हाथ पैर में झनझनाहट - Tingling in Hands and Feet in Hindi

Dr. Ayush PandeyMBBS,PG Diploma

March 25, 2022

March 25, 2022

हाथ पैर में झनझनाहट
हाथ पैर में झनझनाहट

हाथों और पैरों में झनझनाहट महसूस होना एक तरह का असामान्य सेंसेशन है. यह सूई की चुभन की तरह लगता है. झनझनाहट का कारण लंबे समय तक एक पोश्चर में रहना, ऑटोइम्यून डिसऑर्डर और विटामिन की कमी माना जाता है. इस समस्या को ठीक करने के लिए कुछ इलाज की प्रक्रिया को अपनाया जा सकता है. इसके इलाज के लिए सर्जरी, सप्लीमेंट और थेरेपी की मदद ली जा सकती है. इसके साथ ही एंटी-इंफ्लेमेटरी और एनाल्जेसिक दवाइयां भी झनझनाहट से निजात दिलाने में सहायता कर सकती हैं.

आज इस लेख में हाथ-पैर में झनझनाहट के कारण, इलाज और दवा के बारे में विस्तार से जानेंगे -

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हाथों व पैरों में झनझनाहट के कारण - Tingling in Hands and Feet Causes in Hindi

झनझनाहट होने के कई कारण होते हैं. ये झनझनाहट हर व्यक्ति में अलग-अलग कारणों से हो सकती है. इसकी वजह डायबिटिक न्यूरोपैथी, प्रेगनेंसी, इंफेक्शन, हाइपोथायरायडिज्म आदि को माना गया है. आइए, हाथ-पैर में झनझनाहट के कारणों के बारे में विस्तार से जानते हैं -

डायबिटिक न्यूरोपैथी

इस समस्या के कारण नर्वस सिस्टम डैमेज हो सकता है. नर्वस सिस्टम का सीधा संबंध पूरे शरीर से होता है. ऐसे में इसके डैमेज होने पर हाथ और पैर भी प्रभावित हो सकते हैं. इससे हल्की झनझनाहट महसूस हो सकती है.

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पोश्चर

लंबे समय तक एक ही पोश्चर में रहने पर शरीर के कुछ भाग में सही तरह से रक्त संचार नहीं हो पाता है. इससे उस भाग में झनझनाहट होने लग सकती है.

विटामिन की कमी

अगर किसी के शरीर में विटामिन की कमी है, तो उनके हाथों और पैरों में बार-बार झनझनाहट महसूस हो सकती है. दरअसल, विटामिन नर्व्स हेल्थ को बनाए रखने में मदद करते हैं, जो इस समस्या को दूर रखते हैं. यदि शरीर में विटामिन-बी12, विटामिन-बी6, विटामिन-बी1, विटामिन-ई, विटामिन-बी9 और फोलेट की कमी है, तो ऐसी स्थिति में झनझनाहट हो सकती है.

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ऑटोइम्यून डिसऑर्डर

आमतौर पर प्रतिरक्षा प्रणाली शरीर को कई समस्याओं से बचाती है, लेकिन जब प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से शरीर की कोशिकाओं पर हमला करती है, तो इससे ऑटोइम्यून डिसऑर्डर की स्थिति उत्पन्न हो जाती है. इन ऑटोइम्यून डिसऑर्डर में मल्टीपल स्क्लेरोसिस, रूमेटाइड और ल्यूपस शामिल है. ये अवस्था हाथों और पैरों में झनझनाहट का कारण बन सकती है.

प्रेगनेंसी

गर्भावस्था के समय शरीर में होने वाली सूजन नसों पर दबाव डाल सकती है. इस दबाव के कारण हाथों और पैरों में झनझनाहट महसूस हो सकती है, जो डिलीवरी के बाद खुद-ब-खुद ठीक हो जाती है.

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इंफेक्शन

अगर कोई वायरल, बैक्टीरियल या फंगल इंफेक्शन से प्रभावित है, तो उन्हें भी हाथों और पैरों में झनझनाहट महसूस हो सकती है. 

हाइपोथायरायडिज्म

यह समस्या तब होती है, जब थायराइड ग्रंथि पर्याप्त मात्रा में थायराइड हार्मोन का उत्पादन नहीं करती है. इस स्थिति में नसों को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे झनझनाहट या सुन्नपन महसूस हो सकता है.

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दवाइयों का उपयोग

कैंसर, कीमोथेरेपी और एचआईवी के लिए उपयोग की जाने वाली दवाइयों से नर्वस डैमेज हो सकती है. नर्वस डैमेज होने पर शरीर के कई भागों में झनझनाहट महसूस हो सकती है.

हाथों व पैरों में झनझनाहट का उपचार - Tingling in Hands and Feet Treatment in Hindi

थेरेपी, लाइफस्टाइल में बदलाव व विटामिन सप्लीमेंट के जरिए झनझनाहट का इलाज किया जा सकता है. आइए, हाथ-पैर में झनझनाहट के इलाज के बारे में विस्तार से जानते हैं -

सर्जरी

यदि झनझनाहट नर्वस कम्प्रेशन के कारण हो रही है, तो इसे ठीक करने के लिए सर्जरी की जाती है. डॉक्टर सर्जरी के माध्यम से नर्व्स के कम्प्रेशन को ठीक किया जाता है या फिर सिस्ट को हटाया जाता है. इस तरह यह समस्या कुछ हद तक ठीक हो सकती है.

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थेरेपी

हाथ पैर के झनझनाहट के इलाज के लिए एक्यूपंक्चर और मालिश कराने का भी सुझाव दिया जाता है. इस थेरेपी से झनझनाहट की समस्या कुछ कम हो सकती है.

सप्लीमेंट

अगर हाथ-पैर में झनझनाहट होने का कारण विटामिन की कमी है, तो विटामिन सप्लीमेंट लेकर इसका इलाज किया जा सकता है.

लाइफस्टाइल में बदलाव

झनझनाहट का इलाज करने के लिए लाइफस्टाइल में बदलाव करना भी जरूरी होता है. इसके लिए उठने-बैठने का तरीका व खानपान में परिवर्तन कर सकते हैं. साथ ही दिन में कुछ समय निकालकर योग और व्यायाम को भी अपने रूटीन में शामिल कर सकते हैं.

हाथों व पैरों में झनझनाहट की दवा - Tingling in Hands and Feet Medicine in Hindi

हाथ व पैर के झनझनाहट से राहत पाने के लिए दवाइयों की भी मदद ली जा सकती है. इसके लिए एंटी-इंफ्लेमेटरी और ओवर-द-काउंटर दर्द निवारक दवाइयों का उपयोग कर सकते हैं. आइए, जानें हाथ-पैर में झनझनाहट की दवाइयों के बारे में -

एंटी-इन्फ्लेमेटरी दवाइयां

ये दवाइयां शरीर की सूजन को कम कर सकती है. इससे सूजन के कारण होने वाली झनझनाहट को ठीक किया जा सकता है.

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एनाल्जेसिक दवाइयां

अगर किसी को झनझनाहट के साथ हाथों और पैरों में दर्द होता है, तो डॉक्टर उन्हें एनाल्जेसिक दवाइयां दे सकते हैं. ये दवाई दर्द को ठीक करके झनझनाहट से राहत दिला सकती हैं.

एंटीबायोटिक दवाइयां

अगर झनझनाहट की समस्या इन्फेक्शन के कारण हो रही है, तो इस समस्या को ठीक करने के लिए एंटीबायोटिक दवाइयों का इस्तेमाल किया जा सकता है.

सारांश – Summary

झनझनाहट होना किसी तरह की गंभीर समस्या नहीं है, लेकिन यह किसी बीमारी का लक्षण हो सकता है. ऐसे में किसी को बहुत ज्यादा झनझनाहट होती है, तो वे डॉक्टर से संपर्क करें, क्योंकि, यह हाइपोथायरायडिज्म, मल्टीपल स्क्लेरोसिस, रूमेटाइड और ल्यूपस जैसे ऑटोइम्यून डिसऑर्डर और इन्फेक्शन की समस्या के कारण हो सकता है. झनझनाहट के इलाज में सर्जरी, थेरेपी और लाइफस्टाइल में बदलाव को अपना सकते हैं. वहीं, इसके लिए डॉक्टर की सलाह पर एंटीबायोटिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाई की भी मदद ली जा सकती है.



हाथ पैर में झनझनाहट के डॉक्टर

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