा और गुणवत्ता दोनों निम्न हैं परिणामस्वरूप उनके बच्चे कुपोषण के शिकार है। (और पढ़ें – खुबानी के औषधीय गुण करें एनीमिया का इलाज)

3. कुपोषण का कारण है जल्दी उम्र में माँ बनना- Malnutrition Due to Short Maternal Stature in Hindi

किशोरियों की खराब पोषण संबंधी स्थिति का कारण वयस्क बनने से पहले विवाह और एक से अधिक गर्भधारण है। एक और निराशाजनक तथ्य यह है कि 30 प्रतिशत बच्चे जन्म कम वजन के साथ पैदा हुए हैं।

4. स्तनपान का अभाव है बच्चों में कुपोषण की वजह - Lack of Breastfeeding Causes Malnutrition in Hindi

स्तनपान का अभाव शिशुओं और बच्चों में कुपोषण की ओर ले जाता है। निस्संदेह स्तनपान शिशुओं के स्वस्थ विकास और संक्रमण के विरुद्ध उन्हें सुरक्षित रखने का एक प्रभावी तरीका है। हालांकि, भारत में केवल 37.1 प्रतिशत नवजात शिशु ही जन्म के समय स्तनपान करते हैं। मान का पहला दूध शिशु के पौष्टिक और प्रतिरक्षा मूल्य के लिए आवश्यक है, जो अक्सर पुराने और अशुद्ध दूध के रूप में त्याग दिया जाता है। इसके बजाय बच्चों को चाय, घुट्टी कई ग्रामीण और गरीब शहरी परिवारों में खिलाया जाता है। (और पढ़ें - स्तनपान के फायदे बच्चों और माताओं के लिए)

 5. भारत में कुपोषण की समस्या का कारण है ज्ञान की कमी - Lack of Education Causes Malnutrition in Hindi

जब बच्चा छह महीने की उम्र तक पहुंचता है तब कई परिवार या तो पूरक भोजन शुरू नहीं करते हैं या उप-इष्टतम पोषक मूल्य वाले भोजन देते हैं। अक्सर देखभाल करने वाले की ज्ञान में कमी के कारण, ऐसा भोजन हानिकारक हो सकता है और पोषक तत्वों की कमी हो सकती है, जिसके परिणामस्वरूप कुपोषण हो सकता है। (और पढ़ें - समय आ गया है इन आदतों को बदलने का जिनसे बिगाड़ रहे हैं हम अपनी सेहत)

6. भोजन की कमी के कारण है कुपोषण - Malnutrition Due to Lack of Food in Hindi

गरीब विकासशील देशों में, भोजन की कमी और भोजन का असमान वितरण मुख्य रूप से कुपोषण में योगदान देता है। मुख्य रूप से आधुनिक कृषि में पाए जाने वाले उच्च पैदावार जैसे नाइट्रोजन उर्वरक, कीटनाशकों और सिंचाई के लिए आवश्यक प्रौद्योगिकी की कमी के कारण खाद्य की कमी होती है। हालांकि भारत के लिए, यह मुद्दा भोजन की कमी नहीं है, लेकिन असमान वितरण और आहार विविधता की कमी से यह कुपोषण के लिए एक महत्वपूर्ण कारक है। आहार अक्सर पर्याप्त पोषक तत्वों के समृद्ध स्रोत जैसे कि पशु स्रोत भोजन, फल, सब्जियां, बीन्स और दालों के साथ मिलकर पूरा होता है।

7. कुपोषण है खराब स्वच्छता के कारण - Malnutrition Due to Poor Sanitation in Hindi

खराब स्वच्छता प्रथाएं और असुरक्षित पेयजल भी भारत में कुपोषण का एक महत्वपूर्ण कारण है। आबादी के लिए शौचालयों की कमी के कारण - कम से कम 620 मिलियन लोग (भारत की आबादी का आधा हिस्सा) शौच के लिए घर से बाहर निकलते हैं। जिसके कारण कई रोग होते हैं दस्त भी उन्हीं रोगों में से एक है।

8. गंदा पर्यावरण है पोषण की कमी का कारण - Dirty Environment Causes Malnutrition in Hindi

कांच के कारखानों, चमड़े के उद्योग, ईंट उद्योग आदि में काम करने वाले बच्चे गंदा, अस्वस्थ और अस्वच्छ पर्यावरण का सामना करते हैं जिससे कई प्रकार के संक्रमण और बीमारियां होती है। भारी श्रम और असंतुलित आहार के साथ उनका शारीरिक और मानसिक विकास रुक जाता है, इस प्रकार यह उनके समग्र पोषण संबंधी स्थिति को प्रभावित करता है और जो कुपोषण पैदा करता है। (और पढ़ें - पर्सनल हाइजीन (स्वच्छता) से संबंधित इन 10 आदतों से रहें दूर)

9. धर्म से संबंधित भी है कुपोषण - Malnutrition Related to Religion in Hindi

कुछ धर्म, विशेष रूप से भारत में, मीट खाना व्यक्तियों को प्रतिबंधित हैं। इसके अलावा, अन्य भारतीय से शाकाहारी होते हैं, जिसका मतलब है कि वे डेयरी और अंडे सहित किसी भी प्रकार के पशु उत्पाद का उपभोग नहीं करते हैं। यह एक गंभीर समस्या है जिसमें अपर्याप्त प्रोटीन का सेवन किया जाता है। क्योंकि 56% गरीब भारतीय परिवार प्रोटीन का उपभोग करने के लिए अनाज का सेवन करते हैं। यह देखा गया है कि प्रोटीन का प्रकार जो कि अनाज में होता है, उस प्रोटीन के समान नहीं होता है जिसमें पशु उत्पाद शामिल होते हैं।

कुछ अन्य कारण जो विकसित देशों में भी है कुपोषण की वजह

  1. मानसिक स्वास्थ्य ले जाता है कुपोषण की ओर - Mental Health Conditions Leads to Malnutrition in Hindi
  2. पाचन विकार भी है कुपोषण का कारण - Digestive Disorder Causes Malnutrition in Hindi
  3. पोषण की कमी है शराब के कारण - Malnutrition Caused by Alcohol in Hindi
  4. जीवनशैली संबंधी कारण है कुपोषण से संबंधित - Lifestyle Related causes Malnutrition in Hindi

1. मानसिक स्वास्थ्य ले जाता है कुपोषण की ओर - Mental Health Conditions Leads to Malnutrition in Hindi

मानसिक स्वास्थ्य स्थिति के साथ कुछ रोगी जैसे कि अवसाद, भोजन की खराब आदतों को विकसित कर सकते हैं जो कुपोषण का कारण होती है। एनोरेक्‍सिया नर्वोसा वाले मरीजों का कुपोषण हो सकता है क्योंकि वे बहुत कम खाना खाते हैं। अगर रोगी बीमारी की वजह से निगलने में कठिनाई को विकसित करता है या बीमारी से उबरने के बाद वे सही पोषक तत्वों का पर्याप्त उपयोग नहीं करता है तब भी वह कुपोषण का शिकार हो सकता है। (और पढ़ें - शंखपुष्पी का सेवन बढ़ाएँ भूख)

2. पाचन विकार भी है कुपोषण का कारण - Digestive Disorder Causes Malnutrition in Hindi

कुछ लोग ठीक से खा सकते हैं, लेकिन उनके शरीर अच्छे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक पोषक तत्वों को अवशोषित नहीं कर सकते हैं। उदाहरणों में क्रोहन रोग या अल्सरेटिव कोलाइटिस के रोगी शामिल हैं। जो व्यक्ति सीलिएक रोग से पीड़ित होते हैं, उन्हें एक आनुवंशिक विकार होता है जो उन्हें ग्लूटेन के लिए असहिष्णु बनाता है। सीलिएक रोग वाले मरीजों को उनकी आंतों की परत के नुकसान का अधिक जोखिम होता है, जिसके परिणामस्वरूप भोजन अवशोषण नहीं होता है। (और पढ़ें - पाचन क्रिया सुधारने के आयुर्वेदिक उपाय)

3. पोषण की कमी है शराब के कारण - Malnutrition Caused by Alcohol in Hindi

मदिरा से ग्रस्त व्यक्तियों में जठरांत्र या अग्न्याशय का नुकसान हो सकता है। ये समस्याएं से शरीर से भोजन को पचाने, कुछ विटामिन अवशोषित करने और चयापचय को नियंत्रित करने वाले हार्मोन उत्पन्न करने की क्षमता को भी गंभीरता से कम कर देती है। शराब में कैलोरी होती है, जिससे रोगी की भूख की भावना कम हो जाती है, इसलिए वह आवश्यक पोषक तत्वों के साथ शरीर की आपूर्ति करने के लिए पर्याप्त आहार नहीं खा पाता है। (और पढ़ें - शराब की लत से छुटकारा पाने के असरदार तरीके)

4. जीवनशैली संबंधी कारण है कुपोषण से संबंधित - Lifestyle Related causes Malnutrition in Hindi

अमीर परिवारों से संबंधित बच्चों महंगे खाद्य पदार्थ खाते हैं लेकिन सामान्य तौर पर ये खाद्य पदार्थ पचाने में मुश्किल और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं, जिससे कुपोषण हो जाता है। अनियमित भोजन लेना, नींद की कमी या ग़लत समय पर सोना, व्यायाम की कमी और पाचन प्रक्रिया में धीमापन आदि भी कुपोषण का कारण बनते है। (और पढ़ें - एक गहरी नींद के लिए सोने से पहले अपनी बॉडी को इस तरह करें स्ट्रेच)

कुपोषण को रोकना   

कुपोषण की रोकथाम के लिए स्वस्थ संतुलित आहार की सलाह दी जाती है। चार प्रमुख खाद्य समूह हैं जिनमें शामिल हैं -

  • ब्रेड, चावल, आलू और अन्य स्टार्चयुक्त खाद्य पदार्थ। यह आहार का सबसे बड़ा हिस्सा है। और ऊर्जा और कार्बोहाइड्रेट के लिए कैलोरी प्रदान करते हैं। जो कि शुगर में परिवर्तित होते हैं। जिससे ऊर्जा मिलती है।
  • दूध और डेयरी खाद्य पदार्थ ( वसा और वास्तविक शुगर के महत्वपूर्ण स्रोत होते हैं। जैसे कि - लैक्टोस और कैल्शियम जैसे खनिज)
  • फलों और सब्जियां ( विटामिन और खनिजों के महत्वपूर्ण स्रोतों के साथ ही बेहतर पाचन स्वास्थ्य के लिए फाइबर और स्थूलखाद्य)
  • मांस, मछली,अंडे, सेम और प्रोटीन के अन्य गैर-डेयरी स्रोत - शरीर को बनाने में इनका बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है। और यह कई शारीरिक और एंजाइम कार्यों में सहायता करते हैं।

इसके अलावा सभी अस्पताल में मरीजों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों को कुपोषण के लिए मूल्यांकन किया जाना चाहिए।बच्चों में कुपोषण की रोकथाम करने के लिए गर्भवती महिलाओं को पर्याप्त पोषण देना चाहिए।

कुपोषण का निदान

कुपोषण का निदान कुछ कारकों पर आधारित होता है जैसे कि अवधि और उपजी कारक। कुपोषण के नैदानिक ​​इतिहास और लक्षण अक्सर कुपोषण के प्रमुख निर्धारक होते हैं। और कुपोषण के मूल्यांकन में नैदानिक ​​और इमेजिंग अध्ययनों की छोटी भूमिका होती है।

डायग्नोस्टिक टेस्ट और इमेजिंग अध्ययन की आवश्यकता हो सकती है। जिससे गहरे कारण या बीमारियों को रूल आउट कर सकें। जो कि कुपोषण के कारण हो सकते हैं।

कुपोषण के निदान में  बीएमआई, नियमित रक्त परीक्षण भी शामिल है।

1. बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) - इसमें वजन की गणना किलोग्राम में की जाती है, जो कि वर्ग मीटर में ऊंचाई से विभाजित होती है। वयस्कों के लिए स्वस्थ बीएमआई आमतौर पर 18.5 और 24.9 के बीच स्थित है। 17 से 18.5 के बीच बीएमआई वाले लोग हल्का कुपोषित हो सकते हैं, जिनके बीएमआई 16 से 18 के बीच होते हैं, वे मध्यम कुपोषित हो सकते हैं और 16 से कम बीएमआई वाले लोग गंभीर रूप से कुपोषित हो सकते हैं।

2. नियमित रक्त परीक्षण - यह एनीमिया और अन्य विटामिन और खनिज की कमी का आकलन करने के लिए किया जाता है। निर्जलीकरण, कम रक्त शर्करा और गंभीर संक्रमण के लक्षण हो सकते हैं, यह रक्त कोशिकाओं की संख्या में वृद्धि के कारण हो सकता है।

3. बच्चों में कुपोषण का निदान - बच्चों के वजन और ऊंचाई को मापा जाता है। और उन चार्टों से तुलना की जाती है, जो उस उम्र के बच्चे के लिए अपेक्षित औसत ऊंचाई और वजन दिखाते हैं। कुछ बच्चे उम्र के मुकाबले छोटे लगते हैं। और आनुवंशिक रूप से ऐसा हो सकते हैं। धीमे विकास दिखाने वाले बच्चे भी कुपोषित हो सकते हैं।

कुपोषण के लिए अन्य परीक्षण -

बच्चों में कुपोषण का उपचार

किसी भी अन्य आयु वर्ग के मुकाबले कुपोषण से बच्चों में और अधिक समस्याएं पैदा होती हैं। क्योंकि वे विकास (दोनों शारीरिक और मानसिक) मंदता और फिर से होने वाले संक्रमणों की संवेदनशीलता का कारण बन सकते हैं।

लंबे समय तक बीमारियों वाले बच्चों को कुपोषण के लिए एक चिकित्सीय उपाय के रूप में उपचार की आवश्यकता होती है। इसमें अतिरिक्त पोषक तत्व, विटामिन और खनिज पूरक आदि शामिल हैं। अंतर्निहित बीमारी को कुपोषण को रोकने के लिए पर्याप्त रूप से इलाज की आवश्यकता होती है।

अस्पताल में गंभीर कुपोषण के  इलाज की आवश्यकता होती है। इसमें पैरेन्टेरल पोषण और पोषक तत्त्व को धीरे-धीरे मौखिक रूप से लेना शामिल है। जैसे ही स्थिति स्थिर हो जाती है। तो वे एक सामान्य आहार को अपनी जीवन शैली में शामिल कर सकतें हैं।

कुपोषण के जोखिम कारक

यह मुमकिन है कि एक ही समय में आप मोटे भी हो और आपमें पोषण की कमी भी हो। कुपोषण के जोखिम कारक हैं  - 

  1. अस्पताल में भर्ती होना
  2. उम्र का बढ़ना खासतौर पर तब जब आपको डेमेंशिया हो
  3. दांत सम्बंधित स्वास्थय समस्याएं (और पढ़ें - दांत में दर्द
  4. भूख न लगना
  5. गंभीर सिर की चोट
  6. खाने का विकार
  7. गंभीर संक्रमण
  8. अंग की विफलता

कुपोषण के लिए बहुत दवाइयां उपलब्ध हैं। नीचे यह सारी दवाइयां दी गयी हैं। लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर से सलाह किये बिना आप कृपया कोई भी दवाई न लें। बिना डॉक्टर की सलाह से दवाई लेने से आपकी सेहत को गंभीर नुक्सान हो सकता है।

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